ट्रंप पर गोली चलाने वाले थॉमस मैथ्यू क्रुक्स के बारे में जानिए, दोस्तों और पड़ोसियों ने क्या बताया

थॉमस मैथ्यू क्रुक्स की यह तस्वीर 2022 के हाईस्कूल ईयर बुक से ली गई है.

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इमेज कैप्शन, थॉमस मैथ्यू क्रुक्स की यह तस्वीर 2022 के हाई स्कूल ईयर बुक से ली गई है.
    • Author, बर्न्ड डेबुसमान, टॉम बेटमैन और टॉम मैकआर्थर
    • पदनाम, बीबीसी न्यूज़, पेंसिल्वेनिया और लंदन

पेंसिल्वेनिया के पिट्सबर्ग में बेथल पार्क का छोटा सा उपनगरीय इलाक़ा उस वक़्त से ही चर्चा में है, जब एफबीआई ने यहां के रहने वाले नौजवान थॉमस मैथ्यू क्रुक्स को डोनल्ड ट्रंप पर गोली चलाने के लिए ज़िम्मेदार ठहराया था.

ट्रंप पर पेंसिल्वेनिया के बटलर क़स्बे में एक रैली के दौरान हमला हुआ था, जिसकी वजह से पूरा देश सदमे में आ गया था.

जांचकर्ताओं का मानना है कि थॉमस क्रुक्स ने पूर्व राष्ट्रपति ट्रंप पर सेमी-ऑटोमैटिक एआर-15 राइफ़ल से उस समय गोलियां चलाई थीं, जब वो पेंसिल्वेनिया के बटलर में भीड़ को संबोधित कर रहे थे.

इस गोलीबारी की वजह से रैली में आए एक शख़्स की मौत हो गई जबकि दो लोग घायल हो गए थे.

अधिकारियों ने बताया कि किचेन में काम करने वाले 20 बरस के थॉमस मैथ्यू क्रुक्स को सीक्रेट सर्विस के निशानेबाज़ (स्नाइपर) ने मौक़े पर ही गोली मार दी थी.

हालांकि, क्रुक्स के परिवार वाले और क़स्बे में पड़ोसी ये सुनकर सदमे में हैं.

ऐसा लगता है कि वो इस कड़वी हक़ीक़त को पचा नहीं पा रहे हैं कि उनके यहाँ के रहने वाले एक ख़ामोश तबीयत नौजवान पर गोली चलाने का इल्ज़ाम लगाया जा रहा है.

वहीं, एफ़बीआई ने अपनी तरफ़ से यही कहा है कि ‘क्रुक्स ही वो शख़्स हैं, जिसको लेकर पूर्व राष्ट्रपति ट्रंप की हत्या की कोशिश के मामले में जांच की जा रही है और इस मामले की तफ़्तीश बड़ी सक्रियता से हो रही है.’

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हमलावर के बारे में अबतक जो पता है

जब स्नाइपर ने थॉमस क्रुक्स को मार गिराया, तो वहां कोई पहचान पत्र नहीं था. इसलिए जांचकर्ताओं ने डीएनए और फेशियल रिकॉग्निशन तकनीक की मदद से शिनाख़्त की.

क्रुक्स, पेंसिल्वेनिया के बेथेल पार्क के रहने वाले थे. ये क़स्बा, उस जगह से लगभग 70 किलोमीटर दूर है, जहां ट्रंप के ऊपर गोलियां चली थीं.

क्रुक्स 2022 में बेथल पार्क हाई स्कूल से पास हुए. एक स्थानीय अख़बार के मुताबिक़, क्रुक्स को गणित और विज्ञान में अच्छे नंबर लाने के लिए 500 डॉलर का इनाम भी मिला था.

बीबीसी को पता चला है कि थॉमस क्रुक्स ने अपने घर से थोड़ी दूर पर स्थित एक स्थानीय नर्सिंग होम के किचेन में भी काम किया था.

अमेरिकी मीडिया के मुताबिक़, राज्य में मतदाताओं का रिकॉर्ड देखने पर पता चलता है कि क्रुक्स रिपब्लिकन पार्टी के एक रजिस्टर्ड मतदाता थे.

बताया जा रहा है कि 2021 में क्रुक्स ने एक उदारवादी अभियान संगठन एक्टब्लू को 15 डॉलर का दान भी दिया था.

क्रुक्स ने पिछले एक साल से, बेथेल पार्क के एक शूटिंग क्लब क्लेयर्टन स्पोर्ट्समेन क्लब की सदस्यता ले रखी थी.

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समाचार एजेंसी एसोसिएटेड प्रेस की एक रिपोर्ट ने क़ानून व्यवस्था से जुड़ी एजेंसियों के हवाले से बताया है कि डोनल्ड ट्रंप पर गोली चलाने के लिए जिस राइफल का इस्तेमाल किया गया था, वो क्रुक्स के पिता ने ख़रीदी थी.

नाम न बताने की शर्त पर दो अधिकारियों ने समाचार एजेंसी एसोसिएटेड प्रेस को बताया कि क्रुक्स के पिता ने ये राइफल कम से कम छह महीने पहले ख़रीदी थी.

अमेरिकी मीडिया की ख़बरों के मुताबिक़, गोली चलाते वक़्त क्रुक्स ने डिमॉलिशन रैंच नाम के एक यू-ट्यूब चैनल की टी-शर्ट पहन रखी थी.

ये चैनल अपनी बंदूकों के वीडियो के लिए मशहूर है. इस चैनल के लाखों सब्सक्राइबर हैं. इसके वीडियो में अलग-अलग तरह की बंदूकों और विस्फोटक उपकरणों के बारे में जानकारी दी जाती है.

गोलीबारी के एक दिन बाद क़ानून व्यवस्था से जुड़ी एजेंसियों ने बीबीसी के अमेरिकी साझीदार सीबीएस को बताया कि क्रुक्स की गाड़ी से संदिग्ध उपकरण भी बरामद हुए हैं.

सीबीएस के मुताबिक़, क्रुक्स के पास बाज़ार में उपलब्ध एक ऐसा उपकरण भी था, जिसके बारे में माना जा रहा है कि उससे कई विस्फोटक उपकरणों को संचालित किया जा सकता था.

इसके बाद बम निष्क्रिय करने के जानकारों को मौक़े पर बुलाया गया, ताकि इस डिवाइस को सुरक्षित करके इसकी पड़ताल की जा सके.

क्रुक्स के गोली चलाने की वजह क्या थी?

वीडियो कैप्शन, डोनाल्ड ट्रंप की हत्या का प्रयास करने वाला कौन था हमलावर और चश्मदीदों ने क्या बताया?

क्रुक्स की पहचान सुनिश्चित करने के बाद अब जांच अधिकारी उनके इस कृत्य के पीछे के मक़सद का पता लगाने में जुटे हैं.

पिट्सबर्ग में एफ़बीआई के स्पेशल एजेंट इन-चार्ज केविन रोजेक ने शनिवार रात एक प्रेस कांफ्रेंस में बताया था कि, ‘हम अब तक इसके पीछे के मक़सद का पता नहीं लगा सके हैं.’

केविन रोजेक ने कहा था कि बटलर में जो घटना हुई है, उसकी जांच में कई महीने लग सकते हैं और जांच करने वाले इस बात का पता लगाने में जुटे रहेंगे कि आख़िर क्रुक्स के गोली चलाने का मक़सद क्या था.

सीएनएन से बात करते हुए क्रुक्स के पिता मैथ्यू क्रुक्स ने कहा कि वो ख़ुद ये समझने की कोशिश कर रहे हैं कि, ‘आख़िर ये सब हो क्या रहा है.’

हालांकि, उन्होंने ये भी कहा कि वो अपने बेटे के बारे में कुछ भी कहने से पहले ‘क़ानून व्यवस्था से जुड़ी एजेंसियों से बात करने तक इंतज़ार करेंगे.’

एफ़बीआई के मुताबिक़, क्रुक्स का परिवार जांच एजेंसियों के साथ पूरा सहयोग कर रहा है.

पुलिस ने उस घर को जाने वाली सड़क को सील कर दिया है, जहां थॉमस क्रुक्स अपने माता-पिता के साथ रहते थे.

एक पड़ोसी ने सीबीएस को बताया कि अधिकारियों ने आधी रात को बिना कोई चेतावनी दिए उन्हें उनके घर से निकाल लिया था.

बेथेल पार्क की पुलिस ने बताया कि क्रुक्स के घर के आस-पास बम होने की जांच की जा रही है.

इस इलाक़े में आवाजाही पर कड़ी नज़र रखी जा रही है और पुलिस की गाड़ियों ने रास्ते रोक रखे हैं. केवल यहां के रिहाइशी लोगों को ही आने जाने दिया जा रहा है.

जांच एजेंसियों के सूत्रों ने सीबीएस को बताया है कि उनका मानना है कि ट्रंप पर गोली चलाने से पहले इसकी किसी न किसी तरह से योजना बनाई गई थी.

हालांकि, ये योजना बनाने में कितना वक़्त लगाया गया था, वो अभी जांच का विषय है.

पुलिस का मानना है कि थॉमस क्रुक्स अकेले ही काम कर रहे थे. हालांकि, जांच करने वाले इस बात का भी पता लगा रहे हैं कि वो ट्रंप की रैली में किसके साथ गए थे.

कैसा था थॉमस क्रुक्स का व्यक्तित्व?

ट्रंप पर हमला

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क्रुक्स की शख़्सियत को लेकर अब तक जो तस्वीर सामने आई है, वो कई बार भ्रमित करने वाली और विरोधाभासी मालूम होती है.

क्रुक्स के साथ स्थानीय हाई स्कूल में पढ़ने वाले कुछ युवकों ने एक स्थानीय न्यूज़ चैनल केडीकेए से बात करते हुए बताया कि वो सबसे दूर-दूर रहा करते थे और लोग उनको अक्सर डराते धमकाते रहते थे.

कई बार क्रुक्स ‘शिकार के लिए पहना जाने वाला लिबास’ पहनकर स्कूल आया करते थे.

वहीं, स्कूल में क्रुक्स के साथ पढ़ने वाली एक और युवती समर बार्कले ने उनकी एक अलग ही छवि पेश की. बार्कले ने बीबीसी से कहा कि क्रुक्स को ‘इम्तिहान और टेस्ट में हमेशा अच्छे नंबर मिलते थे’ और ‘इतिहास को लेकर उनकी ज़बरदस्त दिलचस्पी थी.’

समर बार्कले ने बताया कि, ‘सरकार और इतिहास से जुड़ा कोई भी सवाल हो, ऐसा लगता था कि उनको सब पता था. लेकिन ये कोई असामान्य बात नहीं थी… वो हमेशा अच्छा बर्ताव करते थे.’

समर बार्कले ने बताया कि क्रुक्स को उनके सारे टीचर पसंद करते थे.

वहीं कुछ छात्रों ने कहा कि क्रुक्स हमेशा ख़ामोश रहा करते थे.

क्रुक्स के साथ पढ़ने वाले एक और शख़्स ने बीबीसी से कहा कि, ‘वो स्कूल में तो थे. लेकिन मुझे ऐसे किसी शख़्स का ख़याल नहीं आता जो उन्हें अच्छे से जानता रहा हो. वो ऐसे इंसान नहीं थे जिनके बारे में मैं कुछ सोच पाता हूं. लेकिन, वो ठीक-ठाक ही लगते थे.’

बेथेल पार्क हाई स्कूल की राइफ़ल टीम के पूर्व सदस्य जेमसन मायर्स भी 2022 में क्रुक्स के साथ ही इस स्कूल से पास हुए थे. उन्होंने सीबीएस को बताया कि क्रुक्स, राइफ़ल टीम में शामिल नहीं हो पाए थे.

मायर्स ने कहा कि, ‘उन्होंने कोशिश तो की थी, पर वो स्कूल की जूनियर टीम में भी शामिल नहीं हो पाए थे. हाई स्कूल में अपने बाक़ी के दिनों में भी वो दोबारा राइफ़ल टीम के चुनाव का टेस्ट देने नहीं आए.’

जेमसन मायर्स, क्रुक्स को एक ‘सामान्य लड़के’ के तौर पर याद करते हैं, जो छात्रों के बीच ‘बहुत ज़्यादा लोकप्रिय तो नहीं’ थे, लेकिन वो कभी किसी लड़ाई झगड़े या विवाद में भी नहीं पड़े.

मायर्स ने कहा कि, ‘वो एक अच्छे बच्चे थे, जो कभी किसी से बदतमीज़ी से बात नहीं करता था और अभी उनके बारे में जो कुछ बताया जा रहा है, उनसे वैसा करने की उम्मीद तो मुझे बिल्कुल भी नहीं थी.’

समुदाय के दूसरे सदस्यों ने बस यही कहा कि थॉमस क्रुक्स के बारे में सुनकर वो हैरान हैं. उन्हें यक़ीन नहीं हो रहा कि ट्रंप पर हमले का आरोपी बेथल पार्क के ख़ामोश और हरे-भरे इलाक़े का रहने वाला था.

इनमें से एक व्यक्ति जैसन मैके भी हैं. 27 साल के जैसन, क्रुक्स के घर के पास ही रहते हैं और वो उस वक़्त स्कूल में काम करते थे, जब क्रुक्स वहां पढ़ाई करते थे.

जैसन मैके ने कहा कि वैसे तो वो थॉमस क्रुक्स को निजी तौर पर नहीं जानते थे. लेकिन, अभी भी उन्हें इस बात का यक़ीन नहीं हो रहा है कि ये सब क्रुक्स ने किया है.

जैसन कहते हैं किस ‘ये तो बहुत बड़े सदमे वाली बात है. आप सोच भी नहीं सकते कि आपके पड़ोस का रहने वाला ऐसा कुछ कर सकता है. ये तो समझ से परे है.’

क्या थॉमस क्रुक्स ने अकेले हमला किया?

ट्रंप

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ट्रंप पर गोलीबारी में एक व्यक्ति की मौत हो गई थी और दो लोग ज़ख़्मी हो गए थे.

सीबीएस न्यूज़ की रिपोर्ट के मुताबिक़, गोलीबारी के सभी पीड़ित वयस्क थे और ट्रंप की रैली में शामिल होने आए थे.

रविवार को एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में पेंसिल्वेनिया के गवर्नर जॉश शैपिरो ने गोलीबारी में मरने वाले की पहचान कोरे कॉम्पेराटोर के तौर पर की. 50 बरस के कोरे, फ़ायर ब्रिगेड की टीम के वालंटियर प्रमुख थे. वो उस वक़्त मारे गए, जब अपने परिवार को बचाने के लिए वो उनके ऊपर कूद गए थे.

गवर्नर जॉश शैपिरो ने कहा कि, ‘कोरे कॉम्पेराटोर एक बहादुर की मौत मरे’.

ट्रंप के चुनाव अभियान की राष्ट्रीय वित्तीय निदेशक मेरेडिथ ओ’रूर्क ने ट्रंप पर हमले के कुछ घंटों के भीतर ही गोफंडमीपेज नाम से एक वेबसाइट शुरू कर दी, जिसमें इस हमले के शिकार परिवारों के लिए चंदा जुटाया जा रहा है.

अब तक इस वेबसाइट ने लगभग तीन लाख 40 हज़ार डॉलर की रक़म जुटा ली है.

हमले के बाद ट्रुथ सोशल नाम के अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर ट्रंप ने लिखा कि, ‘मुझे जो गोली मारी गई वो मेरे दाहिने कान के ऊपरी हिस्से को छूती हुई गुज़र गई थी और उन्हें महसूस हुआ कि गोली उनकी त्वचा को चीरते हुए निकल गई थी.’

ट्रंप अभी ‘ठीक ठाक हैं’ और रिपब्लिकन नेशनल कमिटी की वेबसाइट पर छपे एक बयान के मुताबिक़, उन्होंने क़ानून व्यवस्था के अधिकारियों का शुक्रिया अदा किया है.

कितनी दूरी पर थे ट्रंप?

हमलावर

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एक चश्मदीद ने बीबीसी को बताया कि ट्रंप पर गोली चलने से पहले उन्होंने एक शख़्स को छत पर रेंगते हुए देखा था. माना जा रहा है कि वो थॉमस क्रुक्स ही थे.

टीएमज़ी द्वारा हासिल किए गए एक वीडियो में गोलीबारी शुरू होने से ठीक पहले के कुछ लम्हे नज़र आते हैं.

सीबीएस की ख़बर के मुताबिक़, हमलावर ने एआर स्टाइल की राइफल से गोली चलानी शुरू की थी.

क़ानून व्यवस्था संभालने वाली एजेंसियों के सूत्रों ने भी सीबीएस को बताया कि उन्हें मौक़े पर मौजूद एक शख़्स ने हमलावर की तरफ़ इशारा किया था. पुलिस ने उसकी पहचान एक संदिग्ध के तौर पर की थी. लेकिन, गोलीबारी शुरू होने से पहले ही वो व्यक्ति पुलिस की निगाह से बच निकला था.

हालांकि, एफबीआई का कहना है कि उन्हें तुरंत तो नहीं पता कि ट्रंप पर किस हथियार से गोली चलाई गई और कितने फायर किए गए.

एफबीआई के अधिकारी ने बताया कि, सीक्रेट सर्विस के एक निशानेबाज़ ने जवाबी हमला करके गोली चलाने वाले को मार गिराया था.

बाद की तस्वीरों में हथियारबंद अधिकारी एक इमारत की छत पर एक लाश की तरफ़ जाते दिखाई दिए थे.

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