टी20 वर्ल्ड कपः क्या बाबर की टीम 34 साल में पहली बार ये कारनामा कर सकेगी?

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भारत के ख़िलाफ़ टी20 वर्ल्ड कप मैच जीतने के बाद जब पूर्व पाकिस्तानी क्रिकेटर और कमेंटेटर बाज़िद ख़ान ने बाबर आज़म से ये कहा कि आख़िर "कुफ़्र तो टूट गया", तब न तो उन्हें और न ही पाकिस्तानी कप्तान को यह इल्म था कि ठीक 18 दिन बाद एक बार फ़िर पाकिस्तान को ठीक इसी तरह की एक और परीक्षा से गुज़रना होगा.
पाकिस्तान एक बार फिर उसी परीक्षा में ऑस्ट्रेलिया के सामने है. क्योंकि पाकिस्तान क्रिकेट वर्ल्ड कप के किसी भी नॉक आउट मुक़ाबले में आज तक ऑस्ट्रेलिया को नहीं हरा सका है. चाहे वो वनडे वर्ल्ड कप हो या टी20 वर्ल्ड कप. जब जब दोनों टीमें नॉक आउट मुक़ाबले में एक दूसरे के सामने आई हैं, तब तक कंगारुओं ने बाज़ी मारी है.
इसकी शुरुआत 1987 वर्ल्ड कप सेमीफ़ाइनल से हुई थी. अपनी ही धरती पर गद्दाफ़ी स्टेडियम में पाकिस्तान स्टीव वॉ की ग़जब की पारी की बदौलत नॉक आउट हो गया. तो 1999 में जब दोनों टीमें एक बार फ़िर लॉर्ड्स में फ़ाइनल आमने सामने थीं तो वहां शेन वॉर्न की घूमती गेंदों ने पाकिस्तान की जीत को चकमा दे दिया.
अगला नॉक आउट मुक़ाबला टी20 वर्ल्ड कप 2010 के सेमीफ़ाइनल में दोनों टीमों के बीच हुआ. दोनों टीमें पहली बार टी20 वर्ल्ड कप के नॉक आउट दौर में आमने सामने थीं. पाकिस्तान ने कामरान अक़मल और उमर अक़मल के अर्धशतकों की बदौलत 191 का बड़ा स्कोर खड़ा किया. ऑस्ट्रेलिया के 62 रन पर चार विकेट भी गिर गए थे लेकिन ऐसे में माइक हसी एक छोड़ पर डट गए और केवल 24 गेंदों पर 60 रनों की नाबाद पारी खेली. अपनी पारी में हसी ने मैच जिताउ छक्का समेत 6 छक्के लगाए.
पांच साल बाद एक बार फ़िर दोनों टीमें 2015 वर्ल्ड कप के क्वार्टर फ़ाइनल में भिड़ीं. यहां भी नतीजा ऑस्ट्रेलिया के ख़िलाफ़ ही रहा. अब एक बार फिर दोनों टीमें नॉक आउट दौर में आमने सामने हैं. अपने पहले ही मैच में ऐसा ही एक कारनामा करने वाला पाकिस्तान क्या उसी तरह ऑस्ट्रेलिया के ख़िलाफ़ भी अपनी हार का सिलसिला रोकने में कामयाब होगा?
पाकिस्तान अब तक इस टूर्नामेंट में एक भी मैच नहीं हारा है. साथ ही यूएई की धरती पर भी उसने लगातार 16 टी20 मैच जीतने का रिकॉर्ड कायम किया है. इन दोनों पर नज़र डालें तो फेवरेट पाकिस्तान ही दिखता है.

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लेकिन टी20 मैच में जब तक आख़िरी गेंद न फेंक दी जाए तब तक अमूमन किसी भी टीम के जीतने की गुंजाइश बनी रहती है. जैसा कि बुधवार को खेले गए पहले सेमीफ़ाइनल में न्यूज़ीलैंड की टीम कर चुकी है. इंग्लैंड ने 167 रन का लक्ष्य रखा और 15 ओवरों तक मैच पर अपनी पकड़ बनाए रखी लेकिन यहां से बाज़ी पलट गई और न्यूज़ीलैंड की टीम ने मुक़ाबला इंग्लैंड के हाथों से छीन लिया और पहली बार टी20 वर्ल्ड कप के फ़ाइनल में पहुंच गई.
दोनों टीमों के अब तक के प्रदर्शन का आकलन
फिंच की अगुवाई वाली ऑस्ट्रेलियाई टीम में पैट कमिंस, जोश हेज़लवुड, मिचेल स्टार्क और एडम ज़म्पा जैसे उम्दा गेंदबाज़ हैं जो दुनिया के किसी भी बल्लेबाज़ी को ध्वस्त करने की काबिलियत रखते हैं. इस गेंदबाज़ी आक्रमण के सामने विपक्षी टीम इस टूर्नामेंट में केवल दो मैचों में ही 150 से अधिक रन बना सकी है. एडम ज़म्पा पांच मैचों में 11 विकेट लेकर टूर्नामेंट के सबसे अधिक विकेटें लेने वाले गेंदबाज़ हैं. तो हेज़लवुड ने आठ और स्टार्क ने भी सात विकेटें चटकाई हैं. बल्लेबाज़ों में डेविड वार्नर, मार्श और कप्तान एरोन फिंच के बल्ले से रन निकल रहे हैं.
बात अगर पाकिस्तान की करें तो चाहे बल्लेबाज़ी हो या गेंदबाज़ी दोनों ही क्षेत्रों में पूरी टीम का प्रदर्शन देखने को मिल रहा है. पांच मैचों में पांच अलग अलग खिलाड़ी मैन ऑफ़ द मैच बने हैं. कप्तान बाबर आज़म पांच मैचों में चार अर्धशतक के साथ टूर्नामेंट में सबसे अधिक 264 रन बनाने वाले बल्लेबाज़ हैं तो मोहम्मद रिज़वान भी कुल 214 रनों के साथ बहुत पीछे नहीं हैं.
वैसे इन दोनों ने अब तक टूर्नामेंट में पाकिस्तान के लगभग 59 फ़ीसद रन बनाए हैं तो अन्य बल्लेबाज़ों को हाथ आजमाइश का कम ही मौका मिला है. लेकिन जब जब मौका मिला शोएब मलिक, मोहम्मद हाफ़िज़, फकहर ज़मान और आसिफ अली जैसे बल्लेबाज़ों ने कोई कसर नहीं छोड़ी.
इस टूर्नामेंट में पिच के कंडीशन को देखते हुए मैच में 140-160 के स्कोर को अच्छा कहा जा सकता है. पाकिस्तान के खिलाड़ी अच्छी फॉर्म में चल रहे हैं और पीएसएल के दरम्यान यहां की पिचों पर उन्होंने काफी समय बिताए हैं. लिहाजा बात अगर दोनों टीमों के बीच वर्ल्ड कप में नॉक आउट के नतीजों को एक तरफ़ रखते हुए करें तो पाकिस्तान की टीम निश्चित ही आत्मविश्वास से भरी होगी.

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पाकिस्तान को क्या ध्यान में रखना होगा?
क्रिकइन्फो के खेल पत्रकार एंड्रयू फिडेल फर्नांडो ने बीबीसी उर्दू से कहा कि टूर्नामेंट में पाकिस्तान के प्रदर्शन को देखते हुए वे ही इस मैच में फेवरेट हैं. हालांकि वो आगाह करते हैं कि जैसे सोढ़ी और राशिद ख़ान पाकिस्तान के बल्लेबाज़ों को परेशान कर चुके हैं तो एडम ज़म्पा से भी सावधान रहने की ज़रूरत है.
वहीं इस्लामाबाद यूनाइटेड के महाप्रबंधक रेहान उल-हक़, पैट कमिंस को ऑस्ट्रेलिया का सबसे ख़तरनाक खिलाड़ी बताते हैं और कहते हैं कि वॉर्नर और फिंच भी पाकिस्तान के लिए मुसीबत बन सकते हैं.
पाकिस्तान ने पांचों मैच एक ही टीम के साथ खेले हैं. हसल अली महंगे साबित हुए हैं लेकिन उन्होंने इस टूर्नामेंट के दौरान अपने पहले ओवरों में ही विकेटें भी ली हैं, तो सेमीफ़ाइनल में एक बार फ़िर पाकिस्तान के बिना किसी बदलाव के खेलने के आसार हैं.

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पाकिस्तान के सलामी बल्लेबाज़ों ने बेहतर बल्लेबाज़ी की है, लेकिन जानकार कहते हैं कि टॉप ऑर्डर में एक खब्बू बल्लेबाज़ होने से विविधता होगी जबकि फील्डिंग में टीम का प्रदर्शन बेहतरीन रहा है. लेकिन अब तक खेले गए पांच मैचों में पाकिस्तान को बहुत कम मुश्किलों का सामना करना पड़ा है. ऐसे में सवाल ये उठता है कि अगर ऑस्ट्रेलिया के ख़िलाफ़ टीम दबाव में आई तो क्या होगा?
रेहान उल-हक़ कहते हैं कि ऐसी परिस्थिति आने पर टीम घबराए नहीं. वे कहते हैं कि पाकिस्तान के गेंदबाज़ एक बात ध्यान में रखें कि अगर उनके बनाए प्लान फेल हो जाते हैं तो भी वो घबराएं नहीं और क्रिकेट की बेसिक को ध्यान में रख कर गेंद डालें.
एंड्रयू फिडेल फर्नांडो कहते हैं कि अब तक पाकिस्तान ने अच्छा प्रदर्शन किया है और अगर ऐसी परिस्थिति पैदा हो कि वो टारगेट चेज़ कर रहे हों और तेज़ी से रन जुटाने हों तो उन्हें आसिफ़ अली को ऊपर भेजने से नहीं हिचकिचाना चाहिए.

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लेकिन बीबीसी संवाददाता अब्दुल राशिद शकूर के मुताबिक विकेटकीपर बल्लेबाज़ मोहम्मद रिज़वान और ऑलराउंडर शोएब मलिक की फिटनेस इस मैच के लिए चिंता का विषय बताया गया था. उनके मुताबिक दोनों नेट प्रैक्टिस में नहीं दिखे. हालांकि पीसीबी ने इस मैच के लिए शोएब मलिक और मोहम्मद रिज़वान को फिट बताया है.
पाकिस्तान टी20 वर्ल्ड कप के पहले दो संस्करणों के फ़ाइनल में पहुंचा था. 2007 में भारत से हारने के बाद 2009 में पाकिस्तान ने बाजी मार ली. दोनों टीमें टी20 वर्ल्ड कप में छह बार एक दूसरे से भिड़ चुकी हैं. दोनों ने तीन तीन मुक़ाबले जीते हैं.
फर्नांडो कहते हैं कि अगर पाकिस्तान अपने चिर प्रतिद्वंद्वी भारत को हरा सकता है तो उसे इस मैच के लिए ज़्यादा परेशान होने की ज़रूरत नहीं है.
दूसरी तरफ रेहान उल-हक़ कहते हैं यूएई की सभी परिस्थितियों को देखते हुए पाकिस्तान निश्चित ही फेवरेट है लेकिन ऑस्ट्रेलिया तो ऑस्ट्रेलिया ही है. उनकी टीम बहुत मज़बूत है. उनके पास मैच विनर हैं. लेकिन नॉक आउट में ऑस्ट्रेलिया के ख़िलाफ़ अपने रिकॉर्ड को तोड़ने के लिए पाकिस्तान बेताब है और उन्हें इस बात का विश्वास होना चाहिए कि वो जीत सकते हैं.

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पाकिस्तान का पलड़ा यहां भारी
पाकिस्तान के पक्ष में एक बात ज़रूर है. वो एक बार टी20 वर्ल्ड कप जीत चुका है जबकि ऑस्ट्रेलियाई टीम अब तक इस टूर्नामेंट का ख़िताब अपने नाम नहीं कर सकी है.
पाकिस्तान ने यूनुस ख़ान की कप्तानी में 2009 में श्रीलंका को हराकर टी20 वर्ल्ड कप का ख़िताब अपने नाम किया था जबकि ऑस्ट्रेलिया जब पाकिस्तान को हरा कर 2010 में फ़ाइनल में पहुंचा था तो वहां उसे हार का सामना करना पड़ा था.
टी20 वर्ल्ड कप में अब तक के विजेता
2007- भारत
2009- पाकिस्तान
2010- इंग्लैंड
2012- वेस्टइंडीज
2014- श्रीलंका
2016- वेस्टइंडीज
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