बाइडन पर तेज़ हुए हमले, राष्ट्रपति की रेस में बने रहेंगे या दबाव के आगे झुकने को होंगे मजबूर?

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- Author, एंथनी ज़र्चर
- पदनाम, बीबीसी संवाददाता, वॉशिंगटन
जो बाइडन के दोबारा राष्ट्रपति बनने के ख़िलाफ़ सबसे 'विनाशकारी तर्क' किसी राजनेता या विश्लेषक से नहीं, बल्कि एक फिल्म स्टार की ओर आया है.
लेकिन न्यूयॉर्क टाइम्स में अपनी तीखी राय ज़ाहिर करने वाले जॉर्ज क्लूनी अकेले नहीं हैं. डेमोक्रेट्स की ओर से बाइडन के विरोध के स्वर तेज़ होते दिख रहे हैं जिनके कारण राष्ट्रपति की उम्मीदों पर पानी फिर सकता है.
ये बयान ऐसे वक्त में आए हैं जब ये लगने लगा था कि राष्ट्रपति बाइडन की स्थिति मज़बूत हो रही है. क्योंकि अमेरिकी कांग्रेस के प्रभावशाली ब्लैक कॉकस और कांग्रेस के प्रमुख उदारवादी सदस्यों ने उनके लिए अपना समर्थन व्यक्त किया था.
लेकिन अब स्थिति एक बार फिर बदल दिख रही है. और ये सब वॉशिंगटन में हाई-प्रोफाइल नेटो शिखर सम्मेलन के दौरान हो रहा है.
बुधवार शाम को वर्मोंट के पीटर वेल्च पहले डेमोक्रेटिक सीनेटर बने जिन्होंने खुले तौर पर बाइडन से 'देश की भलाई के लिए' अपना नाम वापस लेने को कहा. उन्होंने ये विचार एक अख़बार के संपादकीय में व्यक्त किए.

कमज़ोर पड़ते समर्थन का असर गुरुवार दोपहर को नेटो शिखर सम्मेलन के अंत में बाइडन की प्रेस कॉन्फ्रेंस को और अहम बना देता है. दो सप्ताह पहले बाइडन की फ़्लॉप टीवी डिबेट के बाद ये उनके लिए परीक्षा की सबसे बड़ी घड़ी होगी.
बाइडन आगामी सोमवार को एनबीसी न्यूज़ के लेस्टर होल्ट के साथ एक साक्षात्कार भी करने वाले हैं. आने वाले दिनों में कोई भी गड़बड़ी या ग़लत कदम डेमोक्रेटिक पार्टी को फंड देने वाले अभिनेता जॉर्ज क्लूनी के विचारों को बल दे सकता है.
क्लूनी ने बाइडन की दोबारा राष्ट्रपति बनने के बारे में न्यूयॉर्क टाइम्स में अपने विचार रखे हैं.
अपने लेख में अभिनेता लिखते हैं कि राष्ट्रपति का पतन कोई भ्रम नहीं है, ये एक हक़ीक़त है. क्लूनी पिछले महीने लॉस एंजिलिस में राष्ट्रपति के लिए आयोजित फंडरेज़र की ओर इशारा करते हैं.
वे लिखते हैं, "तीन हफ़्ते पहले मैं जिस जो बाइडन के साथ फंड जुटा रहा था, वो 2010 का जो बाइडन नहीं था. वो 2020 के जो बाइडन भी नहीं था. वो वही व्यक्ति था जिसे हम सभी ने दो हफ़्ते पहले टीवी डिबेट में देखा था."
जॉर्ज क्लूनी की पार्टी में गहरी पैठ

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क्लूनी ने आगे कहा, "राष्ट्रपति नवंबर में डोनाल्ड ट्रंप को हरा पाएंगे?"
अपने लेख में जॉर्ज क्लूनी बाइडन का प्रचार अभियान चलाने वालों के इस दावे को कि वह डेमोक्रेटिक पार्टी के मतदाताओं की पहली पसंद हैं, को 'छलावा' बताते हैं.
वे कहते हैं कि जिस भी प्रमुख डेमोक्रेट से उन्होंने बात की है वह यह सब जानता है - चाहे वे सार्वजनिक रूप से इसे स्वीकार करने को तैयार हों या नहीं.
क्लूनी ने लिखा है, "हम रेत में अपना सिर घुसा सकते हैं और नवंबर में किसी करिश्मे की उम्मीद कर सकते हैं या फिर हम सच बोल सकते हैं."
बाइडन के समर्थक क्लूनी के लेख का विरोध कर रहे हैं.
उनका तर्क है कि पिछले कुछ दिनों में राष्ट्रपति बाइडन ने इटली में जी-7 सम्मेलन के बाद जॉर्ज क्लूनी के फंडरेज़र में हिस्सा लिया था.

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बाइडन की टीम का ये भी कहना है कि राष्ट्रपति की हाल ही में उनके प्रशासन की ग़ज़ा नीति के बारे में जॉर्ज क्लूनी और उनकी पत्नी मानवाधिकार वकील अमल क्लूनी के साथ गंभीर असहमति हुई है.
लेकिन क्लूनी महज़ एक मूवी स्टार ही नहीं हैं.
वो डेमोक्रेटिक पार्टी के लिए एक ताक़तवर फ़ंडरेज़र हैं. पार्टी के लिए धन जुटाने में कैलिफ़ोर्निया और वहां मौजूद फ़िल्म इंडस्ट्री एक अहम रोल अदा करती है.
क्लूनी के ये विचार नेटफ़्लिक्स के चेयरमैन रीड हेस्टिंग्स और आईएसी के चेयरमैन बैरी दिलेर द्वारा बाइडन के प्रति अंसतोष जताने के बाद आए हैं.
अभिनेता पार्टी में गहरी पैठ रखते हैं और उनके बराक ओबामा के साथ अच्छे रिश्ते हैं.
ये मानना मुश्किल है कि क्लूनी ने जो कुछ न्यूयॉर्क टाइम्स में लिखा है उसमें पार्टी के कुछ बड़े नामों की सहमति न हो.
डेमोक्रेट्स लगातार ऐसे बयान दे रहे हैं जिन्हें सुनकर बाइडन को कुछ तो जवाब देना चाहिए.
उम्मीदवारी पर कई नेताओं ने इशारों में जताया संदेह

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बुधवार को क्लूनी के लेख से पहले अमेरिकी कांग्रेस की पूर्व स्पीकर पार्टी की वरिष्ठ नेता नैंसी पेलोसी भी लगभग ये कह गईं कि बाइडन को दोबारा चुनाव नहीं लड़ना चाहिए.
पेलोसी ने कहा कि राष्ट्रपति बाइडन के आलोचकों को नेटो सम्मेलन के अंत तक अपनी ज़बान पर लगाम लगा लेनी चाहिए.
उन्होंने कहा, "आप जो भी सोच रहे हैं, उसे ये हफ़्ता बीत जाने तक सार्वजनिक नहीं करना चाहिए."
उन्होंने कहा कि बाइडन को अपने उम्मीदवारी के बारे में जल्द ही फ़ैसला ले लेना चाहिए.
जब उनसे कहा गया कि राष्ट्रपति ने रेस में बने रहने की बात कही है तो उन्होंने कहा, "मैं चाहती हूँ कि वो वहीं करें जो वो करना चाहते हैं."
इसके बाद पार्टी के एक अन्य सीनेटर टिम केन ने ऐसा ही कुछ कहा. उन्होंने कहा कि राष्ट्रपति वही करेंगे जो एक देशभक्त को करना चाहिए और वे जल्द ही फ़ैसला करेंगे.
पार्टी की ओर चुनी गई कांग्रेस की सदस्या प्रमिला जयपाल ने तो सीधे कहा है, "जब तक बाइडन हमारे उम्मीदवार हैं तब तक में पूरे ज़ोर-शोर से उनके साथ हूँ."
इसी बीच बाइडन के कुछ कट्टर समर्थक भी इस बात पर विचार कर रहे हैं कि अगर बाइडन को पीछे हटना पड़ा तो क्या होगा.
केलिफ़ोर्निया के गवर्नर गेविन न्यूसॉम ने कहा है कि वो अब भी बाइडन के पीछे खड़े हैं और अगर कमला हैरिस को नॉमिनेट किया जाता है तो वे उनके ख़िलाफ़ नहीं जाएंगे.
डेमोक्रेट सीनेटर बाइडन के प्रचार अभियान चलाने वाली टीम से मीटिंग कर रहे हैं ताकि प्रचार के भविष्य के बारे में स्थिति साफ़ हो.
पार्टी के नेता हकीम जेफ़रीज़ ने कहा है कि वो शुक्रवार को राष्ट्रपति बाइडन से इस बारे में सीधा सवाल करने वाले हैं.
क्या मंथन से निकलेगा हल?

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पार्टी के भीतर मंथन जारी है पर ये नहीं मालूम कि विचार-विमर्श से स्थिति सुलझेगी या उलझेगी.
फ़िलहाल ये भी साफ़ नहीं है कि अगर बाइडन कदम पीछे खींचते हैं तो क्या आगे क्या होगा.
कुछ लोगों का सुझाव है कि उपराष्ट्रपति कमला हैरिस को उनकी जगह लेनी चाहिए.
लेकिन जॉर्ज क्लूनी के मुताबिक़, समस्या का हल ये है कि पार्टी को एकजुट होकर नया उम्मीदवार पेश करना चाहिए. हांलाकि ये प्रक्रिया कैसे पूरी होगी इस पर उन्होंने कोई रोशनी नहीं डाली है.
उनका सुझाव है कि विपक्ष नए उम्मीदवार के बारे में अधिक खोजबीन नहीं कर पाएगा और उसका पार्टी को फ़ायदा होगा. लेकिन उनका ये विचार काफ़ी साधारण है.
पिछले 24 घंटों में वॉशिंगटन में राष्ट्रपति के ख़िलाफ़ माहौल ने एक नया मोड़ ले लिया है लेकिन का गणित अब भी उनके पक्ष में है.
बाइडन को अभी भी पार्टी के राष्ट्रीय सम्मेलन के प्रतिनिधियों के बड़े हिस्से का समर्थन हासिल है. आख़िर में पार्टी को उम्मीदवार कौन होगा, वो यही प्रतिनिधि तय करेंगे.
जबकि ये प्रतिनिधि स्पष्ट रूप से बाइडन का समर्थन करने के लिए बाध्य नहीं हैं, लेकिन जो भी अपर्याप्त वफ़ादारी दिखाएगा, उसे बाइडन रिप्लेस कर सकते हैं.
जनमत सर्वेक्षणों से संकेत मिलता है कि बाइडन ट्रंप से पीछे चल रहे हैं, लेकिन उनकी दो हफ़्ते पहले हुए टीवी डिबेट के बाद से नाटकीय रूप से कोई बदलाव नहीं आया है. कुछ सर्वेक्षणों में मौजूदा उपराष्ट्रपति और प्रमुख डेमोक्रेटिक गवर्नर - बाइडन की तुलना में बेहतर प्रदर्शन करते दिख रहे हैं.
यहां तक कि बाइडन के आलोचक भी स्पष्ट रूप से स्वीकार करते हैं कि निर्णय अंततः उन्हीं पर निर्भर करता है.
कुल मिलाकर दो सप्ताह पहले वो टीवी डिबेट एक ऐसा घाव साबित हो सकती है जो उन्होंने खुद को दिया है और वो ज़ख़्म भरता नहीं दिख रहा है.






















