बाइडन ने उम्मीदवारी छोड़ने के बढ़ते दबाव के बीच की अहम घोषणा

अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडन और उपराष्ट्रपति कमला हैरिस

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    • Author, गैरेथ इवांस, कोर्टनी सुब्रमन्यम और कायला इप्सटीन
    • पदनाम, बीबीसी न्यूज़

अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडन ने कहा है कि वह राष्ट्रपति चुनाव से बाहर नहीं होंगे और डेमोक्रेटिक पार्टी के उम्मीदवार वही हैं.

बुधवार को बाइडन ने सीनियर डेमोक्रेट्स और अपने चुनाव प्रचार अभियान के सहयोगियों को शांत करने की कोशिश की.

कुछ रिपोर्ट्स के मुताबिक़ पिछले सप्ताह पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के साथ कमज़ोर डिबेट की वजह से वो अपनी उम्मीदवारी छोड़ने पर विचार कर रहे थे. 2024 के राष्ट्रपति चुनाव में ट्रंप के साथ के पहले डिबेट में बाइडन प्रभावी नहीं दिखे थे.

इस बात को लेकर अटकलें तेज़ हो गई थीं क्या उपराष्ट्रपति कमला हैरिस नवंबर में होने वाले चुनावों के लिए डेमोक्रेटिक पार्टी की तरफ़ से जो बाइडन की जगह ले सकती हैं.

राष्ट्रपति जो बाइडन ने व्हाइट हाउस में उपराष्ट्रपति कमला हैरिस के साथ लंच किया तो उसके बाद से अटकलों का बाज़ार और गर्म था.

लेकिन बाइडन ने अब स्पष्ट किया है वह राष्ट्रपति चुनावों की दौड़ में बने रहेंगे और कमला हैरिस ने उनकी इस बात कर समर्थन भी किया.

बीबीसी को एक सूत्र ने बताया कि बाइडन ने कहा है, “मैं डेमोक्रेटिक पार्टी का उम्मीदवार हूँ और कोई मुझे नहीं हटा रहा है. मैं अपनी उम्मीदवारी नहीं छोड़ रहा हूँ. ”

कुछ घंटों बाद बाइडन और हैरिस के फ़ंड जुटाने वाले एक अभियान में एक ई-मेल में भी यही बात दोहराई गई.

बाइडन ने ई-मेल में कहा, “मैं स्पष्ट शब्दों में कह सकता हूँ कि चुनाव लड़ रहा हूँ. मैं अंत तक इस दौड़ में बना रहूँगा.”

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बाइडन की उम्मीदवारी पर सवाल क्यों

जो बाइडन

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पिछले हफ़्ते डोनाल्ड ट्रंप के साथ डिबेट के बाद से सवाल उठ रहे हैं कि क्या 81 साल के बाइडन अपना चुनाव अभियान जारी रखेंगे?

इस बहस में बाइडन की आवाज़ कमज़ोर थी, कई मुद्दों पर जवाब देने में उन्हें परेशानी हो रही थी और उनके जवाब को समझना मुश्किल हो रहा था.

इस बहस के बाद डेमोक्रेटिक पार्टी के भीतर राष्ट्रपति की उम्मीदवारी पर उनकी सेहत और चुनाव जीतने की उनकी क्षमता को लेकर चिंता पैदा हो गई थी.

बाइडन पर चुनाव अभियान से बाहर होने का दबाव लगातार बढ़ रहा है क्योंकि ज़्यादातर सर्वेक्षणों के मुताबिक़ उनके रिपब्लिकन प्रतिद्वंद्वी की बढ़त है.

बाइडन और ट्रंप के बीच डिबेट के बाद बुधवार को न्यूयॉर्क टाइम्स में प्रकाशित एक सर्वेक्षण के मुताबिक़ ट्रंप छह अंकों की बढ़त बनाए हुए हैं.

अमेरिका में बीबीसी के सहयोगी सीबीसी न्यूज़ के एक सर्वेक्षण के मुताबिक़ ट्रंप महत्वपूर्ण राज्यों में बाइडन पर तीन अंकों की बढ़त रखते हैं. इस सर्वेक्षण के मुताबिक़ पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप राष्ट्रीय स्तर पर आगे चल रहे हैं.

डेमोक्रेटिक पार्टी के कुछ दानदाताओं और सांसदों ने सार्वजनिक तौर पर बाइडन को उम्मीदवारी से अलग हो जाने की अपील की थी, जिससे बाइडन के लिए यह चुनाव और मुश्किल हो गया है.

मैसाच्यूसेट्स में भारतीय मूल के अमेरिकी उद्योगपति रमेश कपूर साल 1988 से डेमोक्रेटिक पार्टी के लिए फंड जुटाने के कार्यक्रम का आयोजन कर रहे हैं.

रमेश कपूर ने बीबीसी से कहा, “मुझे लगता है कि अब समय आ गया है, जब उन्हें मसाल आगे बढ़ा देनी चाहिए. उनमें जोश है, लेकिन आप प्रकृति से नहीं लड़ सकते.”

डेमोक्रेटिक पार्टी के भीतर भी संदेह

अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप

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अमेरिका कांग्रेस में दो अन्य डेमोक्रेटिक सांसदों ने भी पार्टी के शीर्ष पद पर बदलाव की मांग की है. एरिज़ोना का प्रतिनिधित्व करने वाले राहुल ग्रिजल्वा ने न्यूयॉर्क टाइम्स से कहा है कि डेमोक्रेटिक पार्टी के लिए किसी अन्य की तरफ़ देखने का समय आ गया है.

इसके बावज़ूद व्हाइट हाउस और बाइडन के चुनाव अभियान से जुड़े लोगों ने उन रिपोर्टों का खंडन किया है, जिसके मुताबिक़ बाइडन अपने भविष्य पर विचार कर रहे हैं. उनका कहना है कि बाइडन पाँच नवंबर को दूसरी बार ट्रंप को हराने के लिए प्रतिबद्ध हैं.

बुधवार को न्यूयॉर्क टाइम्स और सीएनएन में प्रकाशित एक रिपोर्ट के मुताबिक़ बाइडन ने अपने एक गुमनाम सहयोगी से कहा था कि वो इस बात पर विचार कर रहे हैं कि उन्हें राष्ट्रपति चुनाव की दौड़ में बने रहना चाहिए या नहीं.

दोनों की रिपोर्टों के मुताबिक़ बाइडन ने अपने सहयोगी से कहा था कि उन्हें इस बात का अहसास है कि उनका दोबारा चुनाव जीतना ख़तरे में है. रिपोर्टों के मुताबिक़ बाइडन ने अपने सहयोगी से यह भी कहा कि एबीसी न्यूज़ पर उनका होने वाला इंटरव्यू और शुक्रवार को विस्कॉन्सिन में होने वाली उनकी रैली चुनाव अभियान के लिहाज से काफ़ी अहम है.

हालाँकि व्हाइट हाउस की एक प्रवक्ता ने इस रिपोर्ट्स को पूरी तरह झूठ क़रार दिया है. इससे पहले व्हाइट हाउस की प्रेस सचिव कैरिन जीन पियरे को बाइडन की रेस में बने रहने को लेकर कई सवालों का सामना करना पड़ा था.

कमला हैरिस के नाम की चर्चा

अमेरिकी चुनाव अभियान

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व्हाइट हाउस की प्रवक्ता के मुताबिक़, “उनके( जो बाइडन) चुनावों से अलग होने की ख़बरें झूठी हैं. हमने इसके बारे में राष्ट्रपति से पूछा और राष्ट्रपति बाइडन ने ख़ुद कहा है कि यह बिल्कुल झूठ है. ”

जो बाइडन ने बुधवार को कैलिफ़ोर्निया के गैविन नूज़म और मिशिगन के ग्रेचेन व्हिटमर सहित देश भर के 20 डेमोक्रेट गवर्नर से मुलाक़ात की. अगर बाइडन राष्ट्रपति चुनावों से अलग हो जाते हैं तो इन दोनों को डेमोक्रेटिक पार्टी के संभावित उम्मीदवारों के तौर पर देखा जाता है.

इस बैठक के बाद मैरिलैंड के गवर्नर वेस मूर ने पत्रकारों से बातचीत में कहा, “राष्ट्रपति बाइडन ने हमारा साथ दिया है और हम उनके साथ बने रहेंगे. ”

वहीं न्यूयॉर्क की गवर्नर कैथी होचुल ने बताया कि दो दर्जन गवर्नरों ने राष्ट्रपति से मुलाक़ात की है और अपना समर्थन देने का वादा किया है. कैथी के मुताबिक़ बाइडन ने कहा है कि वो चुनावों में जीत के लिए तैयार हैं.

हालाँकि उपराष्ट्रपति कमला हैरिस को अब भी बाइडन की जगह सबसे मज़बूत संभावित उम्मीदवार माना जाता है.

59 साल की हैरिस को अनुमोदन में मिली ख़राब रेटिंग की वजह से नुक़सान हुआ है, लेकिन बाइडन ट्रंप की बहस के बाद डेमोट्रेटिक पार्टी में उनका समर्थन बढ़ा है.

उपराष्ट्रपति कमला हैरिस ने बाइडन-ट्रंप डिबेट के फौरन बाद सीएनएन पर एक इन्टरव्यू दिया था और राष्ट्रपति बाइडन के प्रति अपना पूरा समर्थन ज़ाहिर कर अपने धैर्य का परिचय दिया था.

हैरिस के एक क़रीबी सूत्र ने बीबीसी को बताया, “वह कुछ नहीं बदल रही हैं और राष्ट्रपति के चुनाव अभियान के लिए सड़कों पर मौजूद रहेंगी.”

बाइडन की सेहत को लेकर सवाल

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हैरिस के पूर्व संचार निदेशक जमाल सिमंस का कहना है, “हैरिस हमेशा राष्ट्रपति की अच्छी सहयोगी बनने को लेकर सचेत रही हैं.”

डेमोक्रेटिक पार्टी की नेशनल कमिटी के सदस्यों को अगस्त महीने में एक सम्मेलन में राष्ट्रपति बाइडन को आधिकारिक तौर पर पार्टी का उम्मीदवार बनाने के लिए मतदान की ज़िम्मेदारी सौंपी गई है. उसके बाद ही बाइडन देश भर में मतपत्रों में नज़र आ सकेंगे.

इसे एक संवेदनशील मुद्दा मानने वाले और नेशनल कमिटी के अन्य सदस्यों से बात करने के बाद नाम नहीं छापने की शर्त पर कमिटी के एक सदस्य ने बीबीसी को बताया है कि अगर बाइडन चुनाव नहीं लड़ने का फ़ैसला करते हैं तो उनकी जगह उपराष्ट्रपति हैरिस को उम्मीदवारी मिलनी चाहिए.

उनका मानना है कि ऐसे मुद्दों पर खुलकर बात करने से नवंबर के महीने में चुनावों में पार्टी को इसका नुक़सान हो सकता है.

इस बीच वॉशिंगटन पोस्ट की एक रिपोर्ट के मुताबिक़ बाइडन और उनकी टीम यह मानती है कि आने वाले दिनों में उन्हें राष्ट्रपति पद के लिए अपनी सेहत और फ़िटनेस साबित करनी होगी.

बाइडन बुधवार को एक मेडन ऑफ़ ऑनर कार्यक्रम में शामिल हुए थे और इस सप्ताह के अंत में उन्होंने विस्कॉन्सिन और फ़िलाडेल्फ़िया की यात्रा की योजना बनाई है.

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