कमला हैरिस पर टिकीं डेमोक्रेट्स की निगाहें, पर क्या वो दे पाएंगी ट्रंप को मात?

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- Author, कर्टनी सुब्रमणियन
- पदनाम, न्यू ऑरलिंस और वाशिंगटन डीसी से
अमेरिका की उपराष्ट्रपति कमला हैरिस शनिवार दोपहर अपनी ज़िंदगी की कहानी पर बात कर रही थीं.
न्यू ऑरलिंस शहर में आयोजित किए गए एक ब्लैक कल्चरल फेस्टिवल में कमला हैरिस ने बताया कि व्हाइट हाउस में उन्होंने क्या हासिल किया.
ये एक ऐसा इवेंट था जहां प्रेसीडेंट बाइडन की डिप्टी के तौर पर अमेरिका की पहली महिला, ब्लैक और दक्षिण एशियाई मूल की उपराष्ट्रपति अपने साढ़े तीन साल के कार्यकाल में अक़सर जाती रही हैं.
ऐसे मौकों पर उनके साथ अमेरिकी राष्ट्रपति को कवर करने वाले पत्रकारों की टीम का एक छोटा सा हिस्सा आम तौर पर साथ रहता है.
लेकिन न्यू ऑरलिंस से हज़ार मील दूर वाशिंगटन में रिपब्लिकन उम्मीदवार डोनाल्ड ट्रंप के ख़िलाफ़ बहस में बाइडन के निराशाजनक प्रदर्शन से घबराए हुए डेमोक्रेट्स नवंबर में होने वाले राष्ट्रपति चुनावों के लिए पार्टी के उम्मीदवार के तौर पर 81 वर्षीय जो बाइडन की जगह किसी और को लाने के विकल्प पर विचार करने लगे हैं, उपराष्ट्रपति कमला हैरिस को कवर करने वाले पत्रकारों की संख्या बढ़कर दर्जनों तक पहुंच गई है.

जो बाइडन का रुख़
कमला हैरिस ने न्यू ऑरलिंस के ब्लैक कल्चरल फेस्टिवल के मंच पर और पूरे सप्ताहांत राष्ट्रपति बाइडन के फिटनेस से जुड़े सवालों पर कोई बात नहीं की है. उनसे ये पूछा जा रहा है कि क्या राष्ट्रपति बाइडन को अपनी उम्मीदवारी वापस लेकर कमान उन्हें सौंप देनी चाहिए.
लेकिन न्यू ऑरलिंस में अपने ऑडियंस को संबोधित करते हुए उन्होंने महत्वाकांक्षाओं और अपने लिए कैसे रास्ता बनाना है, इस पर ज़रूर बात की. फेस्टिवल में उन्हें सुनने आए लोगों को उत्साहित करते हुए कमला हैरिस ने कहा कि 'उनकी मत सुनिए जो आलोचना और विरोध में खड़े हैं.'
उन्होंने कहा, "आपको लोग कहेंगे कि ये आपका वक़्त नहीं है. आपकी बारी नहीं है. आप जो कर रहे हैं, वैसा पहले किसी ने नहीं किया है. क्या आप ये किसी से नहीं सुनते हैं."
27 जून को सीएनएन पर ब्रॉडकास्ट की गई बहस के बाद राष्ट्रपति बाइडन की जो फ़ज़ीहत हुई है, उसके बाद से कमला हैरिस ने लगातार अपने बॉस का बचाव किया है.
कमला हैरिस ने प्रेसीडेंट बाइडन के बचाव में कहा कि नब्बे मिनट की बहस के आधार पर राष्ट्रपति के रूप में उनके रिकॉर्ड को कमतर करके नहीं आंका जाना चाहिए.
जो बाइडन ने इस मुद्दे पर सख़्त रवैया अपना रखा है और उन्होंने ज़ोर देकर कहा है कि वे डेमोक्रेटिक पार्टी के राष्ट्रपति उम्मीदवार बने रहेंगे.
बाइडन की दावेदारी के बावजूद जैसे-जैसे उनके पीछे हटने की मांग तेज़ हो रही है, डेमोक्रेटिक पार्टी के कुछ बड़े नाम 59 वर्षीय कमला हैरिस के पीछे इकट्ठा होते हुए दिख रहे हैं. उन्हें लगता है कि जो बाइडन की जगह लेने के लिए कमला हैरिस एक स्वाभाविक उम्मीदवार हैं.
रविवार को कैलिफ़ोर्निया के कांग्रेसमैन एडम स्किफ़ ने एनबीसी के 'मीट द प्रेस' प्रोग्राम में कहा कि "या तो बाइडन ज़बर्दस्त रूप से चुनाव जीन के लिए काबिल हों या फिर वे ये ज़िम्मेदारी किसी ऐसे शख़्स को दें जो ये कर सकता हो."
उन्होंने कहा कि ट्रंप के ख़िलाफ़ कमला हैरिस ये चुनाव ज़बर्दस्त रूप से जीत सकती हैं.

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कमला हैरिस की छवि
हालांकि कुछ डेमोक्रेट्स ने इस विचार का विरोध भी किया है. विरोध करने वालों में बाइडन के वे सहयोगी भी हैं जो कमला हैरिस को साल 2020 के राष्ट्रपति चुनाव में डमोक्रेटिक उम्मीदवारी की दौड़ में वोटिंग से पहले ही पिछड़ जाने वाले शख़्स के रूप में देखते हैं.
उनकी नज़र में कमला हैरिस ऐसी डेमोक्रेट हैं जिनका व्हाइट हाउस में रिकॉर्ड कोई बहुत अच्छा नहीं रहा है और जिनकी अप्रूवल रेटिंग कम रही है.
लेकिन एडम स्किफ़ और साउथ कैरोलिना के कांग्रेसमैन जिम क्लिबर्न जैसे सीनियर डेमोक्रेट बाइडन समर्थकों की इस दलील के ख़िलाफ़ कमला हैरिस को स्वाभाविक उत्तराधिकारी के रूप में आगे बढ़ाना चाह रहे हैं. ऐस में सवाल उठता है कि क्या बाइडन पार्टी के दबाव के सामने आख़िरकार घुटने टेक देंगे.
डेमोक्रेट समर्थक उन चुनावी सर्वेक्षणों का हवाला देते हैं जिनसे ये संकेत मिला है कि कमला हैरिस राष्ट्रपति बाइडन की तुलना में डोनाल्ड ट्रंप के ख़िलाफ़ बेहतर प्रदर्शन कर सकती हैं.
उनका कहना है कि कमला हैरिस की एक राष्ट्रीय छवि है, उनके पास चुनाव प्रचार के लिए इंफ्रास्ट्रक्चर है और वे युवा मतदाताओं को अपील कर सकती हैं. इससे चुनाव के चार महीने पहले बिना किसी अड़चन के उम्मीदवार बदला जा सकता है.
अगर ऐसा हो गया तो ये उस महिला के राजनीतिक करियर में बहुत बड़ा टर्निंग प्वॉइंट होगा जिन्हें कुछ वक़्त पहले तक व्हाइट हाउस में बाइडन प्रेज़ीडेंसी की एक कमज़ोर कड़ी के रूप में देखा जाता रहा था.
यहां तक कि राष्ट्रपति पद की ज़िम्मेदारी संभालने के शुरुआती महीनों में जो बाइडन ने खुद उनके बारे में कहा था कि "कार्य प्रगति में है."
लेकिन लंबे समय से डेमोक्रेट पार्टी के रणनीतिकार रहे और कमला हैरिस के लिए काम कर चुके जमाल सिमन्स कहते हैं कि उन्हें अरसे से कम आंका गया है.

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बाइडन के प्रति वफ़ादारी
सिमन्स ने बीबीसी को बताया, "चाहे कमला हैरिस बाइडन की सहयोगी हों या राष्ट्रपति पद की उम्मीदवार, अब रिपब्लिकन पार्टी को उन्हें गंभीरता से लेना होगा."
ट्रंप-बाइडन डिबेट के बाद से कमला हैरिस अपने सारे शेड्यूल रद्द करके, राष्ट्रपति बाइडन के साथ हर जगह दिखी हैं.
अमेरिकी स्वतंत्रता दिवस यानी चार जुलाई के दिन कमला हैरिस लॉस एंजिलिस में अपने घर पर दमकल कर्मियों और सीक्रेट सर्विस के लोगों के लिए हॉटडॉग ग्रिल करती हैं लेकिन इस बार वे व्हाइट हाउस में बाइडन के साथ आज़ादी का जश्न मना रही थीं.
कमला हैरिस ने ट्रंप-बाइडन की टीवी डिबेट के बाद से सार्वजनिक बयानों में ट्रंप की आलोचना करने पर ध्यान केंद्रित किया है.
वे कहती रही हैं कि मतदाताओं को समझना चाहिए कि ट्रंप लोकतंत्र और महिलाओं के अधिकारों के लिए खतरा हैं.
साथ ही, उन्होंने हर जगह बाइडन के प्रति वफ़ादारी ही दिखाई है.
अमेरिका में उपराष्ट्रपतियों को हमेशा से ही महत्वाकांक्षा और वफ़ादारी के बीच एक नाजुक संतुलन बनाने की ज़रूरत रही है.
कमला हैरिस भी जानती हैं कि ये घड़ी अपने और राष्ट्रपति के बीच किसी भी मतभेद को दिखाने की नहीं है.
लेकिन कमला हैरिस बाइडन का एकमात्र विकल्प नहीं हैं.

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अगर बाइडन नॉमिनेशन वापिस लेते हैं...
बाइडन की जगह लेने वालों की सूची में मिशिगन के ग्रेचेन विटमर, कैलिफ़ोर्निया के गेविन न्यूसॉम, पेनसिलवेनिया के जोश शपिरो और इलिनॉय के जेबी प्रिटज़्कर के नाम शामिल हैं.
इन्हीं नामों में केलिफ़ोर्निया के कांग्रेस सदस्य रो खन्ना भी हैं.
हैरिस के स्टाफ़ ने इन सभी अटकलों से दूरी बना रखी है. लेकिन उनकी टीम पर्दे के पीछे चल रही चर्चाओं पर अपनी निगाह रखे हुए है.
इंटरनेट पर एक नोट शेयर किया जा रहा है जिसमें कमला हैरिस की खूबियों का बखान है.
इस नोट में लिखा है कि कमला हैरिस के सिवा किसी और को चुनना पार्टी के चुनाव अभियान को पटरी से उतार देगा.
अगर बाइडन नॉमिनेशन वापिस लेते हैं और उसके बाद पार्टी हैरिस के अलावा किसी और को मैदान में उतारती है तो ये बात डेमोक्रेट्स के ताक़तवर ब्लैक कॉकस को नागवार गुज़रेगी.
अमेरिकी कांग्रेस के नामचीन ब्लैक सदस्य क्लाइबर्न ने एक न्यूज़ चैनल को बताया, "इस पार्टी को ऐसा कुछ नहीं करना चाहिए जिससे कमला हैरिस की दावेदारी नज़रअंदाज़ हो."
उधर, रिपब्लिकन पार्टी भी मानती है कि बाइडन की जगह लेने वालों में कमला हैरिस सबसे आगे हैं.
पार्टी के साउथ कैरोलिना से सीनेटर लिंडसी ग्रेहम ने रविवार को कहा कि अगर कमला हैरिस मैदान में उतरती हैं तो उनके दल को एक अलग किस्म के चुनाव अभियान के लिए तैयार हो जाना चाहिए.
उन्होंने हैरिस को बर्नी सैंडर्स के वामपंथी विचारों के क़रीब बताया और संकेत दिया कि अगर उन्हें नॉमिनेशन मिला तो पार्टी किन मुद्दों पर उन्हें घेरना चाहेगी.
उधर, डोनाल्ड ट्रंप ने कमला हैरिस को 'निराश करने वाली शख़्स' करार दिया है.

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ट्रंप के मुक़ाबले
लेकिन अंततः एकमात्र सवाल जो कई डेमोक्रेट्स के लिए मायने रखता है, वो ये है कि क्या उनके पास जो बाइडन की तुलना में ट्रंप को हराने का बेहतर मौका है?
इस सवाल का जवाब अत्यंत अनिश्चित है.
कमला हैरिस के समर्थक हालिया सीएनएन पोल की ओर इशारा करते हैं जिसमें बताया गया है कि वे ट्रंप के ख़िलाफ़ राष्ट्रपति बाइडन से बेहतर प्रदर्शन कर सकती हैं.
उस पोल के मुताबिक़ कमला हैरिस ट्रंप से केवल दो अंक पीछे बताई गई हैं. लेकिन बाइडन इसी पोल में ट्रंप से छह अंक पीछे बताए गए हैं.
सर्वेक्षण से ये भी संकेत मिलता है कि हैरिस स्वतंत्र मतदाताओं और महिलाओं के बीच बाइडन से बेहतर प्रदर्शन करेंगी.
लेकिन कई मतदान विशेषज्ञ ऐसे सर्वेक्षणों को खारिज करते हैं.
उनका कहना है कि अगर बाइडन दौड़ से हटे और डेमोक्रेट्स ने हैरिस के अलावा किसी और को उम्मीदवार बनाया तो समीकरण बदल जाएंगे.
डेमोक्रेटिक पार्टी के नज़दीकी चुनाव विशेषज्ञ ने अपना नाम ज़ाहिर न करने की शर्त पर कहा है कि हैरिस बाइडन से ज़्यादा मतदाताओं को लुभा सकती हैं लेकिन ये अंतर कितना बड़ा होगा ये कहना मुश्किल होगा.
उन्होंने कहा कि इस वक्त हो रहे सर्वे में उन्हें ट्रंप के मुक़ाबले आंकना ठीक नहीं होगा.

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जो बाइडन और डोनाल्ड ट्रंप
कमला हैरिस भारतीय मां और जमैकन पिता की संतान हैं. चुनाव पूर्व सर्वेक्षण संकेत देते हैं कि ब्लैक अमेरिकियों, युवाओं और लातिनी लोगों के बीच हैरिस की ख़ासी पैठ है.
ये सब काफ़ी अहम वोटर्स हैं जो चुनाव की हवा बदल सकते हैं.
लेकिन क्या वाकई युवा ब्लैक वोटर उनके पीछे खड़े होंगे. डेमोक्रेट पार्टी से जुड़े एक विशेषज्ञ कहते हैं कि भरोसे के साथ ये कहना फ़िलहाल जल्दबाज़ी होगी.
पार्टी के भीतर कुछ लोगों को ये भी लगता है कि कमला हैरिस के प्रगतिशील विचारों के कारण नौकरी-पेशा लोग पेनसिलवेनिया, मिशिगन और विस्कॉनसिन जैसे राज्यों में साथ छोड़ सकते हैं. साल 2020 में बाइडन इन राज्यों में एक नज़दीकी मुकाबले में जीते थे.
अगर कमला हैरिस को अवसर मिलता है तो पेनसिलवेनिया के गवर्नर जोश शपिरो और नॉर्थ कैरोलिना के रॉय कूपर को उपराष्ट्रपति पद के लिए नॉमिनेट किया जा सकता है. अमेरिका में राष्ट्रपति ही उपराष्ट्रपति को चुनता है. अमेरिकी राजनीति में इसे 'रनिंग मेट' कहते हैं.
पिछले चुनाव में बाइडन के अभियान का हिस्सा रहीं सेलिंडा लेक कहती हैं कि जो बाइडन और डोनाल्ड ट्रंप की उम्र को देखते हुए, मतदाता इन चुनावों में दोनों पार्टियों के उपराष्ट्रपति उम्मीदवार पर अधिक ध्यान दे रहे हैं.
उधर, ट्रंप ने फ़िलहाल अपनी पार्टी की ओर से उपराष्ट्रपति उम्मीदवार का एलान नहीं किया है लेकिन अटकलें हैं कि नॉर्थ डकोटा के गवर्नर डग बरगुम या ओहायो के सीनेटर जेडी वेंस इसके दावेदार हो सकते हैं.

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कमज़ोर अप्रूवल रेटिंग
राष्ट्रपति पद के उम्मीदवार के रूप में हैरिस की मज़बूती के बारे में कुछ डेमोक्रेट की गहरी चिंताएं पिछले चुनाव से जुड़ी हैं.
उन चुनावों में पार्टी की ओर से राष्ट्रपति का चुनाव लड़ने की दावेदारी के दौरान कमाल हैरिस ने शुरुआती बहसों में बाइडन पर वार किए थे लेकिन फिर आयोवा में पहले कॉकस से ठीक पहले ही वे रेस से बाहर हो गई थीं.
आलोचकों का कहना है कि उस अभियान के दौरान वे अपने आप को बतौर उम्मीदवार परिभाषित नहीं कर पाई थीं.
व्हाइट हाउस में उनकी शुरुआत काफ़ी कमज़ोर रही थी. इसका सबूत उनकी कमज़ोर अप्रूवल रेटिंग और कुछ साक्षात्कारों में ख़राब प्रदर्शन बताया जा रहा है.
कमला हैरिस को अमेरिका की दक्षिणी सरहदों पर माइग्रेशन कम करने के लिए प्रशासन की रणनीति की देखरेख करने का भी काम सौंपा गया था.
अब ये माइग्रेशन तीन वर्षों में रिकॉर्ड स्तर तक बढ़ गया है और पार्टी के चुनाव अभियान के लिए एक बड़ा सिरदर्द बन गया है.
व्हाइट हाउस में शुरुआती झटकों के कारण हैरिस को अपनी सार्वजनिक उपस्थिति के बारे में अधिक सतर्क रहना पड़ा लेकिन कई मतदाता उन्हें अप्रभावी मानते हैं.
लेक ने कहा, "लोगों को उनके बारे में और अधिक जानने की ज़रूरत है, उन्हें बताना होगा कि वे किन आर्थिक मुद्दों पर मजबूत हैं और उन्होंने अब तक क्या भूमिका निभाई है."
बीते एक साल में हैरिस ने गर्भपात अधिकारों पर सरकार की प्रमुख आवाज़ के रूप में जगह बनाई है.
ये मुद्दा साल 2022 के मध्यावधि चुनावों के दौरान डेमोक्रेट के लिए फ़ायदेमंद साबित हुआ था. पार्टी को उम्मीद है इसी मुद्दे पर उन्हें नवंबर में और वोट मिल जाएंगे.

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कठिन लड़ाई का सामना
कमला हैरिस एक पूर्व सरकारी वकील हैं जिन्होंने यौन हिंसा के मामलों को हैंडल किया है. उन्होंने महिलाओं के साथ मिलकर काम करने की व्यक्तिगत कहानियां सांझा की हैं जिनका बाथरूम में गर्भपात हो गया था या जिन्हें अस्पतालों से निकाल दिया गया था.
अभियान के दौरान, उन्होंने छात्र के कर्ज़े की माफी, जलवायु परिवर्तन और बंदूक हिंसा समेत कई युवा मतदाताओं के साथ जुड़े मुद्दों को भी भुनाने की कोशिश की है.
इसके बावजूद उन्हें मतदाताओं के लंबे समय से चले आ रहे शक को भरोसे में बदलने के लिए एक कठिन लड़ाई का सामना करना पड़ रहा है.
फाइव थर्टीएट द्वारा संकलित मतदान औसत में उनकी अप्रूवल रेटिंग लगभग 37 फ़ीसदी है. ये आंकड़ा बाइडन और ट्रंप के स्तर के करीब ही है.
जब तक बाइडन स्वयं पार्टी के बढ़ते दबाव के कारण पद छोड़ने के लिए मजबूर नहीं होते, तब तक ज़मीनी स्तर के डेमोक्रेटिक समर्थक उनका समर्थन करने के लिए मजबूर हैं.
न्यू ऑरलिंस के 41 वर्षीय छोटे व्यवसाय की मालकिन, आयम क्रिश्चियन टकर कहती हैं कि उन्हें इस बात की परवाह नहीं है कि आख़िकार नामांकित व्यक्ति कौन होगा.
वे कहती हैं कि उन्हें कमला हैरिस पसंद हैं लेकिन उन्हें इस बात पर यकीन नहीं है कि कोई ब्लैक महिला राष्ट्रपति चुनाव जीत सकती है.
उन्होंने बीबीसी से कहा, "मैं किसी भी चीज़ से ज़्यादा डोनाल्ड ट्रंप के ख़िलाफ़ वोट कर रही हूं."
पिछले हफ्ते मैडिसन, विस्कॉन्सिन में राष्ट्रपति बाइडन के लिए एक रैली में भाग लेने वाले 67 वर्षीय ग्रेग होवेल ने कहा कि उन्होंने 2020 के प्राथमिक चुनावों में हैरिस का समर्थन किया था और वे हमेशा उनके प्रशंसक रहे हैं.
हालांकि उन्होंने आगाह किया कि अमेरिका में बहुत सारी महिला विरोधी बातें हो रही हैं.
ग्रेग होवेल ने बीबीसी को बताया, "मुझे लगता है कि वह एक बेहतरीन राष्ट्रपति साबित होंगी. लेकिन मुझे अब भी लगता है कि बाइडन ये चुनाव जीत सकते हैं."
(मैडिसन, विस्कॉन्सिन से माइक वेंडलिंग ने इस रिपोर्ट में योगदान दिया)


















