एशिया कप क्रिकेट: वर्ल्ड कप के साये में कुछ बेहतरीन यादें समेटे हुए यह टूर्नामेंट

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- Author, विधांशु कुमार
- पदनाम, खेल पत्रकार, बीबीसी हिंदी के लिए
183 एक ख़ास नंबर है. ये भारत के तीन कप्तानों का वनडे में उच्चतम स्कोर है. सौरव गांगुली, एम एस धोनी और विराट कोहली ने इसी सर्वोच्च स्कोर पर विराम लिया है.
गांगुली और धोनी ने वनडे में अपना सर्वोत्तम स्कोर श्रीलंका के ख़िलाफ़ बनाया, वहीं कोहली का ये रिकॉर्ड पाकिस्तान के ख़िलाफ़ बना है.
कोहली ने ये स्कोर एशिया कप के मैच में साल 2012 में मीरपुर में बनाया था.
वही एशिया कप, जिसमें भारत, पाकिस्तान, श्रीलंका और बांग्लादेश के बीच कई यादगार मैच देखने को मिले.
वहीं इस टूर्नामेंट में संयुक्त अरब अमीरात और हॉन्ग कॉन्ग जैसी टीमों को भी शिरकत करने का मौक़ा मिला.
उतार-चढ़ाव भरे इतिहास से लबरेज एशिया कप का एक और टूर्नामेंट हमारे सामने है.
इस संस्करण का पहला मैच 30 अगस्त को पाकिस्तान और नेपाल के बीच मुल्तान में खेला जाएगा और फ़ाइनल मैच एक सितंबर को होगा.
अगर भारत और पाकिस्तान दोनों फ़ाइनल तक पहुँचे तो इसकी संभावना है कि दोनों देशों के बीच तीन मैच इस टूर्नामेंट में खेले जाएंगे, जिसके लिए ना सिर्फ़ फ़ैंस बल्कि आयोजक और ब्रॉडकास्टर्स भी बेक़रार हैं.
कभी एक बेहद लोकप्रिय रहने वाला टूर्नामेंट को बाद में कई बार कई कारणों की वजह से रद्द भी करना पड़ा है.
एशिया कप की चरम लोकप्रियता उन दिनों होती थी, जब क्रिकेट पूरे साल नहीं खेला जाता था और क्रिकेट के टूर्नामेंट भी कम होते थे. या तो विश्व कप क्रिकेट हो या फिर दो देशों के बीच की आपसी सिरीज़ में वनडे टूर्नामेंट देखा जा सकता था.
ऐसे में एशिया कप वर्ल्ड कप के बाद बाद सबसे बड़ा टूर्नामेंट बन कर उभरा, जिसमें लोगों को ख़ासकर भारत और पाकिस्तान के मैचों का बेसब्री से इंतज़ार रहता था.

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शुरुआती दिन
एशिया कप शुरू होने से पहले क्रिकेट की जगत में कुछ ऐसे मामले सामने आए जो इस खेल के करवट लेने का इशारा कर रहे थे.
ऑस्ट्रेलिया में रंगीन कपड़ों में कैरी पैकर की वर्ल्ड सिरीज़ ने वनडे को टीवी और उस पर दिखाए जाने वाले विज्ञापनों के लिए बनाकर पेश किया था.
वहीं 1983 में कपिल देव की भारतीय टीम ने वनडे का वर्ल्ड कप जीतकर करोड़ों भारतीय दर्शकों को वनडे क्रिकेट की खुमारी में जोड़ लिया था.
वनडे क्रिकेट टेस्ट क्रिकेट से ज़्यादा लोकप्रिय होने लगा था और क्रिकेट की दुनिया नए टूर्नामेंट्स तलाश कर रही थी. ऐसे में एशिया कप एक सौगात बनकर आया.
पहला एशिया कप साल 1984 में संयुक्त अरब अमीरात में खेला गया. इस पहले टूर्नामेंट में तीन टीमों ने हिस्सा लिया था – भारत, पाकिस्तान और श्रीलंका.
तीन देशों के इस टूर्नामेंट में फ़ाइनल भारत और पाकिस्तान के बीच खेला गया. इस टूर्नामेंट में राउंड रॉबिन लीग के तहत तीन मैच खेले गए – पहले मैच में श्रीलंका नें पाकिस्तान को 5 विकेटों से हराकर बडा झटका दिया था.
दूसरे मैच में भारत ने श्रीलंका को 10 विकेटों से हरा दिया और तीसरे मैच में भी भारत 54 रनों से पाकिस्तान के खिलाफ़ जीत गया. इस तरह पहला टूर्नामेंट भारत के नाम रहा था.
1986 में खेले गए दूसरे एशिया कप में श्रीलंकाई टीम के बढ़ते क़दमों को क्रिकेट की दुनिया ने देखा.
माना जाता है कि जियोपॉलिटिकल मुद्दों की वजह से भारत ने श्रीलंका में अपनी टीम नही भेजी थी. मेज़बान देश ने पाकिस्तान को हराकर पहली बार एशिया कप पर कब्ज़ा जमाया था.
80 के दशक का तीसरा टूर्नामेंट बांग्लादेश में खेला गया, जिसमें भारत एक बार चैंपियन बना और श्रीलंका रनर्स-अप.

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नब्बे का दशक
नब्बे के दशक में भी तीन बार एशिया कप टूर्नामेंट खेला गया.
बांग्लादेश में खेले गए 1991 के टूर्नामेंट में पहले नंबर पर भारत और दूसरे पर श्रीलंका की टीम रही.
1995 में यूएई में एक बार फिर वही नतीजा दुहराया गया.
इस तरह देखा जाए तो भारत ने लगातार तीन बार एशिया कप जीता था और पहले 5 में से 4 बार इंडियन टीम चैंपियन बनी थी.
लेकिन यहाँ से एशिया कप में ट्रॉफ़ी का जो अकाल भारत के सामने आया उसे ख़त्म होने में 15 साल लग गए.
1997 के फ़ाइनल में श्रीलंका ने भारत को हराया और भारत के विजयी रथ पर इस टीम ने लगाम लगा दी.

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नई चैंपियन टीम और नया चैंपियन खिलाड़ी का आना
नई सदी के पहले टूर्नामेंट में एशिया को एक नया चैंपियन मिला -पाकिस्तान.
एशिया कप के इस सातवें टूर्नामेंट में पाकिस्तान ने फाइनल में श्रीलंका को 39 रनों स हराया और बांग्लादेश में खेले गए इस टूर्नामेंट में पहली बार एशिया के चैंपियन होने का गौरव हासिल किया.
2004 में एक बार फिर भारत-पाकिस्तान और श्रीलंका के बीच कड़ा मुकाबला देखने को मिला. इस बार तीन या चार के बजाए 6 टीमें टूर्नामेंट में हिस्सा ले रही थी.
एक रोमांचक लीग मैच में पाकिस्तान ने 300 रन बनाए. जवाब में भारतीय टीम 241 पर ही ख़त्म हुई लेकिन रन रेट क धार पर पाकिस्तान को 60 रनों से जीत चाहिए थी, जिससे उसे बोनस अंक मिलता.
आख़िरी लम्हों में अनिल कुंबले और बालाजी ने दो बाई रन दौड़कर हार के अंतर को 59 कर दिया, जिसकी वजह से पाकिस्तान फ़ाइनल में पहंँच नहीं सका. हालांकि फ़ाइनल में भारत को श्रीलंका से हार का सामना करना पड़ा था.
2008 में भी भारत ने पाकिस्तान को हराकर फ़ाइनल में जगह बनाई लेकिन श्रीलंका ने भारत को फ़ाइनल में हराया दिया था.
एशिया कप की ट्रॉफी भारत के हाथ 1995 के बाद साल 2010 में लगी जब इस बार श्रीलंका पर भारतीय टीम भारी पड़ी. भारत के 268-6 के जवाब मे श्रीलंका की टीम 187 रनों पर सिमट गई थी.
वैसे तो साल 2012 का टूर्नामेंट पाकिस्तान ने जीता था, लेकिन लीग मैच में विराट कोहली ने ऐसी पारी खेली जिसने, उन्हें विश्व क्रिकेट में सचिन तेंदुलकर का उत्तराधिकारी घोषित कर दिया.
भारतीय टीम 330 के विशाल स्कोर का पीछा करी रही थी और ओपनर गंभीर जल्दी ही शुन्य पर आउट हो गए थे. लेकिन फिर विराट कोहली ने सचिन तेंदुलकर और रोहित शर्मा के साथ मिलकर बड़ी साझेदारियां की और अकेले अपने दम पर भारत को मैच जिता दिया.
कोहली ने 148 गेंदों में 22 चौकों की मदद से 183 रन बनाए और भारत ने 13 गेंद रहते ही लक्ष्य हासिल कर लिया था. विश्व क्रिकेट को कोहली के रूप में एक नया चैंपियन खिलाड़ी मिल गया था जो आने वाले दशक में क्रिकेट को डॉमिनेट करने वाला था.

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2016ः टी20 में नया अवतार
साल 2016 में एशिया कप के फॉर्मैट में बदलाव किया गया. बांग्लादेश में खेले गए इस टूर्नामेंट में 50 ओवर के वनडे मैचों के बजाए 20 ओवरों का टी20 टूर्नामेंट खिलाया गया.
फ़ाइनल में भारत ने बांग्लादेश को 8 विकेटों से हराकर 6ठी बार एशिया कप की ट्रॉफ़ी पर कब्ज़ा जमाया.
लेकिन इसके अगली बार 2018 मे एक बार फिर एशिया कप वनडे की फॉर्मैट में खेला गया, जिसे भारत ने जीता.
वहीं 2021 का टूर्नामेंट कोविड की वजह से आगे धकेल दिया गया. 2022 में श्रीलंका की टीम एक बार फिर अपने देश में चैपियन बनी.
इस तरह देखा जाए तो एशिया कप में सर्वाधिक बार भारत ने जीत हासिल की है. भारतीय टीम के नाम 7 बार चैंपियन होने का गौरव हासिल है. वहीं श्रीलंका ने इस टूर्नामेंट को 6 बार जीता है.
पाकिस्तान के हाथ दो बार ये ट्रॉफी लगी है.
हालांकि एशिया कप टूर्नामेंट को इन तीनों के अलावा किसी और टीम ने जीता नहीं है, लेकिन इसमें टेस्ट खेलने वाले बांग्लादेश के अलावा संयुक्त अरब अमीरात, अफ़ग़ानिस्तान, नेपाल, हॉन्ग कॉन्ग जैसी टीमों ने भी हिस्सा लिया है.
एशियन क्रिकेट काउंसिल द्वारा आयोजित किए जाने वाले इस टूर्नामेंट में ऐसी टीमों के खेलने से प्रतियोगिता का स्तर फीका पड़ जाता है और टेस्ट खेलने वाली टीमों के ख़िलाफ़ इनका मैच एकतरफ़ा हो जाता है, जिससे क्रिकेट की लोकप्रियता में उल्टा असर पड़ता है.
हालांकि एसीसी का मानना है कि इससे नेपाल या यूएई जैसे देशों की टीमें मज़बूत बनती है लेकिन इसका कोई प्रमाण अभी तक तो नहीं मिला है.
इस बार की एशिया कप टूर्नामेंट में भारत, पाकिस्तान, श्रीलंका, बांग्लादेश, अफ़ग़ानिस्तान और नेपाल की टीमें हिस्सा ले रही हैं.
इस बार का टूर्नामेंट पाकिस्तान और श्रीलंका में खेला जा रहा है. हालांकि पहले सिर्फ़ पाकिस्तान में खेलने की योजना थी, लेकिन भारत के पाकिस्तान में खेलने से मना करने के बाद श्रीलंका को भी इसके आयोजन में जोड़ दिया गया है.
टूर्नामेंट का पहला मैच 30 अगस्त को पाकिस्तान और नेपाल के बीच खेला जाएगा वहीं दो सितंबर को भारत और पाकिस्तान के बीच बहुप्रतिक्षित मैच खेला जाएगा.
इस बार भी ये टूर्नामेंट वनडे फॉर्मैट में खेला जाएगा, इसलिए इसी साल भारत में होने वाले वर्ल्ड कप की तैयारियों के लिए एशिया कप की अहमियत और बढ़ गई है.
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