ISWOTY: वो 50 भारतीय महिला खिलाड़ी जो बीबीसी स्पोर्ट्स हैकाथॉन से विकिपीडिया में हुईं शामिल

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बीबीसी ने भारत में छात्रों के साथ सहयोग कर विकिपीडिया को छह भारतीय भाषाओं में 'हैक' किया है. इस हैकाथॉन में विकीपीडिया पर भारत की उन 50 सफल और उभरती हुई महिला खिलाड़ियों के बारे में जानकारी शामिल की गई है, जिनके बारे में इस प्लैटफॉर्म पर जानकारी कम या नदारद थी.

इन खिलाड़ियों ने अंतरराष्ट्रीय पदक जीते हैं, राष्ट्रीय रिकॉर्ड तोड़े हैं और टोक्यो ओलंपिक में शामिल होने जा रही हैं. लेकिन, बीबीसी ने पाया कि सार्वजनिक हस्तियों के बारे में जानकारी प्राप्त करने के बेहतरीन माध्यम विकिपीडिया में, इन महिला खिलाड़ियों के बारे में भारतीय भाषाओं में जानकारी उपलब्ध नहीं थी.

इन खिलाड़ियों पर महीनों की रिसर्च और बीबीसी द्वारा उनके साथ इंटरव्यू कर इनके बारे में लेख प्रकाशित किए गए हैं, ताकि इनकी निजी और पेशेवर ज़िंदगी के बारे में जानकारी को विकिपीडिया में शामिल की जा सके.

पूरे देश के 13 शैक्षणिक संस्थानों के साथ मिलकर, पत्रकारिता के 300 से ज़्यादा छात्रों ने विकिपीडिया से ही ट्रेनिंग लेकर उसे अपडेट किया और उसमें इन 50 भारतीय महिला खिलाड़ियों के बारे में हिंदी, पंजाबी, गुजराती, मराठी, तेलुगू, तमिल और अंग्रेज़ी भाषा में जानकारी दर्ज की है. इसकी एक झलक यहां देखें.

भारतीय महिला खिलाड़ियों की सूची

  • यशस्विनी देसवाल

    दिल्लीनिशानेबाज़ी

    यशस्विनी देसवाल (23) दिल्ली की रहने वाली निशानेबाज़ हैं. वो दस मीटर एयर पिस्टल वर्ग की प्रतियोगिताओं में भाग लेती हैं. 2019 में यशस्विनी ने ISSF वर्ल्ड कप में स्वर्ण पदक जीता था. इस जीत से यशस्विनी का टोक्यो ओलंपिक का टिकट पक्का हो गया.

    2017 में यशस्विनी ने ISSF जूनियर वर्ल्ड चैंपियनशिप में विश्व रिकॉर्ड की बराबरी करते हुए गोल्ड मेडल जीता था. यशस्विनी ने ISSF जूनियर वर्ल्ड कप में सिल्वर मेडल और 2016 के दक्षिण एशियाई खेलों के टीम और व्यक्तिगत मुक़ाबलों में कांस्य पदक भी जीते हैं.

  • वीके विस्मया

    केरलएथलेटिक्स

    वेल्लुवा कोरोथ विस्मया (23) केरल के कन्नूर ज़िले की रहने वाली धाविका हैं. उन्हें 400 मीटर की तेज़ दौड़ में महारत हासिल है. वो राष्ट्रीय रिले दौड़ टीम में भारत की नुमाइंदगी करती रही हैं.

    2019 की वर्ल्ड एथलेटिक्स चैंपियनशिप में वो भारत की उस मिक्स्ड रिले टीम का हिस्सा थीं, जिसने फाइनल दौड़ में हिस्सा लिया और टोक्यो ओलंपिक का टिकट हासिल किया था. विस्मया ने 2019 की एशियन एथलेटिक्स चैंपियनशिप में सिल्वर पदक और 2018 के एशियाई खेलों में स्वर्ण पदक जीते हैं.

  • विनेश फोगाट

    हरियाणाकुश्ती

    विनेश फोगाट (26) हरियाणा के भिवानी ज़िले की एक पहलवान हैं. वो अब 51 किलोग्राम वर्ग के कुश्ती के मुक़ाबलों में भाग लेती हैं. 2018 में वो एशियाई खेलों में स्वर्ण पदक जीतने वाली पहली भारतीय महिला पहलवान बनी थीं.

    उसी साल विनेश फोगाट ने कॉमनवेल्थ खेलों में भी स्वर्ण पदक जीता था. इसके बाद उन्होंने 2019 की वर्ल्ड रेसलिंग चैंपियनशिप में कांस्य पदक जीता था. उन्हें राजीव गांधी खेल रत्न अवार्ड और अर्जुन पुरस्कार से नवाज़ा जा चुका है.

  • स्वप्ना बर्मन

    पश्चिम बंगालएथलेटिक्स

    स्वप्ना बर्मन (24), पश्चिम बंगाल के जलपाईगुड़ी के पास के गांव की रहने वाली एक हेप्टाथलन खिलाड़ी हैं. वो 2018 के एशियाई खेलों में हेप्टाथलान में स्वर्ण पदक जीतने वाली पहली भारतीय महिला खिलाड़ी बनी थीं. स्वप्ना ने 2017 की एशियाई एथलेटिक्स चैंपियनशिप में भी स्वर्ण पद जीता है.

    पैदा होने पर स्वप्ना के दोनों ही पैरों में छह उंगलिया थीं. उनका परिवार बेहद ग़रीब था. परिवार की हैसियत इतनी नहीं थी कि वो स्वप्ना के लिए ख़ास तरह के जूते ख़रीद सके. कई वर्षों तक स्वप्ना ने दर्द बर्दाश्त करते हुए ही मुक़ाबलों में हिस्सा लिया. 2019 में उन्हें प्रतिष्ठित अर्जुन पुरस्कार दिया गया था.

  • सुश्री दिब्यदर्शिनी

    ओडिशाक्रिकेट

    सुश्री दिब्यदर्शिनी प्रधान (23), ओडिशा के ढेंकानल से ताल्लुक़ रखने वाली क्रिकेटर हैं. वो ओडिशा की अंडर-23 महिला टीम की कप्तान हैं.

    2019 में दिब्यदर्शिनी एशियन क्रिकेट काउंसिल (ACC) की उभरती टीमों के एशिया कप में सबसे ज़्यादा विकेट लेने वाली क्रिकेटर रही थीं. 2019 की अंडर-23 महिला चैलेंजर ट्रॉफी मुक़ाबले में उन्होंने भारत की ग्रीन टीम की कप्तानी की थी. हालांकि उनकी टीम वो मैच नहीं जीत पाई थी.

  • सुमित्रा नायक

    रग्बी

    सुमित्रा नायक (20) ओडिशा के जयपुर क़स्बे की एक रग्बी खिलाड़ी हैं. उन्होंने भारत की सीनियर टीम के लिए खेलते हुए एशियाई महिला रग्बी चैंपियनशिप में कांस्य पदक जीता है. 2019 में उन्होंने एशिया रग्बी सेवेन्स के मुक़ाबलों में सिल्वर मेडल भी जीता था.

    सुमित्रा नायक ने 2019 में भारत की अंडर-18 रग्बी टीम और 2019 में अंडर-19 टीम की कप्तानी भी की थी. 2016 में एशियाई गर्ल्स रग्बी सेवेंस में भारत को कांस्य पदक जिताने में उनकी अहम भूमिका रही थी.

  • सोनम मलिक

    हरियाणाकुश्ती

    सोनम मलिक (18) हरियाणा के सोनीपत ज़िले से ताल्लुक़ रखने वाली एक पहलवान हैं. उन्होंने 56 किलोग्राम वर्ग में मुक़ाबलों से अपना करियर शुरू किया था. हालांकि अब वो 65 किलोग्राम वर्ग की प्रतियोगिताओं में शामिल होती हैं.

    2017 में वर्ल्ड कैडेट रेसलिंग चैंपियनशिप और वर्ल्ड स्कूल गेम्स में स्वर्ण पदक जीतने के बाद वो चोटिल हो गई थीं. उन्हें ठीक होने में एक साल का समय लग गया था.

    2019 में सोनम मलिक ने दोबारा कैडेट वर्ल्ड रेसलिंग चैंपियनशिप में गोल्ड मेडल जीता था.

  • सोनाली शिंगाटे

    महाराष्ट्रकबड्डी

    महाराष्ट्र के मुंबई शहर की रहने वाली सोनाली विष्णु शिंगाटे (25) एक पेशेवर कबड्डी खिलाड़ी हैं. वो 2019 के दक्षिण एशियाई खेलों में स्वर्ण पदक और 2018 के एशियन गेम्स में सिल्वर मेडल जीतने वाली भारतीय टीम की सदस्य रही हैं.

    2014-15 में सोनाली की कप्तानी में उनके राज्य की टीम ने नेशनल जूनियर कबड्‍डी चैंपियनशिप का सिल्वर मेडल जीता था.

    2020 में सोनाली शिंगाटे को महाराष्ट्र के सबसे बड़े खेल पुरस्कार शिव छत्रपति अवार्ड से नवाज़ा गया था.

  • सिमरनजीत कौर

    पंजाबमुक्केबाज़ी

    पंजाब के लुधियाना ज़िले की रहने वाली सिमरनजीत कौर बाथ (25) एक शौकिया मुक्केबाज़ हैं. वो 60 और 64 किलोग्राम वर्ग के मुक़ाबलों में हिस्सा लेती हैं.

    सिमरनजीत ने 2019 में 23वें इंटरनेशनल बॉक्सिंग टूर्नामेंट के प्रेसिडेट कप में गोल्ड मेडल जीता था. 2018 में उन्होंने AIBA महिला वर्ल्ड बॉक्सिंग मुक़ाबलों में कांस्य पदक जीता था.

    2016 की नेशनल चैंपियन सिमरजीत ने टोक्यो ओलंपिक खेलों में भारत की नुमाइंदगी के लिए क्वालिफाई कर लिया है.

  • शिवानी कटारिया

    हरियाणातैराकी

    शिवानी कटारिया (23) हरियाणा के गुरुग्राम की रहने वाली फ्रीस्टाइल तैराक हैं.

    2019 में शिवानी ने नेशनल एक्वाटिक चैंपियनशिप में स्वर्ण पदक जीता था. 2016 के ओलंपिक खेलों में शिरकत करके वो 2004 के बाद तैराकी की किसी प्रतियोगिता में भाग लेने वाली पहली भारतीय महिला खिलाड़ी बनी थीं.

    उसी साल उन्होंने दक्षिण एशियाई खेलों में स्वर्ण पदक जीता था. 2017 में खेल में शानदार प्रदर्शन के लिए शिवानी को हरियाणा का भीम अवार्ड दिया गया था.

  • शैली सिंह

    उत्तर प्रदेशएथलेटिक्स

    शैली सिंह (17) उत्तर प्रदेश के झांसी की रहने वाली एक एथलीट हैं. वो लंबी कूद के मुक़ाबलों में भाग लेती हैं. शैली, जूनियर नेशनल लॉन्ग जम्प चैंपियन रह चुकी हैं.

    शैली ने 2018 में अंडर-16 वर्ग में जूनियर नेशनल एथलेटिक्स में स्वर्ण पदक जीते थे. 2019 में उन्होंने अंडर-18 मुक़ाबलों में नया राष्ट्रीय रिकॉर्ड बनाया था.

    शैली सिंह ने अंडर-20 की अगली वर्ल्ड एथलेटिक्स चैंपियनशिप में भाग लेने के लिए क्वालिफाई कर लिया है.

  • शेफाली वर्मा

    हरियाणाक्रिकेट

    शेफाली वर्मा (17) हरियाणा के रोहतक से ताल्लुक़ रखने वाली क्रिकेटर हैं. 15 साल की उम्र में भारत के लिए T20 के इंटरनेशनल मुक़ाबले में शिरकत करके वो ऐसा करने वाली सबसे युवा खिलाड़ी बनी थीं.

    उसी साल शेफाली वर्मा ने अपना पहला इंटरनेशनल अर्धशकत बनाया था. तब वो ऐसा कारनामा करने वाली सबसे युवा भारतीय खिलाड़ी बन गई थीं.

    अभी इंटरनेशनल क्रिकेट काउंसिल की महिला T20 खिलाड़ियों की रैंकिंग में शेफाली वर्मा तीसरी पायदान पर हैं. एक बार शेफाली के पिता ने उनके बाल इसलिए काट दिए थे जिससे कि वो लड़कों जैसी दिखने लगें और एक स्थानीय क्रिकेट क्लब में अपने भाई की जगह खेल सकें.

  • संध्या रंगनाथन

    तमिलनाडुफुटबॉल

    संध्या रंगनाथन (22) तमिलनाडु के कडलूर की रहने वाली फुटबॉलर हैं. वो राष्ट्रीय फुटबॉल टीम में मिड-फील्डर के तौर पर खेलती हैं. संध्या उस भारतीय टीम का हिस्सा थीं जिसने SAFF महिला चैंपियनशिप और 2019 के एशियाई खेलों में स्वर्ण पदक जीते थे. वो सबसे ज़्यादा गोल करने वाले खिलाड़ियों में से एक थीं.

    संध्या, सेतु FC नाम के उस क्लब के लिए भी खेलती हैं जिसने 2019 में भारतीय महिला लीग जीती थी. उन्हें उस टूर्नामेंट की सबसे मूल्यवान खिलाड़ी घोषित किया गया था.

  • एस कलाईवानी

    तमिलनाडुमुक्केबाज़ी

    कलाईवानी श्रीनिवासन (21) तमिलनाडु के चेन्नई की रहने वाली मुक्केबाज़ हैं. वो 48 किलोग्राम वर्ग के मुक़ाबलों में भाग लेती हैं. 48 किलोग्राम वर्ग के मुक्केबाज़ी के मुक़ाबले, ओलंपिक खेलों का हिस्सा नहीं हैं.

    2019 में कलाईवानी ने साउथ एशियन गेम्स में स्वर्ण पदक जीता था. उस साल की नेशनल बॉक्सिंग चैंपियनशिप में कलाईवानी को 'सबसे प्रतिभाशाली मुक्केबाज़' घोषित किया गया था.

    2012 में जब कलाईवानी केवल 12 बरस की थीं, तब उनहोंने नेशनल सब-जूनियर बॉक्सिंग चैंपियनशिप में कांस्य पदक जीता था.

  • रतनबाला देवी

    मणिपुरफुटबॉल

    नोंगमैथेम रतनबाला देवी (22) मणिपुर के बिसुनपुर ज़िले की रहने वाली फुटबॉल खिलाड़ी हैं. वो फॉरवर्ड और मिड-फील्डर के तौर पर खेलती हैं.

    2017 में रतनबाला देवी को राष्ट्रीय टीम के लिए चुना गया था. उन्होंने 2019 के दक्षिण एशियाई खेलों में टीम को गोल्ड मेडल जिताने में अहम भूमिका निभाई थी.

    रतनबाला KRYPHSA FC नाम के क्लब के लिए भी खेलती हैं. 2020 के इंडियन वुमेन्स लीग के फाइनल में उन्होंने अपने क्लब की कप्तानी की थी. हालांकि फाइनल मे उनकी टीम हार गई थी. रतनबाला ने मणिपुर की फुटबॉल टीम की भी कप्तानी की है.

  • रानी

    हरियाणाहॉकी

    रानी (26) हरियाणा के कुरुक्षेत्र की रहने वाली हॉकी खिलाड़ी हैं. वो भारत की राष्ट्रीय हॉकी टीम में स्ट्राइकर और मिड-फील्डर के तौर पर खेलती हैं.

    2018 में रानी को भारतीय महिला हॉकी टीम का कप्तान बनाया गया था. उनकी अगुवाई में टीम ने एशियाई खेलों में रजत पदक जीता था. भारत की महिला टीम ने रानी के नेतृत्व में टोक्यो ओलंपिक में खेलने के लिए भी क्वालिफाई कर लिया है.

    रानी को राजीव गांधी खेल रत्न पुरस्कार और अर्जुन अवार्ड मिल चुके हैं. उन्हें वर्ष 2019 का वर्ल्ड गेम्स एथलीट घोषित किया गया था. 2020 में उन्हें देश के नागरिक सम्मान पद्मश्री से सम्मानित किया गया था.

  • राही सरनोबत

    महाराष्ट्रनिशानेबाज़ी

    राही सरनोबत (30) महाराष्ट्र के कोल्हापुर की रहने वाली एक निशानेबाज़ हैं. वो 25 मीटर पिस्टल के निशानेबाज़ी के मुक़ाबलों में शिरकत करती हैं. वर्ष 2019 में उन्होंने ISSF वर्ल्ड कप में अपना दूसरा स्वर्ण पदक जीता था. उन्होंने इस प्रतियोगिता में पहला गोल्ड मेडल 2013 में जीता था.

    2019 में स्वर्ण पदक जीतने के कारण राही को टोक्यो ओलंपिक खेलों का टिकट भी मिल गया. 2018 में राही सरनोबत एशियाई खेलों में निशानेबाज़ी का गोल्ड मेडल जीतने वाली पहली भारतीय महिला खिलाड़ी बनी थीं. उसी साल उन्हें प्रतिष्ठित खेल पुरस्कार अर्जुन अवार्ड से नवाज़ा गया था.

  • आर वैशाली

    तमिलनाडुशतरंज

    वैशाली रमेशबाबू (19) तमिलनाडु की राजधानी चेन्नई की शतरंज खिलाड़ी हैं. वो कोनेरू हम्पी और विश्वनाथन आनंद के साथ उस टीम का हिस्सा थीं, जिसने 2020 में FIDE के ऑनलाइन शतरंज का ओलंपियाड संयुक्त रूप से जीता था. ये ओलंपियाड रूस में हुआ था.

    वैशाली ने 2012 के अंडर-12 गर्ल्स वर्ल्ड चेस चैंपियनशिप, 2015 की अंडर-14 वर्ल्ड चेस चैंपियनशिप और 2017 में एशियाई व्यक्तिगत ब्लिट्ज़ शतरंज की चैंपियनशिप में स्वर्ण पदक जीते हैं. 2018 में वो महिला ग्रैंड मास्टर बन गई थीं.

  • पीयू चित्रा

    केरलएथलेटिक्स

    पलाक्कीझिल उन्नीकृष्णन चित्रा (25) केरल के पालक्काड ज़िले की रहने वाली एथलीट हैं.

    वो मध्यम दूरी की धाविका हैं, जो 1500 मीटर के मुक़ाबलों में दौड़तीं हैं. चित्रा ने 2017 और 2019 में एशियाई एथलेटिक्स चैंपियनशिप में स्वर्ण पदक जीते थे. चित्रा ने 2019 के एशियाई खेलों में कांस्य पदक भी जीता था.

    2017 के एशियाई इनडोर और मार्शल आर्ट गेम्स और 2016 के दक्षिण एशियाई खेलों में भी वो पहली पायदान हासिल कर चुकी हैं.

  • पूनम यादव

    उत्तर प्रदेशक्रिकेट

    पूनम यादव (29) उत्तर प्रदेश के आगरा की रहने वाली क्रिकेटर हैं. उन्हें भारत की महिला क्रिकेट टीम की ओर से पहली बार खेलने का मौक़ा साल 2013 में मिला था. T20 के अंतररराष्ट्रीय मुक़ाबलों में वो सबसे ज़्यादा विकेट लेने वाली खिलाड़ी हैं. इंटरनेशनल क्रिकेट काउंसिल की T20 विश्व कप मुक़ाबलों में सबसे ज़्यादा विकेट लेने वाली खिलाड़ियों की ताज़ा रैंकिंग में पूनम यादव सातवें नंबर पर हैं.

    भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड ने 2019 में पूनम को सर्वश्रेष्ठ महिला क्रिकेटर घोषित किया था. उसी साल पूनम को अर्जुन पुरस्कार भी दिया गया था.

  • पूजा गहलोत

    दिल्लीकुश्ती

    पूजा गहलोत (23) दिल्ली की पहलवान हैं. वो 51 किलोग्राम वर्ग के फ्रीस्टाइल कुश्ती के मुक़ाबले लड़ती हैं. पूजा को पहली अंतरराष्ट्रीय सफलता 2017 में तब मिली थी, जब उन्होंने एशियाई जूनियर चैंपियनशिप में स्वर्ण पदक जीता था.

    दो साल बाद, 2019 मे उन्होंने अंडर-23 वर्ल्ड रेसलिंग मुक़ाबलों में रजत पदक जीता था. पूजा गहलोत को ऐसे रूढ़िवादी लोगों का विरोध भी झेलना पड़ा था, जो कुश्ती को सिर्फ़ मर्दों का खेल मानते हैं.

    पूजा की लगन देखते हुए आख़िरकार परिवार भी उनकी ज़िद के आगे झुका और उन्हें कुश्ती लड़ने में मदद देने के लिए परिवार दिल्ली रहने आ गया.

  • पूजा ढांढा

    हरियाणाकुश्ती

    पूजा ढांडा (27) हरियाणा के हिसार ज़िले की रहने वाली पहलवान हैं, जो 57 और 60 किलोग्राम वर्ग के फ्रीस्टाइल मुक़ाबलों में भाग लेती हैं.

    2018 में पूजा ने कॉमनवेल्थ खेलों में रजत पदक जीता था. वहीं वर्ल्ड रेसलिंग चैंपियनशिप में उन्होंने कांस्य पदक हासिल किया था.

    इससे पहले 2010 में पूजा, युवा ओलंपिक में रजत पदक और 2014 के एशियाई रेसलिंग चैंपियनशिप मुक़ाबलो में कांस्य पदक जीत चुकी हैं. 2019 में उन्हें प्रतिष्ठित अर्जुन पुरस्कार से सम्मानित किया गया था.

  • पारुल परमार

    गुजरातबैडमिंटन

    पारुल दलसुखभाई परमार (47) गुजरात के गांधीनगर की रहने वाली पैरा-बैडमिंटन खिलाड़ी हैं. पैरा-बैडमिंटन की ताज़ा वर्ल्ड रैंकिंग में वो पहली पायदान पर हैं.

    पारुल ने 2017 की BWF पैरा बैडमिंटन वर्ल्ड चैंपियनशिप के एकल और युगल मुक़ाबलों में गोल्ड मेडल जीते हैं.

    जब पारुल तीन बरस की थीं, तब वो पोलियो की शिकार हो गई थीं और उनके साथ एक हादसा पेश आया था. फिर भी पारुल ने खेल को अपना करियर बनाया. 2009 में पारुल परमार को प्रतिष्ठित अर्जुन अवार्ड से नवाज़ा गया था.

  • निखत ज़रीन

    तेलंगानामुक्केबाज़ी

    निखत ज़रीन (24) तेलंगाना के निज़ामाबाद की रहने वाली ग़ैर पेशेवर मुक्केबाज़ हैं. वो 51 किलोग्राम वर्ग के मुक़ाबलों में भाग लेती हैं. 2019 में निकहत ने थाईलैंड ओपन इंटरनेशनल बॉक्सिंग टूर्नामेंट में रजत पदक जीता था.

    निखत ने किसी अंतरराष्ट्रीय मुक़ाबले में अपना पहला स्वर्ण पदक, वर्ष 2011 में AIBA की महिला युवा और जूनियर वर्ल्ड चैंपियनशिप में जीता था.

    2015 में निखत ने सीनियर वुमन नेशनल बॉक्सिंग चैंपियनशिप में स्वर्ण पदक जीता था. वो अपने गृह नगर निज़ामाबाद की आधिकारिक ब्रैंड एंबेसडर हैं.

  • नगांगोम देवी

    मणिपुरफुटबॉल

    नगांगोम बाला देवी (31) मणिपुर के बिशुनपुर ज़िले के एक गांव की रहने वाली फुटबॉलर हैं. वो राष्ट्रीय फुटबॉल टीम में फॉरवर्ड के तौर पर खेलती हैं.

    नगांगोम बाला देवी भारत की सबसे ज़्यादा गोल करने वाली फुटबॉल खिलाड़ी हैं. उन्होंने पांच वर्षों तक राष्ट्रीय फुटबॉल टीम की कप्तानी भी की है. वर्ष 2020 में रेंजर्स FC के साथ क़रार करके वो ऐसा करने वाली पहली भारतीय महिला पेशेवर फुटबॉल खिलाड़ी बनी थीं.

    नगांगोम बाला देवी को वर्ष 2015 और 2016 में ऑल इंडिया फुटबॉल फेडरेशन ने वर्ष की सर्वश्रेष्ठ महिला खिलाड़ी घोषित किया था.

  • मेहुली घोष

    पश्चिम बंगालनिशानेबाज़ी

    मेहुली घोष (20) पश्चिम बंगाल के नदिया ज़िले की रहने वाली निशानेबाज़ी खिलाड़ी हैं. वो 10 मीटर महिला एयर राइफल और मिक्स्ड टीम मुक़ाबलों में भाग लेती हैं.

    2019 में मेहुली घोष ने दक्षिण एशियाई खेलों में स्वर्ण पदक जीता था. वहीं, 2018 में उन्होंने विश्व कप में कांस्य पदक जीता था. मेहुली ने अपना पहला अंतरराष्ट्रीय पदक वर्ष 2017 में एशियाई एयरगन चैंपियनशिप में जीता था.

    मेहुली ने 2016 की नेशनल चैंपियनशिप में 9 पदक जीते थे. वो भारत की निशानेबाज़ी टीम की सबसे युवा खिलाड़ी हैं.

  • मनु भाकर

    हरियाणानिशानेबाज़ी

    मनु भाकर (19) हरियाणा के झज्जर ज़िले के एक गांव रहने वाली निशानेबाज़ हैं. वो 10 मीटर एयर पिस्टल और 25 मीटर पिस्टल के मुक़ाबलों में हिस्सा लेती हैं. 2018 में मनु भाकर इंटरनेशनल स्पोर्ट्स शूटिंग वर्ल्ड कप में गोल्ड मेडल जीतने वाली सबसे युवा खिलाड़ी बनी थीं.

    उसी साल मनु ने ISSF जूनियर वर्ल्ड कप में दो स्वर्ण पदक जीते थे. 2019 में मनु ने टोक्यो ओलंपिक के निशानेबाज़ी मुक़ाबलों में भारत की ओर से खेलने के लिए क्वालिफाई कर लिया था.

    वर्ष 2020 में मनु भाकर को प्रतिष्ठित अर्जुन पुरस्कार से सम्मानित किया गया था.

  • मंजू रानी

    हरियाणामुक्केबाज़ी

    मंजू रानी (21) हरियाणा के रोहतक ज़िले के एक गांव की गैर-पेशेवर मुक्केबाज़ हैं. वो 48 किलोग्राम वर्ग के मुक़ाबलों में भाग लेती हैं. 2019 में मंजू रानी ने AIBA महिला वर्ल्ड बॉक्सिंग चैंपियनशिप में रजत पदक जीते थे. इसके अलावा उन्होंने स्ट्रैंजा मेमोरियल बॉक्सिंग टूर्नामेंट में भी सिल्वर मेडल जीते थे.

    2019 में ही मंजू रानी ने थाईलैंड ओपन और इंडियन ओपन में भी कांस्य पदक जीते थे.

    मंजू रानी 11 बरस की ही थीं, जब उनके पिता का देहांत हो गया था. उन्हें तो मुक्केबाज़ी की प्रैक्टिस करने के लिए एक अदद दस्ताने ख़रीदने में भी ख़ासी मशक़्क़त करनी पड़ी थी. मंजू की मां ने अकेले ही अपने सात बच्चों को पाला-पोसा.

  • मानसी जोशी

    गुजरातबैडमिंटन

    मानसी जोशी (31) एक पैरा-बैडमिंटन खिलाड़ी हैं, जो गुजरात के राजकोट से ताल्लुक़ रखती हैं. 2019 की पैरा-बैडमिंटन वर्ल्ड चैंपियनशिप में मानसी ने स्वर्ण पदक जीता था.

    जोशी ने 2017 में इसी चैंपियनशिप के एकल मुक़ाबलों में कांस्य पदक और 2015 के मिश्रित युगल मुक़ाबलों के रजत पदक भी जीते थे.

    मानसी जोशी ने इंजीनियरिंग की पढ़ाई की है. लेकिन, 2011 में एक हादसे के बाद उन्होंने इलाज के दौरान बैडमिंटन खेलने का फ़ैसला किया. आखिरकार वो ट्रेनिंग लेकर अंतरराष्ट्रीय मुक़ाबलों में खेलने लगीं.

  • मालविका बंसोड़

    महाराष्ट्रबैडमिंटन

    मालविका बंसोड़ (19), महाराष्ट्र के नागपुर शहर की बैडमिंटन खिलाड़ी हैं. बाएं हाथ की खिलाड़ी मालविका ने 2018 की वर्ल्ड जूनियर चैंपियनशिप में भारत की नुमाइंदगी की है.

    2019 में उन्होंने मालदीव इंटरनेशनल फ्यूचर सीरीज़ और अन्नपूर्णा पोस्ट इंटरनेशनल सीरीज़ में स्वर्ण पदक जीतकर विश्व की टॉप 200 खिलाड़ियों में अपनी जगह बनाई थी.

    उसी साल उन्होंने ऑल इंडिया सीनियर रैंकिंग टूर्नामेंट और ऑल इंडिया जूनियर रैंकिंग टूर्नामेंट भी जीते थे.

  • लवलीना बोरगोहाईं

    असममुक्केबाज़ी

    लवलीना बोरगोहाईं (23) असम के गोलाघाट की रहने वाली ग़ैर-पेशेवर मुक्केबाज़ हैं. वो 69 किलोग्राम वेल्टरवेट वर्ग की मुक्केबाज़ी मुक़ाबलों में भाग लेती हैं. लवलीना ने 2018 और 2019 में महिला विश्व बॉक्सिंग चैंपियनशिप में कांस्य पदक जीते थे. 2017 की एशियाई बॉक्सिंग चैंपियनशिप में भी उन्होंने कांस्य पदक जीता था.

    2020 में भारत सरकार ने लवलीना को प्रतिष्ठित अर्जुन पुरस्कार से सम्मानित किया था. वो असम की रहने वाली पहली महिला हैं, जिन्होंने ओलंपिक में खेलने के लिए क्वालिफाई कर लिया है.

  • लालरेमसियामी

    मिज़ोरमहॉकी

    लालरेमसियामी (20) मिज़ोरम के कोलासिब क़स्बे की रहने वाली हॉकी खिलाड़ी हैं. वो भारत की महिला हॉकी टीम में फॉरवर्ड के तौर पर खेलती हैं. लालरेमसियामी, मिज़ोरम की पहली महिला खिलाड़ी हैं, जिन्होंने एशियाड में उस वक़्त पदक जीता था, जब भारतीय टीम ने 2018 के एशियाई खेलों में रजत पदक जीता था.

    अंतरराष्ट्रीय हॉकी परिसंघ ने उन्हें वर्ष 2019 की उभरती हुई स्टार घोषित किया था.

    लाालरेमसियामी उस भारतीय टीम का भी हिस्सा हैं, जिसने टोक्यो ओलंपिक में खेलने के लिए क्वालिफाई कर लिया है.

  • केवीएल पवनी कुमारी

    आंध्र प्रदेशभारोत्तोलन

    कोल्लि वरलक्ष्मी पवनी कुमार (17) विशाखापत्तनम के एक गांव की रहने वाली भारोत्तोलक हैं. वो 45 किलोग्राम वर्ग की प्रतियोगिताओं में हिस्सा लेती हैं.

    2020 में पवनी कुमारी ने एशियाई युवा और जूनियर भारोत्तोलन चैंपियनशिप में युवा लड़कियों और जूनियर महिला वर्गों में रजत पदक जीते थे.

    इन मुक़ाबलों को जीतने के चलते उन्हें टोक्यो ओलंपिक में भी खेलने का मौक़ा मिल गया है. 2019 में पवनी कुमारी ने नेशनल वेटलिफ्टिंग चैंपियनशिप की बेस्ट लिफ्टर का खिताब जीता था.

  • कोनेरू हम्पी

    आंध्र प्रदेशशतरंज

    कोनेरू हम्पी (33) आंध्र प्रदेश के विजयवाड़ा की रहने वाली शतरंज की खिलाड़ी हैं. वो इस खेल के तेज़ चाल वाले मुक़ाबलों की मौजूदा विश्व चैंपियन हैं.

    2002 में कोनेरू, केवल 15 साल की उम्र में ग्रैंड मास्टर का खिताब हासिल करके ये मकाम हासिल करने वाली सबसे कम उम्र की महिला खिलाड़ी बन गई थीं.

    कोनेरू हम्पी पहली भारतीय महिला खिलाड़ी हैं, जिन्हें पुरुषों का भी ग्रैंड मास्टर खिताब हासिल है. उन्हें वर्ष 2003 में प्रतिष्ठित अर्जुन पुरस्कार दिया गया था. 2007 में भारत सरकार ने उन्हें पद्मश्री से सम्मानित किया था.

  • जमुना बोरो

    असममुक्केबाज़ी

    जमुना बोरो (23) असम के ढेकियाजुली क़स्बे की रहने वाली ग़ैर-पेशेवर मुक्केबाज़ हैं. जमुना ने अपना करियर 52 किलोग्राम वर्ग के मुक़ाबलों से शुरू किया था. इस वर्ग में जमुना ने अपना पहला राष्ट्रीय स्वर्ण पदक 2010 में ही जीता था. हालांकि अब वो 57 किलोग्राम वर्ग की प्रतियोगताओं में शामिल होती हैं.

    2019 में जमुना बोरो ने AIBA वर्ल्ड बॉक्सिंग चैंपियनशिप में कांस्य पदक जीता था.

    जमुना ने 2019 में ही इंडियन ओपन इंटरनेशनल बॉक्सिंग टूर्नामेंट और 23वें प्रेसिडेंट कप बॉक्सिंग इंटरनेशनल ओपन टूर्नामेंट में भी स्वर्ण पदक जीते थे.

  • ईशा सिंह

    तेलंगानानिशानेबाज़ी

    ईशा सिंह (16), तेलंगाना के हैदराबाद की रहने वाली निशानेबाज़ हैं. वो 10 मीटर एयर पिस्टल. 25 मीटर स्टैंडर्ड पिस्टल और 25 मीटर पिस्टल शूटिंग के मुक़ाबलों में भाग लेती हैं.

    2019 में ईशा ने जूनियर वर्ल्ड कप में रजत पदक जीता था. उसी साल उन्होंने एशियाई एयरगन चैपियशिप में स्वर्ण पदक भी जीता था.

    2018 में ईशा 10 मीटर एयर पिस्टल मुक़ाबले की राष्ट्रीय चैंपियन बन गई थीं. उस वक़्त ईशा की उम्र केवल 13 बरस थी.

  • एलावेनिल वलारिवन

    तमिलनाडुनिशानेबाज़ी

    एलावेनिल वलारिवन (21) तमिलनाडु के कडलूर की रहने वाली शूटर हैं. हालांकि उनकी परवरिश गुजरात में हुई है. वो 10 मीटर एयर पिस्टल की प्रतियोगिताओं में हिस्सा लेती हैं.

    एलावेनिल ने 2019 के ISSF वर्ल्ड चैंपियनशिप और वर्ल्ड कप में दो स्वर्ण पदक जीते थे. इस जीत के चलते उन्हें अपने खेल की नंबर वन खिलाड़ी का दर्ज़ा हासिल हो गया था.

    एलावेनिल ने अपना पहला अंतरराष्ट्रीय पदक 2018 में जूनियर वर्ल्ड कप में गोल्ड मेडल जीत कर हासिल किया था. वो टोक्यो ओलंपिक में खेलने के लिए भी क्वालिफाई कर चुकी हैं.

  • एकता भयाना

    हरियाणाएथलेटिक्स

    एकता भयाना (35) हरियाणा के हिसार की रहने वाली एथलीट हैं. वो क्लब और डिस्कस थ्रो की प्रतियोगिताओं में खेलती हैं.

    एकता ने 2018 के एशियाई पैरा खेलों में क्लब थ्रो का स्वर्ण पदक जीता था. वो 2016, 2017 और 2018 में नेशनल पैरा एथलेटिक्स मुक़ाबलों में स्वर्ण पदक जीत चुकी हैं.

    एकता ने टोक्यो पैरा ओलंपिक के लिए भी क्वालिफाई कर लिया है. उन्हें वर्ष 2018 में नेशनल अवार्ड फॉर एम्पावरमेंट ऑफ़ पर्सन्स विद डिसएबिलिटीज़ से सम्मानित किया गया था.

  • दुती चंद

    ओडिशाएथलेटिक्स

    दुती चंद (25) ओडिशा के जयपुर क़स्बे की रहने वाली धाविका हैं. वो 100 मीटर वर्ग की रेस में हिस्सा लेती हैं. 2019 के वर्ल्ड यूनिवर्सियाड में 100 मीटर का स्वर्ण पदक जीत कर वो 100 मीटर की रेस में कोई अंतरराष्ट्रीय गोल्ड मेडल हासिल करने वाली पहली भारतीय महिला खिलाड़ी बन गई थीं.

    दुती इस वक़्त राष्ट्रीय चैंपियन हैं. उन्होंने इंटरनेशनल एसोसिएशन ऑफ एथलेटिक्स फेडरेशन्स द्वारा लगाए गए हाइपरएंड्रोजेनिज़्म के आरोपों का सामना करते हुए जीत हासिल की थी. जिसके बाद दुती को 2016 के रियो ओलंपिक में खेलने का मौक़ा मिला था.

    2019 में दुती चंद ने बताया था कि वे समलैंगिक हैं. वो अपने समलैंगिंक संबंध को खुलकर स्वीकार करने वाली भारत की पहली खिलाड़ी हैं.

  • दिव्या काकरण

    उत्तर प्रदेशकुश्ती

    दिव्या काकरण (22) उत्तर प्रदेश के मुज़फ़्फ़रनगर ज़िले की रहने वाली पहलवान हैं.

    2020 में एशियाई रेसलिंग चैंपियनशिप के 68 किलोग्राम वर्ग में स्वर्ण पदक जीत कर दिव्या ऐसा करने वाली पहली भारतीय महिला खिलाड़ी बन गई थीं.

    2020 में ही दिव्या को प्रतिष्ठित अर्जुन पुरस्कार से सम्मानित किया गया था. 2017 में नेशनल चैंपियनशिप जीतने के बाद, दिव्या ने कॉमनवेल्थ रेसलिंग चैंपियनशिप में भी स्वर्ण पदक जीता था.

  • दीक्षा डागर

    हरियाणागोल्फ

    दीक्षा डागर (20), हरियाणा के झज्जर की रहने वाली पेशेवर गोल्फ खिलाड़ी हैं. 2018 में वो लेडीज़ यूरोपियन टूर में खिताब जीतने वाली सबसे युवा भारतीय खिलाड़ी बनी थीं.

    दीक्षा को पैदाइश से ही सुनने की दिक़्क़त थी. अपनी सुनने की क्षमता बढ़ाने के लिए दीक्षा को कॉक्लियर इम्प्लांट कराने के साथ साथ स्पीच थेरेपी भी लेनी पड़ी थी.

    2017 में दीक्षा ने बधिर ओलंपिक में रजत पदक जीता था. ऐसा करने वाली वो पहली भारतीय खिलाड़ी हैं. दीक्षा उन गिनी चुनी गोल्फ खिलाड़ियों में से हैं, जो बाएं हाथ से खेलते हैं.

  • सी ए भवानी देवी

    तमिलनाडुतलवारबाज़ी

    चंदालावडा आनंदा सुंदररमन भवानी देवी (27) जो भवानी देवी के नाम से ज़्यादा मशहूर हैं, तमिलनाडु के चेन्नई की रहने वाली तलवारबाज़ हैं.

    2018 के कॉमनवेल्थ खेलों में व्यक्तिगत स्वर्ण पदक जीत कर भवानी देवी तलवारबाज़ी में गोल्ड मेडल जीतने वाली पहली भारतीय महिला खिलाड़ी बन गई थीं.

    भवानी देवी ने 2015 की एशियाई चैंपियनशिप की अंडर-23 वर्ग में कांस्य पदक तो 2014 में इसी वर्ग का रजत पदक जीता था. इसके अलावा वो कई अन्य अंतररराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में भी पदक जीत चुकी हैं.

  • भावना जाट

    राजस्थानएथलेटिक्स

    भावना जाट (24) राजस्थान के अजमेर ज़िले की रहने वाली एथलीट हैं. वो 20 मीटर की रेस वाकिंग मुक़ाबलों में भाग लेती हैं. 2020 में उन्होंने नया राष्ट्रीय रिकॉर्ड बनाते हुए नेशनल चैंपियनशिप में स्वर्ण पदक जीता था.

    नेशनल चैंपियनशिप में गोल्ड मेडल जीतने से उन्हें टोक्यो ओलंपिक का भी टिकट हासिल हो गया. 2016 में भावना ने जूनियर नेशनल चैंपियनशिप में रजत पदक जीता था.

    अपने शुरुआती दिनों में भावना को खेल के लिए ज़रूरी संसाधनों की क़िल्लत का भी सामना करना पड़ा था. वो ट्रैफिक से बचने के लिए अपने गांव के इर्द गिर्द तड़के अभ्यास किया करती थीं.

  • अर्चना कामथ

    कर्नाटकटेबल टेनिस

    अर्चना गिरीश कामथ (20) कर्नाटक के बेंगलुरू की रहने वाली टेबल टेनिस खिलाड़ी हैं. उन्होंने 2019 में सीनियर वीमेन्स नेशनल टेबल टेनिस चैंपियनशिप जीती थी, जिसके बाद उन्हें भारत की राष्ट्रीय टेबल टेनिस टीम में जगह मिल गई थी.

    पिछले साल अर्चना ने कॉमनवेल्थ टेबल टेनिस चैंपियनशिप के डबल्स मुक़ाबले में स्वर्ण पदक जीता था.

    2018 में अर्चना ने युवा ओलंपिक्स के लिए क्वालिफाई किया था. वो सेमीफाइनल तक पहुंची थीं और चौथे स्थान पर रही थीं.

  • अपूर्वी चंदेला

    राजस्थाननिशानेबाज़ी

    अपूर्वी चंदेला (28) राजस्थान के जयपुर की रहने वाली स्पोर्ट्स शूटर हैं. वो 10 मीटर एयर राइफल प्रतियोगिताओं में भाग लेती हैं.

    2019 में अपूर्वी ने ISSF वर्ल्ड कप में नया विश्व रिकॉर्ड बनाते हुए स्वर्ण पदक जीता था. इस जीत से उनका टोक्यो ओलंपिक में भाग लेने का टिकट भी पक्का हो गया था.

    अपूर्वी ने अपना पहला बड़ा अंतरराष्ट्रीय मेडल 2014 के कॉमनवेल्थ खेलों में स्वर्ण पदक के रूप में जीता था. उन्होंने 2015 के वर्ल्ड कप में कांस्य पदक जीता था. अपूर्वी को 2016 में प्रतिष्ठित अर्जुन पुरस्कार दिया गया था.

  • अन्नू रानी

    उत्तर प्रदेशएथलेटिक्स

    उत्तर प्रदेश के बस्ती ज़िले की रहने वाली अन्नू रानी (28) जेवलिन थ्रो के मुक़ाबलों में भाग लेती हैं. 2019 में अन्नू ने एशियाई एथलेटिक्स चैंपियनशिप में रजत पदक जीता था. इस जीत के चलते अन्नू, वर्ल्ड एथलेटिक्स चैंपियनशिप में हिस्सा लेने के लिए क्वालिफाई करने वाली पहली भारतीय महिला खिलाड़ी बन गई.

    2017 में अन्नू रानी ने इसी प्रतियोगिता में कांस्य पदक जीता था. भारत में भाला फेंकने का राष्ट्रीय रिकॉर्ड उन्हीं के नाम है. बचपन में अन्नू के परिवार के पास इतने पैसे नहीं थे कि वो उनके प्रैक्टिस करने के लिए भाला ख़रीद सकें. तब अन्नू ने बांस से अपने लिए भाला तैयार किया था.

  • अंकिता रैना

    गुजरातटेनिस

    अंकिता रविंदरकृष्ण रैना (28) एक पेशेवर टेनिस खिलाड़ी हैं, जो गुजरात के अहमदाबाद से ताल्लुक़ रखती हैं. इस वक़्त वो भारत की महिला सिंगल्स और युगल दोनों ही वर्गों की पहले नंबर की खिलाड़ी हैं.

    2018 में अंकिता ने एशियाई खेलों में कांस्य पदक जीता था. इस जीत के चलते, सानिया मिर्ज़ा के बाद वो दूसरी भारतीय खिलाड़ी बन गईं, जिन्होंने एशियाई खेलों के सिंगल्स मुक़ाबलों में कोई पदक जीता है.

    2018 में ही अंकिता ने विश्व की 200 सर्वश्रेष्ठ महिला टेनिस खिलाड़ियों की रैंकिंग में जगह बनाई थी. ये दर्जा हासिल करने वाली वो पांचवीं भारतीय खिलाड़ी हैं.

  • अनीता देवी

    हरियाणानिशानेबाज़ी

    अनीता देवी (36) एक निशानेबाज़ हैं, जो हरियाणा के पलवल ज़िले से ताल्लुक़ रखती हैं. वो 10 मीटर और 25 मीटर एयर पिस्टल की प्रतियोगिताओं में भाग लेती हैं.

    2016 में अनीता ने अंतरराष्ट्रीय निशानेबाज़ी प्रतियोगिता में 10 मीटर एयर पिस्टल का रजत पदक और 25 मीटर एयर पिस्टल वर्ग में कांस्य पदक जीता था.

    अनीता ने 2015 के राष्ट्रीय खेलों में रजत पदक जीता था. उससे पहले उन्होंने 2013 की राष्ट्रीय निशानेबाज़ी चैंपियनसिप में स्वर्ण पदक भी जीता था. अब अनीता देवी का बेटा इसी खेल की ट्रेनिंग ले रहा है.

  • ऐश्वर्या पिसे

    कर्नाटकमोटरस्पोर्ट्स

    कर्नाटक के बेंगलुरू की रहने वाली ऐश्वर्या पिसे (25) मोटरसाइकिल रेसर हैं. 2019 में वो FIM वर्ल्ड कप जीतकर मोटर स्पोर्ट्स में कोई विश्व खिताब जीतने वाली पहली भारतीय महिला खिलाड़ी बनी थीं.

    फेडरेशन ऑफ़ मोटर स्पोर्ट्स क्लब ऑफ़ इंडिया ने ऐश्वर्या को 2016, 2017 और 2019 में आउटस्टैंडिंग वुमन इन मोटरस्पोर्ट्स अवार्ड से सम्मानित किया था.

    ऐश्वर्या ने नेशनल रोड रेसिंग और रैली चैंपियनशिप में छह खिताब जीते हैं.

  • अदिति अशोक

    कर्नाटकगोल्फ

    अदिति अशोक (25) कर्नाटक के बेंगलुरू की रहने वाली पेशेवर गोल्फ खिलाडी हैं. 2016 में वो लेडीज़ यूरोपियन टूर जीतने वाली पहली भारतीय गोल्फ खिलाड़ी बनी थीं. उस साल अदिति को रूकी ऑफ़ द ईयर घोषित किया गया था.

    2016 में ही अदिति ने रियो ओलंपिक में भी भाग लिया था. वो किसी वैश्विक गोल्फ मुक़ाबले में महज़ 18 साल की उम्र में भाग लेकर पहली भारतीय और सबसे युवा खिलाड़ी बनी थीं.

    2017 में अदिति ऐसी पहली भारतीय खिलाड़ी बनी थीं, जिसने लेडीज़ प्रोफ़ेशनल गोल्फ एसोसिएशन का टूर कार्ड हासिल किया था.

50 सर्वश्रेष्ठ महिला खिलाड़ियों का चुनाव कैसे हुआ?

बीबीसी ने इन 50 भारतीय महिला खिलाड़ियों का चुनाव 40 से भी ज़्यादा प्रतिष्ठित लोगों की जूरी की मदद से किया है. इनमें देशभर के खेल पत्रकारों, कमेंटेटर और लेखकों की मदद ली गई है.

इन लोगों ने महिला खिलाड़ियों के वर्ष 2019 और 2020 में किए गए प्रदर्शन का आकलन कर उनके नाम का सुझाव दिया है. इन 50 महिला खिलाड़ियों के नाम अंग्रेज़ी की वर्णमाला के क्रम में दर्ज किए गए हैं.

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लेख - दिव्या आर्य

शोध - दिव्या आर्य, सचिन गोगोई, वंदना

ग्राफिक और तस्वीरें - गगन नारहे

डेवलपमेंट - मार्टा मार्केस

BBC ISWOTY

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