भारत बनाम इंग्लैंड टेस्ट मैच: शुभमन गिल पर क्यों रहेंगी पैनी निगाहें?

इमेज स्रोत, Getty Images
- Author, चंद्रशेखर लूथरा
- पदनाम, वरिष्ठ खेल पत्रकार, बीबीसी हिंदी के लिए
इंग्लैंड ने हैदराबाद में 28 जनवरी को जब मेजबान भारतीय टीम को हराया तो वह विदेशी जमीं पर उसकी सबसे बड़ी जीत में शामिल हो गई.
पहले टेस्ट में हार के बाद भारतीय टीम की मुश्किलें दूसरे टेस्ट के लिए बढ़ गई हैं, क्योंकि ऑलराउंडर रविंदर जडेजा और फॉर्म में चल रहे बल्लेबाज़ लोकेश राहुल चोट के चलते टीम से बाहर हो गए हैं.
पहले टेस्ट के दौरान राहुल ने जांघ की मासंपेशियों में दर्द की शिकायत की थी जबकि जडेजा हेमस्ट्रिंग की चोट से परेशान हैं.
इंग्लैंड लायन्स के ख़िलाफ़ भारत ए की टीम में शामिल रहे सरफ़राज़ ख़ान और वाशिंगटन सुंदर को टेस्ट टीम में शामिल किया गया है, इन दोनों के अलावा 30 साल के बाएं हाथ के स्पिनर सौरभ कुमार को भी टीम में जगह मिली है. जबकि विराट कोहली इस टेस्ट के लिए भी उपलब्ध नहीं हैं.
वहीं पहले टेस्ट में जीत हासिल करने वाली इंग्लैंड की टीम को भी बदलाव करना पड़ेगा.
सबसे अनुभवी स्पिनर जैक लीच घुटने की चोट के चलते शायद ही दूसरे टेस्ट में खेल पाएंगे. हैदराबाद टेस्ट में एक बाउंड्री बचाने के कोशिश में लीच चोटिल हुए थे और इसके बाद चौथी पारी में वे महज दस ओवरों की गेंदबाज़ी कर पाए थे.
बल्लेबाज़ी में भारत की मुश्किल

इमेज स्रोत, Getty Images
भारत के लिए विराट कोहली के बाद लोकेश राहुल की गैर मौजूदगी से मुश्किलें बढ़ी हैं.
हैदराबाद टेस्ट में भारत की पहली पारी में जिन तीन बल्लेबाज़ों ने 80 से ज़्यादा रन बनाए, लोकेश राहुल उनमें से एक थे. पिछले टेस्ट में वे नंबर चार बल्लेबाज़ के तौर पर कोहली की जगह खेले थे.
अब भारतीय टीम के सामने मुश्किल ये है कि नंबर चार पर उन्हें अनुभवहीन खिलाड़ियों पर भरोसा करना होगा. कोहली की जगह टीम में रजत पाटीदार को शामिल किया गया था, वे इस स्थान के लिए एक दावेदार हैं.
इंग्लैंड लायन्स के ख़िलाफ़ पहले और दूसरे अनऑफ़िशियल टेस्ट मैच में रजत पाटीदार ने अच्छे रन बनाए लेकिन उन्हें सरफ़राज़ ख़ान की चुनौती का बखूबी सामना करना पड़ा रहा है. पिछले सप्ताह ही भारत ए के लिए शतक बनाने वाले सरफ़राज़ भी अपना डेब्यू करना चाहते हैं. लेकिन मुश्किल ये है कि इन दोनों में किसी एक ही मौका मिलेगा.
बेन स्टोक्स और उनकी टीम निश्चित तौर पर बेजबॉल की अपनी रणनीति के मुताबिक ही खेलना चाहेगी, भले ही मेजबान टीम पर हावी होने की इच्छा कम हो. हैदराबाद टेस्ट में डेब्यू करते हुए टॉम हर्टले ने दूसरी पारी में मैच जिताने वाली गेंदबाज़ी की, जबकि उससे पहले ओली पोप ने कमाल की बल्लेबाज़ी की. पोप ने पहली पारी में भले 11 गेंदों पर एक रन बनाए हों लेकिन दूसरी पारी में उन्होंने रिकॉर्ड 196 रनों की पारी खेली.

हैदराबाद टेस्ट से पहले पोप ने भारतीय जमीं पर खेले गए चार टेस्ट मैचों में महज 153 रन बनाए थे, जिसमें 34 उनका सर्वाधिक स्कोर था.
पोप ने अपनी पारी से अहमदबाद में 2012 में खेली गई एलिस्टर कुक की 176 रनों की पारी को पीछे छोड़ दिया. भारत के ख़िलाफ़ दूसरी पारी में सबसे ज़्यादा रन बनाने वाले बल्लेबाज़ हो गए हैं. जबकि भारत में भारत के ख़िलाफ़ किसी भी पारी में सबसे ज़्यादा रन बनाने वाले इंग्लिश बल्लेबाज़ों में वे चौथे नंबर पर पहुंच गए हैं. उनसे बेहतर प्रदर्शन ग्रीम फ्लावर (1985, 201 रन), माइक गैंटिंग (1985, 207 रन) और जो रूट (2021, 218 रन) है.
हैदराबाद में इंग्लिश बल्लेबाज़ों ने बेजबॉल की रणनीति को किस तरह अपनाया, इसका अंदाज़ा इससे लगाया जा सकता है कि इंग्लिश बल्लेबाज़ों ने रिवर्स स्विप के ज़रिए कुल 72 रन बटोरे.
भारतीय स्पिनरों के ख़िलाफ़ इंग्लिश बल्लेबाज़ों ने 50 रिवर्स स्वीप शाट्स खेले और 14 बाउंड्री लगाईं. दूसरी तरफ़ भारतीय बल्लेबाज़ों ने स्वीप शाट्स भी नहीं खेले.
शुभमन गिल पर सवाल

इमेज स्रोत, Getty Images
ऑस्ट्रेलिया के ख़िलाफ़ मार्च, 2023 में अहमदाबाद टेस्ट में शतक लगाने के बाद शुभमन गिल अब तक एक बार भी 50 रन तक नहीं पहुंच सके हैं. हैदराबाद टेस्ट की पहली पारी में एक ख़राब शॉट खेल कर वे 23 रन पर आउट हुए, जबकि दूसरी पारी में अपनी दूसरी गेंद पर खाता खोले बिना आउट हुए.
गिल बीते दो सालों से टेस्ट मैचों में सलामी बल्लेबाज़ की भूमिका निभा रहे हैं. 21 टेस्ट मैचों में के बाद उनकी बल्लेबाज़ी का औसत है 29.52 और इसके चलते ही उन पर सवाल उठ रहे हैं. इंग्लैंड में खेले दो वर्ल्ड टेस्ट चैंपियनशिप फ़ाइनल मैच में भी उनका प्रदर्शन लचर रहा था, ऐसे दबाव में उनके प्रदर्शन को लेकर सवाल गहराते जा रहे हैं.
गिल सीमित ओवरों के क्रिकेट में कामयाब तो हो रहे हैं, आईपीएल में ऑरैंज कैप उनके नाम रहा तो वनडे क्रिकेट में उन्होंने दोहरा शतक भी जमाया है, लेकिन टेस्ट क्रिकेट में उनका प्रदर्शन बहुत अच्छा नहीं रहा है. लेकिन अभी भी उम्मीद है कि उन्हें खुद को साबित करने के लिए एक टेस्ट खेलने का मौका मिल सकता है.
अगर भारतीय टीम ने उन्हें बाहर करने का फ़ैसला लेती है तो इसका मतलब ये होगा कि एक साथ रजत पाटीदार और सरफ़राज़ ख़ान को टेस्ट मैच खेलने का मौका मिलेगा और डेब्यू करते हुए दोनों पर दबाव काफी ज़्यादा हो जाएगा.
ऐसे में बहुत संभव है कि गिल को एक और मौका मिल जाए. लेकिन यह तय है कि वे इस मौके पर कामयाब नहीं होते हैं तो कोहली और राहुल के तीसरे टेस्ट के लिए फ़िट होने के बाद टीम से उनका पत्ता कट सकता है.
स्पिनरों पर दारोमदार

इमेज स्रोत, Getty Images
भारतीय टीम प्रबंधन के सामने सबसे बड़ी चुनौती रविंदर जडेजा की गैर मौजूदगी से पार पाने की होगी. कुलदीप यादव बैक अप स्पिनर के तौर पर मौजूद हैं और वे एक विकल्प के तौर पर काम आ सकते हैं.
मोहम्मद सिराज और जसप्रीत बुमराह के दसवें और ग्यारहवें नंबर पर खेलने उतरेंगे. ऐसे में रविंद्र जडेजा की जगह कुलदीप यादव को मौका मिलेगा तो इसका असर भारतीय बल्लेबाज़ी पर दिखेगा. हालांकि संभव है कि विकेटकीपर केएस भरत को छठे नंबर, अश्विन को सातवें और अक्षर पटेल को आठवें पायदान पर खेलने का मौका मिल सकता है.
ऐसे में एक विकल्प ये हो सकता है कि कुलदीप यादव को जडेजा की जगह मौका मिले और हैदराबाद टेस्ट में बिना विकेट के 11 ओवरों की गेंदबाज़ी करने वाले मोहम्मद सिराज की जगह वाशिंगटन सुंदर को मौका मिले. वाशिंगटन ऑफ़ स्पिन गेंदबाज़ होने के साथ साथ स्पेशलिस्ट बल्लेबाज़ भी हैं.
सुंदर 2021 में इंग्लैंड के ख़िलाफ़ अहमदाबाद टेस्ट में भारतीय टीम में शामिल थे. उन्होंने भारत की पारी से जीत में नाबाद 96 रनों की पारी खेली थी, हालांकि उन्हें एक ही विकेट मिला था.
एक संभावना ये भी है कि भारत इस मैच में चार स्पिन गेंदबाज़ों के साथ उतरे. ऐसे में सिराज की जगह 30 साल के बाएं हाथ के स्पिनर सौरभ कुमार को भी डेब्यू करने का मौका मिल सकता है.
सौरभ कुमार ने पिछले सप्ताह इंग्लैंड लॉयन्स के ख़िलाफ़ पांच विकेट झटके और नंबर आठ बल्लेबाज़ के तौर पर 77 रनों की पारी खेली थी. लेकिन यहां यह ध्यान रखना होगा कि भारत के शीर्ष दो स्पिनर आर अश्विन और रविंद्र जडेजा, की गेंदों पर हैदराबाद में इंग्लैंड के बल्लेबाज़ों ने 413 रन बटोरे थे. दोनों गेंदबाज़ों ने भारत की ओर से अब तक 50 टेस्ट मैच खेले हैं और उसमें ये दोनों का दूसरा सबसे ख़राब प्रदर्शन है. 2017 में श्रीलंका के ख़िलाफ़ कोलंबो में दोनों ने 14 विकेट लेने के लिए 437 रन लुटाए थे.
लिच की जगह किसको मिलेगा मौका

इमेज स्रोत, Getty Images
इंग्लैंड की टीम चोटिल स्पिनर जैक लीच को दूसरे टेस्ट में आराम करने का मौका दे सकती है. इससे उन्हें घुटने की चोट से उबरने के लिए कहीं ज़्यादा वक्त मिल जाएगा.
जैक लिच की जगह टीम किसको मौका देती है, इसका फ़ैसला काफ़ी हद तक पिच के मिजाज और टीम के संतुलन को देखकर लिया जाएगा.
हालांकि जिन स्पिनरों को उनकी जगह मौका मिल सकता है, उन सबके पास कोई बहुत अनुभव नहीं है.
देखना होगा कि इंग्लैंड टीम प्रबंधन इस चुनौती का सामना किस तरह से करती है. हैदराबाद में इंग्लैंड की टीम में तेज़ गेंदबाज़ के तौर पर केवल मार्क वुड ही थे, लेकिन लिच के अनफ़िट होने से जेम्स एंडरसन और ओली रोबिंसन दोनों के लिए मौका होगा.
दूसरे तेज़ गेंदबाज़ के तौर पर टीम बेन स्टोक्स पर भी भरोसा जता सकती है. उन्हें रूट की स्पिन गेंदबाज़ी से भी मदद मिल सकती है.
शोएब बशीर को मिलेगा डेब्यू का मौक़ा?
टेस्ट डेब्यू करने से पहले ही वीज़ा विवाद की वजह से चर्चा में आए शोएब बशीर पर सबकी नज़रें होंगी. उन्हें पहले टेस्ट में भले मौक़ा नहीं मिला हो लेकिन दूसरे टेस्ट में वे अपना डेब्यू कर सकते हैं. लिच की गैर-मौजूदगी में दूसरे सबसे अनुभवी स्पिनर हैं रेहान अहमद. जो दो टेस्ट खेल चुके हैं.
जबकि पहले टेस्ट में यादगार गेंदबाज़ी करने वाले टॉम हर्टली ने डेब्यू ही किया है. हर्टली ने हैदराबाद टेस्ट की दूसरी पारी में भले मैच जिताने वाली गेंदबाज़ी की हो लेकिन पहली पारी में उनका प्रदर्शन साधारण ही रहा था.
ऐसे में लीच की गैर-मौजूदगी का दबाव रेहान अहमद पर ज़्यादा होगा. लेकिन देखना होगा कि इंग्लिश टीम प्रबंधन शोएब बशीर को खेलने का मौक़ा देती है या एक और तेज़ गेंदबाज़ के साथ उतरेगी.
(बीबीसी हिन्दी के एंड्रॉएड ऐप के लिए आप यहां क्लिक कर सकते हैं. आप हमें फ़ेसबुक, ट्विटर, इंस्टाग्राम और यूट्यूब पर फ़ॉलो भी कर सकते हैं.)















