बाइडन ने नेतन्याहू से क्यों कहा- इसराइल ने ऐसा किया तो ग़लती होगी

इमेज स्रोत, EPA-EFE/REX/Shutterstock
अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडन और इसराइली प्रधानमंत्री बिन्यामिन नेतन्याहू के बीच इसराइल और हमास के बीच जारी युद्ध पर सोमवार को उच्च स्तरीय वार्ता हुई है.
व्हाइट हाउस के राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार जैक सुलिवन ने प्रेस कॉन्फ़्रेंस के दौरान अहम जानकारियों के बारे में बताया है.
उन्होंने बताया कि बाइडन ने ये माना है कि युद्ध की शुरुआत के बाद से इसराइल को कई सैन्य सफलताएं मिली हैं लेकिन उन्होंने ग़ज़ा में आम लोगों की बढ़ती मौतों को लेकर भी चिंता जताई है.
सुलिवन ने बताया है कि राष्ट्रपति बाइडन ने इसराइल के हमास के ख़िलाफ़ अभियान चलाने की प्रतिबद्धता को दोहराया है लेकिन साथ ही उन्होंने इसराइल को चेताया भी है.
राष्ट्रपति बाइडन ने इसराइली प्रधानमंत्री को सलाह दी है कि रफ़ाह पर हमला करना इसराइल की सेना की ‘ग़लती’ होगी.
दक्षिणी ग़ज़ा में मौजूद रफ़ाह शहर में इस समय युद्ध के दौरान भागकर आए लाखों शरणार्थियों ने पनाह ले रखी है. ये दक्षिणी ग़ज़ा का सबसे अधिक आबादी वाला आख़िरी केंद्र बचा हुआ है, जहाँ पर कोई भी इसराइली सेना नहीं है.
बाइडन ने क्या कहा

इमेज स्रोत, Getty Images
इसराइली प्रधानमंत्री बिन्यामिन नेतन्याहू को चेताते हुए बाइडन ने कहा है कि रफ़ाह पर हमला ‘एक ग़लती होगी.’
अमेरिका के राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार ने पत्रकारों से बताया, “इस हमले से अधिक निर्दोष लोगों की मौतें होंगी. मानवीय संकट पहले से और गंभीर हो जाएगा. ग़ज़ा में अराजकता गहरी हो जाएगी और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर इसराइल अलग-थलग हो जाएगा.”
ग़ज़ा में हमास के नेतृत्व वाले स्वास्थ्य मंत्रालय के अनुसार, सात अक्तूबर के बाद शुरू हुए युद्ध में अब तक 31 हज़ार से अधिक फ़लस्तीनी नागरिकों की मौत हो चुकी है.
इन मौतों की अंतरराष्ट्रीय स्तर पर निंदा की जा रही है और इसराइल के कई सहयोगियों को अलग-थलग कर दिया.
सुलिवन ने बताया है कि राष्ट्रपति बाइडन ने बातचीत के दौरान नेतन्याहू को ग़ज़ा में ‘साफ़ और रणनीतिक’ तौर पर ‘खेल ख़त्म करने को कहा है.’
उन्होंने कहा, “राष्ट्रपति ने प्रधानमंत्री को दोबारा कहा कि हमास को हराने का हम लक्ष्य साझा करते हैं लेकिन हम मानते हैं कि इसके लिए आपको एक सुसंगत और टिकाऊ रणनीति की ज़रूरत है.”
इसके साथ ही ये जानकारी भी सामने आई है कि बाइडन ने इसराइली नेता को एक इसराइली टीम वॉशिंगटन बुलाने पर सहमति बना ली है.
रफ़ाह पर हमले को लेकर अमेरिकी चिंताओं के मद्देनज़र एक सीनियर इंटरएजेंसी टीम वॉशिंगटन जाएगी जिनमें सैन्य, ख़ुफ़िया और मानवीय सहायता के अधिकारी शामिल होंगे.
सुलिवन ने बताया है कि ये उम्मीद है कि इसराइल अपना हमला तब तक रोके रखेगा जब तक कि बैठक हो नहीं जाती है.
नेतन्याहू ने भी दी जानकारी

इमेज स्रोत, Reuters
इसराइल के प्रधानमंत्री बिन्यामिन नेतन्याहू ने सोशल मीडिया साइट एक्स (पहले ट्विटर) पर लिखा है कि दोनों के बीच ‘युद्ध में ताज़ा घटनाक्रमों’ और संघर्ष में इसराइल के लक्ष्यों को लेकर चर्चा हुई है.
इसराइली प्रधानमंत्री ने कहा कि इसमें कई उद्देश्य शामिल हैं जैसे कि- “हमास का सफ़ाया, हमारे सभी बंधकों को आज़ाद कराना और ये सुनिश्चित करना कि ग़ज़ा फिर कभी इसराइल के लिए ख़तरा न बन पाए, इसके साथ ही इन लक्ष्यों को पाते हुए मानवीय सहायता मुहैया कराई जा सके.”
बाइडन पहले भी कह चुके हैं कि वो नहीं चाहते हैं कि इसराइल आम लोगों को सुरक्षित रखने की योजना के बिना रफ़ाह में दाख़िल हो. सुलिवन के मुताबिक़, उन्होंने नेतन्याहू से कहा है कि उनका मानना है कि इसराइल अपने लक्ष्यों को ‘अन्य तरीक़ों से’ हासिल कर सकता है.
बातचीत के दौरान बाइडन ने कहा कि अमेरिका चिंतित है कि रफ़ाह में 10 लाख से अधिक शरणार्थी हैं जो कहीं नहीं जा सकते हैं. मानवीय सहायता के लिए ये शहर पहला एंट्री पॉइंट है और मिस्र इसराइल के ऑपरेशन की योजना को लेकर बेहद चिंतित है.
मरवान इस्सा की मौत की पुष्टि

इमेज स्रोत, Media sources
प्रेस कॉन्फ़्रेंस के दौरान सुलिवन ने हमास के तीसरे नंबर के सैन्य नेता मरवान इस्सा की मौत की पुष्टि भी की है. उन्होंने बताया कि दो सप्ताह पहले सेंट्रल ग़ज़ा में एक इसराइली हवाई हमले में इस्सा की मौत हुई है.
सात अक्तूबर को युद्ध शुरू होने के बाद मारे गए डिप्टी मिलिट्री कमांडर इस्सा हमास के सबसे वरिष्ठ नेता हैं. हालांकि, ग़ज़ा को नियंत्रण करने वाले फ़लस्तीनी समूह हमास ने आधिकारिक तौर पर इस्सा के मौत की पुष्टि नहीं हुई है.
इसराइली मीडिया ने सूत्रों के हवाले से लिखा है कि एक सप्ताह पहले सेंट्रल ग़ज़ा के नुसैरत शरणार्थी कैंप के एक टनल कॉम्प्लेक्स पर इसराइली हवाई हमले में इस्सा की मौत हुई है.
डेमोक्रेटिक नेता कर रहे आलोचना

इमेज स्रोत, AFP
बीते महीनों में नेतन्याहू और बाइडन के बीच तनाव गहरा हुआ है. अमेरिका इसराइल से मांग कर रहा है कि वो ग़ज़ा में मानवीय संकट को कम करने के लिए और काम करे.
बाइडन और दूसरे डेमोक्रेटिक पार्टी के नेताओं की ओर से बढ़ती आलोचनाओं के बीच नेतन्याहू कहते रहे हैं कि वो रफ़ाह पर हमले को रोकेंगे नहीं.
बीते गुरुवार को इसराइली सुरक्षाबलों से नेतन्याहू ने कहा था कि ‘रफ़ाह में दाख़िल होने से रोकने और काम पूरा करने (हमास का ख़ात्मा) के लिए अंतरराष्ट्रीय दबाव है. इसराइल का प्रधानमंत्री होने के नाते मैं इस दबाव को ख़ारिज कता हूं.”
नेतन्याहू ने डेमोक्रेटिक सिनेटर चक शूमर की टिप्पणी को भी ख़ारिज किया है, जिसका समर्थन बाइडन ने भी किया था.
चक शूमर ने गुरुवार को इसराइल में नए चुनावों की मांग की थी. उन्होंने कहा था कि नेतन्याहू देश की ज़रूरत की जगह अपने ‘राजनीतिक अस्तित्व’ को प्राथमिकता दे रहे हैं.
नेतन्याहू की लिकुड पार्टी ने इस पर नाराज़गी जताते हुए कहा है कि इसराइल ‘बनाना रिपब्लिक’ नहीं है और प्रधानमंत्री की नीतियों को ‘भारी बहुमत का समर्थन मिला हुआ है.’
बाइडन ने ओवल ऑफ़िस में शुक्रवार को कहा था कि वो जानते हैं कि शूमर का बयान आया है.
राष्ट्रपति ने कहा कि सीनेट नेता ने ‘गंभीर चिंताओं को साझा किया है जो सिर्फ़ उनकी नहीं बल्कि कई अमेरिकियों की है.’
युद्ध विराम और ग़ज़ा में बंधकों की रिहाई के लिए बढ़ते अमेरिकी दबाव के बीच मोसाद ख़ुफ़िया एजेंसी के प्रमुख डेविड बर्निया के नेतृत्व में एक प्रतिनिधिमंडल दोहा पहुंचा है. यहां पर वो अंतरराष्ट्रीय मध्यस्थों से बात करेंगे.
सुलिवन ने सोमवार को कहा बातचीत काफ़ी चुनौतीपूर्ण है जो चल रही है.
क़तर और मिस्र के साथ मिलकर अमेरिका एक समझौते पर काम कर रहा है जिसके तहत इसराइल और हमास के बीच जंग रोकना और ग़ज़ा में 100 से अधिक इसराइली बंधकों को रिहा कराना है.
(बीबीसी हिन्दी के एंड्रॉएड ऐप के लिए आप यहां क्लिक कर सकते हैं. आप हमें फ़ेसबुक, ट्विटर, इंस्टाग्राम और यूट्यूब पर फ़ॉलो भी कर सकते हैं.)















