बिहार: तेजस्वी और तेजप्रताप यादव पर हत्या के मामले में एफ़आईआर दर्ज

तेज प्रताप यादव तेजस्वी यादव

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    • Author, नीरज सहाय
    • पदनाम, पटना से बीबीसी हिंदी के लिए

राष्ट्रीय जनता दल नेता और बिहार के पूर्व उप मुख्यमंत्री तेजस्वी यादव और उनके बड़े भाई और पूर्व मंत्री तेज प्रताप यादव समेत छह लोगों के ख़िलाफ़ हत्या का मामला दर्ज कराया गया है.

तेजस्वी समेत छह लोगों पर पार्टी के एक पूर्व नेता शक्ति मलिक की हत्या के मामले में बिहार के पूर्णिया ज़िले में प्राथमिकी दर्ज कराई गई है. मलिक की हत्या रविवार सुबह हुई. वो राष्ट्रीय जनता दल के अनुसूचित जाति-जनजाति प्रकोष्ठ के सचिव रह चुके थे. तेजस्वी, तेज प्रताप या राष्ट्रीय जनता दल की ओर से अभी इस मामले में कोई प्रतिक्रिया नहीं आई है.

पूर्णिया के पुलिस अधीक्षक विशाल शर्मा के अनुसार, मृतक शक्ति मालिक की पत्नी खुशबू देवी के बयान के आधार पर छह लोगों के ख़िलाफ़ प्राथमिकी दर्ज की गयी है. पुलिस मामले की जांच कर रही है.

एफ़आईआर में अनिल कुमार साधु, कालू पासवान, सुनीता देवी और मनोज पासवान के भी नाम दर्ज हैं.

अनिल कुमार साधु लोक जनशक्ति पार्टी के वरिष्ठ नेता और केंद्रीय मंत्री रामविलास पासवान के दामाद हैं और वो राजद के अनुसूचित जाति-जनजाति प्रकोष्ठ के पूर्णिया ज़िले के अध्यक्ष हैं.

शक्ति मलिक के करीबी लोगों का दावा है कि मलिक अररिया ज़िले के रानीगंज विधानसभा क्षेत्र से पार्टी की टिकट मांग रहे थे.

हाल में शक्ति मलिक ने एक वीडियो भी जारी किया था. इस वीडियो में उन्होंने पार्टी नेताओं पर गंभीर आरोप लगाए थे. शक्ति मलिक ने वीडियो में आरोप लगाया था कि टिकट के एवज़ में उनसे पार्टी फ़ंड में बड़ी रकम जमा करने की मांग की गई थी.

स्थानीय लोगों के अनुसार पार्टी नेतृत्व के व्यवहार से क्षुब्ध शक्ति मलिक ने अररिया ज़िले के रानीगंज विधानसभा क्षेत्र से बतौर निर्दलीय प्रत्याशी चुनाव लड़ने का मन बना लिया था.

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शक्ति मलिक की मां मालती देवी बताती हैं कि रविवार सुबह लगभग छह बजे तीन लोगों ने उनके पूर्णिया स्थित आवास में घुसकर उनकी हत्या कर दी. गोली सर और छाती पर लगी थी. तीनों के मुंह ढके हुए थे. परिवार के लोग उनको तुरंत पूर्णिया के सदर अस्पताल लेकर जा रहे थे लेकिन वहां पहुंचने के पहले ही उनकी मौत हो चुकी थी.

इस मामले पर राष्ट्रीय जनता दल की ओर से कोई बयान जारी नहीं किया गया है. इस संबंध में पार्टी की प्रतिक्रिया जानने के लिए के कई नेताओं से फ़ोन पर संपर्क करने की कोशिश की गयी, लेकिन किसी से बात नहीं हो सकी.

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