टी20 वर्ल्ड कप भारत-पाक मैच: ‘टिकट पाकिस्तानी ने दिलवाया मगर साथ इंडिया का देंगे’

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- Author, नुख़बत मलिक
- पदनाम, बीबीसी वॉशिंगटन
अगर आप किसी भी शो या मैच का टिकट लेना चाहते हैं तो सबसे पहले शायद आप ऑनलाइन वह साइट तलाश करेंगे जहां टिकट मिल रहे हों. वह वेबसाइट सामने आ जाएगी और आप पूरी जानकारी देखने के बाद आसानी से टिकट खरीद लेंगे.
यह वह तरीक़ा है जो इवेंट्स या समारोह की टिकटिंग के लिए अमेरिका समेत दुनियाभर में अपनाया जाता है.
अमेरिका में किसी भी कॉन्सर्ट या ब्रॉडवे शो के लिए टिकट्स लॉटरी के ज़रिए भी दिए जाते हैं ताकि लोगों को बराबरी से टिकट ख़रीदने का पारदर्शी मौक़ा दिया जाए.
ऐसा ही कुछ इस साल अमेरिका में रहने वाले क्रिकेट प्रेमियों के लिए भी किया गया जहां जून में टी20 वर्ल्ड कप का मेला सजने जा रहा है.
परंपरागत प्रतिद्वंद्वी भारत और पाकिस्तान के बीच मैच 9 जून को न्यूयॉर्क में होने जा रहा है. आईसीसी के अनुसार इस स्टेडियम में 34 हज़ार सीटों की गुंजाइश है.
तो ऐसे में इस मैच का टिकट लेना कोई आसान काम नहीं.
टिकट की बिक्री किसकी ज़िम्मेदारी?

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अमेरिका में टी20 वर्ल्ड कप के आठ मैचों के लिए आइज़नहावर पार्क में एक अस्थायी स्टेडियम बन रहा है जिसमें 34 हज़ार दर्शकों की गुंजाइश होगी.
नासाव काउंटी के अधिकारी यह स्पष्ट कर चुके हैं कि टिकटों की ख़रीद-बिक्री का मामला पूरी तरह आईसीसी के कंट्रोल में है और वह इसके बारे में किसी की कोई मदद नहीं कर सकते.
उनकी ज़िम्मेदारी स्टेडियम का निर्माण और मैचों की बाक़ी व्यवस्था करना है.
इस बारे में जब बीबीसी ने नासाव काउंटी की ओर से बनाई गई क्रिकेट टी20 होस्ट कमेटी से संपर्क करने की कोशिश की तो कई ईमेल के बाद भी जवाब नहीं मिल सका.
अमेरिका में रहने वाला दक्षिण एशियाई समुदाय इस बात पर ख़ुश है कि अमेरिका में क्रिकेट अपनी जगह बना रही है लेकिन इस बात से निराश भी है कि आइज़नहावर पार्क में होने वाले क्रिकेट के इस महत्वपूर्ण मुक़ाबले के टिकट अब नहीं मिल रहे. इसमें अमेरिकी प्रशासन भी कोई मदद नहीं कर सकता है.
सात फ़रवरी को आईसीसी ने दर्शकों को एक सप्ताह का समय दिया था कि वह टी20 वर्ल्ड कप के सभी मैचों के टिकट की लॉटरी में हिस्सा ले सकें.
भारत बनाम पाकिस्तान मैच के एक ‘स्टैंडर्ड’ टिकट की क़ीमत 175 डॉलर जबकि वीआईपी टिकट की क़ीमत 300 और 400 डॉलर तय हुई.
आईसीसी के अनुसार लॉटरी में भारत-पाकिस्तान के मैच के टिकट की मांग बाक़ी मैचों के मुक़ाबले में आठ गुना अधिक थी.
वॉशिंगटन डीसी की रहने वाली शुभांगी माथुर ने बीबीसी से बात करते हुए बताया, “हम एक एनरॉलमेंट पर छह टिकट अप्लाई कर सकते थे. अगर मुझे छह टिकट मिल जाते तो मेरे लिए पैसे देना थोड़ा मुश्किल होता. इसलिए मैंने भारत-पाकिस्तान मैच के लिए बस तीन ही टिकट मांगे. लेकिन वह भी नहीं मिले.”
उन्होंने कहा कि "इसे लॉटरी का नाम इसीलिए दिया गया कि वह यह बता सकें कि अगर आपका मैच टिकट निकल आया तो आप सौभाग्यशाली हैं. अगर ऐसा न हो पाया तो आप मैच देखने के मौक़ा पाने वालों में से नहीं.”
'15 साल से टिकट नहीं मिल रहे'

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न्यूयॉर्क के रहने वाले डॉक्टर रजनीश जायसवाल कहते हैं, “यह बात नई नहीं है. भारतीय क्रिकेट टीम के मैच दुनियाभर में कहीं भी हों, उनके टिकट सीधे रास्ते से मिलते ही नहीं हैं.”
उन्होंने कहा, “और जब बात हो भारत बनाम पाकिस्तान जैसे हाई प्रोफ़ाइल मैच की तब तो और भी मुश्किल सामने आती है क्योंकि बीसीसीआई ने अब तक इसके लिए कोई व्यवस्था नहीं बनाई. ऐसा जानबूझकर किया जाता है क्योंकि वह जानते हैं कि यह टिकट कितने क़ीमती हैं.”
उनका कहना है, “इस सवाल का जवाब मैं पंद्रह साल से ढूंढ रहा हूं कि जब ऑनलाइन टिकट इतनी आसानी से नहीं मिलते तो जो लोग स्टेडियम में मैच देखते हैं तो उनको कैसे मिलते हैं.”
“लेकिन अब यह भी समझ में आ गया है कि अगर इतने लोगों को समझ में आ गया है कि कैसे टिकट लेना है तो मैं कितना बेवकूफ़ हूं कि आज तक समझ ही नहीं पाया.”
'दो हज़ार डॉलर का एक टिकट मिल गया'

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ज़ारा अली जॉर्जटाउन यूनिवर्सिटी, वॉशिंगटन की छात्रा हैं और यूनिवर्सिटी के क्रिकेट बोर्ड क्लब से जुड़ी हुई हैं. वह जॉर्जटाउन यूनिवर्सिटी की क़तर शाखा के ख़िलाफ़ तीन मैचों में अपनी यूनिवर्सिटी का प्रतिनिधित्व भी कर चुकी हैं.
वह कहती हैं, “मैं इस टी20 टूर्नामेंट में पाकिस्तान बनाम कनाडा मैच देखने वाली हूं और बहुत ख़ुश हूं.”
उन्होंने बताया, “मैंने और मेरे पिता ने सब की तरह भारत-पाकिस्तान के मैच की टिकट लॉटरी के लिए अप्लाई किया था. उन्हें दो हज़ार डॉलर के बदले एक टिकट मिल गया और अब वह मैच देखने जाएंगे. हमें वह टिकट तो नहीं मिले लेकिन बाक़ी मैचों के लिए रास्ता आसान हो गया.”
“एक ईमेल में हमें बताया गया कि हम पाकिस्तान क्रिकेट टीम के कुछ और मैचों के टिकट ले सकते हैं. इसलिए मैंने पाकिस्तान और कनाडा का मैच चुना.”
जॉर्जटाउन यूनिवर्सिटी के एक और छात्र 18 साल के पीर अब्दुल क़ादिर ख़ान को भी लॉटरी से भारत बनाम पाकिस्तान मैच का टिकट नहीं मिल सका. इसके बाद दक्षिण अफ़्रीका बनाम बांग्लादेश मैच का टिकट ख़रीदने का मौक़ा मिला जो उनके अनुसार महंगा था, पर ज़्यादा नहीं.
वह कहते हैं, “मैं न्यूज़ीलैंड में पैदा हुआ था और फिर अमेरिका आ गया. मैं बचपन से आज तक क्रिकेट खेल रहा हूं. अमेरिका में मेरी जनरेशन के लिए यह एक यूनिक मौक़ा है.”
“मैंने कभी कोई क्रिकेट मैच स्टेडियम में देखा ही नहीं. और यह अनुभव अमेरिकी स्पोर्ट्स जैसे बेसबॉल आदि को स्टेडियम में देखने से बिल्कुल अलग और ख़ास होगा. इसलिए मैं इसे खोना नहीं चाहता.”
लेकिन जॉर्जटाउन यूनिवर्सिटी के ही उन शौक़ीनों में से एक ऐसे भी हैं जिन्हें नौ जून को नासाव काउंटी में बनने वाले विशेष स्टेडियम में भारत बनाम पाकिस्तान मैच देखने को मिल रहा है.

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21 साल के शोभित कुमार के पास यह क़ीमती टिकट है.
बीबीसी से बात करते हुए उन्होंने बताया कि पिछले साल वह न्यूयॉर्क में एक इन्वेस्टमेंट बैंक में काम कर रहे थे. उनकी ‘सीवी’ में लिखा हुआ था कि वह जॉर्जटाउन यूनिवर्सिटी क्रिकेट क्लब के उपाध्यक्ष हैं.
उस बैंक के इंटरव्यू के दौरान उनके सुपरवाइज़र ने क्लब की चर्चा की. वह ख़ुद पाकिस्तानी मूल के अमेरिकी थे. वह इस बात पर हैरान थे कि अमेरिकी यूनिवर्सिटी में क्रिकेट क्लब बनने लगे हैं. उन दोनों की क्रिकेट पर भी दोस्ताना बातचीत हुई.
वह बताते हैं, “कुछ समय बाद मैं वॉशिंगटन वापस आ गया और मेरी उनसे बातचीत भी ख़त्म हो गई. लेकिन फिर कुछ दिन पहले मुझे उनकी तरफ़ से ही अचानक एक ईमेल मिला जिसमें लिखा था कि इस तारीख़ को, इस वक़्त न्यूयॉर्क पहुंचो. मेरे पास हम दोनों के लिए भारत बनाम पाकिस्तान के टिकट हैं.”
शोभित कहते हैं कि वह अपने आप को सौभाग्यशाली समझते हैं. “मेरे लिए यह बहुत ख़ास और यादगार है कि एक पाकिस्तानी शख़्श मुझे यह मैच को देखने की दावत दे रहा है. लेकिन मैं फिर भी इंडिया को सपोर्ट करूंगा.”
लॉटरी के बाद 2024 के आईसीसी मेंस टी20 वर्ल्ड कप के आम टिकट इस साल 22 फ़रवरी को टूर्नामेंट की वेबसाइट पर ‘पहले आइए, पहले पाइए’ की नीति पर बिक्री के लिए उपलब्ध हुए.
सबसे महंगा टिकट 40 हज़ार डॉलर से अधिक का

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अमेरिका में नासाव काउंटी (न्यूयॉर्क), डेल्स (टेक्सस) और फ़ोर्ट लॉडरडेल (फ़्लोरिडा) में खेले जाने वाले मैचों के लिए टिकट की बिक्री 35 डॉलर से शुरू हुई.
लेकिन आम बिक्री शुरू होने से पहले चार मैचों के टिकट पूरी तरह बिक गए जिनमें एक जून को अमेरिका बनाम कनाडा, नौ जून को भारत बनाम पाकिस्तान, पंद्रह जून को भारत बनाम कनाडा और 29 जून को बारबाडोस में होने वाले फ़ाइनल मैच शामिल हैं. जिन मैचों के पूरे टिकट बिक चुके हैं उनके कुछ टिकट ‘रीसेल’ के लिए मार्केट में पहुंच चुके हैं.
यह स्टब हट और विविड सीट्स जैसी वेबसाइट्स पर अब भी मिल रहे हैं.
और भारत बनाम पाकिस्तान के लिए इस हफ़्ते स्टब हट पर बिकने वाला सबसे महंगा टिकट चालीस हज़ार डॉलर से अधिक और सबसे सस्ता टिकट साढ़े बारह सौ डॉलर का है.
एक अंतरराष्ट्रीय संगठन के साथ जुड़े बेंगलुरु से अमेरिका आकर बसे आदित्य कहते हैं कि उन जैसे नौकरीपेशा लोग इतने महंगे टिकट ख़रीदने की ताक़त नहीं रखते मगर उन्हें यह ख़ुशी है कि अमेरिका में ऐसा हो रहा है.
वह कहते हैं, “मुझे अमेरिका की व्यवस्था पर पूरा भरोसा है. निश्चित रूप से एक ज़बर्दस्त टूर्नामेंट आयोजित होगा. मैं ख़ुश हूं कि यह सही दिशा में पहला क़दम है और अगर अभी कुछ लोग इस बात पर ख़ुश नहीं कि उन्हें टिकट नहीं मिला तो वह अगले कुछ सालों में बहुत ख़ुश होंगे.”
उन्होंने कहा, “समय लगेगा लेकिन फिर कुछ वर्षों में हमें यह टूर्नामेंट याद ही नहीं रहेगा क्योंकि हम ऐसे अगले टूर्नामेंट पर नज़रें जमाए होंगे.”
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