पटना यूनिवर्सिटी के छात्र की दिन दहाड़े हत्या, बिहार में क़ानून व्यवस्था पर उठते सवाल

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- Author, सीटू तिवारी
- पदनाम, पटना से, बीबीसी हिंदी के लिए
बिहार की राजधानी पटना में ऐन चुनाव से पहले पटना लॉ कॉलेज कैंपस में 22 साल के छात्र हर्ष राज की पीट पीट कर हत्या कर दी गई है.
सोमवार को दोपहर एक बजे के आसपास हुई इस हत्या के बाद यूनिवर्सिटी प्रशासन ने सभी परीक्षाएं स्थगित कर दी है और मंगलवार को यूनिवर्सिटी और कॉलेज को बंद रखने का आदेश दिया है.
हर्ष राज की पीट-पीट कर हत्या किए जाने के मामले में एक अभियुक्त की गिरफ़्तारी हुई है.
गिरफ़्तार चंदन कुमार खुद भी छात्र हैं और वो जैक्सन हॉस्टल में रहते हैं. चंदन कुमार पटना से सटे बिहटा के अम्हारा गांव के रहने वाले हैं.
सिटी एसपी भारत सोनी के कार्यालय की तरफ़ से बयान के मुताबिक़, "घटना की वजह पुराना विवाद है. अभियुक्तों ने इस घटना को साज़िश करके अंजाम दिया है. शेष अभियुक्तों की गिरफ़्तारी के लिए तकनीकी और अन्य स्रोतों से सूचना इकठ्ठी करके लगातार छापेमारी की जा रही है और सभी अभियुक्तों का आपराधिक इतिहास पता किया जा रहा है."
सिटी एसपी भारत सोनी ने प्रेस कॉन्फ़्रेंस में बताया, "चंदन कुमार बीए के छात्र हैं. उन्हे बिहटा से गिरफ़्तार किया गया है. अभी तक जो सूचनाएं हैं, उसके मुताबिक़ बीते अक्तूबर में आयोजित डांडिया नाइट में चंदन कुमार सहित कुछ छात्रों का विवाद हर्ष राज और उनके दोस्तों से हो गया था. इसके बाद से लगातार दोनो पक्षों में छिटपुट विवाद होता रहता था. इसी से गुस्साए चंदन कुमार सहित दस लड़को ने हर्ष राज पर हमला किया."
पटना सिटी एसपी (ईस्ट) भारत सोनी ने इस हत्याकांड पर बीबीसी हिंदी को बताया, "हमारी टीम इस मामले के सारे फुटेज और तकनीकी साक्ष्य कलेक्ट करके इस पर काम कर रही है. पटना यूनिवर्सिटी के कई हॉस्टल्स पर छापेमारी की गई है और जो आपराधिक गतिविधि के हैं उनसे पूछताछ की जा रही है."
इससे पहले घटना के बाद सिटी एसपी ने पत्रकारों से बातचीत में कहा था, "दोस्तों और परिवार जनों ने बताया है कि ये काफी सोशली एक्टिव थे. पिछले साल दशहरा में इनके द्वारा आयोजित फेस्टिवल (डांडिया नाइट) में कुछ विवाद हुआ था जिससे जुड़ी ये घटना हो सकती है."
क्या है पूरा मामला?

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22 साल के हर्ष राज पटना यूनिवर्सिटी के बीएन कॉलेज में बीए वोकेशनल इंग्लिश कोर्स के लास्ट ईयर के स्टूडेंट थे.
मूल रूप से वैशाली के मंझौली गांव के हर्ष बीते तीन साल से पटना में रहकर पढ़ाई कर रहे थे. वो पटना के बोरिंग रोड स्थित एक फ्लैट में रहते थे.
पटना यूनिवर्सिटी में चल रही परीक्षा में हर्ष राज का परीक्षा केंद्र पटना लॉ कॉलेज में पड़ा था.
25 मई को अपने वैशाली लोकसभा क्षेत्र में वोट डालकर 26 मई को हर्ष राज पटना आए थे.
27 मई को बीए फाइनल ईयर की उनकी अंतिम परीक्षा थी जो सुबह 10 बजे से दोपहर 1 बजे तक होनी थी.
हर्ष राज के पिता अजीत कुमार, वैशाली प्रखंड से हिंदी अखबार दैनिक भास्कर के लिए काम करते है.
उन्होनें बीबीसी को बताया, "रविवार (26 मई) को ये वैशाली से पटना आते वक्त बहुत खुश था. उसने मुझसे कहा कि डैडी मैं 80 फीसदी नंबर से पास हो जाऊंगा. लेकिन जब इसकी मम्मी ने 27 मई को परीक्षा का समय ख़त्म होने के बाद फोन किया तो फोन किसी लड़की ने उठा कर बताया कि उसको लाठी डंडे से बहुत मारा गया है."
हत्या का वीडियो वायरल
हर्ष के पिता अजीत के मुताबिक वो परीक्षा खत्म होने से 20 मिनट पहले ही परीक्षा केन्द्र से निकल गए थे.
लॉ कॉलेज कैम्पस में वो अपनी बुलेट के पास जा ही रहे थे कि तकरीबन 15 की संख्या में आए लड़कों ने उनको डंडे से पीटना शुरू कर दिया.
हर्ष राज का पिटते हुए कुछ सेंकेंड का वीडियो वायरल है, जिसमें झुंड में आए लड़के उनको बांस के डंडे और ईंटों से पीटते दिख रहे है.
इनमें से ज्यादातर छात्रों ने अपने मुंह को पूरी तरह ढक रखा है. लेकिन कुछ छात्र ऐसे भी दिख रहे है, जिनका चेहरा ढका हुआ नहीं है.
वीडियो में एक छात्रा की आवाज सुनी जा सकती है, जिसमें वो कह रही है कि "अरे, ये तो ईंटा से मार रहा है."
इस पूरी घटना के चश्मदीद एक नगर निगम कर्मी भी थे.
उन्होंने अपना नाम जाहिर नहीं करने की शर्त पर बीबीसी को बताया, "लड़का बाइक चालू करके उस पर बैठा हुआ था कि एकदम से 20 लड़के आए और उन्होंने लड़के को घेरकर मारना शुरू कर दिया. हम लोग वहीं खड़े हो गए, क्या करते? लड़का भागा तो पेड़ के पास गिरा और फिर भागा तो उसके बाद उसको बहुत लाठी डंडे और ईंट से बहुत मारा."
यूनिवर्सिटी के एक अन्य छात्र बिट्टू कुमार ने बीबीसी को बताया, "हर्ष और उसका एक दोस्त लॉ कॉलेज ऑडिटोरियम के पास पहुंचे ही थे कि बहुत सारे लड़के आ गए. और हर्ष पर हमला कर दिया. हर्ष ने भागने की कोशिश की लेकिन वो एक पेड़ से टकरा कर गिर गया. जिसके बाद लड़कों ने उसे मिलकर डंडे से पीटा."
वो आगे कहते हैं, "एक लड़के ने उसकी पीठ पर ईंट से भी मारा. हर्ष के दोस्त को भी एक दो डंडे लगे थे लेकिन वो भागने में कामयाब रहा. जब हमला करने वाले लड़के चले गए तो हर्ष के दोस्त ही उसे पीएमसीएच (पटना मेडिकल कॉलेज हॉस्पिटल) ले गए. लेकिन उसकी मौत हो चुकी थी."
डांडिया नाइट में हुआ था विवाद

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पटना से बहने वाली गंगा नदी के रानी घाट के पास स्थित लॉ कॉलेज परिसर में घुसते ही बाएं तरफ परीक्षा भवन और दाहिने हिस्से में शताब्दी भवन नाम का ऑडिटोरियम है.
इन दोनों भवन के बीच ही ये घटना हुई है.
घटना स्थल कॉलेज कैम्पस के मुख्य द्वार से महज 30 से 40 मीटर की दूरी पर है. 27 मई को घटी इस घटना के निशान अभी भी देखे जा सकते है.
पुलिस ने इस इलाके को सफेद चॉक से घेर दिया है और इस घेरे में बांस और ईंटे पड़े हुए है. इस कैंपस के आसपास छोटी दुकानें लगाने वाले लोग दहशत में हैं.
घटना स्थल को देखने आने वालों का भी सिलसिला लगातार जारी है.
स्थानीय लोगों का कहना है कि यहां ऐसी लड़ाइयां अक़सर होती रहती हैं, लेकिन किसी को जान से मार देने की घटना पहले नहीं हुई है.
इस पूरी घटना की वजह अभी साफ़ नहीं है.
बीबीसी से बातचीत में हर्ष के पिता ने बताया, "बीते साल अक्टूबर महीने में इसने पटना यूनिवर्सिटी के छात्र–छात्राओं के लिए डांडिया नाइट का आयोजन मिलर स्कूल ग्रांउड में किया था. जिसमें कुछ विवाद हुआ था. बाकी किसी तरह का कोई विवाद इसका हुआ ही नहीं है."
इस डांडिया नाइट में मौजूद एक छात्र बताते हैं, "उस वक्त पटेल और जैक्सन के छात्रों से हर्ष राज की झड़प हुई थी. अभी भी हम लोग इन्हीं दोनों हॉस्टल का नाम हत्या में सुन रहे है."
लड़ना चाहते थे 2030 का बिहार विधानसभा चुनाव

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हर्ष राज पॉलिटिक्स में आना चाहते थे. वो यूनिवर्सिटी छात्र संघ के अध्यक्ष का चुनाव लड़ने की तैयारी में थे जिसके लिए उन्होने लोकनायक युवा परिषद नाम का संगठन भी बनाया था.
ये संगठन छात्राओं के लिए कॉलेज कैंपस में सैनिटरी पैड मशीन लगवाने से लेकर उनकी सुरक्षा को लेकर हेल्प लाइन नंबर जारी करने के साथ साथ छात्रों को अलग अलग तरह से मदद करता था, जिसके वीडियो हर्ष राज के फेसबुल वॉल पर भी मौजूद हैं.
हर्ष राज के पिता कहते हैं, "हम लोग सामान्य घर के हैं. गरीब हैं, उसकी एक ही बहन है जो दसवीं में पढ़ती है. मैं उसको समझाता था कि पत्रकार का बच्चा चुनाव कैसे लड़ेगा, लेकिन वो समझता ही नहीं था. वो 2030 का वैशाली से बिहार विधानसभा चुनाव लड़ने की तैयारी कर रहा था."
इसी साल 14 जनवरी को हर्ष राज ने अपने फेसबुक पर एक रील डाली है जिसमें वो अपने दोस्तों के साथ सीढ़ियां उतरते हुए कह रहे है, "पैसा तो नहीं है, लेकिन चुनाव तो लड़ेंगे और राजनीति भी करेंगे."
शांभवी चौधरी के कैंपेन में सक्रिय भागीदारी

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लोजपा (रामविलास पासवान) के टिकट पर चुनाव लड़ रहीं शांभवी चौधरी के कैंपेन में हर्ष की सक्रिय भागीदारी थी.
शांभवी, बिहार सरकार में मंत्री अशोक चौधरी की बेटी और बिहार धार्मिक न्यास बोर्ड के अध्यक्ष रहे पूर्व आईपीएस अधिकारी किशोर कुणाल के बेटे शायन कुणाल की पत्नी हैं.
हर्ष की हत्या के बाद शांभवी ने बीबीसी से बातचीत में कहा, "वो मेरे छोटे भाई की तरह था. मेरी प्रशासन से मांग है कि इस हत्याकांड की बारीकी से जांच हो और दोषियों को चिह्नित करके गिरफ्तार किया जाए. मैं स्टूडेंटस के साथ मजबूती से खड़ी हूं. ये दुख की बात है कि आज भी कॉलेज में ये सब कुछ हो रहा है."
शायन कुणाल के साथ भी हर्ष राज सरस्वती पूजा के मौके पर पटना यूनिवर्सिटी के कई हॉस्टल्स में नजर आते हैं.
मालूम हो कि पटना यूनिवर्सिटी के हॉस्टल जातीय और धार्मिक आधार पर बंटे हुए हैं और सरस्वती पूजा के बहाने ये अपनी राजनीतिक ताक़त का प्रदर्शन भी करते रहे हैं.
यूनिवर्सिटी कैंपस में हॉस्टल्स के बीच हिंसा होना आम बात है. इनके बीच आपसी वर्चस्व की लड़ाई का आलम ये है कि कई बार इन हॉस्टल्स में यूनिवर्सिटी प्रशासन को ताला लगाकर हिंसा की घटनाओं को काबू करना पड़ता है.
'छात्राओं की उपस्थिति पर पड़ेगा असर'

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पटना यूनिवर्सिटी के डीन स्टूडेंट वेलफेयर प्रो अनिल कुमार ने बीबीसी हिंदी को बताया, "मैं 1987 से यहां हूं लेकिन मैंने ऐसी घटना नहीं देखी. वो बहुत अच्छा स्टूडेंट था. ये बहुत ही दुखद घटना है."
लेकिन इस घटना में यूनिवर्सिटी हॉस्टल्स के नाम आ रहे हैं, इस सवाल पर वो कहते हैं, "मेरा मानना है कि हमला करने वाले यूनिवर्सिटी के छात्र नहीं हो सकते. लेकिन पुलिस छानबीन कर रही है. हमारी यहां 65 फीसदी छात्राएं पढ़ती हैं, अगर ऐसी घटनाएं होगी तो उनकी उपस्थिति पर असर पड़ेगा."
बिहार के क़ानून व्यवस्था पर सवाल

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इस घटना के बाद विपक्ष बिहार सरकार पर आक्रामक है. वैशाली से आने वाले और राजद के प्रदेश प्रवक्ता चितरंजन गगन के मुताबिक़, राज्य की कानून व्यवस्था नियंत्रण से बाहर है.
चितरंजन गगन कहते है, "इस घटना से स्पष्ट हो गया है कि राज्य में अपराधी स्वछंद हो गए हैं और उनमें कानून व्यवस्था का कोई भय नहीं है. भाजपा की सरकार लालू राज के समय के अपराध के आंकड़ों पर सवाल उठाती है लेकिन नीतीश सरकार के समय अपराध के आंकड़े देखने चाहिए जहां कैंपस के अंदर ही छात्र की पीट पीट कर हत्या हो जाती है."
साफ़ तौर पर बिहार सरकार इस मामले में बैकफुट पर है.
पेशे से वकील और जेडीयू प्रवक्ता अंजुम आरा बीबीसी से कहती हैं, "लालू राज में तो जंगलराज था, ये तो उच्च न्यायालय की टिप्पणी है. लेकिन हमारा राज कानून का राज है. जिन भी लोगों ने ये दुस्साहस किया है उन्हें बक्शा नहीं जाएगा. नीतीश सरकार में दोषियों को बचाकर मुख्यमंत्री आवास में नहीं रखा जाता बल्कि उनको सज़ा मिलती है."
हर्ष राज बिहार सरकार में मंत्री अशोक चौधरी के परिवार से नजदीक थे.
अशोक चौधरी ने अपने फेसबुक पेज पर पोस्ट किया है, "मैं स्वयं इस मुददे को लेकर स्थानीय प्रशासन के संपर्क में हूं, दोषियों की जल्द गिरफ्तारी होगी. दोषियों को छोड़ा नहीं जाएगा."
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