रवि शास्त्री ने जाते-जाते कह दी बड़ी बात, बीसीसीआई पर निशाना

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टी20 विश्व कप से भारत के बाहर होने के बाद भारतीय क्रिकेट टीम के कोच रवि शास्त्री ने कहा कि भारतीय खिलाड़ी "शारीरिक और मानसिक रूप से थके हुए हैं और उन्हें आराम की ज़रूरत है."
उन्होंने कहा कि आईपीएल और टी20 विश्व कप के बीच आराम के लिए पर्याप्त समय ना मिलने और लंबे समय तक बायो बबल में रहने से खिलाड़ी मानसिक तौर पर प्रभावित हुए हैं.
भारतीय टीम के साथ कोच के तौर पर रवि शास्त्री का यह आखिरी टूर्नामेंट था.
भारत ने मंगलावर को इस टूर्नामेंट का आखिरी मैच नामीबिया के साथ खेला जिसमें टीम ने नौ विकटों से जीत हासिल की.
नामीबिया ने भारत के सामने 133 रनों का लक्ष्या रखा जिसे भारत ने 15.2 ओवर में ही हासिल कर लिया.
रोहित शर्मा और केएल राहुल दोनों ने अर्धशतक लगाए. वहीं, रवींद्र जडेजा और आर अश्विन ने तीन-तीन विकेट झटके.
टी20 विश्व कप में भारतीय टीम पाकिस्तान और न्यूज़ीलैंड से बड़ी हार के बाद सेमीफ़ाइनल में जगह नहीं पाई जिसे लेकर टीम को कड़ी आलोचना का सामना भी करना पड़ा है.

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'छह महीने बबल में रहना आसान नहीं'
भारतीय टीम के प्रदर्शन को लेकर आईपीएल की थकान और बहुत ज़्यादा क्रिकेट जैसे मसले भी उठे थे. अब टीम के कोच रवि शास्त्री ने भी इस ओर इशारा किया है. उन्होंने कहा कि छह महीने बबल में रहना आसान नहीं होता.
भारतीय टीम पिछले 11 महीनों से अलग-अलग टूर्नामेंट में खेल रही है, जिनमें ऑस्ट्रेलिया के ख़िलाफ़ ऐतिहासिक जीत हासिल की, इंग्लैंड के साथ आठ टेस्ट मैच खेले, न्यूज़ीलैंड के साथ विश्व टेस्ट चैंपियनशिप और इंग्लैंड व श्रीलंका के साथ व्हाइट-बॉल सिरीज़ खेली.
इस दौरान कोरोना संक्रमण को देखते हुए टीम के खिलाड़ियों को बायो बबल में रखा जाता है ताकि वो संक्रमण से सुरक्षित रह सकें. इसमें सुरक्षा के चलते बाहरी लोगों से मिलने से लेकर यात्रा करने तक की कई पाबंदियाँ होती हैं.

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खिलाड़ियों ने जून में इंग्लैंड पहुँचने के बाद क़रीब छह महीने बबल में गुज़ारे हैं. ये छह महीने संयुक्त अरब अमीरात में 19 सितंबर से 15 अक्तूबर के बीच खेले गए आईपीएल मैचों में ख़त्म हुए. लेकिन, 24 अक्तूबर को ही भारत ने टी20 विश्व कप का अपना पहला मैच पाकिस्तान के साथ खेला.
पाँच सालों तक भारतीय टीम के कोच रहने वाले रवि शास्त्री ने कहा, "खिलाड़ियों को आराम की ज़रूरत है. मैं मानसिक तौर पर थका हुआ हूँ, लेकिन मेरी उम्र में मैं ऐसा होने की उम्मीद करता हूँ. लेकिन, ये खिलाड़ी मानसिक और शारीरिक रूप से थके हुए हैं."
"इन्होंने छह महीने बबल में बिताए हैं और आदर्श स्थिति में हम आईपाएल और विश्व कप के बीच एक बड़ा अंतर चाहते. ये सभी इंसान हैं, ये पेट्रोल पर नहीं चलते. बायो बबल में अगर डॉन ब्रैडमैन भी बैटिंग करते तो उनका औसत भी कम हो जाता."
"बड़े मैचों के साथ आप पर दबाव आता है तो आप उस तरह प्रदर्शन नहीं कर पाते जैसा करना चाहते हैं. ये हमारी हार के लिए कोई बहाना नहीं है. हम हारने से डरते नहीं हैं. जीतने की कोशिश में आप खेल में हारते भी हैं लेकिन यहाँ हमने जीतने की कोशिश नहीं की क्योंकि एक्स-फ़ैक्टर की कमी थी."

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विश्व कप के तुरंत बाद टेस्ट मैच
हालाँकि, अब भी भारतीय टीम को आराम मिलना बहुत मुश्किल है. टी20 विश्व के ठीक बाद भारत को 17 नवंबर से न्यूज़ीलैंड के साथ दो टेस्ट मैच खेलने हैं.
इसके बाद अगले साल मार्च से पहले दक्षिण अफ़्रीका, वेस्ट इंडीज़ और श्रीलंका के साथ सिरीज़ खेलनी है जिनमें पाँच टेस्ट, छह वनडे और 10 टी20 मैच शामिल हैं.
टी20 विश्व कप के शुरुआती दो मैचों में हार के बाद भारतीय टीम ने बचे हुए तीन मैचों में अफ़ग़ानिस्तान, स्कॉटलैंड और नामीबिया के ख़िलाफ़ अच्छा प्रदर्शन किया लेकिन तब तक भारत का सफ़र दूसरी टीमों के प्रदर्शन पर निर्भर हो चुका था.
भारत के सेमीफ़ाइनल में प्रवेश के लिए रविवार को अफ़ग़ानिस्तान और न्यूज़ीलैंड के मैच में अफ़ग़ानिस्तान का जीतना ज़रूरी था लेकिन न्यूज़ीलैंड की जीत के साथ ही भारत की विश्व कप की उम्मीदों पर भी पानी फिर गया.
इससे पहले साल 2019 में हुए वनडे विश्व कप के सेमीफ़ाइनल में भी भारत न्यूज़ीलैंड से हार के बाद टूर्नामेंट से बाहर हो गया था. इसके बाद हुई विश्व टेस्ट चैंपियनशिप के फ़ाइनल में भी टीम हार गई थी.
इस तरह देखा जाए तो भारतीय टीम ने आईसीसी के टूर्नामेंट में आखिरी जीत साल 2013 की चैंपियंस ट्रॉफ़ी में हासिल की थी.
इसके बावजूद भी, रवि शास्त्री ने कहा कि उनकी भारतीय टीम को "खेल इतिहास में महान टीमों में से एक" के तौर पर जाना जाएगा और यहाँ से जल्दी बाहर होना "इस पक्ष में कोई कमी नहीं लाता".
उन्होंने कहा ''सभी क्रिकेट बोर्ड और आईसीसी को सोचना होगा कि वो खिलाड़ियों की मानसिक थकान को कैसे संभालाने वाले हैं. अगर इस बबल में खेलना जारी रखते हैं तो कुछ समय बाद आप देखेंगे कि खिलाड़ी सिरीज़ से बाहर होना शुरू कर देंगे. आप बदलाव कर सकते हैं, युवाओं को लाने के लिए कह सकते हैं, लेकिन अंत में लोग यही याद रखेंगे कि भारत खेल रहा है. और मैं आपको बता दूँ कि ये भारतीय टीम विजेता टीम है.''

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विराट कोहली ने क्या कहा
नामीबिया के साथ मैच के बाद विराट कोहली ने कहा, "पिछले तीन मैचों में हमने जिस तरह से खेला वो सकारात्मक है. हम टॉस को लेकर बहस नहीं करेंगे क्योंकि चाहे आप हारें या जीतें आपको दोनों चीज़ें (बल्लेबाज़ी और गेंदबाज़ी) बेहतर करनी होती हैं. हम शुरुआती कुछ मैचों में उतने साहसी नहीं थे.''
जहाँ कोच के तौर पर रवि शास्त्री के लिए ये आख़िरी टूर्नामेंट था उसी तरह कप्तान विराट कोहली भी इसके बाद टी20 की कप्तानी छोड़ रहे हैं.
रवि शास्त्री की जगह पूर्व भारतीय खिलाड़ी राहुल द्रविड़ टीम के कोच की भूमिका संभालेंगे. वहीं, रोहित शर्मा के अगले टी20 कप्तान होने के कयास भी लगाए जा रहे हैं.
भारतीय टीम को इस हार से निकालकर मजबूती से आगे ले जाना नए कोच और कप्तान के लिए सबसे पहली चुनौती होगी. हालाँकि, विराट कोहली अब भी टेस्ट और वने डे मैचों के कप्तान बने रहेंगे.
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