सचिन धस: तेंदुलकर के फैन पिता के सपने को जी रहे अंडर-19 टीम के स्टार खिलाड़ी की कहानी

सचिन धस

इमेज स्रोत, SACHIN DHAS

    • Author, नितिन सुलताने
    • पदनाम, बीबीसी मराठी के लिए

सचिन और भारतीय क्रिकेट के बीच एक ख़ास और कभी न खत्म होने वाला रिश्ता बन गया है.

सचिन तेंदुलकर ने क्रिकेट की दुनिया में कैसी छाप छोड़ी है, उसे सब जानते हैं लेकिन फिलहाल सचिन नाम के एक और खिलाड़ी की चर्चा हो रही है.

ये हैं सचिन धस जो वर्ल्ड कप फ़ाइनल में जगह बनाने वाली भारत की अंडर-19 टीम का हिस्सा हैं और अपनी दमदार बल्लेबाज़ी के जरिए स्टार का रुतबा हासिल करने लगे हैं.

महाराष्ट्र के मराठवाड़ा इलाके से आने वाले सचिन ने दक्षिण अफ़्रीका के ख़िलाफ़ सेमीफ़ाइनल में 96 रन की मैच विनिंग पारी खेली.

उन्होंने कप्तान उदय सहारन के साथ मिलकर उस समय भारत की पारी संभाली जब टीम ने सिर्फ़ 32 रन पर चार विकेट गंवा दिए थे.

सचिन इस टूर्नामेंट में पहले भी दम दिखा चुके हैं लेकिन सेमीफ़ाइनल की पारी के बाद उन्हें बड़ी शोहरत हासिल हुई है.

पिता का सपना, पूरा कर रहे हैं सचिन

सचिन धस

इमेज स्रोत, SANJAY DHAS

सचिन धस क्रिकेट मैदान पर अपने पिता का सपना पूरा कर रहे हैं.

बीबीसी मराठी से ख़ास बातचीत में उनके पिता संजय धस ने ये जानकारी दी. संजय धस के मुताबिक सचिन के पैदा होने के पहले ही उन्होंने तय कर लिया था कि 'बेटे को क्रिकेटर बनाएंगे.'

लेकिन, सचिन धस की मां इस फ़ैसले के ख़िलाफ़ थीं. सचिन के पिता संजय धस स्वास्थ्य विभाग में काम करते हैं जबकि मां पुलिस अधिकारी हैं.

संजय धस ने बताया, " सचिन की मां मुझसे कहती थीं कि लड़का पढ़ाई में अच्छा है, उसका ध्यान मत भटकाओ, फिर से सोचो. इस मुद्दे पर हमारे बीच बहस होती थी. लेकिन मेरा इरादा पक्का था. उसका खेल देखने के बाद मुझे यकीन था कि वह जरूर कुछ कर सकता है. "

तीन फरवरी 2005 को जन्मे सचिन बचपन से ही क्रिकेट खेलते हैं. वो पढ़ाई में भी बहुत अच्छे हैं. इसलिए उनकी मां चाहती थीं कि वह अपनी शिक्षा पूरी करें और किसी दूसरे क्षेत्र में अपना करियर बनाएं.

सचिन नाम के पीछे की कहानी

सचिन धस

इमेज स्रोत, Getty Images

सचिन धस के पिता संजय धस ने उनके नामकरण की कहानी भी बताई.

संजय के मुताबिक वो मास्टर ब्लास्टर सचिन तेंदुलकर के बड़े फैन हैं.

संजय ने बताया, "इसीलिए जब मेरा बेटा हुआ तो उसका नाम सचिन रखा."

वो कहते हैं, "सचिन नाम में बड़ी ताकत है. मानो नाम के रूप में उनका आशीर्वाद सचिन को मिला है और वो अच्छा प्रदर्शन कर पाए हैं."

सचिन धस अंडर 19 वर्ल्ड कप में नेपाल के ख़िलाफ़ शतक भी जमा चुके हैं.

संजय दास ने कहा," शुरुआती मैचों में वो आखिरी ओवरों में खेले. नेपाल के खिलाफ उन्हें ज़्यादा गेंदें खेलने को मिलीं और उन्होंने मौके का फायदा उठाया."

सचिन धस

इमेज स्रोत, SANJAY DHAS

केदार जाधव ने दिया मौका

सचिन के पिता संजय धस अपने बेटे की कामयाबी के लिए महाराष्ट्र प्रीमियर लीग में मिले अनुभव को अहम बताते हैं.

वो बताते हैं कि इस टूर्नामेंट में कोल्हापुर टस्कर्स टीम के कप्तान और पूर्व भारतीय क्रिकेटर केदार जाधव ने सचिन धस को टीम में मौका दिया.

वो कहते हैं कि केदार जाधव और अंकित बावने जैसे सीनियर के साथ ड्रेसिंग रूम साझा करना ने सचिन को बहुत फायदा हुआ.

संजय धस ने बताया, "सचिन ने इस टीम के साथ डेढ़ महीने तक अभ्यास किया. ख़ासकर सीनियर्स के साथ. उन्होंने इतना भरोसा दिया कि सचिन के लिए सब कुछ बदल गया."

सचिन धस

इमेज स्रोत, SANJAY DHAS

हर शॉट का एक हज़ार बार अभ्यास

छोड़कर पॉडकास्ट आगे बढ़ें
कहानी ज़िंदगी की

मशहूर हस्तियों की कहानी पूरी तसल्ली और इत्मीनान से इरफ़ान के साथ.

एपिसोड

समाप्त

सचिन के पिता संजय धस उनकी कामयाबी का श्रेय कोच शेख अज़हर को भी देते हैं. सचिन ने उनसे करीब 15 साल ट्रेनिंग ली है. महाराष्ट्र के बीड में उनकी ट्रेनिंग चार साल की उम्र में शुरु हो गई थी.

संजय धस कहते हैं, "सचिन ने आज तक क्रिकेट में जो कुछ भी सीखा, वो सब अज़हर सर से सीखा."

कोच अज़हर कहते हैं, "सचिन अपने अनुशासन के कारण ही यह उपलब्धि हासिल कर पाए."

अज़हर बताते हैं कि सचिन प्रैक्टिस करते हुए कभी बोर नहीं हुए.

वो बताते हैं, "सचिन चार साल की उम्र से अभ्यास कर रहे हैं. क्रिकेट कैंप के लिए दूसरे शहरों में जाने के अलावा, उन्होंने पूरे समय बीड में ही अभ्यास किया है. उन्होंने हर दिन छह से सात घंटे तक जमकर प्रैक्टिस की. अभ्यास के दौरान आखिरी गेंद खेलने के बाद वह थककर गिर जाता था लेकिन उसने कभी हार नहीं मानी.

कोच अज़हर बताते हैं कि हर शॉट को बिना किसी गलती के खेलने के लिए सचिन ने हजारों गेंदें खेलकर उस शॉट का अभ्यास किया.

कोच बताते हैं कि जब सचिन 12 साल के थे तो कुछ कारणों से उन्हें अंडर-14 टीम में मौका नहीं मिला. उस समय वह बहुत परेशान हो गये लेकिन इसके बाद उन्होंने खूब प्रैक्टिस की और अच्छा प्रदर्शन किया. कोच कहते हैं कि इसके बाद उन्होंने पीछे मुड़कर नहीं देखा.

सचिन धस

इमेज स्रोत, ANI

जब सचिन ने लगाया छक्का और रेफरी चेक किया बैट

सचिन धस की बल्लेबाजी की तकनीक अच्छी है. वो मैदान पर बड़े हिट लगाने के लिए भी जाने जाते हैं.

कोच शेख अज़हर बताते हैं, " वो काफी ऊंचे छक्के लगाते हैं और जब भी उन्हें मौका मिलता है, वह गेंद को बाउंड्री के बाहर भेज देते हैं."

सचिन के पिता संजय धस इससे जुड़ी एक कहानी बताते हैं.

वो कहते हैं कि एक बार अंडर 16 टूर्नामेंट में सचिन ने एक मैच में कई गगनचुंबी छक्के लगाकर शतक जड़ा.

संजय धस बताते हैं, "उस समय सचिन का शरीर इतना मजबूत नहीं था और रेफरी को संदेह हुआ कि वह इतना बड़ा छक्का कैसे लगा सकते हैं?"

संजय धस ने बताया कि रेफरी ने आकर चेक किया कि उनका बल्ला नियमों के मुताबिक सही है या नहीं.

अंडर 19 वर्ल्ड कप में उनके ऐसे ही शॉट हर विरोधी को परेशान कर रहे हैं. संजय धस चाहते हैं कि सचिन फ़ाइनल में भी दमदार प्रदर्शन कर टीम को वर्ल्ड कप दिलाएं और आगे सीनियर टीम में भी जगह बनाएं.

(बीबीसी हिन्दी के एंड्रॉएड ऐप के लिए आप यहां क्लिक कर सकते हैं. आप हमें फ़ेसबुक, ट्विटर, इंस्टाग्राम और यूट्यूब पर फ़ॉलो भी कर सकते हैं.)