शेफ़ाली वर्मा और स्मृति मंधाना ने ऐसा क्या किया कि बन गया टेस्ट इतिहास का वर्ल्ड रिकॉर्ड

भारतीय महिला क्रिकेट टीम की खिलाड़ी स्मृति मंधाना

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    • Author, मनोज चतुर्वेदी
    • पदनाम, वरिष्ठ खेल पत्रकार, बीबीसी हिंदी के लिए

ओपनर शेफ़ाली वर्मा और स्मृति मंधाना ने दक्षिण अफ्रीका के ख़िलाफ़ महिला क्रिकेट टेस्ट में पहले दिन रनों की बारिश करके एक ऐसा रिकॉर्ड बना दिया है, जिसे सालों-साल याद रखा जाएगा.

भारत ने चार विकेट पर 525 रन बनाकर पुरुष और महिला दोनों के टेस्ट मैचों में एक दिन में सबसे ज्यादा रन बनाने का रिकॉर्ड बना दिया है.

भारत ने पिछले रिकॉर्ड में 16 रनों का सुधार किया है.

पिछला रिकॉर्ड श्रीलंका के नाम 9 विकेट पर 509 रन बनाने का है.

यह रिकॉर्ड उन्होंने 2002 में बांग्लादेश के ख़िलाफ़ कोलंबो टेस्ट के दूसरे दिन बनाया था.

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शेफ़ाली की अहम भूमिका

भारतीय महिला क्रिकेट टीम की ओपनर शेफाली वर्मा

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शेफ़ाली वर्मा को महिला क्रिकेट की वीरेंद्र सहवाग माना जाता है. उन्होंने दक्षिण अफ्रीका के ख़िलाफ़ सहवाग वाले अंदाज़ में बल्लेबाज़ी करके दक्षिण अफ्रीकी गेंदबाजों को पूरा समय बैकफुट पर बनाए रखा.

शेफ़ाली वर्मा महिला क्रिकेट में सबसे तेज़ दोहरा शतक जमाने वाली बल्लेबाज़ बन गई हैं. उन्होंने मात्र 194 गेंद में दोहरा शतक बना दिया.

इससे पहले सबसे तेज दोहरा शतक जमाने का रिकॉर्ड एनाबेल सदरलैंड के नाम था, जिसे उन्होंने दक्षिण अफ्रीका के ही खिलाफ इस साल की शुरुआत में 248 गेंदों में बनाया था.

वह महिला क्रिकेट में एक दिन में दोहरा शतक जमाने वाली पहली बल्लेबाज़ बन गई हैं. शेफ़ाली ने 197 गेंदों में 205 रन बनाए.

शेफ़ाली महिला क्रिकेट में सर्वाधिक व्यक्तिगत रन बनाने की तरफ बढ़ती दिख रही थीं.

पर जेमिमा के साथ रन लेने में असमंजस बन जाने से वह रन आउट हो गईं और इस रिकॉर्ड से 38 रन दूर रह गई.

यह रिकॉर्ड पाकिस्तान की किरण बलूच के नाम 242 रनों का है, जिसे उन्होंने वेस्ट इंडीज के ख़िलाफ़ 2004 में बनाया था.

सहवाग वाला अंदाज़ भी दिखा

पूर्व विदेश सचिव नटवर सिंह ने वीरेंद्र सहवाग पर एक किताब के विमोचन के दौरान उनके द्वारा छक्के से शतक, दोहरा और तिहरा शतक पूरा करने के बारे में कहा था कि 'ऐसा एक जाट ही कर सकता है.'

यही अंदाज़ शेफाली वर्मा के प्रदर्शन के दौरान भी देखने को मिला.

शेफ़ाली जब दोहरे शतक के करीब पहुंच रहीं थीं, तब दक्षिण अफ्रीका के ऑफ़ स्पिनर डेलमी टकर को आक्रमण पर लाया गया.

शेफ़ाली ने उनकी दो गेंदों पर दो छक्के लगाकर और फिर एक रन दौड़कर दोहरा शतक पूरा करके दिखा दिया कि उन्हें क्यों सहवाग जैसा कहा जाता है.

शेफ़ाली दोहरा शतक जमाने वाली भारत की दूसरी बल्लेबाज हैं.

इससे पहले मिताली राज को यह गौरव हासिल था. उन्होंने 22 साल पहले टांटन में इंग्लैंड के खिलाफ 407 गेंदों में 214 रन बनाए.

शेफ़ाली ने इस दोहरे शतक में 23 चौके और आठ छक्के लगाए.

रेंज में आई हर गेंद को हिट किया

भारतीय महिला क्रिकेट टीम की ओपनर शेफाली वर्मा

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शेफ़ाली वर्मा से दोहरा शतक जमाने के बाद जब यह पूछा गया कि क्या आपको महिला टेस्ट में भारत के सर्वाधिक स्कोर के बारे में पता था.

उन्होंने कहा कि 'पता होता तो उससे आगे निकलने का प्रयास करती' और यह कहकर वह ठहाका लगाकर हंस पड़ी.

शेफ़ाली ने कहा कि 'मेरी रेंज में जो भी गेंद आई, उसे मैंने हिट किया.'

उन्होंने कहा कि स्मृति दी की सलाह भी काम आई, उन्होंने कहा कि 'जब भी लगे गेंद पर अटैक करना है, तो करो.'

स्मृति मंधाना ने कहा कि दूसरे छोर से शेफ़ाली की इस बेहतरीन पारी को देखकर बहुत अच्छा लगा.

शेफ़ाली महिला टेस्ट मैचों में एक पारी में दो से ज्यादा छक्के लगाने वाली पहली बल्लेबाज़ बनी हैं.

मंधाना भी नहीं रहीं पीछे

स्मृति मंधाना

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भारतीय महिला टीम के एक दिन में सर्वाधिक रन बनाने के रिकॉर्ड में स्मृति मंधाना का योगदान भी कम नहीं रहा.

उन्होंने 161 गेंदों में 27 चौकों और एक छक्के से 149 रन बनाए. उन्होंने शेफ़ाली वर्मा के साथ ओपनिंग विकेट की साझेदारी में 292 रन जोड़े.

यह महिला टेस्ट की सबसे बड़ी ओपनिंग साझेदारी है.

इससे पहले सबसे बड़ी ओपनिंग साझेदारी किरण बलूच और साजिदा शाह के नाम 242 रन की थी.

इस पाकिस्तानी जोड़ी ने यह साझेदारी 2004 में वेस्ट इंडीज़ के खिलाफ़ बनाई थी. इस पारी के दौरान ही बलूच ने सर्वाधिक व्यक्तिगत स्कोर का रिकॉर्ड भी बनाया था.

मंधाना के खेलने के अंदाज से लगा कि वह वनडे सीरीज में किए प्रदर्शन को ही आगे बढ़ा रहीं हैं.

इस वनडे सीरीज में उन्होंने दो शतकों से एक सीरीज में 343 रन बनाने का नया रिकॉर्ड बनाया था.

महिला टेस्ट में पहली बार एक दिन में 500 रन

शॉट लगाती हुईं स्मृति मंधाना

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महिला टेस्ट क्रिकेट के इतिहास में भारतीय टीम पहली टीम है, जिसने एक दिन में 500 से ज्यादा रन बनाए हैं.

इससे पहले 1935 में क्राइस्टचर्च टेस्ट में एक दिन में 475 रन बनाने का रिकॉर्ड बना था.

इस टेस्ट में न्यूजीलैंड की पारी 44 रन पर सिमटने के बाद इंग्लैंड ने चार विकेट पर 431 रन बनाए थे.

शेफ़ाली वर्मा और मंधाना ने चेन्नई के चिदम्बरम स्टेडियम की लाल बजरी वाले विकेट पर सतर्कता के साथ शुरुआत की.

इस कारण फुलटॉस गेंदों को भी चौकों के लिए नहीं मारा. यही वजह थी सुबह के सत्र में सिर्फ 130 रन बने.

भारतीय ओपनरों ने दोपहर के सत्र में रनों की रफ्तार को तीसरे गियर में पहुंचा दिया.

इस दौरान भारतीय जोड़ी ने 32 ओवरों में 204 रन ठोक डाले.

उन्होंने रफ्तार के सिलसिले को आखिरी सत्र में भी बनाए रखकर नया रिकॉर्ड बना दिया.

भारतीय महिला क्रिकेट टीम

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यह है टी-20 का असर

महिला क्रिकेट हो या पुरुष क्रिकेट, दोनों ही जगह बल्लेबाज अब नए-नए शॉट खेलने लगे हैं.

वह अब जमने का इंतज़ार किए बगैर ही तेजी से रन बनाने का प्रयास करने लगे हैं.

क्रिकेट इस सबसे छोटे प्रारूप में खेलने के अंदाज़ का असर अब टेस्ट क्रिकेट में भी देखने को मिलने लगा है.

यही वजह है कि दो दशकों पहले यहां टेस्ट मैचों में पहले सत्र में 100-120 रन तक ही बनते थे. पर अब इसमें बहुत बढ़ोतरी हो गई है.

बल्लेबाजों की सोच में आए बदलाव की वजह से तेजी से रन बनने का ही परिणाम है कि अब ज्यादातर टेस्ट मैचों में अब परिणाम निकलने लगे हैं.

यही नहीं तमाम टेस्ट अब पांच के बजाय तीन-चार दिन में खत्म होने लगे हैं.

भारतीय महिला टीम द्वारा बनाया रिकॉर्ड भी इसी सोच को आगे बढ़ाने वाला है.

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