टी-20 विश्व कप: ENGvsNZ मिचेल और नीशम के तूफ़ान में उड़ा इंग्लैंड, फ़ाइनल में न्यूज़ीलैंड

जेम्स नीशम

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    • Author, आदेश कुमार गुप्त
    • पदनाम, बीबीसी हिंदी के लिए

संयुक्त अरब अमीरात और ओमान में जारी आईसीसी टी-20 विश्व कप क्रिकेट टूर्नामेंट में बुधवार को पहले सेमीफ़ाइनल में न्यूज़ीलैंड और इंग्लैंड आमने-सामने थे.

यह मुक़ाबला शेख़ ज़ायद स्टेडियम अबू धाबी में था जहां न्यूज़ीलैंड ने इंग्लैंड को पांच विकेट से हराकर फ़ाइनल में अपनी जगह पक्की कर ली.

टॉस हारकर पहले बल्लेबाज़ी करते हुए इंग्लैंड ने निर्धारित 20 ओवर में चार विकेट खोकर 166 रन बनाए. इंग्लैंड के डेविड मालान ने 41 और मोईन अली ने नाबाद 51 रन बनाए.

जवाब में जीत का लक्ष्य न्यूज़ीलैंड ने 19 ओवर में ही केवल पांच विकेट खोकर हासिल कर लिया.

न्यूज़ीलैंड के सलामी बल्लेबाज़ डेरेल मिचेल 47 गेंदों पर चार चौके और चार छक्के की मदद से 72 रन बनाकर नाबाद रहे, लेकिन न्यूज़ीलैंड की जीत के हीरो साबित हुए जेम्स नीशम जिन्होंने केवल 11 गेंदों पर तीन हवाई छक्के और एक चौके के सहारे 27 रन बनाकर वह मैच इंग्लैंड के हाथों से छीन लिया, जिस पर 15 ओवर तक उसकी बेहद मज़बूत पकड़ थी.

तब तक इंग्लैंड के गेंदबाज़ों का इतना दबदबा था कि सब सोच रहे थे कि न्यूज़ीलैंड की हार पक्की है.

यहां तक की मैच की कमेंट्री कर रहे क्रिकेटर कह रहे थे कि डग आउट में बैठे कप्तान केन विलियम्सन की शारीरिक भाषा बता रही थी कि टीम मुश्किल में हैं लेकिन जब न्यूज़ीलैंड ने दहाड़ना शुरू किया तो इंग्लैंड की पूरी टीम भीगी बिल्ली जैसी दिखाई दी.

न्यूज़ीलैंड को आख़िरी पांच ओवर में 60 रन बनाने थे जो तीन ओवर में ही बना डाले. इसमें जेम्स नीशम ने तूफ़ानी पारी खेलते हुए केवल 11 गेंदो में 27 रन बनाए.

इस शानदार जीत के साथ ही न्यूज़ीलैंड पहली बार टी-20 विश्व कप के फ़ाइनल में पहुंचने में कामयाब रहा जहां उसका सामना गुरूवार को होने वाले दूसरे सेमीफ़ाइनल की विजेता टीम से होगा. गुरुवार को दूसरे सेमीफ़ाइनल में पाकिस्तान का सामना ऑस्ट्रेलिया से होगा.

अपनी टीम के साथ जीत सेलिब्रेट करते नीशम

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15 ओवर बाद शेर की तरह दहाड़ा न्यूज़ीलैंड

15 ओवर के बाद न्यूज़ीलैंड का स्कोर तीन विकेट खोकर 107 रन था. तब तक ऐसा महसूस हो रहा था कि जैसे न्यूज़ीलैंड के बल्लेबाज़ टेस्ट मैच के अंदाज़ में खेल रहे हैं.

मैच ने अचानक तब करवट ली जब न्यूज़ीलैंड का चौथा विकेट 15वें ओवर की पहली ही गेंद पर गिरा. तब ग्लेन फ़िलिप्स केवल दो रन बनाकर सैम बिलिंग्स के हाथों कैच आउट हुए जबकि गेंदबाज़ लिविंग्स्टोन थे.

अब मैदान में जेम्स नीशम बल्लेबाज़ी करने उतरे. उन्होंने पारी के 17वें ओवर में दो छक्के और एक चौका लगाकर मैच में रोमांच पैदा कर दिया. यह ओवर क्रिस जोर्डन ने किया जिसमें 23 रन आए. यहां ऐसा लगा कि न्यूज़ीलैंड ने आँखें खोल ली है. इस ओवर के बाद इंग्लैंड के गेंदबाज़ों के जैसे हाथ पांव फूल गए.

न्यूज़ीलैंड का स्कोर चार विकेट से 110 रन से सीधे छलांग लगाकर 133 रन हो गया. जेम्स नीशम केवल सात गेंदों पर बीस और डेरेल मिचेल 40 गेंदों पर 46 रन बनाकर खेल रहे थे.

पारी के 18वें ओवर में भी न्यूज़ीलैंड ने 18 रन बनाए. आदिल रशीद के इस ओवर में डेरेल मिचेल ने दो छक्के लगाए और इंग्लैंड के तमाम खिलाडियों को सकते में डाल दिया.

इसके बाद 19वें ओवर में भी न्यूज़ीलैंड के बल्लेबाज़ों की रनों की आतिशबाज़ी जारी रही. अब रन लुटाने की बारी क्रिस वोक्स की थी. उनके ओवर की दूसरी ही गेंद को डेरेल मिचेल ने लॉन्ग ऑन बाउंड्री लाइन के बाहर भेजा. मिचेल यहीं नहीं रूके और अगली ही गेंद को भी उन्होंने छह रन के लिए बाउंड्री लाइन के बाहर का रास्ता दिखाया.

मैच में चौके छक्के लग रहे थे और इंग्लैंड के खिलाड़ियों के चेहरे की हवाइयां उड़ रही थीं. आख़िरकार मिचेल ने ही वोक्स के ओवर की आख़िरी गेंद पर चौका लगाकर जीत की औपचारिकता पूरी की.

इंग्लैंड की टीम

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न्यूज़ीलैंड की शुरूआत अच्छी नहीं रही

जीत के लिए 167 रनों का पीछा करने उतरी न्यूज़ीलैंड की पारी की शुरूआत मार्टिन गप्टिल और डेरेल मिचेल ने की. अभी न्यूज़ीलैंड का स्कोर केवल चार रन तक ही पहुंचा था कि मार्टिन गप्टिल क्रिस वोक्स की गेंद पर मोइन अली के हाथों कैच हो गए. न्यूज़ीलैंड के चार रन उनके चौके की मदद से ही बने थे.

उनकी जगह कप्तान केन विलियम्सन ने ली लेकिन वह भी केवल पांच रन बनाकर क्रिस वोक्स की ही गेंद पर आदिल रशीद के हाथों लपके गए. केन विलियम्सन ने क्रिस वोक्स की शॉर्ट पिच गेंद को स्क्वायर लेग पर उछाल कर खेलने की कोशिश की लेकिन गेंद ने उनके बैट का ऊपरी किनारा लिया और हवा में लहरा गई जिसे आदिल रशीद ने आसानी से अपने हाथों में पकड़ लिया.

इसके बाद डेवॉन कॉनवे ने बेहद संभलकर खेलते हुए 38 गेंदों पर पांच चौके और एक छक्के की मदद से 38 गेंदों पर 46 रन बनाए. कॉनवे लिविंग्स्टोन की गेंद पर विकेटकीपर जॉस बटलर के हाथों स्टंप हुए. जब कॉनवे आउट हुए तब न्यूज़ीलैंड का स्कोर 13.4 ओवर में तीन विकेट खोकर 95 रन था.

इसके बाद स्कोर 107 रन तक पहुंचा ही था कि नए बल्लेबाज़ ग्लेन फ़िलिप्स भी केवल दो रन बनाकर लिविंग्स्टोन की गेंद पर सैम बिलिंग्स के हाथों कैच हो गए. इसके बाद की कहानी डेरेल मिचेल ने नाबाद 72 और नीशम ने 27 रन बनाकर जीत के रूप में समाप्त की.

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मिचेल के साथ सैंटनर भी एक रन बनाकर नाबाद रहे. मिचेल और कॉनवे के बीच तीसरे विकेट की साझेदारी में 82 रन जुड़े. हालांकि यह साझेदारी थोड़ी धीमी थी लेकिन इसका फ़ायदा यह हुआ कि न्यूज़ीलैंड की पारी शुरू में ही पूरी तरह ढहने से बच गई. वैसे दोनों बल्लेबाज़ बड़े और ताकतवर शॉट खेलने की पूरी कोशिश कर रहे थे लेकिन गेंद उनके बैट के बीचोंबीच नहीं आ रही थी.

इसका नतीजा यह निकला कि जीत के लिए ज़रूरी रन रेट बढ़ता चला गया और आख़िरी पांच ओवर में तो हालत यह हो गई कि उसे प्रति ओवर 12 रन की औसत से 60 रन बनाने थे जो नीशम की धुआँधार पारी की बदौलत एक ओवर पहले ही बन गए.

इंग्लैंड की गेंदबाज़ी

इंग्लैंड के क्रिस वोक्स ने चार ओवर में 36 रन देकर दो और लियाम लिविंग्स्टोन ने भी चार ओवर में 22 रन देकर दो विकेट हासिल किए. उनके अलावा आदिल रशीद ने 39 रन देकर एक विकेट हासिल किया. मार्क वुड ने 34 रन और क्रिस जोर्डन ने 31 रन ख़र्च किए लेकिन उन्हें कोई विकेट नहीं मिला.

इंग्लैंड की पारी

इससे पहले टॉस हारकर पहले बल्लेबाज़ी करते की दावत पाकर इंग्लैंड ने निर्धारित 20 ओवर में चार विकेट खोकर 166 रन बनाए. मोईन अली ने 37 गेंदों पर तीन चौके और दो छक्के की मदद से सर्वाधिक 51 रन बनाए.

उनके अलावा डेविड मालान ने 41 और जोस बटलर ने 29 रन बनाए.

दरअसल इंग्लैंड के नियमित सलामी बल्लेबाज़ जेसन रॉय पिछले मैच के दौरान मांसपेशी में चोट का शिकार हो गए थे और यह महत्वपूर्ण मुक़ाबला नहीं खेल सके जिससे इंग्लैंड का पूरा बैटिंग ऑर्डर गड़बड़ा गया.

इसके अलावा न्यूज़ीलैंड के गेंदबाज़ों ने 15 ओवर तक इंग्लैंड के बल्लेबाज़ों को रोके रखा. जब मालान के रूप में इंग्लैंड का तीसरा विकेट गिरा तब 15.2 ओवर में उसका स्कोर 116 रन था. वह तो उसके बाद मोईन अली ने खुलकर खेलना शुरू किया जिसकी बदौलत इंग्लैंड 166 रन तक पहुंचा.

न्यूज़ीलैंड की टीम

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न्यूज़ीलैंड की गेंदबाज़ी

न्यूज़ीलैंड के कप्तान केन विलियम्सन ने अपने तरकश का हर तीर इस्तेमाल करते हुए सात गेंदबाज़ आज़माये. टिम साउदी ने 24 रन देकर एक, मिलान ने 31 रन देकर एक, ईश सोढ़ी ने 32 रन देकर एक और नीशम ने भी 18 रन देकर एक विकेट हासिल किया. न्यूज़ीलैंड के सबसे ख़तरनाक गेंदबाज़ ट्रेंट बोल्ट को 40 रन देने के बावजूद कोई कामयाबी नहीं मिली.

मैच जीतने के बाद प्लेयर ऑफ द मैच डेरेल मिचेल ने कहा कि शुरू में विकेट में दोहरा उछाल था जिससे तेज़ गति से रन बनाने में दिक़्क़त हो रही थी लेकिन हमें मालूम था कि आख़िरी ओवरों में तेज़ी से रन बनाए जा सकते है.

वैसे मैच में टर्निंग प्वाइंटट नीशम के विकेट पर आने से आया.

वहीं इंग्लैण्ड के कप्तान इयॉन मोर्गन ने कहा कि न्यूज़ीलैंड की टीम की जीत का श्रेय कप्तान विलियम्सन और उनकी पूरी टीम को जाता है. हम पूरे मैच में न्यूज़ीलैंड पर दबाव बनाने में कामयाब रहे लेकिन 17वें ओवर के बाद मैच बदल गया. हमारे गेंदबाज़ों ने अंतिम ओवरों में निराश किया.

दूसरी तरफ़ हमेशा की तरह शांत रहने वाले न्यूज़ीलैंड के कप्तान केन विलियम्सन ने कहा कि जीत में नीशम ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई लेकिन छोटी-छोटी साझेदारियां भी काम आई.

उन्होंने कहा, "हमें मैच में रन रेट के बारे में भी पता था और हम घबराए नहीं. मैच बड़े स्कोर वाला था और इंग्लैंड की टीम हमें हमेशा कड़ी टक्कर देती है और उसे हमने कभी भी हल्के में नहीं लिया. अब हम आराम से बैठकर पाकिस्तान और ऑस्ट्रेलिया के बीच होने वाले दूसरे सेमीफ़ाइनल को देखेंगे."

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न्यूज़ीलैंड हर प्रारूप में दमदार

केन विलियम्सन की कप्तानी में खेल रही न्यूज़ीलैंड की टीम ने इस विश्व कप के फ़ाइनल में पहुंचकर दिखा दिया है कि पिछले तीन चार साल में उनकी क्रिकेट का ग्राफ़ चढ़ता ही रहा है.

साल 2019 के एकदिवसीय विश्व कप क्रिकेट टूर्नामेंट के फ़ाइनल में वह मेज़बान इंग्लैंड से हारे लेकिन सेमीफ़ाइनल में उन्होंने भारत को हराया था. उस सेमीफ़ाइनल के बाद महेंद्र सिंह धोनी कभी भारत के लिए नहीं खेल सके.

इसके बाद उन्होंने पिछले दिनों विश्व टेस्ट चैंपियनशिप के फ़ाइनल में भी भारत को ही हराया, और अब वह टी-20 विश्व कप के फ़ाइनल में भी पहुंच गए है. इस विश्व कप में भारत के सेमीफ़ाइनल में ना पहुंचने की एक बड़ी वजह न्यूज़ीलैंड ही है जिसने ग्रुप मैच में आठ विकेट से भारत को हराया था.

न्यूज़ीलैंड ने फ़ाइनल में पहुंचकर यह भी दिखाया कि उसकी पिछली जीत कोई तुक्का नहीं थी. न्यूज़ीलैंड के कप्तान केन विलियम्सन ने डेरेल मिचेल को इंग्लैंड के ख़िलाफ़ सलामी बल्लेबाज़ के तौर पर खिलाया जो 72 रन बनाकर तुरूप के इक्के साबित हुए.

वैसे न्यूज़ीलैंड विश्व कप के एकदिवसीय और टी-20 प्रारूप में कुल मिलाकर 11वां सेमीफ़ाइनल खेल रहा था. यह ख़ुद अपने आप में बताता है कि उसे कमज़ोर समझना भूल से अधिक कुछ नहीं है.

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