बाइडन ने अपने आक्रामक भाषण से फूंका चुनावी जंग का बिगुल, क्या हैं मायने

बाइडन

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    • Author, एंथनी ज़र्चर
    • पदनाम, उत्तरी अमेरिका संवाददाता

अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडन ने गुरुवार को अपने आख़िरी यूनियन ऑफ़ स्टेट संबोधन में कई बार डोनाल्ड ट्रंप पर निशाना साधा और अपने चुनावी अभियान की व्यापक रूपरेखा पर बात की.

एक घंटे से अधिक के अपने भाषण में उन्होंने ट्रंप का ज़िक्र करने के लिए 13 बार ‘मेरे पूर्ववर्ती’ शब्द का इस्तेमाल किया.

उन्हें अपने संभावित चुनावी प्रतिद्वंद्वी पर रूस के सामने "झुक जाने" का आरोप लगाया और कैपिटल हिल (अमेरिकी संसद) के दंगे के लिए उनकी आओचना की.

बाइडन ने अपने भाषण में प्रवासन, गर्भपात, अर्थव्यवस्था और ग़ज़ा को लेकर भी बात की.

उनके भाषण के दौरान हाउस चैंबर में माहौल शोरगुल भरा था क्योंकि डेमोक्रेट प्रतिनिधि उनके भाषण की एक तरफ़ तारीफ़ कर रहे थे जबकि रिपब्लिकन सदस्य विरोध कर रहे थे.

यह स्टेट ऑफ़ यूनियन के संबोधन की बजाय एक राजनीतिक सम्मेलन के तमाशे जैसा था. यह संबोधन संवैधानिक रूप से रिपोर्ट पेश करने के लिए होता है, जो कि आमतौर पर दिखावे और नीतियों पर भारी पड़ता है.

लेकिन यह चुनावी साल है और बाइडन के लिए बहुत कुछ दांव पर है. वो बहुत निडर और मुक़ाबले को तैयार दिखे क्योंकि वो अपने नए चुनावी अभियान के लिए युद्ध की रेखाएं खींचना चाहते थे.

ट्रंप पर निशाना

वीडियो कैप्शन, पूर्व अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के लिए चुनावी मैदान से एक अच्छी ख़बर आई

हैरत की बात नहीं कि उनके तंज़ ट्रंप पर केंद्रित थे क्योंकि यह लगभग निश्चित लग रहा है कि नवंबर के आम चुनाव में वही उनके प्रतिद्वंद्वी होंगे.

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बाइडन ने कहा, “मेरे पूर्ववर्ती उस बुनियादी ज़िम्मेदारी को निभाने में विफल रहे हैं, जो किसी भी राष्ट्रपति से अमेरिकी लोगों के लिए निभाने की उम्मीद की जाती है- देखभाल की ड्यूटी. इसे भुलाने लायक नहीं है.” कोविड महामारी को जिस तरह ट्रंप ने संभाला, बाइडन उसका ज़िक्र कर रहे थे.

हाल ही में रूस और नेटो के बारे में दिए बयान के लिए उन्होंने ट्रंप की आलोचना की और कहा कि उन्होंने अमेरिकी कैपिटल हिल पर 6 जनवरी 2021 के हमले के बारे में "सच्चाई को दफ़नाने" की कोशिश की.

उन्होंने रोए बनाम वेड फैसले को पटलने के सुप्रीम कोर्ट के फैसले के लिए भी ट्रंप को दोष दिया, जो गर्भपात का अधिकार देता है. इसके अलावा आव्रजन सुधारों को रोकने के लिए भी ज़िम्मेदार ठहराया.

इस बीच ट्रंप ने सोशल मीडिया प्लेटफ़ॉर्म पर राष्ट्रपति के भाषण का जवाब देने का वादा किया था. उन्होंने लिखा, “बाइडन अपने ही रिकॉर्ड से भाग रहे हैं और उन्होंने और उनकी पार्टी ने भयावह विनाश खड़ा किया है उसकी ज़िम्मेदारी से भागने के लिए पागलों की तरह झूठ बोल रहे हैं.”

उन्होंने कहा, “वो उन्हीं नीतियों को जारी रखते हैं जो इस हॉरर शो को चलते रहने का कारण है.”

बाइडन का गुरुवार का आक्रामक भाषण ज़रूरत से पैदा हुआ हो सकता है. 81 साल की उम्र में वो अमेरिकी इतिहास के सबसे बूढ़े राष्ट्रपति हैं और उन्हें अपनी उम्र और मेंटल फिटनेस को लेकर सवालों का सामना करना पड़ रहा है.

दोबारा चुनाव में जाने वाले किसी भी आधुनिक अमेरिकी राष्ट्रपति की तुलना में उनकी अप्रूवल रेटिंग सबसे कम है. ट्रंप से उन्हें कड़ी चुनौती है, हालांकि मतदाताओं के बीच ट्रंप को लेकर भी नकारात्मक छवि है.

जब भी बाइडन ने अपनी उम्र के बारे में बात की उन्होंने ट्रंप पर निशाना साधा, जो 77 साल के हैं और उनसे कुछ ही साल छोटे हैं.

उन्होंने कहा, “मुझे पता है कि ऐसा नहीं लग सकता है लेकिन मैं यहां कुछ समय से हूं. मेरी उम्र के कुछ लोग अलग कहानी देखते हैं- असंतोष, प्रतिशोध और बदले की एक अमेरिकी कहानी.”

आव्रजन पर क्या बोले

वीडियो कैप्शन, अमेरिकी चुनाव में प्रवासियों का मुद्दा

आव्रजन राष्ट्रपति के लिए राजनीतिक रूप से एक नाजुक मसला है. लेकिन जब इसकी बात आई तो वो इस मुद्दे का सामना करने के लिए तैयार थे. लेकिन यहां वो लड़खड़ाए.

जब रिपब्लिकन सदस्य मारजोरी टेलर ग्रीन ने जॉर्जिया नर्सिंग स्टूडेंट लाकेन रिले की हत्या को नज़रअंदाज़ करने का उन पर आरोप लगाया. कथित तौर पर वेनेजुएला के एक अवैध प्रवासी पर उनकी हत्या का आरोप लगा था.

बाइडन ने ग़लती से उनका नाम "लिंकन" रिले लिया और कहा कि उनकी हत्या एक "अवैध" नागरिक ने की, यह एक ऐसा विशेषण है जिसका प्रवासी अधिकार ग्रुप आलोचना करते हैं.

बाइडन ने सीनेट में पास किए गए आव्रजन सुधार क़ानून को समर्थन करने के लिए रिपब्लिकन सदस्यों का आह्वान किया और ट्रंप पर चुनावी फायदे के लिए इस विधेयक का विरोध करने का आरोप लगाया. लेकिन इस मुद्दे पर नुकसान हो चुका था.

अर्थव्यवस्था के वायदे

वीडियो कैप्शन, बाइडन और ट्रंप के बीच मुक़ाबला होना लगभग तय. लेकिन कई अमेरिकी वोटरों की है कुछ और चाहत

बाइडन ने दोबारा चुनाव जीतने के लिए अपने मौजूदा कार्यकाल की उपलब्धियां भी गिनाईं.

उन्होंने कहा, “मुझे अर्थव्यवस्था बहुत बुरी हालत में मिली थी और अब हमारी अर्थव्यवस्था दुनिया की ईर्ष्या का विषय है.”

अमेरिकी अर्थव्यवस्था के आंकड़े कुछ महीनों से ऊपर जा रहे हैं. हालांकि जनता में अर्थव्यवस्था को लेकर निराशा अधिक है.

देखना होगा कि राष्ट्रपति के शब्द क्या लोगों का मन बदलने के लिए काफ़ी होंगे.

यह अमेरिकी मध्य वर्ग को केंद्रित भाषण था, जो कि मतदाताओं का एक बड़ा हिस्सा है.

उनके वादों में कई तरह के नए प्रस्ताव थे, जिनमें से अधिकांश को लागू करने के लिए कांग्रेस की मंज़ूरी ज़रूरी है और यह तभी संभव है जब नवंबर में डेमोक्रेट हाउस ऑफ़ रिप्रेजेंटेटिव्स में बहुमत हासिल कर लें.

उन्होंने नए घर के खरीदारों को छूट देने का वादा किया. उन्होंने स्वास्थ्य बीमा लेने वाले हर अमेरिकी के दवाओं के खर्च की सीमा बढ़ाने और कॉरपोरेट जगत पर टैक्स बढ़ाने का भी वादा किया.

ग़ज़ा पर बाइडन का रुख़

वीडियो कैप्शन, COVER STORY: ग़ज़ा में जारी जंग का अमेरिका के चुनाव पर क्या होगा असर

बाइडन ने अपने भाषण की शुरुआत यूक्रेन में सैन्य सहायता की अपील के साथ की लेकिन विदेश नीति के बहुत सारे मुद्दे उनके भाषण के अंत में आए जब उन्होंने पश्चिम एशिया पर बात शुरू की.

ग़ज़ा युद्ध ने डेमोक्रेट सदस्यों के बीच मतभेद पैदा कर दिया है. राष्ट्रपति के उदारवादी धड़े का मुखर हिस्सा चाह रहा है कि युद्ध विराम के लिए अमेरिका के पास जो भी विकल्प मौजूद हैं, उसका इस्तेमाल हो. इनमें से कुछ लोगों ने गुरुवार शाम को वॉशिंगटन की सड़क पर उतरे और कैपिटल हिल जा रहे राष्ट्रपति के काफ़िले को रोकने की असफल कोशिश की.

बाइडन ने कहा कि उनका प्रशासन एक ऐसे संघर्ष विराम के लिए काम कर रहा है जो कम से कम छह हफ़्ते का होगा और उन्होंने एक नई योजना पेश की.

दिन में ही उन्होंने घोषणा की थी कि अमेरिकी सेना ग़ज़ा में समुद्री रास्ते से मानवीय सहायता पहुंचाने के लिए एक अस्थाई बंदरगाह बनाएगी.

उन्होंने इसराइल के लिए कुछ कड़े शब्द इस्तेमाल किए और ग़ज़ा में नागरिक हताहतों को "दिल तोड़ने" वाला बताया और कहा कि निर्दोष ज़िंदगियों को बचाने की उसकी "बुनियादी ज़िम्मेदारी" थी.

बिना किसी बड़ी बाधा या चूक के दिए गए भाषण से राष्ट्रपति की एक बाधा दूर हो गई है- और वो ये कि इसमें कही गई बातें, अगले चार और सालों के लिए डेमोक्रेटिक सरकार बनाने की अमेरिकी जनता से उनकी अपील, उनके चुनावी मुहिम का आधार बन सकती है.

कम से कम यह घबराए हुए डेमोक्रेट सदस्यों को आश्वस्त करेगा कि उनका संभावित उम्मीदवार नवंबर में अपने रिपब्लिकन प्रतिद्वंद्वी का सामना करने के लिए तैयार है.

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