नेटो ने कहा, यूक्रेन को 'ज़रूर मिलेगी' सदस्यता, एफ़-16 लड़ाकू विमान और हथियार भी मिलेंगे

इमेज स्रोत, AHMAD AL-RUBAYE/AFP via Getty Images
- Author, शॉन सेडन और बर्न्ड डेबुस्समैन जूनियर
- पदनाम, बीबीसी न्यूज़ संवाददाता
पश्चिमी मुल्कों के सैन्य गठबंधन नेटो के सदस्यों ने कहा है कि वो भविष्य में यूक्रेन की नेटो सदस्यता के लिए "पीछे नहीं हटेंगे". साथ ही उन्होंने यूक्रेन के लिए अधिक मदद का भी वादा किया है.
अमेरिका के वॉशिंगटन में हो रहे नेटो के 32 सदस्य मुल्कों के सम्मेलन में इसके लिए कोई समयसीमा नहीं तय की गई है. हालांकि सदस्य देशों का कहना है कि रूस-यूक्रेन युद्ध में यूक्रेन की कोशिशों के लिए उनका समर्थन "अटूट" है.
इस दौरान नेटो ने यूक्रेनी सेना के साथ और इंटेग्रेशन की भी घोषणा की है और कहा है कि सदस्य देश अगले साल यूक्रेन को 40 अरब यूरो (43.3 अरब डॉलर) की मदद देने का वादा करते हैं जिसमें एफ़-16 लड़ाकू विमान और एयर डिफेन्स सपोर्ट भी शामिल होगा.
नेटो के महासचिव जेन्स स्टोल्टनबर्ग ने कहा है, "यूक्रेन को दी जा रही मदद चैरिटी नहीं है, बल्कि इसमें हमारे अपने सुरक्षा हित हैं."
नेटो शिखर सम्मेलन में रूस-यूक्रेन युद्ध शीर्ष एजेंडा था. सम्मेलन में सभी सदस्यों ने इस बात पर सहमति जताई कि रूस "सुरक्षा के लिए सबसे बड़ा और सीधा ख़तरा बना हुआ है".
इस दौरान अमेरिकी विदेश मंत्री एंटनी ब्लिंकन ने भी पुष्टि की है कि अमेरिका में बना एफ़-16 जेट विमान डेनमार्क और नीदरलैंड से यूक्रेन भेजे जाने की प्रक्रिया में है.
यूक्रेन को इस तरह का आधुनिक विमान पहली बार हासिल होगा. यूक्रेनी राष्ट्रपति वोलोदिमीर ज़ेलेन्स्की लंबे समय से इसकी मांग कर रहे थे.
ब्लिंकन ने शिखर सम्मेलन में बताया कि विमानों का इस्तेमाल इसी गर्मी के दौरान किया जाएगा.

नेटो देश यूक्रेन से संबंधों को और गहरा करने के लिए यूक्रेनी सेना के लिए सैन्य सहायता और ट्रेनिंग के समन्वय के लिए एक नई यूनिट बनाने पर भी राज़ी हुए हैं.
नेटो देशों के एक संयुक्त बयान में कहा गया है कि "यूक्रेन ने हाल के महीनों में ज़रूरी लोकतांत्रिक, आर्थिक और सुरक्षा सुधारों पर ठोस प्रगति की है, लेकिन उसे नेटो की औपचारिक सदस्यता आमंत्रण सभी शर्तों को पूरा करने के बाद ही दिया जाएगा."
इस बयान में कहा गया है, "यूक्रेन इस ज़रूरी काम को जारी रखता है तो हम उसे नेटो की सदस्यता और यूरो-अटलांटिक एकीकरण के लिए उसका समर्थन करना जारी रखेंगे."
यूक्रेनी राष्ट्रपति वोलोदोमिर ज़ेलेंस्की को भी शिखर सम्मेलन में आमंत्रित किया गया था. यहां ज़ेलेंस्की ने दुनिया के कई नेताओं के साथ बैठक की है, जिनमें ब्रिटेन के प्रधानमंत्री किएर स्टार्मर भी शामिल हैं.
किएर ने ज़ेलेंस्की से कहा है कि ब्रिटेन में नई सरकार आने के बावज़ूद, यूक्रेन के युद्ध प्रयासों के लिए ब्रिटेन के समर्थन में कोई बदलाव नहीं होगा.

इमेज स्रोत, Getty Images
ज़ेलेंस्की ने अमेरिका की डेमोक्रेटिक पार्टी और रिपब्लिकन पार्टी के नेताओं से भी मुलाक़ात की है. वो अमेरिका में यूक्रेन के लिए सभी दलों का समर्थन जुटाने की कोशिश कर रहे हैं.
इस साल की शुरुआत में अमेरिकी कांग्रेस में गतिरोध की वजह से यूक्रेन को मिलने वाले एक बड़े सैन्य सहायता पैकेज में कई महीनों की देरी हुई थी.
नेटो नेताओं को उम्मीद थी कि इस शिखर सम्मेलन से हाल के महीनों में रूस-यूक्रेन युद्ध में रूस को मिली मामूली बढ़त के बाद यूक्रेन पर नेटो को एकजुटता पेश करने का मौक़ा मिलेगा.
हालांकि यूक्रेन में इस बात को लेकर थोड़ी निराशा हो सकती है कि उसे नेटो की सदस्यता कब मिलेगी, इसका कोई स्पष्ट संकेत नहीं दिया गया है.

इमेज स्रोत, Getty Images
नेटो का यह शिखर सम्मेलन अमेरिकी राष्ट्रपति चुनाव से कुछ महीने पहले हुआ है.
मौजूदा राष्ट्रपति जो बाइडन के लिए राजनीतिक परेशानियां बनी हुई हैं और इस बीच अमेरिका में चुनाव हैं जिसमें उनके प्रतिद्वंद्वी ट्रंप की व्हाइट हाउस में वापसी हो सकती है. टंर्प नेटो के आलोचक माने जाते हैं.
डेमोक्रेटिक पार्टी के कुछ नेताओं ने सार्वजनिक तौर पर बाइडन को राष्ट्रपति चुनाव की उम्मीदवारी से हटने को कहा है. बीते दिनों हुए एक टीवी डिबेट में बाइडन के प्रदर्शन के बाद उन्होंने 81 साल के बाइडन की उम्र को 78 साल के डोनाल्ड ट्रंप के लिहाज़ से ज़्यादा बताया है.
बीबीसी के सवाल का जवाब देते हुए नेटो के महासचिव स्टोल्टेनबर्ग ने इस पर टिप्पणी करने से इनकार कर दिया कि क्या अमेरिका की घरेलू राजनीति का असर नेटो गठबंधन पर पड़ सकता है.
उन्होंने कहा, "नेटो इतिहास का सबसे सफल गठबंधन है, क्योंकि हम घरेलू राजनीतिक बहस से दूर रहते हैं. मेरे लिए यह ज़रूरी है कि मैं वह सब कुछ करता रहूं जो मैं कर सकता हूं ताकि यह स्थिति बनी रहे."
अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडन ने नेटो शिखर सम्मेलन में यूक्रेन को अपने समर्थन और अन्य सदस्यों से उसकी रक्षा के लिए अधिक निवेश की अपील की. यह अपील ऐसे देशों के लिए थी जो ख़र्च करने में पीछे रह गए हैं.
बाइडन ने कहा, "उत्तर कोरिया और ईरान के समर्थन से रक्षा उत्पादन के मामले में रूस युद्ध काल जैसी स्थिति में है. नेटो के नेता, इस गठबंधन को पीछे नहीं रहने दे सकते. हम नेटो की सीमा के एक-एक इंच की रक्षा कर सकते हैं."
(बीबीसी हिन्दी के एंड्रॉएड ऐप के लिए आप यहां क्लिक कर सकते हैं. आप हमें फ़ेसबुक, ट्विटर, इंस्टाग्राम और यूट्यूब पर फ़ॉलो भी कर सकते हैं.)















