पीसीबी से हटाए जाने के बाद क्यों आग उगल रहे हैं रमीज़ राजा, कुर्सी छिनने की क्या है वजह?

इमेज स्रोत, Getty Images
पूर्व क्रिकेटर रमीज़ राजा पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड के चेयरमैन पद से हटाए जाने से खासे ख़फ़ा हैं.
हालिया टेस्ट सिरीज में इंग्लैंड के हाथों पाकिस्तानी टीम की करारी हार के ठीक बाद उन्हें हटाया गया है. उनकी जगह अब पूर्व पत्रकार नजम सेठी को बोर्ड का ज़िम्मा दिया गया है.
चेयरमैन के पद से बर्ख़ास्तगी के बाद रमीज़ राजा पाकिस्तान में क्रिकेट प्रशासन से जुड़े लोगों पर खूब बरसे.
26 दिसंबर को यू ट्यूब पर लाइव स्ट्रीमिंग में उन्होंने कहा कि उन्हें राजनीतिक वजहों से हटाया गया है. इससे पाकिस्तान के क्रिकेट को नुकसान पहुंचेगा. राजा ने कहा कि वह इस पूरे मसले को इंटरनेशनल फोरम पर उठाएंगे.
राजा ने कहा, ''जब आपका कार्यकाल तीन साल का है और फिर एक ही साल में आपको किसी राजनीतिक नियुक्ति के लिए साइडलाइन किया जा रहा है. इस तरह की राजनीतिक दखलंदाज़ी से क्रिकेट को नुकसान होगा. क्रिकेट बोर्ड में कोई निरंतरता नहीं रहेगी और बैकडोर से लोगों की एंट्री होगी तो क्या स्तर रह जाएगा?''
राजा ने कहा, ''ऐसा सिर्फ़ पाकिस्तान में ही हो सकता है कि आप नियमों का उल्लंघन करते हुए किसी को उसका कार्यकाल पूरा होने से पहले ही हटा रहे हैं. मैं इस मुद्दे को इंटरनेशनल फोरम पर उठाऊंगा. इस फैसले से बाबर आजम और पूरी टीम पर प्रेशर आ गया है क्योंकि उन्हें नए लोगों के साथ काम करना होगा.''
रमीज़ ने दावा किया कि क्रिकेट बोर्ड के दफ़्तर पर लोगों की ओर ऐसे हमला किया गया मानो एफआईए (फेडरल इन्वेस्टिगेशन एजेंसी ऑफ पाकिस्तान) ने किसी दफ़्तर पर रेड डाल दी हो.
बीसीसीआई पर भी बरसे
रमीज़ राजा ने बीसीसीआई को फिर निशाने पर लिया. राजा ने कहा, "जिस तरह से भारत ने घोषणा की कि वो पाकिस्तान में एशिया कप नहीं खेलेंगे, वह सही नहीं था. उन्होंने एशियाई क्रिकेट परिषद के सदस्यों से परामर्श किए बिना बयान जारी किया. भारत को पाकिस्तान या किसी अन्य देश पर इस तरह बॉस बनने की कोशिश नहीं करनी थी."
रमीज़ राजा ने कहा, ''मुझे कोई समस्या नहीं होती अगर बीसीसीआई ने कहा होता कि भारत एशिया कप 2023 में भाग नहीं ले सकता क्योंकि वे पाकिस्तान की यात्रा नहीं कर सकते हैं. लेकिन बीसीसीआई एशिया कप को पाकिस्तान से बाहर तटस्थ स्थान पर आयोजित करने का एकतरफा फैसला नहीं ले सकता है.''
हालांकि एक भारतीय क्रिकेट फैन के जवाब में उन्होंने ये भी कहा कि उन्हें भारतीय प्रशंसकों से बहुत सम्मान मिला है.
उन्होंने कहा, ''क्रिकेट बाधाओं को तोड़ता है. ये सीमाओं का भेद मिटाता है, एक क्रिकेटर, कमेंटेटर के तौर पर मुझे बहुत प्यार मिला है, दिक़्क़त तब होती है जब आप क्रिकेट प्रशासन चला रहे होते हैं तब आपको कठोर फ़ैसले करने पड़ते हैं, इन फ़ैसलों को भारतीय अपने नज़रिये से देखते हैं और पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड अपने नज़रिये से.''
एक महीने पहले भी रमीज़ ने भारतीय टीम पर टिप्पणी की थी. टी20 वर्ल्ड कप से भारत के बाहर होने पर उन्होंने कहा था, ''बिलियन डॉलर की इंडस्ट्री वाली टीम पीछे रह गई है और हम ऊपर निकल गए. हम लोग कुछ अच्छा कर रहे हैं.''

रमीज़ राजा का कार्यकाल खासा सफल, फिर क्यों हटाए गए?
'इंडियन एक्सप्रेस' के मुताबिक पाकिस्तान क्रिकेट पर नज़र रखने वालों का कहना है कि रमीज़ राजा का छोटा कार्यकाल खासा सफल रहा है. उनके नेतृत्व में पाकिस्तान ने दशक के सबसे बड़े इंटरनेशनल टूर की मेज़बानी की.
लाहौर में 2009 में श्रीलंकाई टीम पर हमले के बाद दुनिया भर की टीमें और खिलाड़ी पाकिस्तान में खेलने को तैयार नहीं थे.
सुरक्षा कारणों की वजह से 2021 में इंग्लैंड और न्यूज़ीलैंड ने पाकिस्तान का दौरा रद्द कर दिया था. रमीज़ राजा ने ही 2022 में ऑस्ट्रेलियाई टीम को पाकिस्तान आने के लिए राज़ी किया. इसके बाद इंग्लैंड और न्यूज़ीलैंड ने भी पाकिस्तान का दौरा किया.
रमीज़ राजा की पीसीबी का चेयरमैन बनने के कुछ ही दिन बाद खिलाड़ियों की सैलरी और पेंशन में इज़ाफा हुआ. इससे उनकी खूब तारीफ़ भी हुई.
फिर उन्हें हटाया क्यों गया. कहा जा रहा है कि इसके पीछे पाकिस्तान के क्रिकेट सिस्टम और देश की बदलती राजनीति है.
रमीज़ राजा इमरान ख़ान के प्रधानमंत्री रहते पीसीबी के चेयरमैन बने थे. इमरान के प्रधानमंत्री हटने के बाद से ही रमीज़ राजा की विदाई की अटकलें लगाई जाने लगी थीं.
पाकिस्तान में प्रधानमंत्री देश के क्रिकेट बोर्ड का पदेन संरक्षक होता है. पाकिस्तान क्रिकेट पर उसका काफी प्रभाव होता है. पाकिस्तान में इतिहास रहा है कि सत्ता में बदलाव होने के साथ ही वहां क्रिकेट बोर्ड में भी बदलाव होता है.

इमेज स्रोत, Getty Images
क्या बड़बोलेपन की वजह से छिनी रमीज़ की कुर्सी?
रमीज़ राजा के कथित बड़बोलेपन को भी उनकी विदाई का कारण माना जा रहा है. उनके बयान अक्सर सुर्खियां बनाते रहे हैं. वो पहले से ही पाकिस्तान में क्रिकेट प्रशासन के आलोचक रहे हैं.
पीसीबी की कुर्सी मिलने के बाद भी वो विवादास्पद बयान देते रहे थे. उन्होंने भारतीय क्रिकेट और बीसीसीआई की आलोचना की थी. दो दिन पहले के अपने यूट्यूब स्ट्रीमिंग में भारत की आलोचना इसका सबूत है.

इमेज स्रोत, Getty Images
आगे क्या?
अंतरिम पीसीबी चीफ़ नजम सेठी फिलहाल बनी 14 सदस्यीय कमेटी के चेयरमैन होंगे. ये कमेटी 2014 के उस संविधान को दोबारा लागू करेगी. इस संविधान के ज़रिये 2019 में पाकिस्तान क्रिकेट प्रशासन में लाए गए बदलावों को रद्द किया जाएगा.
फ़िलहाल चीफ़ सेलेक्टर मोहम्मद वसीम को हटा दिया गया है. अब शाहिद अफ़रीदी राष्ट्रीय टीम के सेलेक्टर की जिम्मेदारी संभालेंगे. नजम सेठी ने कोच भी बदलने के संकेत दिए हैं.
(बीबीसी हिन्दी के एंड्रॉएड ऐप के लिए आप यहां क्लिक कर सकते हैं. आप हमें फ़ेसबुक, ट्विटर, इंस्टाग्राम और यूट्यूब पर फ़ॉलो भी कर सकते हैं.)
















