इसराइल-ग़ज़ा युद्धः संघर्ष विराम समझौते पर वार्ता के लिए काहिरा पहुंचे हमास प्रतिनिधि, इसराइल ने रखी ये शर्त

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- Author, पॉलिन कोला
- पदनाम, बीबीसी न्यूज़
हमास का एक प्रतिनिधिमंड वार्ता के लिए मिस्र की राजधानी क़ाहिरा पहुंच गया है. हमास के प्रतिनिधि भी आ गए हैं. लेकिन इसराइल के रुख को लेकर ग़ज़ा में संघर्ष विराम को लेकर संशय बना हुआ है.
एक अमेरिकी अधिकारी ने अपना नाम न ज़ाहिर करते हुए बताया है कि ‘इसराइल ने समझौते की शर्तों को लगभग स्वीकार कर लिया है.’
हालांकि, इस बीच रिपोर्टों में दावा किया गया है कि इसराइल ने बैठक में शरीक होने के पहले बंधकों को लेकर आश्वासन मांगा है.
इसराइल की मीडिया रिपोर्टों में दावा किया गया है कि हमास ने जीवित बचे बंधकों के बारे में जानकारी देने से इनकार कर दिया है. ऐसे में इसराइल बैठक में हिस्सा नहीं लेगा.
अमेरिका का कहना है कि जंग में छह सप्ताह का विराम अधिक संख्या में इसराइली बंधकों और फ़लस्तीनी क़ैदियों की रिहाई का रास्ता साफ़ करेगा.
गुरुवार को ग़ज़ा शहर के बाहरी इलाक़े में राहत सामग्री ले जा रहे एक काफ़िले के पास हुई घटना में 112 से अधिक लोगों की मौत के बाद समझौते के लिए दबाव बढ़ गया है.
हमास का आरोप है कि इसराइली सैनिकों ने राहत सामग्री लेने के लिए जुटी भीड़ पर गोलियां चलाईं जबकि इसराइल का कहना है कि अधिकतर लोगों की मौत भगदड़ की वजह से हुई है.

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इसराइल सेना के प्रवक्ता रियर एडमिरल डेनिएल हगारी ने रविवार को कहा कि ‘दुर्भाग्यपूर्ण घटना की शुरुआती समीक्षा पूरी कर ली गई है.’
उन्होंने कहा, “हमारी शुरुआती जांच ने इस बात की पुष्टि की है कि आईडीएफ़ ने राहत सामग्री ला रहे काफिले पर कोई हमला नहीं किया. लूट के इरादे से आए कई लोग हमारी सेना की तरफ बढ़े और उनके सामने ख़तरे की स्थिति पैदा कर दी.”
सेना के प्रवक्ता ने बताया, “इस मामले की जांच सेना की एक स्वतंत्र, प्रोफेशनल और विशेषज्ञता रखने वाली संस्था से कराई जाएगी. आने वाले दिनों में इस बारे में जानकारी साझा की जाएगी.”
वहीं क़तर के साथ मिलकर वार्ता करा रहे मिस्र के अधिकारियों का कहना है कि हमास और इसराइल के प्रतिनिधिमंडलों के वार्ता में शामिल होने की उम्मीद है.
रिपोर्टों के मुताबिक हमास ने कहा है कि अगले 24 से 48 घंटों के भीतर संघर्ष-विराम को लेकर समझौता हो सकता है.
वहीं हमास से जुड़े एक सूत्र ने मिस्र के मीडिया से कहा है कि समझौता इस बात पर निर्भर करता है कि इसराइल हमास की शर्तों को मानता है या नहीं.
एक अमेरिका अधिकारी ने कहा है कि इसराइल छह सप्ताह के संघर्ष विराम को लेकर तैयार हो गया है. अमेरिकी अधिकारी की इस टिप्पणी के बाद संघर्ष विराम समझौता होने की उम्मीदें और बढ़ गई हैं.
7 अक्तूबर को हमास ने दक्षिणी इसराइल पर हमला किया था. इस हमले में 1200 से अधिक इसराइली मारे गए थे. हमास ने 253 लोगों को बंधक भी बना लिया था.
इसके बाद हमास को ख़त्म करने के इरादे से इसराइल ने ग़ज़ा में हमास के ख़िलाफ़ व्यापक हवाई और ज़मीनी सैन्य अभियान शुरू किया था.
हमास संचालित स्वास्थ्य मंत्रालय का कहना है कि इसराइल की सैन्य कार्रवाइयों में अब तक 30410 फ़लस्तीनी मारे गए हैं जिनमें 21 हजार से अधिक बच्चे और महिलाएं हैं. हमास के मुताबिक़ 7 हज़ार से अधिक लापता हैं जबकि 71700 घायल हैं.
ग़ज़ा में राहत कार्य करने वाले संगठनों का कहना है कि यहां भुखमरी का ख़तरा बढ़ रहा है और लोग भूख से मरने की कगार पर हैं. इसके बाद संघर्ष विराम के लिए दबाव और बढ़ा है.
नार्वे की शरणार्थी परिषद से जुड़े यान एगलैंड ग़ज़ा का तीन दिन का दौरा करके लौटे हैं.
उन्होंने रविवार को बीबीसी से बात करते हुए कहा, “मैं दुस्वपन के लिए तैयार था, लेकिन वहां के हालात और भी बहुत ख़राब हैं, वहां हालात बद से बदतर हैं.”
‘लोग आपका हाथ पकड़ते हुए कहते हैं कि हम भूखे हैं, हम यहां मर रहे हैं.’
उन्होंने कहा, “मुझे लगता है कि उत्तरी ग़ज़ा में अकाल पड़ रहा है. यहां तीन लाख लोग खंडहरों में रह रहे हैं, इसराइल यहां राहत सामग्री नहीं पहुंचने दे रहा है. इन लोगों के पास कुछ नहीं है.”
गुरुवार को राहत सामग्री काफ़िले के पास हुई घटना के बाद अमेरिका ने ग़ज़ा में पहली बार हवा से खाद्य सामग्री गिराई है. अमेरिका के मुताबिक़ तीन सैन्य विमानों से खाने के 30 हज़ार पैकेट गिराये गए हैं.
इसी बीच, इसराइल ने रविवार को कहा है कि उसके लड़ाकू विमानों ने दक्षिणी ग़ज़ा के ख़ान यूनिस शहर में भारी बमबारी की है. इन हमलों में मारे गए लोगों की संख्या अभी पता नहीं चल सकी है.
हमास के मुताबिक़ शनिवार को दक्षिणी ग़ज़ा के राफ़ाह शहर में एक शरणार्थी कैंप पर हुए हमले में कम से कम 11 लोग मारे गए थे.
विश्व स्वास्थ्य संगठन ने इस हमले के ख़ौफ़नाक और उत्तेजक कहा है.
वहीं इसराइली सेना ने कहा है कि उसने इस इलाक़े में मौजूद इस्लामिक जिहाद के लड़ाकों पर सटीक हमला किया है.
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