शुभमन गिल, यानी हर फ़ॉर्मेट का भरोसेमंद सलामी बल्लेबाज़

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- Author, चंद्रशेखर लूथरा
- पदनाम, वरिष्ठ खेल पत्रकार, बीबीसी हिंदी के लिए
अहमदाबाद के नरेंद्र मोदी स्टेडियम में खेले जा रहे भारत-ऑस्ट्रेलिया टेस्ट का तीसरा दिन शुभमन गिल के नाम रहा.
एक बेहतरीन शतकीय पारी के दौरान उनका सबसे बेहतरीन शाट्स कौन-सा रहा, यह तय करना आसान नहीं है.
ज़ोर लगाए बिना खेला गया कवर ड्राइव हो या फिर लेग साइड पर खेले गए फ्लिक शॉट हों, शुभमन गिल ने विकेट के दोनों तरफ़ शानदार शॉट्स लगाए.
23 साल के गिल ने 235 गेंदों का सामना करते हुए 12 चौकों और एक छक्के की मदद से 128 रनों की पारी खेली.
ये शतक ना केवल भारत के लिए इस टेस्ट में राहत लेकर आया बल्कि खुद शुभमन गिल ने राहत की सांस ली होगी. पहले दो टेस्ट मैचों में केएल राहुल को मौक़ा दिया गया और शुभमन गिल को बेंच पर बैठना पड़ा था.
सिरीज़ के तीसरे टेस्ट में गिल को मौक़ा ज़रूर मिला लेकिन वे कुछ ख़ास नहीं कर सके. पहली पारी में गिल ने 21 रन बनाए थे, जबकि दूसरी पारी में वे महज़ पांच रन बना सके और भारत इंदौर टेस्ट नौ विकेट से हार गया था.
ऐसे में अहमदाबाद टेस्ट शुभमन गिल के लिए बेहद अहम हो गया था, उन्होंने पारी की शुरुआत से ही आक्रामक रुख़ बनाए रखा. मैच के दूसरे दिन के अंतिम ओवर में उन्होंने नॉथन लॉयन को लॉन्ग-ऑन बाउंड्री पर छक्का जड़ा था.
इसी तरह के शॉट्स खेलते हुए वे इंदौर टेस्ट की दूसरी पारी में सस्ते में आउट हुए थे. लेकिन अहमदाबाद में वे शतक बनाकर ही थमे.
शतक दर शतक
ये टेस्ट क्रिकेट में शुभमन गिल का दूसरा शतक है. हालांकि अहमदाबाद के इसी मैदान पर कुछ सप्ताह पहले उन्होंने न्यूज़ीलैंड के ख़िलाफ़ टी-20 मुक़ाबले में ज़ोरदार शतक बनाया था.
63 गेंदों पर 200 की स्ट्राइक रेट से 126 रन की बदौलत ही ऑस्ट्रेलिया के ख़िलाफ़ टेस्ट सिरीज़ के लिए वे टीम में जगह बना सके थे.
शुभमन गिल ने अपने टेस्ट क्रिकेट का डेब्यू ऑस्ट्रेलिया के ख़िलाफ़ 2020 में मेलबर्न टेस्ट में किया था.
अहमदाबाद टेस्ट से पहले खेले गए 14 टेस्ट मैचों की 27 पारियों में उनके बल्ले से 762 रन आए हैं.
अहमदाबाद टेस्ट के दूसरे और तीसरे दिन उन्होंने जिस तरह से बल्लेबाज़ी की, उससे ज़ाहिर होता है कि वे हर चुनौती के लिए तैयार हैं.
मिचेल स्टार्क की तेज़ रफ़्तार गेंदों का उन्होंने बखूबी सामना किया. तेज़ गेंदबाज़ी हो या फिर स्पिन गेंदबाज़ हों, खेलते वक्त उनके पांव बखूबी चले.
अहमदबाद टेस्ट की तीसरे दिन जब भारतीय कप्तान रोहित शर्मा 35 रनों पर आउट हुए तो शुभमन ने भारतीय पारी को दिशा देने का काम किया. उन्होंने पुजारा के साथ आक्रामक बल्लेबाज़ी की और 89 गेंदों पर अपनी हॉफ़ सेंचुरी पूरी की. चाय ब्रेक से ठीक पहले उन्होंने अपना शतक पूरा किया.

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भविष्य का सितारा
शुभमन गिल ने अपनी पारी के दौरान कई बेहतरीन शॉट्स लगाए. उन्होंने जिस तरह से शॉट्स चुने उसकी तारीफ़ मैदान में मौजूद दिग्गज़ों ने भी की.
चाहे वो फ़ील्ड में मौजूद विराट कोहली हों या फिर कमेंट्री पैनल में शामिल सुनील गावस्कर हों, सबने गिल की बल्लेबाज़ी की प्रशंसा की.
दुनियाभर के क्रिकेट प्रेमियों को भी गिल की बल्लेबाज़ी ने प्रभावित किया होगा.
शुभमन गिल ने अपनी बल्लेबाज़ी से भारतीय क्रिकेट टीम के सलामी बल्लेबाज़ी को लेकर चली आ रही बहस को एक तरह से ख़त्म कर दिया है. बहुत संभव है कि इस साल के अंत में होने वाले वनडे वर्ल्ड कप में रोहित शर्मा के साथ वे भारतीय टीम के दूसरे सलामी बल्लेबाज़ होंगे.
2023 का साल उनके लिए कामयाबी ले कर आया है. सबसे पहले उन्हें श्रीलंका के ख़िलाफ़ तीन वनडे मैचों की सिरीज़ में शामिल किया गया. इन मैचों में कप्तान रोहित शर्मा ने उन्हें दोहरा शतक जमा चुके ईशान किशन के मुक़ाबले तरजीह दी.
इस भरोसे का नतीजा जल्दी ही देखने को मिला. जब न्यूज़ीलैंड के ख़िलाफ़ सिरीज़ के पहले हैदराबाद वनडे में शुभमन गिल ने शानदार दोहरा शतक लगा दिया.
सचिन तेंदुलकर, वीरेंद्र सहवाग, रोहित शर्मा और ईशान किशन के बाद वनडे क्रिकेट में दोहरा शतक जमाने वाले वे पांचवें भारतीय बल्लेबाज़ बने.
सिरीज़ के तीसरे वनडे में शुभमन ने एक और शतक जमा दिया. तीन मैचों की सिरीज़ भारत ने क्लीन स्वीप की और शुभमन गिल ने इस सिरीज़ में सबसे ज़्यादा 360 रनों का योगदान दिया.
न्यूज़ीलैंड के ख़िलाफ़ हाल में खेली गई टी-20 सिरीज़ के शुरुआती मैच से पहले कप्तान हार्दिक पांड्या से पूछा गया कि क्या पृथ्वी शॉ को मौक़ा मिलेगा. यह सवाल इसलिए लगातार पूछा जाता रहा है क्योंकि 2018 में टी-20 क्रिकेट में डेब्यू के बाद से ही पृथ्वी भारत के सबसे आक्रामक ओपनर रहे हैं. उनकी बल्लेबाज़ी की स्ट्राइक रेट 152 से ज़्यादा की रही है.
लेकिन हार्दिक पांड्या ने जवाब दिया कि वो शुभमन को मौक़ा देंगे. तब तक शुभमन गिल के लिए टी-20 सबसे कमज़ोर कड़ी साबित हो रहा था. 2023 में खेले गए पहले पांच टी-20 मैच में गिल केवल 76 रन जोड़ सके थे. लेकिन सिरीज़ के अंतिम टी-20 मैच में उन्होंने शानदार शतक लगाया. उन्होंने यह दिखाया कि वे तेज़ी से छोटे फ़ॉर्मेट में भी ढल सकते हैं.

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शुभमन गिल का अब तक का सफ़र
2018 के अंडर-19 वर्ल्ड कप से शुभमन गिल सुर्खियों में आए. जिसने भी इनका खेल देखा, वह इनसे प्रभावित हुए बिना नहीं रहा.
आठ सितंबर, 1999 को पंजाब के फाज़िलका के किसान लखविंदर सिंह गिल के घर में बेटे का जन्म हुआ है. उन्होंने अपने बेटे को क्रिकेटर बनाने का सपना देखा और परिवार मोहाली आ गया.
बेटे को क्रिकेटर बनाने के लिए पिता ने पंजाब क्रिकेट एसोसिएशन के पास में ही किराए पर मकान लिया.
25 फरवरी, 2017 को शुभमन ने प्रथम श्रेणी क्रिकेट में विदर्भ के ख़िलाफ़ अपने करियर की शुरुआत की.
नवंबर, 2017 में पंजाब की ओर से शुभमन को रणजी ट्रॉफी में डेब्यू करने का मौक़ा मिला. पहले मैच में गिल ने अर्धशतक जमाया तो दूसरे में शतक लगा दिया.
2018 में तमिलनाडु के ख़िलाफ़ गिल ने अपना पहला दोहरा शतक जमाया.
लेकिन अंडर-19 वर्ल्ड कप की कामयाबी ने गिल को स्टार बना दिया. पंजाब के 17 साल के युवा बल्लेबाज़ ने पांच पारियों में 372 रन बनाए. इसमें लगातार दो पारियों में उन्होंने शतक जमाए. सेमीफ़ाइनल मैच में खेली गई शतकीय पारी उनकी बेहतरीन पारियों में शामिल है.
गिल के बेहतरीन प्रदर्शन की बदौलत भारत लगातार चौथी बार अंडर-19 वर्ल्ड कप जीतने में कामयाब रहा. उनकी बल्लेबाज़ी पर आईपीएल टीमों की नज़र भी गई. कोलकाता नाइटराइडर्स ने 2018 के सीज़न के लिए उन्हें 1.8 करोड़ रुपये की रकम पर ख़रीदा.
साल 2013 और 2014 में बीसीसीआई ने शुभमन गिल को जूनियर क्रिकेटर अवार्ड से दोनों साल सम्मानित किया.
क्रिकेट की दुनिया में शुभमन गिल की प्रतिभा को सबसे पहले तब के अंडर-19 टीम के कोच राहुल द्रविड़ ने पहचाना. उन्होंने भविष्यवाणी की कि गिल भविष्य में सीनियर टीम के लिए भी शानदार खिलाड़ी साबित होंगे.
शुभमन गिल को सीनियर टीम के लिए पहली बार 2019 के वर्ल्ड कप के लिए शामिल किया गया. हालांकि टीम ने अनुभवी खिलाड़ियों पर ज़्यादा भरोसा किया और गिल को बेंच पर बैठना पड़ा. लेकिन उनकी प्रतिभा की झलक अगले ही साल मेलबर्न टेस्ट के दौरान देखने को मिली. एडिलेड टेस्ट में पूरी टीम के 36 रन पर सिमटने के बाद गिल को मेलबर्न में मौका मिला था और उन्होंने डेब्यू पारी में 45 रन बनाए.
अजिंक्य रहाणे की कप्तानी में ऋषभ पंत, आर अश्विन और मोहम्मद सिराज को सुर्खियां मिलीं लेकिन शुभमन गिल को भी लोगों ने उम्मीद से देखा. मिचेल स्टार्क, पैट कमिंस और जोस हेजलवुड जैसे गेंदबाज़ों के सामने उन्होंने अपनी तकनीक से लोगों को प्रभावित किया.
मेलबर्न टेस्ट की दो पारियों में 80 रन बनाने के बाद गिल ने सिडनी टेस्ट में बेहतरीन 50 रन और गाबा टेस्ट के अंतिम दिन बेहतरीन 91 रनों की पारी खेली. जीत के लिए 328 रनों का पीछा करने उतरी भारतीय टीम महज तीन विकेट से जीत हासिल कर सकी थी, ऐसे में गिल में की पारी की प्रशंसा आलोचकों ने भी की.

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क्या-क्या उम्मीदें हैं?
ऑस्ट्रेलियाई दौर के बाद, अगला साल शुभमन के लिए मिला जुला साल रहा है. हालांकि मिले मौक़ों का लाभ नहीं उठा पाने के चलते वे टीम से बाहर भी हुए. इसके चलते अनुभवी के एल राहुल ने अपनी दावेदारी फिर से पेश की.
बीते साल बांग्लादेश के ख़िलाफ़ सिरीज़ के लिए जब कप्तान रोहित शर्मा ने ब्रेक लिया तो शुभमन गिल को मौक़ा मिला. बांग्लादेश के ख़िलाफ़ गिल ने अपने करियर का पहला टेस्ट शतक लगाया.
इसके बाद शुभमन गिल लगातार फ़ॉर्म में दिख रहे हैं. सीमित ओवर के पिछले सात मैचों में गिल ने श्रीलंका और न्यूज़ीलैंड के ख़िलाफ़ एक दोहरा शतक और तीन शतक लगाया है.
इन पारियों के दौरान शुभमन गिल की बल्लेबाज़ी में नया आयाम देखने को मिला है. वे ना केवल ज़मीनी शॉट्स खेल सकते हैं बल्कि ज़ोरदार छक्के भी लगा सकते हैं.
पिछले तीन सालों की तुलना में शुभमन गिल 2023 में कहीं ज़्यादा ज़ोरदार बल्लेबाज़ के तौर पर स्थापित होते जा रहे हैं.
वनडे क्रिकेट के बेहतरीन बल्लेबाज़ आने वाले दिनों में दूसरे फॉर्मेट में भी शानदार बल्लेबाज़ी करते नज़र आएंगे.
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