लाइव, अमेरिकी अख़बार का दावा, ईरान से आए एक मैसेज के बाद ट्रंप ने हमले का इरादा छोड़ा

अमेरिकी अख़बार वॉशिंगटन पोस्ट ने व्हाइट हाउस के एक अधिकारी के हवाले से एक रिपोर्ट छापी है, जिसमें अमेरिकी राष्ट्रपति के ऑफ़िस में हुई बैठकों की जानकारी दी गई है.

सारांश

लाइव कवरेज

सुमंत सिंह

  1. अमेरिकी अख़बार का दावा, ईरान से आए एक मैसेज के बाद ट्रंप ने हमले का इरादा छोड़ा

    डोनाल्ड ट्रंप

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    इमेज कैप्शन, वॉशिंगटन पोस्ट की रिपोर्ट में खाड़ी देशों की ओर से अमेरिका से बातचीत का भी ज़िक्र है (फ़ाइल फ़ोटो)

    अमेरिकी अख़बार वॉशिंगटन पोस्ट ने व्हाइट हाउस के एक अधिकारी के हवाले से एक रिपोर्ट छापी है, जिसमें अमेरिकी राष्ट्रपति के ऑफ़िस में हुई बैठकों की जानकारी दी गई है.

    इस रिपोर्ट में दावा किया गया है कि ईरान सरकार की ओर से अमेरिका को एक संदेश भेजा गया, जिसके बाद 'राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान पर हमले के फ़ैसले को रद्द कर दिया'.

    अमेरिकी अख़बार के मुताबिक़, ईरानी विदेश मंत्री अब्बास अराग़ची की ओर से ट्रंप के विशेष दूत स्टीव विटकॉफ़ को भेजे गए एक संदेश ने माहौल को शांत किया और संकट को टाल दिया.

    रिपोर्ट में दावा किया गया कि इस टेक्स्ट मैसेज में कथित तौर पर कहा गया कि ईरानी सरकार का प्रदर्शनकारियों को फांसी देने का कोई इरादा नहीं है.

    ईरान के इस मैसेज की जानकारी होने के बाद ट्रंप ने व्हाइट हाउस में पत्रकारों से कहा था, "हम देखेंगे कि आगे क्या होता है."

    अमेरिकी अधिकारी ने वॉशिंगटन पोस्ट को बताया कि गुरुवार को अमेरिकी केंद्रीय ख़ुफ़िया एजेंसी (सीआईए) ने पुष्टि की कि फांसी की सज़ा नहीं हुई थी.

    रिपोर्ट में आगे कहा गया है कि ईरान को यह अहसास हो गया था कि अमेरिका सैन्य हथियार और सेनाएं तैनात कर रहा है और हमला कभी भी हो सकता है.

    वॉशिंगटन पोस्ट की रिपोर्ट में खाड़ी देश के एक राजनयिक का भी ज़िक्र है.

    अख़बार ने राजनयिक के हवाले से कहा है कि सऊदी अरब, क़तर, ओमान, मिस्र और संयुक्त अरब अमीरात (यूएई) जैसे क्षेत्र के कुछ देशों ने सर्वसम्मति से व्हाइट हाउस से संपर्क किया और ट्रंप से ईरान पर हमला न करने का अनुरोध किया.

    इससे पहले सीएनएन ने भी अपनी एक रिपोर्ट में दावा किया था कि सऊदी अरब, क़तर, ओमान जैसे देशों ने अमेरिका से संपर्क किया था.

  2. उमर अब्दुल्लाह ने बीएमसी चुनाव में बीजेपी की जीत पर क्या कहा?

    उमर अब्दुल्लाह

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    इमेज कैप्शन, उमर अब्दुल्लाह, टाटा मुंबई मैराथन में हिस्सा लेने मुंबई पहुंचे हैं

    बृहन्मुंबई महानगर पालिका (बीएमसी) के चुनाव में बीजेपी के नेतृत्व वाले महायुति की जीत पर जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्लाह ने प्रतिक्रिया दी है.

    उन्होंने कहा कि सबसे ज़्यादा सीटें बीजेपी को मिली हैं. उनकी ज़िम्मेदारी बनती है कि वे मुंबई शहर के लोगों की समस्याएं सुलझाएं.

    उमर अब्दुल्लाह ने कहा, "अगले पाँच साल के लिए यहां के लोगों ने बीजेपी को मौक़ा दिया है कि मुंबई की तरक्की हो. हमने मुंबई में बहुत फ़र्क़ देखा है."

    उन्होंने कहा, "मैंने तीन साल मुंबई में रहकर पढ़ाई की. उस वक़्त तो हम ख़्वाब में भी नहीं सोच सकते थे कि कोस्टल रोड जैसा कोई इन्फ़्रास्ट्रक्चर बनेगा. इसी तरह और चीज़ें मुंबई में बने तो यहां के लोगों को फ़ायदा होगा."

    बीएमसी चुनाव में महायुति ने जीत दर्ज कर क़रीब तीन दशकों से चले आ रहे अविभाजित शिव सेना के दबदबे को ख़त्म किया है.

    बीएमसी के सभी 227 वार्डों के नतीजे शुक्रवार की आधी रात को घोषित हुए. 227 सीटों वाली बीएमसी में बहुमत के लिए 114 सीटें चाहिए और महायुति ने 118 सीटें जीत ली हैं.

    बीजेपी ने सबसे अधिक 89 सीटें जीती हैं. वहीं, उसकी सहयोगी शिवसेना (शिंदे गुट) के खाते में 29 सीटें आई हैं.

    बीएमसी चुनाव में किसे कितनी सीटें
  3. पाकिस्तान: कराची के एक प्लाज़ा में लगी भीषण आग, पाँच लोगों की मौत

    कराची के गुल प्लाज़ा में आग

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    इमेज कैप्शन, दमकल की 20 से अधिक गाड़ियां आग पर काबू पाने में जुटी हैं

    पाकिस्तान के कराची में एक प्लाज़ा में लगी आग में अब तक पाँच लोगों की मौत की पुष्टि हो चुकी है. इस घटना में 20 लोग घायल हुए हैं.

    यह घटना कराची के सदर इलाक़े की है, जहां शनिवार को गुल प्लाज़ा में आग लग गई.

    रविवार को कराची में रेस्क्यू सर्विस के प्रवक्ता हसन ख़ान ने बीबीसी उर्दू को बताया कि सदर में आठ हज़ार वर्ग गज की इमारतों में लगी आग "बेहद भीषण है और इसे बुझाने में एक से दो दिन लग सकते हैं."

    उन्होंने घटना में पाँच लोगों की मौत की पुष्टि की और कहा कि आग पर काबू पाने के लिए 20 से अधिक दमकल गाड़ियां और पानी के टैंकर मौक़े पर मौजूद हैं.

    प्रवक्ता ने बताया कि गुल प्लाज़ा में 1,200 दुकानें हैं और उनमें प्लास्टिक फोम, कपड़ा, कालीन और इत्र जैसी ज्वलनशील वस्तुएं मौजूद हैं.

    हसन खान के मुताबिक़, इमारत बहुत पुरानी है और आग लगने से इसके ढहने का ख़तरा है, इसलिए बचाव अभियान बहुत ही सावधानी से चलाया जा रहा है.

  4. आर्टेमिस मिशन के क्रू ने चांद पर जाने से पहले क्या कहा

    आर्टेमिस II का क्रू

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    इमेज कैप्शन, नासा का आर्टेमिस II मिशन दस दिन का होगा

    नासा का 'आर्टेमिस टू' मिशन लॉन्च होने ही तैयारी में है. इस मिशन को लेकर हुई न्यूज़ कॉन्फ्रेंस में चालक दल ने कहा कि वे 'जाने के लिए तैयार हैं'.

    इस मिशन में चार सदस्यों का क्रू जाएगा. इनमें नासा के कमांडर रीड वाइसमैन, पायलट विक्टर ग्लोवर और मिशन विशेषज्ञ क्रिस्टीना कोच शामिल हैं. कनाडाई अंतरिक्ष एजेंसी के एक अन्य मिशन विशेषज्ञ जेरेमी हैनसेन भी इसमें सवार होंगे.

    रीड वाइसमैन ने कहा कि चालक दल "जाने के लिए तैयार है". उन्होंने बताया कि चालक दल इस मिशन पर दो साल से ज़्यादा समय से काम कर रहा है.

    वहीं, क्रिस्टीना कोच ने कहा कि इस पूरे अभियान का असली मक़सद "खोज और ज्ञान धरती पर वापस लाना है."

    पायलट विक्टर ग्लोवर 10 दिन के इस मिशन पर बाइबिल और "अपनी बेटियों और पत्नी से जुड़ीं वस्तुएं" साथ लेकर जा रहे हैं. जबकि मिशन विशेषज्ञ जेरेमी हैनसेन "फ़ोर मून पेंडेंट" ले जाएंगे, जो उन्होंने दो साल पहले अपनी पत्नी और तीन बच्चों को दिए थे.

    नासा के आर्टेमिस के लॉन्च की पहली संभावित तारीख़ 6 फ़रवरी मानी जा रही है. हालांकि, नासा ने मिशन के लिए लॉन्चिंग की कई वैकल्पिक तारीख़ें तय कर रखी हैं.

    दिसंबर 1972 में अपोलो 17 की लैंडिंग के बाद यह चांद पर जाने वाला पहला मानव मिशन होगा. हालांकि, आर्टेमिस II के तहत चांद पर लैंडिंग की योजना नहीं है.

    यह मिशन आर्टेमिस थ्री के ज़रिए अंतरिक्ष यात्रियों की चांद पर लैंडिंग के लिए ज़मीन तैयार करेगा. नासा का कहना है कि यह लैंडिंग "2027 से पहले नहीं" होगी.

  5. ग्रीनलैंड मैं सैन्य दख़ल की आशंका को लेकर अमेरिकी स्पीकर ने बीबीसी से क्या कहा

    माइक जॉनसन

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    इमेज कैप्शन, अमेरिकी स्पीकर का बयान ट्रंप की ओर से ग्रीनलैंड का समर्थन करने वाले देशों पर टैरिफ़ लगाने की घोषणा से पहले आया है

    अमेरिका के हाउस ऑफ रिप्रेज़ेंटेटिव्स के स्पीकर माइक जॉनसन ने ग्रीनलैंड में सैन्य दख़ल की आशंका को लेकर बीबीसी के सवालों का जवाब दिया है.

    माइक जॉनसन ने कहा कि "डिप्लोमैटिक चैनल ही आगे बढ़ने का रास्ता है."

    उन्होंने यह बात बीबीसी के कार्यक्रम संडे विद लॉरा क्यूनसबर्ग में कही है.

    उनसे सवाल किया गया था कि राष्ट्रपति ट्रंप सैन्य कार्रवाई के बिना ग्रीनलैंड को हासिल करने की योजना कैसे बना रहे हैं.

    इस पर माइक जॉनसन ने कहा, "मुझे ग्रीनलैंड में सैन्य दख़ल की आशंका नहीं दिखती. मुझे लगता है कि डिप्लोमैटिक चैनल ही आगे बढ़ने का रास्ता है."

    इस पर बीबीसी की लॉरा क्यूनसबर्ग ने कहा, 'तो क्या हमें सैन्य कार्रवाई को लेकर राष्ट्रपति की धमकी पर ध्यान नहीं देना चाहिए?'

    माइक जॉनसन ने कहा, "ऐसा नहीं है, हमें उनके बयानों पर ध्यान देना चाहिए. मुझे लगता है कि लोग ध्यान दे रहे हैं."

    इसके बाद अमेरिका की योजना से जुड़े एक अन्य सवाल पर जॉनसन ने कहा, "मुझे नहीं पता, राष्ट्रपति कोई दांव खेल रहे हैं. तो हम आगे देखेंगे क्या होता है."

    उन्होंने कहा, "मेरी उनसे इस मुद्दे पर बात नहीं हुई है... अभी बहुत कुछ हो रहा है. यह एक बड़ी पहेली का बस एक छोटा सा हिस्सा है."

    अमेरिकी स्पीकर ने यह बयान ट्रंप की ओर से ग्रीनलैंड का समर्थन करने वाले देशों पर टैरिफ़ लगाने की घोषणा से पहले दिया.

    डोनाल्ड ट्रंप ने ब्रिटेन, फ़्रांस समेत यूरोप के आठ देशों पर एक फ़रवरी से 10 फ़ीसदी टैरिफ़ की घोषणा की है. ये सभी देश ग्रीनलैंड के मुद्दे पर डेनमार्क का समर्थन कर रहे हैं.

  6. ईरान ने अमेरिकी ठिकानों पर 'हमले की तैयारी' से जुड़ी रिपोर्ट्स पर क्या कहा

    इस्माइल बक़ई

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    इमेज कैप्शन, इस्माइल बक़ई ने कहा कि ईरान किसी भी आक्रामकता का पूरी ताक़त से जवाब देगा

    ईरान के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता इस्माइल बक़ई ने उन रिपोर्ट्स को ख़ारिज कर दिया जिनमें कहा गया था कि उनका देश क्षेत्र में अमेरिकी ठिकानों पर हमले की तैयारी में है.

    बीबीसी फ़ारसी सेवा के मुताबिक़, बक़ई ने ऐसी रिपोर्ट्स को "क्षेत्र को भड़काने की अमेरिकी नीति" बताया.

    ईरान के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता ने कहा, "यह स्पष्ट है कि ईरान किसी भी आक्रामक क़दम का पूरी ताक़त और बल के साथ जवाब देगा."

    ईरानी विदेश मंत्रालय का यह जवाब अमेरिकी विदेश विभाग के एक सोशल मीडिया पोस्ट के बाद आया है.

    अमेरिकी विदेश विभाग ने शनिवार को एक्स पर अपने फ़ारसी पेज पर लिखा, "हमें ऐसी ख़बरें मिली हैं कि इस्लामिक गणराज्य अमेरिकी ठिकानों को निशाना बनाने के विकल्पों की तैयारी कर रहा है."

    अमेरिकी विदेश विभाग ने कहा, "जैसा कि राष्ट्रपति ट्रंप ने बार-बार ज़ोर दिया है कि सभी विकल्प खुले हैं और अगर इस्लामी गणराज्य की सरकार अमेरिकी संपत्तियों पर हमला करती है तो इस्लामी गणराज्य को एक बहुत ही शक्तिशाली ताक़त का सामना करना पड़ेगा.... राष्ट्रपति ट्रंप के साथ खिलवाड़ मत करिए."

  7. नमस्कार!

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