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जाने-माने इतिहासकार इरफ़ान हबीब मानते हैं कि पहली बार इतने बड़े पैमाने पर लोग किसी विद्रोह में शामिल हुए थे, लिहाज़ा 1857 के विद्रोह को स्वाधीनता का पहला संग्राम कहा जा सकता है. | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
अंग्रेज़ों के ख़िलाफ़ भारतीयों की 1857 की लड़ाई से जुड़े अमूल्य दस्तावेज़ ख़ाक में बदल रहे हैं. ऐतिहासिक इमारतें भी ईँट-ईँट करके दरक रही हैं. | यह विडंबना नहीं तो क्या है कि जिस बैरकपुर से 1857 की क्रांति की नींव पड़ी, आज उसी बैरकपुर की ऐतिहासिक धरोहर उपेक्षा की मार झेल रही हैं. | सिक्कों का संबंध हमेशा से हुकूमत से रहा है, इसलिए जब भारतीयों ने विदेशी सत्ता के विरुद्ध प्रथम स्वाधीनता संग्राम का एलान किया तो सिक्के भी प्रतीक बने. | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||