ये है हरफ़नमौला हार्दिक पंड्या का बेखौफ़ क्रिकेट

हार्दिक पांड्या

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    • Author, विधांशु कुमार
    • पदनाम, खेल पत्रकार, बीबीसी हिंदी के लिए

रंग बिरंगे बाल, बदन पर आकर्षक टैटुओं की लड़ी, बॉलिंग और बैटिंग में ऐसा स्वैग जो सर विवियन रिचर्ड्स की याद दिला दे - दरअसल हार्दिक पंड्या के जीवन का आदर्श ही है - 'लिव लाइफ़ लाइक ए किंग' यानी जियो तो शहंशाह की तरह.

हार्दिक के आकर्षक और स्टाइलिश पर्सनैलिटी की झलक उनके क्रिकेट में भी दिखती है जहां वो मैच तो जिताते ही हैं, स्टाइल और क्लास में भी कोई कमी नहीं छोड़ते.

आत्म-विश्वास से भरे पंड्या ने रविवार को एक बार फिर जताया कि इस भारतीय टीम में उनका महत्व क्या है. पंड्या ने पहले आक्रामक गेंदबाज़ी करते हुए पाकिस्तान के 3 अहम विकेट निकाले और फिर जब भारत के लिए मुश्किल घड़ी में बैटिंग करने आए तो बेहद शांत भाव से 17 गेदों पर 33 रन बनाए और आखिरी ओवर में छक्का लगाकर भारत को एक तनाव भरा मैच जिता दिया.

जीत के बाद पंड्या ने कहा कि आखिरी ओवर में अगर 15 रनों की भी ज़रूरत होती तो वो उसे ज़रूर बना देते!

नाहक ही हम जैसे कमज़ोर-दिल भारतीय फ़ैंस आख़िरी ओवर्स में नर्वस हो गए थे और उंगलियों नाखून चबा रहे थे. शायद, ना ही चबा रहे थे और जीत के लिए भरोसेमंद थे जिस तरह कमेंट्री में वकार युनुस ने कहा था - "जब तक हार्दिक पंड्या आउट नहीं हो जाते, पाकिस्तान मैच जीतने की कल्पना नहीं कर सकता, उनके लिए कोई भी स्कोर ब़ड़ा नहीं है."

किसी भी खिलाड़ी के लिए सबसे बड़ी सम्मान की बात होती है जब विपक्षी टीम उन्हें जीत का सबसे बड़ा मोहरा समझती है.

कभी सचिन तेंदुलकर के बारे में ऐसा कहा जाता था कि सचिन को आउट कर लो और मैच जीत लो. विराट कोहली ने भी ये मक़ाम हासिल किया था और अब ये तमगा हार्दिक पंड्या की जर्सी पर लग गया है, कम से कम लिमिटेड ओवर्स की क्रिकेट में तो ज़रूर.

हार्दिक पांड्या और दिनेश कार्तिक

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कमाल के ऑलराउंडर

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हार्दिक पंड्या की सबसे खास बात है कि वो बैट और बॉल दोनों से ही मैच जिता सकते हैं.

पाकिस्तान के पूर्व कप्तान और कमेंटेटेर वसीम अकरम ने कहा कि एशिया कप के इस मैच में भारत और पाकिस्तान टीम के बीच में वही फ़र्क थे.

उन्होंने कहा कि छठा बॉलर जो इतनी सटीक बॉलिंग करे और फिर 5वें नंबर पर आकर बैट से मैच जिता दे ऐसा टैलेंट बहुत कम टीमों के पास ही है और पाकिस्तान का पास ऐसा कोई नहीं था.

पाकिस्तान की टीम सिर्फ़ पांच गेंदबाज़ों के साथ खेल रही थी जिसमें 2 स्पिनर्स और 3 सीमर्स शामिल थे.

आखिरी ओवरों में पाकिस्तान को चौथे सीमर की कमी खली क्योंकि नसीम शाह और रउफ़, दोनों ही क्रैम्प्स से जूझ रहे थे और उन्होंनें मुश्किल से अपने ओवरों का कोटा पूरा किया.

पाकिस्तान को आख़िरी ओवर स्पिनर से करवाना पड़ा, फर्ज़ करें अगर उनके पास हार्दिक जैसा ऑलराउंडर होता तो आखिरी ओवर कोई सीमर ही करता और टीम 147 से 10-20 रन ज्यादा ही बना लेते.

हार्दिक पांड्या

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शॉर्ट बॉल ने निकाला दम

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आमतौर पर तेज गेंदबाज़ी में पाकिस्तान को अव्वल माना जाता है और कहा जाता है कि पाकिस्तान तेज़ गेंदबाज़ों की फ़ैक्ट्री है.

इस मैच में भी नसीम शाह और दाहानी जैसे क़ाबिल युवा गेंदबाज़ देखने को मिले, लेकिन मैच में तेज़ गेंदबाज़ोंकी जंग जीती भारतीय पेसर्स ने जिसमें पंड्या का अहम योगदान रहा.

ना सिर्फ़ भारतीय पेसर्स ने मैच में सभी 10 विकेट अपने नाम किए, पहले पांच विकेट उन्होंने शॉर्ट पिच गेंद और बाउंसर्स से लिए.

पंड्या ने इफ्तिखार अहमद, खुशदिल शाह और मोहम्मद रिजवान के विकेट शॉर्ट गेंदों की मदद से लिए.

हार्दिक पांड्या

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कुछ यादगार प्रदर्शन

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हार्दिक पंड्या पहले भी कई बार हार के मुंह से जीत दिला चुके हैं. ज़रा याद कीजिए 2018 के टी-20 वर्ल्ड कप में बांग्लादेश के विरुद्ध मैच. इस मुक़ाबले में बांग्लादेश को आखिरी 3 गेंदों पर 2 रनों की ज़रूरत थी. बॉलिंग पंड्या कर रहे थे और भारत ने ये मैच 1 रन से जीत लिया था.

आख़िरी 3 गेंदों पर भारत को 3 विकेट मिले. पंड्या ने 19.4 ओवर में तेजी से रन बना रहे मुश्फिकुर को धवन के हाथों कैच थमा कर चलता किया और फिर अगले ही गेंद पर महमदुल्ला का विकेट गिरा दिया. मुस्तफ़िज़ुर आख़िरी बॉल पर रन आउट हो गए. 3 गेंदो पर 2 रन और महमदुल्ला और मुश्फिक जैसे बैट्समैन क्रीज़ पर हो ऐसे में पलड़ा उनकी तरफ़ ही झुकता था, लेकिन हार्दिक पंड्या को हार की आदत नहीं और कोशिश करना वो कभी नहीं छोड़ते जिसका फ़ायदा उस मैच में भी भारत को मिला था.

वहीं पाकिस्तान के खिलाफ़ 2017 के चैंपियंस ट्रॉफी के फ़ाइनल की बात करें तो इस मैच में भी पंड्या का बल्ला जमकर गरजा था. पाकिस्तान ने पहले बैटिंग करते हुए 338 रनों का विशाल स्कोर खड़ा किया था जिसमें फ़क़र ज़मान का शतक शामिल था.

जवाब में भारतीय बैटिंग मोहम्मद आमिर के पेस और स्विंग के सामने ढह गई और धवन, रोहित और कोहली सिर्फ़ 33 रन के स्कोर पर वापस पवेलियन में लौट चुके थे. ऐसे मुश्किल वक्त में भी पंड्या ने हार नहीं मानी और चौकों और छक्कों की बरसात लगा दी. उन्होंने 4 चौके और 6 छक्कों की मदद से केवल 43 गेंदों में 76 रन बना लिए थे जब वो जाडेजा के साथ मिक्स अप में रन आउट हो गए. भारतीय टीम 30 ओवरो में 158 पर सिमट गई थी, लेकिन ज़रा सोचिए अगर पंड्या अंत तक खेलते तो क्या ये टार्गेट हासिल ना कर लेते?

हार्दिक पांड्या

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गुजरात टाइटंस को दिलाई आईपीएल ट्रॉफ़ी

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हार्दिक पंड्या ने आईपीएल में भी गुजरात टाइटंस को अपने पहले ही टूर्नामेंट में ट्रॉफ़ी दिलवा दी. जब मुंबई इंडियंस ने उन्हें टीम में रिटेन नहीं किया तो हार्दिक का दिल टूट गया लेकिन नई टीम गुजरात के साथ उन्होंनें बेखौफ़ क्रिकेट खेलने की ठानी.

गुजरात टाइटंस की कप्तानी करते हुए उन्होंने चेन्नई और मुंबई जैसी दिग्गज टीमों को धूल चटाया. यहां ये भी याद दिला दे कि पंड्या पिछले साल के टी-20 वर्ल्ट कप के बाद चोट से बाहर थे और शायद ही कोई मैच उन्होंने इस दौरान खेला था. लेकिन टूर्नामेंट में उन्होंने एक बार फिर अपने बैट और बॉल से कहर बरपा दिया और बढ़-चढ़ कर कप्तानी की. उन्होंने टूर्नामेंट में 487 रन बनाए और 8 विकेट लिए जिसमें फाइनल में 3 विकेट शामिल थे.

हार्दिक की ऐसी ही छाप रविवार को पाकिस्तान के खिलाफ़ भी दिखाई दी. चार साल पहले दुबई में ही जब हार्दिक एशिया कप के मैच में पाकिस्तान से भिड़े थे, तो लोवर बैक में चोट की वजह से उन्हें बीच मैच में स्ट्रेचर पर मैदान से बाहर जाना पड़ा था. रविवार को उन्होंने छक्का लगाकर भारतीय टीम के जीत दिलाई और फैंस के साथ साथ साथी और विरोधी क्रिकेटर्स का भी सलाम स्वीकार किया.

हार्दिक पांड्या अपने करियर के सर्वश्रेष्ठ दौर में हैं और जैसा कि अहमदाबाद स्टेडियम में गुजराती संगीत से उनका स्वागत होता है, वैसा ही कुछ दुबई में भी गूंज उठा है कि 'आवा दे आवा दे' (आने दो, देख लेंगे).

फ़िलहाल क्रिकेट की दुनिया हार्दिक पंड्या का करिश्मा आंखे फाड़ देख रही है.

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