ग़ज़ा: संयुक्त राष्ट्र की टीम ने किया अल शिफ़ा अस्पताल का दौरा, कहा- घायलों में से कई को लगी गोली

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- Author, क्रिस्टी कूनी और पॉल एडम्स
- पदनाम, बीबीसी संवाददाता, लंदन और यरूशलम से
संयुक्त राष्ट्र का कहना है कि गुरुवार को ग़ज़ा में राहत सामग्री काफिले के करीब हुई घटना में कई लोग गोली लगने से घायल हुए हैं.
संयुक्त राष्ट्र के पर्यवेक्षकों ने ग़ज़ा शहर के अल-शिफ़ा अस्पताल का दौरा किया है और घटना के बाद से वहां इलाज करा रहे क़रीब दो सौ लोगों को देखा है.
ग़ज़ा का प्रशासन चलाने वाले हमास ने इसराइली सैनिकों पर राहत सामग्री लेने के लुए जुटे लोगों पर गोलियां चलाने के आरोप लगाये हैं. लेकिन इसराइल का कहना है कि उसके सैनिकों ने चेतावनी के लिए गोलियां चलाईं थीं जिसके बाद वहां भगदड़ मच गई.
ग़ज़ा में हमास संचालित स्वास्थ्य मंत्रालय ने बताया है कि इस घटना में कम से कम 112 लोगों की मौत हुई है और 760 लोग घायल हो गए.
दुनिया भर के नेताओं ने इस घटना की विस्तृत जांच की मांग की है.
ग़ज़ा में तटीय सड़क पर इसराइली सेना की निगरानी में राहत सामग्री से भरा काफ़िला गुज़र रहा था, इस दौरान कई सौ लोग इसके पास जुट गए और इसी दौरान ये घटना हुई. ये घटना गुरुवार सुबह की है.
विश्व खाद्य कार्यक्रम ने उत्तरी ग़ज़ा में भुखमरी की चेतावनी दी है. हाल के सप्ताहों में इस इलाक़े में बहुत सीमित राहत सामग्री पहुंची हैं. उत्तरी ग़ज़ा में क़रीब तीन लाख लोग रह रहे हैं जिनके पास सीमित खाद्य सामग्री या साफ़ पीने का पानी ही मौजूद है.
आईडीएफ़ ने क्या बताया?
घटना के समय की वीडियो फुटेज में गोलीबारी की आवाज़ सुनाई दे रही है और लोग ट्रकों पर चढ़ते और वाहनों के पीछे छुपते दिखाई दे रहे हैं.
इसराइली सुरक्षा बलों के प्रवक्ता रियर एडमिरल डेनियल हगारी ने सोशल मीडिया पर जारी एक बयान में कहा है, “धक्का-मुक्का और भगदड़ की वजह से दर्जनों ग़ज़ावासी घायल हुए हैं.”
आईडीएफ़ के लेफ़्टिनेंट कर्नल पीटर लरनर ने ब्रिटेन के चैनल 4 से कहा है, “भीड़ काफ़िले पर टूट पड़ी थी” और इसराइली सैनिकों ने ‘चेतावनी के लिए चलाई गई कुछ गोलियों से भीड़ को सावधानीपूर्वक तितर-बितर करने की कोशिश की.’
इसराइली प्रधानमंत्री के विशेष सलाहकार मार्क रोगेव ने सीएनएन से कहा है कि इस घटना में इसराइल किसी भी तरह से सीधे तौर पर शामिल नहीं है और गोलियां 'फ़लस्तीनी बंदूकधारी समूहों ने चलाई हैं.' हालांकि उन्होंने अपने इस दावे के समर्थन में कोई सबूत पेश नहीं किया है.
संयुक्त राष्ट्र के अधिकारी ने क्या बताया

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बीबीसी से बात करते हुए ग़ज़ा में संयुक्त राष्ट्र के मानवाधिकार मामलों के सहसंयोजक और ग़ज़ा के उप-कार्यालय के प्रभारी जियोर्जियोस पेट्रोपॉलस ने बताया कि उन्होंने और अल शिफ़ा गई उनकी टीम ने बड़ी तादाद में ऐसे घायलों को देखा है जिन्हें गोलियां लगी हैं.
उन्होंने बताया कि अस्पताल के इमरजेंसी कक्ष में उन्होंने जिन 70-80 लोगों को देखा है उनमें से सिर्फ़ कुछ को छोड़कर बाक़ी सभी राहत काफ़िले के पास हुए घटनाक्रम में घायल हुए हैं.
उन्होंने कहा कि गोली लगने से घायल लोगों के अलावा डॉक्टरों ने बड़ी तादाद में ऐसे लोगों का भी इलाज किया है जो गिरने या कुचले जाने की वजह से घायल हुए हैं.
हालांकि वो निश्चिंतता के साथ ये नहीं बता पाए कि गोली लगने से अधिक लोग घायल हुए हैं या कुचले जाने और गिरने से.
पेट्रोपॉलस का कहना है कि जिन लोगों को गोलिया हैं वो शरीर के ऊपरी और निचले हिस्सों में घायल हैं.
पैदल चलकर इलाज कराने शिफ़ा अस्पताल पहुंचे एक घायल ने उन्हें बताया है कि उसे सीने में गोली मारी गई थी.
पेट्रोपॉलस ने कहा, “उसने मुझे बताया कि आमतौर पर इसराइली सैनिक हवा में गोलियां चलाते हैं लेकिन इस बार उन्होंने भीड़ के उस हिस्से पर गोलियां चलाईं जिसमें सर्वाधिक लोग थे.”
हालांकि, पेट्रोपॉलस ज़ोर देकर ये कहते हैं कि घटना के वक़्त संयुक्त राष्ट्र के कर्मचारी मौजूद नहीं थे. ऐसे में वहां क्या हुआ था कि इसकी पुख़्ता तौर पर पुष्टि करना मुश्किल हो जाता है.
अल-अदवा अस्पताल में अंतरिम अस्पताल प्रबंधक डॉ. मोहम्मद सालहा ने पहले बीबीसी को बताया था कि उनके पास 176 घायल पहुंचे हैं जिनमें से 142 को गोलियां लगी हैं.
उन्होंने बताया कि बाक़ी घायलों के हाथ पैर टूटे हुए थे.

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इस घटना पर प्रतिक्रिया देते हुए ब्रितानी विदेश मंत्री लॉर्ड कैमरन ने कहा है कि ये 'मौतें डराने वाली हैं और तुरंत इनकी जांच होनी चाहिए और ज़िम्मेदारी तय की जानी चाहिए.’
उन्होंने कहा, “ऐसा दोबारा नहीं होना चाहिए.”
उन्होंने ये भी कहा कि इस घटना को ग़ज़ा के लिए पहुंच रही अपर्याप्त मदद से अलग करके नहीं देखा जाना चाहिए. कैमरन कहा कि जितनी कम मौजूदा सामग्री पहुंच रही है वो ‘अस्वीकार्य है.’
वहीं अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडन ने कहा है कि अमेरिका ग़ज़ा में हवा से राहत सामग्री गिराएगा.
उन्होंने कहा, “मासूम लोग एक भीषण युद्ध में फंस गए हैं, वो अपने परिवारों का पेट नहीं भर पा रहे हैं. हमें और अधिक करने की ज़रूरत है और अमेरिका और अधिक करेगा.”
7 अक्तूबर को दक्षिणी इसराइल पर हमास ने हमला किया था.
इस हमले के बाद इसराइली सेना ने ग़ज़ा से हमास को ख़त्म करने के लिए व्यापक सैन्य अभियान शुरू किया था. हमास को इसराइल, ब्रिटेन और कई अन्य देशों ने आतंकवादी संगठन घोषित किया है. हमास के इस हमले में 12 इसराइली मारे गए थे और 253 लोगों को बंधक बना लिया गया था.
इसराइल ने ग़ज़ा पर हवा से भारी बमबारी की है और ज़मीन पर बड़ा सैन्य अभियान चल रहा है.
हमास संचालित स्वास्थ्य मंत्रालय का कहना है कि इसराइल के हमलों में अब तक 30 हज़ार से अधिक लोग मारे गए हैं जिनमें 21 हज़ार बच्चे और महिलाएं हैं. 7 हज़ार से अधिक ग़ज़ावासी लापता है और 70 हज़ार से अधिक घायल हुए हैं.
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