अंडर-19 वर्ल्ड कप में भी ऑस्ट्रेलिया ने भारत को दी मात लेकिन चमके कुछ नए सितारे

ऑस्ट्रेलियाई टीम

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    • Author, संजय किशोर
    • पदनाम, वरिष्ठ खेल पत्रकार, बीबीसी हिंदी के लिए

19 नवंबर को अहमदाबाद के नरेंद्र मोदी स्टेडियम में जो हुआ, कुछ उसी तरह की कहानी कल यानी 11 फ़रवरी को दक्षिण अफ़्रीका के विलोमूर पार्क, बेनोनी में दोहराई गई.

रोहित शर्मा की तरह उदय सहारन की टीम भी विश्व कप नहीं जीत पाई. दोनों ही बार विरोधी टीम रही ऑस्ट्रेलिया. भारत को ऑस्ट्रेलिया ने 84 दिनों में दूसरी बार फ़ाइनल मैच में हराया.

ऑस्ट्रेलिया के युवा कप्तान ह्यू वीबगेन के हाथों में ट्रॉफ़ी थी. टीम जश्न में डूबी हुई थी वहीं उदय सहारन की टीम इंडिया का दिल टूट गया था. जश्न और ग़म की तस्वीरों को आसानी से भुलाया नहीं जा सकता.

अफ़सोस, अंडर-19 विश्व कप की सबसे सफल टीम ख़िताब की रक्षा नहीं कर पाई. पाकिस्तान को छोड़ कर कोई भी टीम लगातार दो बार ख़िताब नहीं जीत पाई है.

ऑस्ट्रेलिया के सामने चारों खाने चित

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फ़ाइनल में भारत के सात बल्लेबाज़ दहाई के अंक को छू नहीं पाए. भारत के लिए कुछ भी अच्छा नहीं रहा.

टॉस जीतकर ऑस्ट्रेलिया ने पहले बल्लेबाज़ी की. ओपनर हैरी डिक्शन ने 42, हरजास सिंह ने 55, कप्तान ह्यू वीबगेन ने 48 और ऑलिवर पीक ने 46 रन बनाए और 50 ओवर्स में ऑस्ट्रेलिया का स्कोर रहा सात विकेट पर 253 रन.

यह अंडर-19 विश्व कप फ़ाइनल का सबसे बड़ा स्कोर रहा. राज लिंबानी ने तीन जबकि नमन तिवारी ने दो विकेट लिए.

ऑस्ट्रेलिया ने बहुत ही अनुशासित गेंदबाज़ी की और भारतीय बल्लेबाज़ों को साँस लेने की भी इजाज़त नहीं दी.

सलामी बल्लेबाज़ आदर्श सिंह ने 47 और निचले क्रम में मुरगन अभिषेक ने 42 रन ज़रूर बनाए लेकिन पूरी टीम 44वें ओवर में 174 रनों पर सिमट गई. ऑस्ट्रेलिया ने भारत को 79 रनों से हराकर ख़िताब पर क़ब्ज़ा कर लिया.

भारतीय टीम ने ज़्यादातर मौक़ों पर पहले बल्लेबाज़ी की. सेमीफ़ाइनल में बाद में बल्लेबाज़ी करने से टीम मुश्किल में फँस गयी थी. दक्षिण अफ़्रीका की गेंदबाज़ी के सामने टॉप ऑर्डर लड़खड़ा गया था. फ़ाइनल में भी टॉस गँवाने का नुक़सान हुआ.

मैच के बाद भारतीय कप्तान उदय सहारन ने कहा, “मुझे अपने खिलाड़ियों पर गर्व है, सभी ने वास्तव में अच्छा खेला. हमने पूरे टूर्नामेंट में अच्छा जुझारूपन दिखाया. हम आज कुछ शॉट्स जल्दी में खेल गए. विकेट पर समय नहीं बिताया. हमारी तैयारी थी लेकिन योजनाओं को क्रियान्वित नहीं कर सके.”

चौथी बार चैंपियन बना ऑस्ट्रेलिया

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रिकॉर्ड नौवीं और लगातार पांचवी बार फ़ाइनल में पहुँची भारतीय टीम ऑस्ट्रेलिया को चौथी बार चैंपियन बनने से रोक नहीं पायी.

ऑस्ट्रेलिया टूर्नामेंट की दूसरी सबसे कामयाब टीम है जबकि पाकिस्तान 2004 और 2006 में चैंपियन रहा था. इंग्लैंड, वेस्टइंडीज़, दक्षिण अफ़्रीका और बांग्लादेश एक-एक बार अंडर-19 वर्ल्ड चैंपियन रह चुके हैं.

ऑस्ट्रेलिया के कप्तान ह्यू वीबगेन का कहना था, “यक़ीन नहीं हो रहा है. मुझे लड़कों के और कोचों पर बहुत गर्व है. पिछले कुछ महीनों में बहुत काम हुआ है. हमें यक़ीन था कि 250 रन बनाते हैं तो हम इसका बचाव करेंगे.”

कप्तान ने 55 रन बनाने वाले हरजास सिंह की जमकर तारीफ़ की. उन्होंने कहा, “फ़ॉर्म अस्थायी है, क्लास स्थायी. उस पर विश्वास बनाए रखने के लिए कोचों को पूरा श्रेय. हमें पूरा विश्वास था कि वह कमाल कर सकता है. भारत ज़ाहिर तौर पर एक क्लास टीम है, उन्होंने पूरे टूर्नामेंट में अपना दबदबा बनाया.”

इस समय ऑस्ट्रेलिया टेस्ट और वनडे चैंपियन है और अब अंडर-19 विश्व चैंपियन भी. महिला टीम टी-20 और वनडे चैंपियन है.

दोनों टीमें फ़ाइनल तक अपराजेय

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उदय सहारन की कप्तानी में अंडर-19 भारतीय टीम शानदार अंदाज़ में अपराजेय रहते हुए फ़ाइनल में पहुँची.

हालाँकि सेमीफ़ाइनल में दक्षिण अफ़्रीका ने भारत को कड़ी चुनौती दी थी. उधर दूसरे सेमीफ़ाइनल में पाकिस्तान ने ऑस्ट्रेलिया को आसानी से जीतने नहीं दिया था. आख़िरी ओवर में ऑस्ट्रेलिया एक विकेट से जीत पाई थी.

अंडर-19 विश्व कप ने भारत को कई नामचीन खिलाड़ी दिए हैं जिनमें मोहम्मद कैफ़ और युवराज सिंह से लेकर आज के दौर के विराट कोहली और रविंद्र जडेजा जैसे नाम शामिल हैं. इस बार भी कुछ खिलाड़ी अपनी पहचान बनाने में कामयाब रहे.

टॉप फ़ाइव में तीन भारतीय

मुशीर ने दो शतक और एक अर्धशतक सहित 360 रन बनाए.

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कप्तान उदय सहारन ने टूर्नामेंट में शानदार बल्लेबाज़ी और कप्तानी की. उदय ने सात मैचों में 56.71 की औसत से सबसे ज़्यादा 397 रन बनाए जिसमें एक शतक और तीन अर्धशतक शामिल थे.

मुशीर खान दूसरे नंबर पर रहे. सरफ़राज़ खान के छोटे भाई मुशीर ने दो शतक और एक अर्धशतक सहित 360 रन बनाए.

मुशीर ने आयरलैंड के ख़िलाफ़ 118 और न्यूज़ीलैंड के ख़िलाफ़ 131 रनों की धमाकेदार पारियाँ खेली.

वहीं सचिन धस ने 303 रन बनाए और टॉप पाँच बल्लेबाज़ों में शामिल थे. राजस्थान में जन्मे और पंजाब की ओर से खेलने वाले सचिन ने एक शतक और एक अर्धशतक जमाया.

जडेजा के उत्तराधिकारी

सौम्य पांडेय

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गेंदबाज़ी में सौम्य पांडेय अपनी छाप छोड़ने में कामयाब रहे. बाएँ हाथ के स्लो ऑर्थोडॉक्स सौम्य ने सात मैचों में 18 विकेट लिए और विश्व कप के दूसरे सबसे सफल गेंदबाज़ रहे.

बांग्लादेश, न्यूज़ीलैंड और नेपाल के ख़िलाफ़ मैचों में उन्होंने चार-चार विकेट चटकाए. आयरलैंड के तीन बल्लेबाज़ों को पवेलियन भेजा.

सौम्य अंडर-19 विश्व कप के एक सीज़न में सबसे ज़्यादा विकेट लेने वाले भारतीय गेंदबाज़ बन गए. उनसे पहले यह रिकॉर्ड रवि बिश्नोई के नाम दर्ज था.

बिश्नोई ने 2020 में 17 विकेट हासिल किए थे. दुर्भाग्य से उनकी टीम भी फ़ाइनल में हार गई थी. सौम्य की तुलना रविंद्र जडेजा से की जा रही है. जडेजा ने भी अंडर-19 विश्व कप 2008 में सबसे ज़्यादा विकेट लिए थे.

बुमराह हैं प्रेरणास्रोत

नमन तिवारी ने विश्व कप में 12 विकेट लिए

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बाएँ हाथ के तेज़ गेंदबाज़ नमन तिवारी ने विश्व कप में 12 शिकार बनाए. रफ़ और यॉर्कर के लिए मशहूर नमन ने फ़ाइनल में दो विकेट लिए.

अमेरिका और आयरलैंड के ख़िलाफ़ चार-चार विकेट लेकर जीत में अहम भूमिका निभाई. लखनऊ के रहने वाले नमन तिवारी बताते हैं कि एनसीए में सीनियर गेंदबाज जसप्रीत बुमराह से मिले टिप्स ने उन्हें एक बेहतर गेंदबाज़ बनाने में काफी मदद की है.

वो कहते हैं, “बुमराह मेरे लिए प्रेरणास्रोत हैं. मैं उनकी गेंदबाज़ी के वीडियो बहुत देखता हूं. एनसीए में मुझे कई बार मिले हैं और उनसे गेंदबाज़ की मानसिकता और कौशल के बारे में काफी बात की. उन्होंने बहुत कुछ समझाया है जो काम आ रहा है.”

मेज़बान टीम के लिए सांत्वना

क्वेना मफ़ाका प्लेयर ऑफ़ द टूर्नामेंट चुने गए

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मेज़बान दक्षिण अफ़्रीका के लिए सबसे बड़ी उपलब्धि रही तेज़ गेंदबाज क्वेना मफ़ाका का अंडर-19 क्रिकेट विश्व कप का प्लेयर ऑफ द टूर्नामेंट चुना जाना.

मफ़ाका ने सौम्य पांडे, मुशीर खान, ज्वेल एंड्रयू, ह्यू वीबगेन और उदय सहारन जैसे खिलाड़ियों को पीछे छोड़ा.

मफ़ाका ने टूर्नामेंट में सबसे ज़्यादा 21 विकेट लिए.

वो कहते हैं, “यह मेरे लिए बहुत मायने रखता है. मैंने इसके लिए बहुत मेहनत की है. मैं ख़ुश हूँ कि एक बड़े टूर्नामेंट में अच्छा प्रदर्शन कर पाया. बदक़िस्मती से टीम को फ़ाइनल तक नहीं पहुँचा पाया.”

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