'दोस्ती मैदान से बाहर'- गौतम गंभीर की इस सलाह पर शाहिद आफ़रीदी क्या बोले?

इमेज स्रोत, Getty Images
एशिया कप क्रिकेट 2023 की जब शुरुआत हुई तो जिस एक मुक़ाबले पर सबकी नज़र रही, वो था भारत और पाकिस्तान का मैच.
दो सितंबर को खेले गए मैच में पाकिस्तानी गेंदबाज़ों के सामने भारत के शीर्ष के बल्लेबाज़ टिक नहीं पाए थे.
ये मैच पाकिस्तान की गेंदबाज़ी, बारिश के अलावा कुछ और वजहों से चर्चा में रहा.
ये वजहें पूर्व भारतीय क्रिकेटर और बीजेपी सांसद गौतम गंभीर से जुड़ी हुई हैं.
फिर चाहे दर्शकों की ओर 'मिडिल फिंगर' दिखाना हो या फिर मैच कमेंट्री के दौरान दोनों देशों के खिलाड़ियों पर कही गई बातें.
अब गौतम गंभीर के बयान पर पाकिस्तान के पूर्व क्रिकेटर शाहिद आफ़रीदी ने प्रतिक्रिया दी है.

इमेज स्रोत, Getty Images
गौतम गंभीर ने क्या कहा था?
भारत बनाम पाकिस्तान मैच के दौरान गौतम गंभीर ने कहा था, ''जब आप अपने देश के लिए खेलते हैं, तब आपको अपनी दोस्ती मैदान से बाहर रखनी चाहिए. गेम फेस होना ज़रूरी है. दोस्ती बाहर रहनी चाहिए. दोनों तरफ़ के खिलाड़ियों में आक्रामकता होनी चाहिए.''
गंभीर बोले, ''जितना भी दोस्ताना होना है, होइए लेकिन क्रिकेट खेल के छह सात घंटों के बाद. ये घंटे बहुत महत्वपूर्ण होते हैं क्योंकि आप सिर्फ़ ख़ुद को नहीं पेश कर रहे होते हैं. आप 100 करोड़ से ज़्यादा लोगों की तरफ़ से खेल रहे होते हैं.''
भारत पाकिस्तान क्रिकेट मैच के दौरान कुछ ऐसी तस्वीरें आई थीं, जिनमें दोनों देशों के ख़िलाड़ी एक-दूसरे से प्यार से मिलते दिख रहे थे.
सोशल मीडिया पर विराट कोहली की ऐसी तस्वीरें काफ़ी शेयर होती रही हैं. ज़्यादातर लोग इन तस्वीरों को अच्छी खेल भावना बताते हैं.
भारत-पाकिस्तान मैच में हार्दिक पांड्या के जूते के फीते शादाब ख़ान के बांधने की भी तस्वीर शेयर हुई थी.
गंभीर बिना किसी का नाम लिए इस बारे में कहते हैं, ''आज कल आप देखते हैं कि दो विरोधी टीम के खिलाड़ी एक दूसरे को थपथपाते हुए, हाथ मिलाते हुए मिल जाएंगे. कुछ साल पहले तक ये सब नहीं होता था.''

इमेज स्रोत, Getty Images
शाहिद आफ़रीदी ने क्या कहा?
गंभीर के इस बयान पर अब शाहिद आफ़रीदी ने पाकिस्तानी मीडिया से जो कहा, वो सोशल मीडिया पर शेयर हो रहा है.
शाहिद आफ़रीदी ने कहा, ''दोनों देशों के ख़िलाड़ी आपस में दोस्ताना तरीके से पेश आते हैं, ये सबसे अच्छी बात है. मैं इसे बहुत सकारात्मक तरीके से देखता हूं. हम किसी देश में जाते हैं तो वहाँ हम अपने मुल्क के अंबेसडर भी होते हैं. भारत, पाकिस्तान के रिश्ते क्रिकेट के ज़रिए ही बेहतर हो सकते हैं. राजनीति को बिल्कुल किनारे रखिए.''
गौतम गंभीर के बयान पर शाहिद अफरीदी बोले- ''वो उसकी अपनी सोच है, मेरी सोच अलग है. हम क्रिकेटर्स भी हैं और अंबेसडर्स भी हैं. हमारे दुनिया में फैन भी हैं. चाहने वाले दोनों तरफ़ हैं. मेरे ख़्याल में प्यार का संदेश ही दें तो ज़्यादा बेहतर है.''
शाहिद आफ़रीदी अभी भले ही गौतम गंभीर से अलग विचार रखने की बात कर रहे हैं मगर इन दोनों खिलाड़ियों के बीच भी झड़प मैदान पर देखने को मिली थी.

इमेज स्रोत, Getty Images
साल था 2007. कानपुर वनडे में पाकिस्तान के शाहिद आफ़रीदी गेंदबाज़ी कर रहे थे और सामने थे गौतम गंभीर.
गंभीर ने आफ़रीदी को एक चौका जड़ा और फिर अगली गेंद पर सिंगल लेने दौड़े.
इस दौरान दोनों की टक्कर हो गई और फिर गरमा-गरम बहस. बाद में आईसीसी ने गंभीर पर शारीरिक टक्कर के आरोप में जुर्माना लगाया था.
क्रिकेट मैचों में खिलाड़ियों की आक्रामकता पर आफ़रीदी ने कहा, ''मैदान के अंदर आक्रामकता होती है. ऐसा नहीं है कि नहीं होती है. मगर मैदान के बाहर भी एक ज़िंदगी है और हम अपने-अपने देशों के अंबेसडर हैं.''
एशिया कप क्रिकेट में रविवार को एक बार फिर भारत और पाकिस्तान की टीमें आमने-सामने होंगी.
2 सितंबर को दोनों टीमों के बीच हुआ मैच बारिश की भेंट चढ़ गया था और दोनों टीमों को एक-एक अंक से संतोष करना पड़ा था.

इमेज स्रोत, Getty Images
भारत, पाकिस्तान मैच में गंभीर से जुड़ा एक और विवाद
दो दिन पहले सोशल मीडिया पर गौतम गंभीर का एक वीडियो वायरल हुआ था.
माना जा रहा है कि ये वीडियो एशिया कप मैच के दौरान का है.
वीडियो में देखा जा सकता था कि भीड़ कोहली, कोहली चिल्ला रही है और सामने से गुज़रते गौतम गंभीर अपनी मिडिल फिंगर भीड़ को दिखाते हैं.
बॉडी लैंग्वेज में किसी को मिडिल फिंगर यानी हाथ में बीच की उंगली दिखाने को बहुत बुरा माना जाता है. इसे अश्लील हरकत समझा जाता है.
इस वीडियो पर गौतम गंभीर की काफ़ी आलोचना हुई.
इस आलोचना के बाद गौतम गंभीर ने मीडिया से बातचीत में दावा किया, ''सोशल मीडिया पर जो दिखाया जाता है उसमें सच्चाई नहीं होती. लोग जो दिखाना चाहते हैं वही दिखाते हैं.''
गंभीर दावा करते हैं, ''वायरल हुए वीडियो की सच्चाई ये है कि अगर कोई भारत विरोधी नारे लगाते हैं और कश्मीर के बारे में बोलते हैं, तो आपके सामने वाला व्यक्ति ज़ाहिर है अपनी प्रतिक्रिया देगा. वो मुस्कुराएगा नहीं और यूं ही चला जाएगा. वहां दो-तीन पाकिस्तानी थे जो भारत विरोधी बातें और कश्मीर पर बोल रहे थे. ऐसे में ये मेरी स्वाभाविक प्रतिक्रिया थी. मैं अपने देश के ख़िलाफ़ कुछ भी नहीं सुन सकता. मैं ऐसा व्यक्ति हूं भी नहीं.''

इमेज स्रोत, Getty Images
कोहली और गंभीर के रिश्ते
विराट कोहली से गौतम गंभीर के रिश्ते अकसर चर्चा में रहते हैं.
इसी साल मई में आईपीएल में बेंगलुरु और लखनऊ के मैच में गंभीर और कोहली के बीच भिड़ंत ने ख़ूब सुर्ख़ियां बटोरी थीं.
उस दिन मैच के बाद बेंगलुरु के खिलाड़ी विराट कोहली और लखनऊ के मेंटॉर गौतम गंभीर के बीच ग़ुस्से में कहा-सुनी होते हुए देखा गया था.
दोनों को टीम के दूसरे खिलाड़ियों ने एक दूसरे से अलग किया और उन पर आईपीएल ने जुर्माना भी लगाया.
विराट कोहली और गौतम गंभीर के बीच मैदान में झड़पों का पुराना इतिहास है.
दोनों ही दिल्ली के रणजी खिलाड़ी रहे हैं लेकिन आईपीएल में विरोधी टीम के कप्तान और खिलाड़ी के रूप में इन्होंने एक दूसरे का सामना किया है.
इन दोनों खिलाड़ियों के बीच पहली बड़ी झड़प 2013 के आईपीएल में देखने को मिलती है जब कोहली बेंगलुरु के कप्तान थे और गंभीर कोलकाता को लीड कर रहे थे.
दोनों के बीच मैच के दौरान कहा-सुनी हुई और उन्होंने एक दूसरे को धक्का भी दिया.
2016 में कोलकाता ने बेंगलुरु के खिलाफ़ 183 रन बनाए फिर भी 9 विकेट से मैच हार गए. कोहली उस सीज़न ज़बरदस्त फॉर्म में थे और 900 से ज़्यादा रन कोहली ने बनाए थे.
उस मैच के 19वें ओवर के दौरान गंभीर इतने निराश हो गए थे कि उन्होनें रन पूरा होने के बाद भी नॉन स्ट्राइकर की तरफ़ गेंद से मारा जिधर विराट कोहली खड़े थे.
दोनों के बीच एक बार फिर कहासुनी हुई. इस पूरे मैच के दौरान दोनों ही टीम के खिलाड़ियों ने एक दूसरे के ख़िलाफ़ काफ़ी स्लेजिंग की थी.
(बीबीसी हिन्दी के एंड्रॉएड ऐप के लिए आप यहां क्लिक कर सकते हैं. आप हमें फ़ेसबुक, ट्विटर, इंस्टाग्राम और यूट्यूब पर फ़ॉलो भी कर सकते हैं.)












