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फिर फ़ाइनल में फ़ेडरर और नडाल | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
दुनिया के नंबर एक खिलाड़ी रोजर फ़ेडरर लगातार छठी बार विंबलडन के फ़ाइनल में पहुँच गए हैं और एक बार फिर उनके सामने हैं नंबर दो खिलाड़ी रफ़ाएल नडाल. रोजर फ़ेडरर टेनिस के महान खिलाड़ी ब्योर्न बोर्ग का रिकॉर्ड तोड़ने से एक क़दम दूर हैं. बोर्ग ने लगातार पाँच बार विंबलडन का ख़िताब जीता था. फ़ेडरर ने पिछले साल ही बोर्ग के रिकॉर्ड की बराबरी कर ली थी. इस साल सेमी फ़ाइनल में उन्होंने रूस के मरात साफ़िन को सीधे सेटों में 6-3, 7-6 (7-3) और 6-4 से मात दी. दूसरी ओर फ़ेडरर के लिए हर जगह कड़ी चुनौती पेश करने वाले स्पेन के रफ़ाएल नडाल ने सेमी फ़ाइनल में जर्मनी के रेनर श्यूटलर को सीधे सेटों में 6-1, 7-6 (7-3) और 6-4 से हराया. माना जा रहा था कि साफ़िन फ़ेडरर के सामने कड़ी चुनौती पेश करेंगे लेकिन ऐसा हुआ नहीं. सिर्फ़ दूसरा सेट ही टाई ब्रेकर में गया. इसके अलावा फ़ेडरर के सामने साफ़िन कहीं नहीं टिक पाए. कुछ ऐसी ही स्थिति दूसरे सेमी फ़ाइनल में रही. नडाल के सामने श्यूटलर की एक नहीं चली. उन्होंने भी सिर्फ़ दूसरे सेट में चुनौती पेश की और फ़ैसला टाई ब्रेकर में गया. लेकिन तीसरे सेट में नडाल ने एक बार फिर श्यूटलर को परेशान किए रखा और आख़िरकार जीत मिली रफ़ाएल नडाल को. आसान मैच 28 वर्षीय साफ़िन पहले नंबर एक खिलाड़ी रह चुके हैं लेकिन लगातार ख़राब प्रदर्शन के कारण इस समय वे एटीपी रैंकिंग में 75वें नंबर पर हैं.
विंबलडन में फ़ेडरर के रिकॉर्ड को देखते हुए उनकी जीत की तो बात कही जा रही थी लेकिन फ़ेडरर की जीत अपेक्षाकृत काफ़ी आसान नहीं. पहले सेट में ही फ़ेडरर ने अपना दम दिखाया. एक समय वे 3-0 से आगे चल रहे थे. साफ़िन ने कोशिश तो की लेकिन वे नाकाम रहे. फ़ेडरर ने 25 मिनट में ही पहला सेट जीत लिया. दूसरे सेट में साफ़िन का प्रदर्शन कुछ सुधरा हुआ था. एक समय तो उन्हें फ़ेडरर की सर्विस ब्रेक करने का सुनहरा अवसर भी मिला लेकिन उन्होंने इसे गँवा दिया. मामला टाई ब्रेकर तक गया और फ़ेडरर ने शानदार सर्विस करते हुए 7-3 से टाई ब्रेकर में जीत हासिल कर ली. 2-0 से पिछड़ने के बाद साफ़िन के सामने तीसरे सेट में करो या मरो की स्थिति थी. लेकिन फ़ेडरर के सामने उनके संभलने की हर कोशिश नाकाम साबित हो रही थी. तीसरे सेट में भी फ़ेडरर ने संभल कर खेलना जारी रखा और साफ़िन बस देखते रहे. तीसरा सेट 6-4 से जीतकर फ़ेडरर ने लगातार छठी बार विंबलडन के फ़ाइनल में जगह पक्की की. दूसरे सेमी फ़ाइनल में रफ़ाएल नडाल ने शानदार शुरुआत की. आलम तो ये था कि पहला सेट उन्होंने सिर्फ़ 23 मिनट में ही जीत लिया. लेकिन दूसरे सेट में श्यूटलर ने शानदार वापसी की. दूसरे सेट के तीसरे गेम में उन्होंने नडाल की सर्विस ब्रेक की. एक समय श्यूटलर ने 5-3 की बढ़त हासिल कर ली थी. लेकिन नडाल ने बेहतरीन खेल दिखाया और स्कोर बराबर कर दिया. सेट टाई ब्रेकर में गया और नडाल ने टाई ब्रेकर में आसान जीत दर्ज की. तीसरे सेट में नडाल ने श्यूटलर को कोई मौक़ा नहीं दिया. ये ज़रूर था कि वे सेट 6-3 से जीत सकते थे लेकिन उन्होंने मैच प्वाइंट गँवा दिया. आख़िरकार नडाल 6-4 से सेट जीत गए. एक बार फिर विंबलडन के फ़ाइनल में फ़ेडरर और नडाल आमने-सामने होंगे. |
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