क्रैश हुए रांची से दिल्ली जा रहे एयर एम्बुलेंस विमान में कौन लोग थे सवार?

संजय कुमार और अर्चना देवी

इमेज स्रोत, Mohammad Sartaj Alam/BBC

इमेज कैप्शन, विमान दुर्घटना में संजय कुमार और उनकी पत्नी अर्चना देवी की भी मौत हुई है
    • Author, मोहम्मद सरताज आलम
    • पदनाम, बीबीसी हिन्दी के लिए रांची से
  • पढ़ने का समय: 5 मिनट

झारखंड के चतरा ज़िले के कर्माटांड जंगल में सोमवार शाम एक चार्टर्ड एयर एम्बुलेंस विमान दुर्घटनाग्रस्त हो गया. इस विमान में सवार सभी सात लोगों की मौत हो गई.

दरअसल इसमें मरीज़ संजय कुमार को बेहतर इलाज के लिए रांची से दिल्ली ले जाया जा रहा था.

इन सात मृतकों में विमान के कैप्टन विवेक विकास भगत और कैप्टन सवराजदीप सिंह के अलावा मरीज़ संजय कुमार, उनकी पत्नी अर्चना देवी, उनके भांजे ध्रुव कुमार, एयर एम्बुलेंस डॉक्टर विकास कुमार गुप्ता और पैरामेडिकल स्टाफ़ सचिन कुमार मिश्रा थे.

इस हादसे की पुष्टि नागर विमानन महानिदेशालय (डीजीसीए) ने की है.

बीबीसी हिंदी के व्हॉट्सऐप चैनल से जुड़ने के लिए यहाँ क्लिक करें

मृतक के भाई का बयान ग्राफ़िक्स में

क्या है पूरा मामला?

झारखंड के लातेहार ज़िले के रहने वाले 41 वर्षीय संजय कुमार 16 फ़रवरी की शाम सतरबरवा में अपने ढाबे पर थे, तभी वहां एलपीजी सिलिंडर में विस्फोट हो गया और वो इसमें गंभीर रूप से झुलस गए.

परिवार के लोगों ने उन्हें रांची स्थित देवकमल अस्पताल में भर्ती कराया था.

उनके छोटे भाई सुजीत कुमार ने बीबीसी न्यूज़ हिन्दी को बताया, "छह दिन गुज़रने के बावजूद भैया की हालत में सुधार नहीं हो रहा था. इस दौरान पंद्रह लाख रुपये ख़र्च हो गए थे. ऐसे में हम सभी भाइयों ने तय किया कि बेहतर इलाज के लिए उनको एयर एम्बुलेंस से दिल्ली ले जाएंगे."

दुर्घटनाग्रस्त विमान

इमेज स्रोत, Mohammad Sartaj Alam/BBC

इमेज कैप्शन, इस विमान में सवार सभी सात लोगों की मौत हो गई

सुजीत कुमार रोते हुए कहते हैं, "लेकिन उनको जीवन ही नहीं नसीब था, इसलिए भगवान ने एक हादसे के बहाने भैया, भाभी और भांजे ध्रुव कुमार को हमसे छीन लिया,"

मृतकों में एकमात्र महिला 32 वर्षीय अर्चना देवी संजय कुमार की पत्नी हैं.

इस हादसे में जान गंवाने वाली अर्चना देवी और संजय कुमार के बेटे की ज़िम्मेदारी अब संजय कुमार के भाइयों पर आ गई है. संजय कुमार सहित चारों भाई संयुक्त परिवार में रहते थे.

संजय कुमार का बड़ा बेटे इस साल हाईस्कूल की परीक्षा दे रहा है जबकि उनका छोटा बेटा पांचवीं कक्षा में है.

पायलट के पिता का बयान ग्राफ़िक्स कार्ड में

'बड़ी तमन्ना से बेटे को पायलट बनाया था'

उधर विमान के कैप्टन विवेक विकास भगत के घर में भी शोक का माहौल है.

उनके पिता देव सहाय भगत कहते हैं, "मैं अब क्या कहूं मेरी तो दुनिया ही उजड़ गई, बड़ी तमन्ना से हमने बेटे विवेक को पायलट बनाया था."

साल 2022 के सितंबर महीने में विवेक विकास भगत ने एयर एम्बुलेंस के पायलट के तौर पर अपना करियर शुरू किया था. उनके परिवार में एक बहन, मां और पिता देव सहाय भगत हैं. देव सहाय चतरा के ग्रामीण विभाग में इंजीनियर हैं.

एयर एम्बुलेंस डॉक्टर विकास कुमार गुप्ता

इमेज स्रोत, Mohammad Sartaj Alam/BBC

इमेज कैप्शन, एयर एम्बुलेंस में डॉक्टर विकास कुमार गुप्ता भी सवार थे

देव सहाय भगत कहते हैं, "21 फ़रवरी को वह मुझसे मिल कर गए. 22 फ़रवरी को उनसे बातचीत हुई. भगवान जाने क्या मंज़ूर था कि बस 24 घंटे में वह हमेशा-हमेशा के किए दूर चला गया."

एयर एम्बुलेंस

इमेज स्रोत, Mohammad Sartaj Alam/BBC

इमेज कैप्शन, विमान ने भारतीय समयानुसार शाम 7.11 बजे रांची से उड़ान भरी थी

मामले पर डीजीसीए ने क्या कहा?

नागर विमानन महानिदेशालय (डीजीसीए) ने एयर एम्बुलेंस विमान दुर्घटना पर बयान जारी किया है.

बयान के अनुसार, 23 फ़रवरी 2026 को रेडबर्ड एयरवेज़ प्राइवेट लिमिटेड का बीचक्राफ्ट सी90 विमान (वीटी-एजेवी) जो रांची-दिल्ली मार्ग पर बतौर एयर एम्बुलेंस उड़ान संचालित कर रहा था. ये विमान झारखंड के चतरा ज़िले की कसरिया पंचायत में दुर्घटनाग्रस्त हो गया.

विमान में दो चालक दल के सदस्यों सहित सात लोग सवार थे. विमान ने भारतीय समयानुसार शाम 7.11 बजे रांची से उड़ान भरी थी.

लेकिन कोलकाता से संपर्क स्थापित करने के बाद, विमान ने ख़राब मौसम के कारण मार्ग परिवर्तन का अनुरोध किया.

7 बजकर 34 मिनट पर वाराणसी से लगभग 100 समुद्री मील दक्षिण-पूर्व में विमान का कोलकाता से संपर्क और रडार संपर्क टूट गया, जिससे विमान दुर्घटनाग्रस्त हो गया.

ज़िला प्रशासन की खोज एवं बचाव टीम ने लातेहार के पड़ोसी ज़िला स्थित घटनास्थल कर्माटांड से सभी मृतकों के शवों को रेस्क्यू किया.

झारखंड के स्वास्थ्य मंत्री इरफ़ान अंसारी

इमेज स्रोत, Mohammad Sartaj Alam/BBC

इमेज कैप्शन, झारखंड के स्वास्थ्य मंत्री इरफ़ान अंसारी ने कहा है कि मृतकों के परिजनों को मुआवज़ा दिया जाएगा

राज्य के स्वास्थ्य मंत्री ने क्या कहा?

वहीं, झारखंड के स्वास्थ्य मंत्री इरफ़ान अंसारी ने मृतकों के परिजनों से मुलाक़ात की है.

मंत्री इरफ़ान अंसारी ने कहा कि "हादसे में जान गंवाने वाले सभी लोगों के परिजनों को सरकार की ओर से मुआवज़ा दिया जाएगा, जिसके लिए अधिकारियों को आवश्यक प्रक्रिया शीघ्र पूरी करने का निर्देश दिया गया है."

इरफान अंसारी ने घटना पर चिंता जताते हुए कहा कि "इस तरह की घटनाएं होना बेहद गंभीर विषय है."

उन्होंने कहा, "सबसे बड़ी चिंता इस बात की है कि क्या चार्टर्ड प्लेन पूरी तरह से सुरक्षित हैं या नहीं? अगर तकनीकी खामियां हैं तो उसकी जांच होनी चाहिए."

बीबीसी के लिए कलेक्टिव न्यूज़रूम की ओर से प्रकाशित.

(बीबीसी हिन्दी के एंड्रॉएड ऐप के लिए आप यहां क्लिक कर सकते हैं. आप हमें फ़ेसबुक, एक्स, इंस्टाग्राम, यूट्यूब और व्हॉट्सऐप पर फ़ॉलो भी कर सकते हैं.)