उत्तर भारत की महिलाओं के बारे में डीएमके सांसद के बयान पर विवाद, बीजेपी ने कहा- डीएनए में है अलगाववाद

दयानिधि मारन

इमेज स्रोत, ANI

इमेज कैप्शन, दयानिधि मारन चौथी बार चेन्नई सेंट्रल से डीएमके सांसद हैं

डीएमके सांसद दयानिधि मारन के उत्तर भारत की महिलाओं को लेकर दिए गए विवादित बयान पर राजनीतिक बयानबाज़ी शुरू हो चुकी हैं.

चेन्नई सेंट्रल सीट से चार बार के डीएमके सांसद ने उत्तर भारत की महिलाओं और तमिलनाडु की महिलाओं की तुलना की है जिसकी बीजेपी ने निंदा की है.

बीजेपी नेता तमिलिसाई सुंदरराजन ने कहा है कि "अलगाववादी मानसिकता डीएमके के डीएनए में है."

वहीं डीएमके के नेता टीकेएस एलंगोवन ने दयानिधि मारन के बयान का बचाव करते हुए कहा है कि उनकी पार्टी महिलाओं की तरक्की के लिए हमेशा से काम करती रही है जबकि उत्तर भारत में कोई भी महिलाओं की लड़ाई नहीं लड़ता है.

बीबीसी हिंदी के व्हॉट्सऐप चैनल से जुड़ने के लिए यहाँ क्लिक करें

डीएमके सांसद ने क्या कहा था?

उदयनिधि स्टालिन

इमेज स्रोत, @Udhaystalin

इमेज कैप्शन, लैपटॉप वितरण के कार्यक्रम में उपमुख्यमंत्री उदयनिधि स्टालिन भी मौजूद थे

चेन्नई के क़ाएद-ए-मिल्लत सरकारी महिला कॉलेज में मंगलवार को दयानिधि मारन एक कार्यक्रम में गए थे.

समाचार एजेंसी पीटीआई के मुताबिक़, स्टूडेंट्स को लैपटॉप बांटने के उस कार्यक्रम में उपमुख्यमंत्री उदयनिधि स्टालिन भी मौजूद थे, इस दौरान मारन ने कहा कि एमके स्टालिन के नेतृत्व में काम कर रही सरकार एक 'द्रविड़ मॉडल' सरकार है, जो "सबके लिए सबकुछ" के विचार के साथ काम करती है.

उन्होंने वहां दावा किया कि तमिलनाडु में जहां महिलाओं को पढ़ने के लिए कहा जाता है वहीं उत्तर भारत में उन्हें 'किचन में काम करने को' कहा जाता है.

डीएमके सांसद ने कहा, "हमारी लड़कियों को लैपटॉप के साथ आत्मविश्वास और गर्व महसूस करना चाहिए, चाहे वे इंटरव्यू देने जाएं या पोस्टग्रेजुएशन करें. यह आत्मविश्वास तमिलनाडु में है, जहां हम लड़कियों से कहते हैं कि पढ़ो और लगातार पढ़ो."

इसके बाद दयानिधि ने विवादित बयान देते हुए कहा, "उत्तर भारत में क्या कहा जाता है? लड़कियों काम पर मत जाओ, घर पर रहो, रसोई में रहो, बच्चा पालो, यही तुम्हारा काम है."

"यह तमिलनाडु है, एक द्रविड़ राज्य, कलैगनार (पूर्व मुख्यमंत्री दिवंगत एम करुणानिधि) की धरती, अन्ना (पूर्व मुख्यमंत्री सीएन अन्नादुरई) की धरती और एमके स्टालिन (मुख्यमंत्री) की धरती है. यहां आपकी तरक़्क़ी ही तमिलनाडु की तरक़्क़ी है."

डीएमके सांसद ने कहा, "इसी वजह से वैश्विक कंपनियां चेन्नई आती हैं, क्योंकि यहां हर कोई शिक्षित है, सिर्फ़ तमिल में ही नहीं बल्कि अंग्रेज़ी में भी. यहां लोग नेतृत्व करते हैं. महिलाओं की प्रगति में सरकार की अहम भूमिका है. हमें हमेशा आपका प्यार और समर्थन मिलता रहेगा."

बीजेपी ने की निंदा

तमिलिसाई और पीएम मोदी

इमेज स्रोत, ANI

इमेज कैप्शन, तमिलिसाई सुंदरराजन ने कहा है कि डीएमके के डीएनए में अलगाववाद है
छोड़कर पॉडकास्ट आगे बढ़ें
कहानी ज़िंदगी की

मशहूर हस्तियों की कहानी पूरी तसल्ली और इत्मीनान से इरफ़ान के साथ.

एपिसोड

समाप्त

डीएमके सांसद के बयान की बीजेपी ने निंदा की है. बीजेपी की नेता तमिलिसाई सुंदरराजन ने समाचार एजेंसी पीटीआई से कहा है कि इसकी निंदा की जानी चाहिए क्योंकि हमारा विश्वास एकता और विविधता में है.

उन्होंने कहा, "हम अपनी महिलाओं का गुणगान कर सकते हैं लेकिन दूसरी महिलाओं का अपमान नहीं कर सकते. यह इस वजह से है क्योंकि अलगाववाद की मानसिकता डीएमके के डीएनए में है. तमिलनाडु की बहनें भी यह स्वीकार नहीं करेंगी कि दूसरी महिलाओं को अपमानित किया जाए."

वहीं टीडीपी सांसद और केंद्रीय उड्डयन मंत्री राममोहन नायडू ने डीएमके सांसद के बयान को एक राजनीतिक बयान बताया है.

उन्होंने समाचार एजेंसी एएनआई से कहा, "यह सब राजनीतिक बयान हैं. अगर आप ज़मीनी हक़ीक़त देखें, तो अच्छी चीज़ें एनडीए शासित राज्यों में हो रही हैं. भारत जिस तरह की प्रगति, विकास और वैश्विक स्तर पर मानक तय कर रहा है, वह डबल इंजन सरकार के रहते ही संभव हुआ है."

"आप आंध्र प्रदेश, महाराष्ट्र और दूसरे ऐसे राज्यों को देखें, जहां डबल इंजन सरकार है. वहां तेज़ी से विकास हो रहा है. तमिलनाडु ऐसा राज्य है, जिसका बीजेपी लंबे समय से पूरा सम्मान करती आई है. पार्टी ने यहां की संस्कृति, परंपराओं, भाषा और समुदाय, हर चीज़ का सम्मान किया है."

"उत्तर, दक्षिण, पश्चिम, पूर्व और उत्तर-पूर्व.. सभी क्षेत्रों को एनडीए सरकार के तहत बराबर सम्मान मिला है. इसका नतीजा आप आने वाले तमिलनाडु विधानसभा चुनावों में देखेंगे."

दयानिधि मारन

इमेज स्रोत, ANI

इमेज कैप्शन, डीएमके ने अब तक दयानिधि मारन की टिप्पणी पर कोई बयान जारी नहीं किया है

डीएमके ने किया बचाव

वहीं दूसरी ओर डीएमके ने अपने सांसद के बयान को लेकर कोई बयान नहीं जारी किया है. हालांकि डीएमके नेता टीकेएस एलंगोवन ने दावा किया है कि उत्तर भारत में कोई भी महिलाओं की लड़ाई नहीं लड़ रहा है.

उन्होंने समाचार एजेंसी एएनआई से कहा, "यह इस बात पर निर्भर करता है कि राज्य में कौन-सी पार्टी सत्ता में है. फ़िलहाल कांग्रेस महिलाओं को सशक्त बना रही है. इसमें कोई शक नहीं है कि जहां-जहां कांग्रेस की सरकार है, वहां महिलाओं की शिक्षा के लिए अच्छा काम किया जा रहा है."

"इतिहास में महिलाओं को पढ़ाई की अनुमति नहीं थी, महिलाएं घर से बाहर नहीं निकल सकती थीं, सभी तरह के अत्याचार महिलाओं पर हो रहे थे. लेकिन यहां (तमिलनाडु) पर शुरुआत से ही हमने महिलाओं के लिए संघर्ष किया और उन्हें सशक्त बनाया."

"हमने उन्हें शिक्षा दी. हमने उन्हें रोज़गार दिया. हमने सरकारी नौकरियों में उनके लिए आरक्षण भी दिया. शुरुआत से ही हम महिलाओं के अधिकारों को आगे बढ़ाने के लिए काम करते रहे हैं. उत्तर में महिलाओं के लिए लड़ने वाला कोई नहीं है. बस यही बात है."

बीबीसी के लिए कलेक्टिव न्यूज़रूम की ओर से प्रकाशित.

(बीबीसी हिन्दी के एंड्रॉएड ऐप के लिए आप यहां क्लिक कर सकते हैं. आप हमें फ़ेसबुक, एक्स, इंस्टाग्राम, यूट्यूब और व्हॉट्सऐप पर फ़ॉलो भी कर सकते हैं.)