इसराइली हवाई हमले में ग़ज़ा में खाना बांटने वाली संस्था के सात लोगों की मौत, नेतन्याहू ने क्या कहा

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- Author, कैथरीन आर्मस्ट्रॉन्ग, एमिली एटकिन्सन और रुश्दी अबौलोफ़
- पदनाम, बीबीसी न्यूज़
ग़ज़ा पर चल रही इसराइली बमबारी में अपने सात कर्मचारियों की मौत के बाद इंटरनेशनल फूड चैरिटी संस्था 'वर्ल्ड सेंट्रल किचन' ने वहां अपना कामकाज रोक दिया है.
चैरिटी संस्था का कहना है कि मारे गए लोग उस टीम का हिस्सा थे जो सोमवार को ग़ज़ा में एक वेयरहाउस से ज़रूरतमंद लोगों के लिए खाना लेकर निकल रहा था.
इसराइली मिलिट्री ने कहा है कि वो इस घटना की पूरी जांच करेगा.
ग़ज़ा से चलने वाले हमास के मीडिया कार्यालय ने भी इस घटना के लिए इसराइल को जिम्मेदार ठहराया है.
ग़ज़ा के बेहद ज़रूरतमंद लोगों के लिए मदद पहुंचाने वाले प्रमुख संगठनों में से 'वर्ल्ड सेंट्रल किचन' एक है. संस्था ने कहा है कि वो जल्द ही ग़ज़ा में अपने कामकाज के भविष्य के बारे में फ़ैसला करेगा.
'वर्ल्ड सेंट्रल किचन' के अनुसार, देअर अल-बलाह वेयरहाउस से उसकी टीम बाहर निकल रही थी, तभी उस पर हमला हुआ.
इस वेयरहाउस में संस्था ने समंदर के रास्ते ग़ज़ा पहुंची 100 टन से अधिक खाद्य सामाग्री कुछ समय पहले ही उतारी थी.

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'वर्ल्ड सेंट्रल किचन' की राहत सामग्री टीम में तीन गाड़ियों का काफिला था जिनमें दो बख़्तरबंद गाड़ियां थीं. बीबीसी को ये जानकारी मिली है कि इसराइली हमले की जद में तीनों गाड़ियां आई हैं.
डब्ल्यूसीके ने कहा है कि उसने अपनी राहत सामग्री टीम पर जब हमला हुआ तो उस वक़्त उसकी गतिविधियों के बारे में इसराइली मिलिट्री को जानकारी दी गई थी.
फलस्तीन में मेडिकल सेवाओं से जुड़े एक सूत्र ने बीबीसी को बताया कि राहत टीम के स्टाफ़ ने बुलेट प्रूफ जैकेट पहन रखे थे जिन पर डब्ल्यूसीके का लोगो लगा हुआ है.
फलस्तीन रेड क्रिसेंट सोसायटी ने बताया है कि उसने घटनास्थल से सभी सात शव बरामद कर लिए हैं. सोसायटी के मुताबिक़ ये चुनौतीपूर्ण ऑपरेशन था जिसमें कई घंटे लग गए.
सोसायटी ने बताया कि शवों को दक्षिणी ग़ज़ा के अबू युसूफ अल-नज्जर हॉस्पिटल में ले जाया गया है जहां से उन्हें रफ़ाह बोर्डर क्रॉसिंग के रास्ते मिस्र ले जाया जाएगा.
नेतन्याहू और इसराइली मिलिट्री ने क्या कहा?

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इसराइल के प्रधानमंत्री बिन्यामिन नेतन्याहू ने स्वीकार किया है कि इसराइली सेना के 'ग़ैरइरादतन' हमले में ग़ज़ा में मासूम लोग मारे गए हैं.
हिब्रू में सामने आए एक वीडियो में बयान वो कह रहे हैं, "दुर्भाग्य से बीते 24 घंटों में ग़ज़ा पट्टी में मासूम लोगों पर हमले का एक त्रासद मामला सामने आया है, जिसमें सेना ने निर्दोष लोगों पर हमला किया है."
उन्होंने कहा, "ऐसा युद्ध के दौरान होता है. हम सरकारों के संपर्क में है. ऐसा दोबारा न हो ये सुनिश्चित करने के लिए हम हर संभव क़दम उठाएंगे."
इसराइली मिलिट्री ने मंगलवार को बताया कि वे इस घटना की उच्च स्तरीय समीक्षा कर रहे हैं ताकि ये पता लगाया जा सके कि किन हालात में ये 'त्रासदी' हुई है.
इसराइली डिफेंस फोर्सेज़ के प्रवक्ता रियर एडमिरल डेनियल हगारी ने वादा किया है कि "हम इस मामले की तह तक जाएंगे और पारदर्शी तरीके से अपनी जांच के नतीजो को शेयर करेंगे."
उन्होंने कहा, "वर्ल्ड सेंट्रल किचन का काम महत्वपूर्ण है. वे आपदा के समय मोर्चे पर जाकर काम करते हैं."
डेनियल हगारी ने कहा कि आईडीएफ वर्ल्ड सेंट्रल किचन के साथ नजीदकी बनाकर काम कर रहा है ताकि ग़ज़ा के लोगों तक मानवीय सहायता और खाद्य सामग्री पहुंचाने के उनके नेक मक़सद को पूरा किया जा सके.
डब्ल्यूसीके की सीईओ एरीन गोर का बयान

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डब्ल्यूसीके ने बताया कि ग़ज़ा में मारे गए उसकी टीम के लोगों में ऑस्ट्रेलिया, पोलैंड, ब्रिटेन और कनाडा-अमेरिका की दोहरी नागरिकता रखने वाले लोग थे. इसमें फलस्तीनी भी शामिल थे.
डब्ल्यूसीके की सीईओ एरीन गोर ने एक बयान में बताया, "मैं बेहद दुखी और डरी हुई हूं कि वर्ल्ड सेंट्रल किचन और दुनिया ने आज कुछ बेहद खूबसूरत लोगों को इसराइली डिफेंस फोर्सेज के हमले की वजह से खो दिया."
"लोगों को खाने खिलाने के लिए उनमें जो प्यार था, जो जज्बा था, वो ये दिखलाता है कि मानवता इन सब बातों के ऊपर है. और अनगिनत लोगों के जीवन पर जो उन्होंने असर डाला है, उसे हमेशा अच्छे से याद किया जाएगा."
इसराइल के रक्षा मंत्रालय से जुड़ी एजेंसी कोगाट ग़ज़ा में सहायता सामग्री की डिलेवरी का कामकाज देखती है. कोगाट के मुताबिक़, ग़ज़ा में ग़ैरसरकारी सहयाता सामग्री का 60 फीसदी हिस्सा डब्ल्यूसीके की ओर से ही आता है.
अंतरराष्ट्रीय प्रतिक्रियाएं

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डब्ल्यूसीके के साथ हुई इस घटना के बाद एक अन्य अमेरिकी सहायता एजेंसी 'अमेरिकन नीयर ईस्ट रिफ्यूजी एड' (अनेरा) ने बीबीसी को बताया कि वो भी ग़ज़ा में अपना ऑपरेशन रोक रही है.
अनेरा डब्ल्यूसीके के साथ मिलकर ग़ज़ा में काम कर रही थी.
ऑस्ट्रेलिया के प्रधानमंत्री एंथनी अल्बानीज़ ने पुष्टि की है कि ऑस्ट्रेलियाई नागरिक लालज़ावमी 'ज़ोमी' फ्रैंक्कॉम की इस हमले में मौत हुई है. वो ग़ज़ा में डब्ल्यूसीके के साथ काम कर रही थीं. उन्होंने लालज़ावमी के मित्रों और परिजनों के प्रति संवेदना प्रकट की है.
एक बयान में उन्होंने कहा, "वो ग़ज़ा के ज़रूरतमंद लोगों के लिए इस चैरिटी के ज़रिए समंदर पार वॉलंटियर कर रही थीं. ये पूरी तरह से अस्वीकार्य है. ऑस्ट्रेलिया को उम्मीद है कि इसकी पूरी जिम्मेदारी तय की जाएगी. ये त्रासदी कभी नहीं होनी चाहिए."
पोलैंड के विदेश मंत्रालय ने कहा है कि उन्हें घटना की जानकारी मिली है और वो मृतक की पहचान के बारे में इसराइल की सरकार से आधिकारिक पुष्टि के लिए बात कर रहे हैं.
ब्रिटेन के विदेश मंत्रालय ने भी कहा है कि उसे ग़ज़ा में अपने नागरिक की मौत की रिपोर्ट मिली है और वो इससे जुड़ी जानकारी इकट्ठा कर रहा है. ब्रिटेन के विदेश मंत्री ने कहा कि उन्होंने इसराइल से इसकी फौरन जांच की मांग की है.
वर्ल्ड सेंट्रल किचन क्या है

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वर्ल्ड सेंट्रल किचन का गठन साल 2010 में जाने-माने शेफ़ होज़े आंद्रेस ने किया था. ये अमेरिकी संस्था है जिसका मकसद राष्ट्रीय आपदाओं और मानवीय संकट से जूझ रहे लोगों को खाना मुहैया करवाना है.
हाल के वर्षों में आंद्रेस ने यूक्रेन के राष्ट्रपति ज़ेलेंस्की से मुलाक़ात की है. ये संस्था साल 2010 हैती में आए भूकंप के समय वहां के लोगों की मदद करती रही है.
चैरिटी का कहना है कि उन्होंने बीते 175 दिनों में ग़ज़ा में चार करोड़ से अधिक भोजन के पैकेट बांटे हैं.
ये संख्या प्रतिदिन करीब ढाई लाख पैकेट होती है. संस्था ने ये भी कहा है था वो दस लाख और पैकेट्स के वितरण के लिए तैयार है.
पिछले हफ़्ते संस्था ने संयुक्त राज्य अमीरात की सहायता से ग़ज़ा में मानवीय मदद पहुँचाई थी.
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