बिहार के औरंगाबाद में पार्किंग से शुरू हुए विवाद में कैसे चार लोगों की हत्या हो गई

घटना के बाद तेतरिया में पसरा सन्नाटा
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बिहार के औरंगाबाद में नवीनगर थाने के तेतरिया चौक पर हिंसा के बाद की शांति है. जहाँ तक हमारी नज़र जा रही है, दुकान-मकान सब बंद पड़े हैं.

यहाँ नज़र आ रहे हैं तो कुछ पुलिस वाले जो आगे किसी तरह की हिंसा और वारदात को रोकने के लिए तैनात किए गए हैं.

औरंगाबाद के इस कस्बे में सोमवार को पार्किंग से शुरू हुए विवाद में तीन युवकों की हत्या कर दी गई थी जबकि दो घायल हुए हैं. एक बुज़ुर्ग की भी गोली लगने से मौत हो गई.

क्या है पूरा मामला?

झारखंड नंबर की इसी कार में सवार थे पीड़ित युवक
इमेज कैप्शन, झारखंड नंबर की इसी कार में सवार थे पीड़ित युवक

दरअसल, सोमवार को यहाँ पार्किंग के विवाद में झगड़े ने ऐसा तूल पकड़ा, जिसमें चार लोगों की मौत हो गई. मरने वालों में क़रीब 60 साल के रामशरण चौहान भी शामिल हैं जिन्हें गोली लग गई थी.

औरंगाबाद सदर के एसडीपीओ अमानुल्लाह ख़ान ने बताया कि यह विवाद उस वक़्त शुरू हुआ जब पलामू से कार पर आ रहे पाँच युवकों ने अपनी कार एक दुकान के सामने खड़ी कर दी.

इन पाँचों युवकों की उम्र 25 से 35 साल के बीच बताई जा रही है.

यह इलाक़ा झारखंड के पलामू सीमा के क़रीब है. ये लोग तेतरिया होते हुए बिहार के डेहरी ऑन सोन की तरफ़ जा रहे थे और चाय पीने के लिए यहां रुके थे.

कार खड़ी होने से इस पतली सड़क पर जाम लगने लगा. इसी कारण स्थानीय दुकानदारों और लोगों ने उन्हें गाड़ी हटाने को कहा. इस बात पर दोनों पक्षों के बीच तेज़ बहस होने लगी.

स्थानीय पुलिस के मुताबिक़ इस दौरान मोटरसाइकिल पर आ रहे मुकेश चौहान नाम के एक स्थानीय युवक ने भी कार सवार लोगों को कार हटाने को कहा.

इसी बात पर एक युवक ने कार से निकालकर देसी पिस्टल से गोली चला दी. यह गोली पास में मौजूद एक बुज़ुर्ग को लग गई. इससे उनकी मौत हो गई.

इसके बाद गुस्साए ग्रामीणों ने सबसे पहले गोली चलाने वाले युवक की पिटाई शुरू कर दी, वह भागकर खेतों की तरफ़ चला गया था. भीड़ की मारपीट में जब उसकी मौत हो गई तो लोगों ने उसके शव को पास के नहर में फेंक दिया.

इधर स्थानीय लोगों की भीड़ ने कार सवार अन्य युवकों की भी पिटाई शुरू कर दी. जब तक पुलिस को इस घटना की सूचना मिली और वो मौक़े पर पहुँची तब तक कार सवार दो युवकों समेत तीन की मौत हो चुकी थी.

अमानुल्लाह ख़ान के मुताबिक, "पुलिस के पहुँचने के बाद लोग शांत हो गए और 3 घायल युवकों को इलाज के लिए ले जाया गया, लेकिन रास्ते मे एक और घायल ने दम तोड़ दिया."

फ़िलहाल अजित शर्मा और वकील अंसारी नाम के कार सवार दो युवकों का इलाज गया के हॉस्पिटल में चल रहा है.

मृतक रामशरण के परिजनों ने क्या बताया?

रामशरण चौहान के बेटे धीरेंद्र चौहान ने बीबीसी को बताया कि उनके पिताजी सोमवार दोपहर साग-सब्ज़ी लेने बाज़ार गए थे, इसी दौरान उनको गोली लगी.

धीरेंद्र चौहान के मुताबिक़, "क़रीब पौने तीन बजे हमें किसी ने बताया कि पिताजी को बाज़ार में गोली लग गई है. उस समय हम लोग खेतों में काम कर रहे थे. मैं मोटरसाइकिल पर उन्हें लेकर हॉस्पिटल की तरफ भागा. लेकिन उनकी मौत हो चुकी थी. फिर हम इसी में उलझे रहे. इसके बाद का हमें कुछ नहीं मालूम है न ही पुलिस के कुछ बताया है."

BBC
पुलिस के पहुँचने के बाद लोग शांत हो गए, और 3 घायल युवकों को इलाज के लिए ले जाया गया, लेकिन रास्ते मे एक और घायल ने दम तोड़ दिया.
अमानुल्लाह खान
एसडीपीओ, सदर, औरंगाबाद

क्या कर रही है पुलिस

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इस बीच नवीनगर पुलिस ने बुधवार सुबह तक 6 लोगों की पहचान कर उन्हें गिरफ़्तार कर लिया है. पुलिस का दावा है कि उन्होंने कुछ और लोगों की पहचान की है और उनकी तलाश की जा रही है.

नवीनगर थाने के प्रभारी के मुताबिक़ यह मामला केवल और केवल अचानक हुए झगड़े का है. इसके पीछे कोई योजना नहीं थी.

झगड़े में शामिल दोनों पक्षों में कोई किसी को जानता नहीं था, इसलिए इसके पीछे किसी और रंज़िश से पुलिस इनकार कर रही है.

पुलिस ने फ़िलहाल इस मामले को लेकर दोनों तरफ़ से मामला दर्ज कर लिया है. गोली चलाने के आरोप में पलामू से आ रहे युवकों के ख़िलाफ़ मामला दर्ज किया गया है जबकि उन अज्ञात लोगों के ख़िलाफ़ भी मामला दर्ज हुआ है, जिन लोगों की मारपीट के बाद तीन लड़कों की मौत हुई है.

पुलिस ने फायरिंग के लिए इस्तेमाल किए गए पिस्टल को भी बरामद कर लिया है. पुलिस यह भी जांच कर रही है कि कार पर सवार युवकों का कोई आपराधिक इतिहास तो नहीं है. इन लोगों के पास पिस्टल क्यों था और क्या उनका पहले से आपराधिक रिकॉर्ड रहा है, इस पर भी पुलिस जांच कर रही है.

झारखंड के पलामू ज़िले की पुलिस अधीक्षक रीष्मा रमेसन ने बीबीसी को बताया है कि औरंगाबाद की घटना में शामिल किसी भी युवक के ख़िलाफ़ पलामू में पहले से कोई मामला दर्ज नहीं है और ताज़ा मामला बिहार का है जिसके बारे में कोई भी जानकारी बिहार पुलिस ही दे सकती है.

उत्तर प्रदेश से आकर झारखंड में बसा पीड़ितों का परिवार

इसी दुकान के बाहर शुरू हुआ था विवाद
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तेतरिया से झारखंड बॉर्डर महज़ चंद किलोमीटर की दूरी पर है. यानी यह इलाक़ा बिहार-झारखंड बॉर्डर पर मौजूद है. औरंगाबाद के जिलाधिकारी ने बीबीसी को बताया है कि उन लड़कों ने शराब पी थी या नहीं इसकी भी जांच की जा रही है.

यह इलाक़ा बॉर्डर पर होने की वजह यहाँ शराब की तस्करी के भी कई मामले सामने आते रहे हैं.

यहाँ नवीनगर थाने में हमें झारखंड के नंबर प्लेट की कई गाड़ियां दिखीं. स्थानीय पुलिस के मुताबिक़ इनमें से ज्यादातर गाड़ियां शराब की तस्करी से जुड़ी हैं.

एसडीपीओ अमानुल्लाह ख़ान के मुताबिक़ वो मामले में शामिल इन लड़के के बारे में जानकारी इकट्ठा कर रहे हैं. वहीं पलामू पुलिस ने औरंगाबाद पुलिस को बताया है कि ये लोग हाल ही में उत्तर प्रदेश के किसी इलाक़े से आकर पलामू में बसे हैं, इसलिए इनके बारे में ज़्यादा जानकारी पलामू पुलिस के पास मौजूद नहीं है.

हमने इस मामले में कुछ स्थानीय लोगों से बात करने की भी कोशिश की लेकिन इस मामले पर कोई भी बात करने को तैयार नहीं हुआ.

जिस जगह पर यह विवाद हुआ था, वहाँ कोई मौजूद नहीं था और आसपास के लोगों का कहना है कि उन्हें इसके बारे में कुछ भी पता नहीं है.

पुलिस फ़िलहाल सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे झगड़े के वीडियो और कुछ अन्य वीडियो के जरिए मामले में शामिल लोगों की पहचान की कोशिश कर रही है.

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