रोहित शर्मा टी-20 वर्ल्ड कप को लेकर हार्दिक पंड्या पर भारी क्यों पड़े?

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    • Author, विमल कुमार
    • पदनाम, वरिष्ठ खेल पत्रकार, बीसीसी हिंदी के लिए

25 दिसंबर 2023 की बात है. साउथ अफ्रीका दौरे पर टेस्ट सिरीज़ शुरू होने से पहले सेंचुरियन में रोहित शर्मा से प्रेस कॉन्फ्रेंस में इस लेखक का सामना हुआ.

सवाल टेस्ट सिरीज़ को लेकर हो रहे थे तो इस लेखक ने एक-दो सवाल इधर-उधर से घुमाते हुए जून में होने वाले वर्ल्ड कप की कप्तानी को लेकर पूछना चाहा क्योंकि उस समय हर तरफ दबी ज़ुबां से यही चर्चा थी कि हार्दिक पंड्या टीम इंडिया के लिए टी-20 फॉर्मेट में नए कप्तान होंगे और रोहित के साथ-साथ विराट कोहली को एक और वर्ल्ड कप में खेलने का मौका नहीं मिलेगा.

रोहित ने उन सवालों को ठीक उसी तरह से किनारा करने का प्रयास किया जिस तरह से वो बल्लेबाज़ी के दौरान सिंगल्स लेकर दूसरे छोर पर चले जाते हैं.

लेकिन, बार-बार कुरेदे जाने पर रोहित ने चिढ़कर जवाब देने के बजाए अपने चिर-परिचित मज़ाकिया लहज़े का इस्तेमाल करते हुए इस लेखक को कहा, "मैं समझ रहा हूं कि आप क्या बोलने की कोशिश कर रहें हैं. मिलेगा आपको जवाब मिलेगा, जल्दी मिलेगा."

ऐसा कहके वो हंसने लगे और उनके साथ-साथ पूरी मीडिया ने ठहाके लगाए क्योंकि बिना कुछ कहे रोहित शायद वो सब कुछ कह गए जो मीडिया सुनना या समझना चाहती थी.

जय शाह का जवाब

जय शाह

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लेकिन, 50 दिन बाद रोहित से पूछे गए उस सवाल का जवाब बीसीसीआई के सचिव जय शाह ने बिना किसी के पूछे ही राजकोट में इंग्लैंड के ख़िलाफ़ तीसरे टेस्ट से पहले दे दिया.

जय शाह ने वेस्टइंडीज़ और अमेरिका में होने वाले वर्ल्ड कप के लिए ना सिर्फ रोहित की कप्तानी की बात सार्वजनिक की बल्कि ये भी उम्मीद जतायी कि बारबेडोस में होने वाले फ़ाइनल में इस बार ट्रॉफी भी टीम इंडिया जीतेगी.

जय शाह जब ये बातें कह रहें थे तो उनको सुनने के लिए सौराष्ट्र क्रिकेट संघ के तमाम अधिकारियों के अलावा टीम इंडिया के कोच राहुल द्रविड़ और खुद रोहित भी सामने बैठे थे.

लेकिन, सवाल ये उठता है कि आखिर बीसीसीआई सचिव ने कुछ महीने पहले ये बात क्यों नहीं कि जब उनसे इस टी-20 कप्तानी के बारे में पूछा जा रहा था. तब उनका कहना था कि अभी इतनी जल्दी क्या है कप्तानी को लेकर नाम सार्वजनिक करने की.

दरअसल, भारतीय क्रिकेट में टी-20 वर्ल्ड कप कप्तानी का अध्याय किसी दिलचस्प कहानी से कम नहीं है.

टीम इंडिया की हार के बाद

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साल 2022 में ऑस्ट्रेलिया में टी-20 वर्ल्ड कप सेमीफाइनल में टीम इंडिया की हार के बाद लगभग ये तय हो गया कि अब कोहली और रोहित फिर से टी-20 क्रिकेट में नहीं दिखेंगे.

ऐसा ना तो आधिकारिक तौर पर इन दिग्गजों को कहा गया और ना ही अनौपचारिक तौर पर.

भारतीय क्रिकेट में ऐसे संवेदनशील मुद्दों पर ना तो बीसीसीआई कभी साफ़-साफ़ कुछ कहती है और ना ही खिलाड़ी साफ़-साफ़ सवाल पूछ कर अपने भविष्य की राह के बारे में सोचते.

कभी मीडिया के जरिये तो कभी इधर-उधर से लीक सूचनाओं के आधार पर आधी-अधूरी बात खिलाड़ियों तक पहुंचती हैं.

ख़ैर, रोहित ने ये मान लिया था कि वो टी-20 में नहीं खेलेंगे.

मुंबई इंडियंस के कप्तान

हार्दिक पंड्या

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लेकिन, अचानक से इस पटकथा में बदलाव आता है. वन-डे वर्ल्ड कप में भारत लगातार 10 मैच जीतते हुए फाइनल पहुंचता है और रोहित ना सिर्फ कप्तान बल्कि एक ताबड़तोड़ ओपनर के तौर पर असाधारण छाप छोड़ते हैं.

रोहित के स्ट्राइक रेट को देखते हुए ये चर्चा ज़ोर पकड़ने लगती है कि रोहित भले ही कप्तान ना सही लेकिन ओपनर के तौर पर तो वेस्टइंडीज़ जा सकते हैं.

यहां तक भी पंड्या कप्तानी की पिक्चर में बने हुए हैं.

लेकिन तभी दुर्भाग्यवश टूर्नामेंट के बीच में पंड्या चोटिल होकर वन-डे वर्ल्ड कप से बाहर हो जाते हैं और उसके बाद अभी तक उन्होंने सक्रिय क्रिकेट में एक गेंद नहीं डाली है.

इस दौरान आईपीएल में मुंबई इंडियंस की कप्तानी को लेकर अलग ड्रामा चला जिसके चलते अब रोहित मुंबई इंडियंस के कप्तान नहीं है बल्कि पंड्या हैं.

बीसीसीआई के मुख्य चयनकर्ता

अजीत अगरकर

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अजीत अगरकर जो बीसीसीआई के लिए मुख्य चयनकर्ता हैं इस पूरे कप्तानी वाले मुद्दे को लेकर पशोपेश में रहते हैं.

आख़िर क्या फैसला लिया जाए जिससे कुछ ही महीने बाद होने वाले वर्ल्ड कप को लेकर रणनीति साफ़ हो पाए.

वो कोच द्रविड़ से इस बात को लेकर कई मौके पर चर्चा करते हैं. इसमें वो चाहकर भी रोहित को शामिल नहीं कर सकते हैं क्योंकि पंड्या की कप्तानी की दावेदारी अब भी खारिज नहीं हुई है.

लेकिन, फरवरी का महीना आधा बीत चुका है और मई के दूसरे हफ्ते से टीम इंडिया के खिलाड़ी धीरे-धीरे अलग अलग जत्थे में कैरेबियाई ज़मीं का रुख करने लगेंगे.

ऐसे में इंग्लैंड के ख़िलाफ़ टेस्ट सिरीज़ ख़त्म होते ही हर खिलाड़ी अगले दो महीने तक आईपीएल की चकाचौंध में खो जाएगा.

ड्रेसिंग रूम में बॉस

रोहित शर्मा

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ऐसे में वर्ल्ड की प्लानिंग और उसकी ज़िम्मेदारी कौन लेगा? ऐसे नाज़ुक लम्हें में शायद रोहित से बेहतर कोई और दावेदार टीम इंडिया में कोई है ही नहीं.

उनके पास आईपीएल के दो महीने में ना तो मुंबई इंडियंस जैसी हाई प्रोफाइल टीम की कप्तानी का दबाव होगा और ना ही पहली बार कप्तान के तौर पर (हार्दिक की तरह) खुद को वर्ल्ड कप में साबित करने की अतिरिक्त चुनौती.

रोहित का तालमेल पिछले दो सालों में द्रविड़ के साथ शानदार रहा है और अगरकर के साथ भी उनके समीकरण पिछले एक साल में शानदार ही रहे हैं.

ऐसे में अगर बीसीसीआई ने रोहित को कप्तान अब आधिकारिक तौर पर घोषित कर ही दिया है तो इसके फायदे ही होंगे नुकसान नहीं.

सबसे पहली बात ये है कि आईपीएल के दौरान जब रोहित अब नये कप्तान पंड्या के अंदर खेलेंगे तो उनके अहम को कोई ठेस नहीं पहुंचने वाली क्योंकि इंडिया ड्रेसिंग रूम में बॉस वहीं होंगे.

आईसीसी ट्रॉफी

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रोहित इत्मिनान ने इन दो महीनों के दौरान कोच द्रविड़ और अगरकर के साथ आईपीएल के दौरान भी भारतीय टीम के बारे में सोच पाएंगे, रणनीति बना पाएंगे और कड़े और सुलझे फैसले ले सकते हैं जो एक नियमित आईपीएल कप्तान के लिए थोड़ा मुश्किल काम होता.

रोहित ये बात पहले भी कह चुके हैं कि आईसीसी ट्रॉफी जीतने से बड़ी बात कुछ और नहीं.

चलते-चलते रोहित की एक और बात जो मैं बताना चाहता हूं.

प्रेस कॉन्फ्रेंस ख़त्म होने के बाद रोहित लिफ्ट की तरफ जा रहे थे और मैं भी साथ-साथ उतर रहा था.

उन्होंने मुझे नाटकीय अंदाज़ में घूरते हुए कहा कि मुझे पता है कि ये आप लोगों का काम है (टेढ़े सवाल करना) लेकिन मैं भी 15 साल से क्रिकेट खेल रहा हूं भारत के लिए और शायद जानता हूं कि ऐसे सवालों को कैसे निपटा जाए.

रोहित शर्मा

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लेकिन, 25 दिसंबर की दोपहर को सेंचुरियन में रोहित के प्रेस कॉन्फ्रेंस की वो बात हमेशा के लिए ज़ेहन में कैद हो गयी, "अरे यार, इतनी मेहनत की है, कुछ तो बड़ा चाहिए हमलोगों को."

"इतना मेहनत किया है तो कुछ बड़ा चाहिए यार, सारे लड़के डेसप्रेट (बेकरार) हैं, लड़के हैं जिसको टीम के लिए कुछ करना है, जीतना है, देश के लिए ग्लोरी (गौरव) लानी है, टीम के लिए."

उम्मीद यही की जा सकती है कि रोहित के इन शब्दों को उनके साथी फिर से सुनेंगे और अपने कप्तान को उनके आखिरी आईसीसी ट्रॉफी में वो कमाल दिखाने का मौका दे जो रोहित ने एक खिलाड़ी के तौर पर अपने पहले वर्ल्ड कप 2007 में महेंद्र सिंह धोनी के लिए किया था.

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