लाइव, संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद की बैठक में अमेरिका और ईरान ने क्या कहा

संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद की विशेष बैठक में ईरान के प्रतिनिधि ने अमेरिका और इसराइल पर देश में अशांति पैदा करने की कोशिश का आरोप लगाया है.

सारांश

लाइव कवरेज

सुमंत सिंह

  1. संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद की बैठक में अमेरिका और ईरान ने क्या कहा

    ग़ुलाम हुसैन दर्ज़ी और माइल वाल्ट्ज़

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    इमेज कैप्शन, ईरान की वर्तमान स्थिति पर अमेरिका ने संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद की आपात बैठक बुलाई थी

    संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद की विशेष बैठक में ईरान के प्रतिनिधि ने अमेरिका और इसराइल पर देश में अशांति पैदा करने की कोशिश का आरोप लगाया है.

    बीबीसी फ़ारसी सेवा के मुताबिक़, संयुक्त राष्ट्र में ईरान के उप-स्थायी प्रतिनिधि ग़ुलाम हुसैन दर्ज़ी के भाषण का अधिकांश हिस्सा अमेरिका पर केंद्रित रहा.

    दर्ज़ी ने प्रदर्शनकारियों पर 'ख़ूनी कार्रवाई' के अमेरिकी प्रतिनिधि के आरोपों को 'बेबुनियाद' बताया है. उन्होंने कहा कि अगर अमेरिका वास्तव में निर्दोष लोगों की हत्या को लेकर चिंतित है, तो उसे मिनेसोटा में 'अधिकारियों के हाथों एक महिला की हत्या' के मामले पर ध्यान देना चाहिए.

    ईरानी प्रतिनिधि ने दावा किया कि विरोध प्रदर्शनों की दिशा में बदलाव और उसके बाद हुईं 'ख़ूनी घटनाएं इसराइल और अमेरिका के उकसावे का परिणाम' थीं.

    ईरान की वर्तमान स्थिति पर अमेरिका ने संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद की आपात बैठक बुलाई थी.

    अमेरिकी प्रतिनिधि माइक वाल्ट्ज़ ने ईरान पर मानवाधिकारों के उल्लंघन और "आतंकवादी अभियानों में ईरानी सरकार की भागीदारी" का आरोप लगाया. उन्होंने कहा कि ईरान दशकों से अपने प्रॉक्सी समूहों के माध्यम से मध्य पूर्व को अस्थिर कर रहा है.

    वाल्ट्ज़ ने कहा कि ईरानी सरकार ने अपनी जनता से अधिक परमाणु और मिसाइल कार्यक्रमों को महत्व दिया है. उन्होंने यह भी कहा कि अमेरिका के पास इस 'जनसंहार' को रोकने के सभी विकल्प खुले हुए हैं और ईरानी अधिकारी इस बात को अच्छी तरह जानते हैं.

  2. बीएमसी समेत महाराष्ट्र के 29 नगर निगमों के चुनाव परिणाम आज

    उद्धव और राज ठाकरे

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    इमेज कैप्शन, बीएमसी चुनाव ठाकरे भाइयों ने साथ मिलकर लड़ा है

    महाराष्ट्र के 29 नगर निगमों के चुनाव परिणाम आज (शुक्रवार) घोषित होंगे. इन निगमों में शुक्रवार, 15 जनवरी को मतदान हुआ था.

    चुनाव परिणामों में सबकी नज़र बृहन्मुंबई महानगर पालिका (बीएमसी) पर होगी, जहां बीजेपी के नेतृत्व वाले महायुति गठबंधन का मुक़ाबला ठाकरे भाइयों से है.

    शुक्रवार को हुआ मतदान विवादों से घिरा रहा. मुंबई में शिकायतें आईं कि मतदाताओं की उंगली पर लगाई गई स्याही का निशान मिट रहा है.

    कई लोगों ने सोशल मीडिया पर वीडियो पोस्ट किए, जिनमें दावा किया गया कि नेल पॉलिश रिमूवर से यह स्याही हटाई जा सकती है.

    बीबीसी मराठी ने भी इसकी जांच की और पाया कि उंगली पर लगी स्याही नेल पॉलिश रिमूवर से वाकई मिटाई जा सकती है.

    महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना (एमएनएस) प्रमुख राज ठाकरे ने आरोप लगाया कि स्याही की जगह पेन मार्कर का इस्तेमाल हो रहा है.

    चुनाव आयोग ने इस बारे में एक बयान जारी कर अपना पक्ष रखा है. आयोग ने कहा, "मतदाताओं में भ्रम पैदा करने के लिए उंगली पर लगाई गई स्याही को हटाने की कोशिश करना ग़लत कृत्य है."

    "इसके अलावा, अगर कोई व्यक्ति उंगली से स्याही मिटाकर किसी भी तरह की गड़बड़ी करने की कोशिश करता है, तो भी ऐसे मतदाता को दोबारा मतदान करने से रोकने के लिए पहले से पर्याप्त इंतज़ाम किए गए हैं."

    बीएमसी चुनाव

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    इमेज कैप्शन, मुंबई में शिकायतें आईं कि मतदाताओं की उंगली पर लगाई गई स्याही का निशान मिट रहा है
  3. वेनेज़ुएला की मारिया कोरिना मचादो ने अपना नोबेल शांति पुरस्कार ट्रंप को सौंपा

    मारिया कोरिना मचादो

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    इमेज कैप्शन, राष्ट्रपति ट्रंप से मिलने के बाद मारिया कोरिना मचादो ने कहा कि 'आज वेनेज़ुएलावासियों के लिए एक ऐतिहासिक दिन है'

    वेनेज़ुएला की विपक्षी नेता मारिया कोरिना मचादो ने कहा कि उन्होंने गुरुवार को व्हाइट हाउस में एक निजी बैठक के दौरान राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप को अपना नोबेल शांति पुरस्कार सौंपा है.

    राष्ट्रपति ट्रंप ने मचादो के इस जेस्चर की तारीफ़ की है.

    उन्होंने ट्रुथ सोशल पर लिखा, "मारिया एक बेहतरीन महिला हैं, जिन्होंने बहुत कुछ झेला है. मारिया ने मेरे किए गए काम के लिए मुझे अपना नोबेल शांति पुरस्कार सौंपा."

    ट्रंप ने कहा, "यह आपसी सम्मान का एक बेहतरीन जेस्चर है. धन्यवाद मारिया!"

    यह पहली बार था जब दोनों नेता आमने-सामने मिले हैं. बीते दिनों राजधानी काराकास में अमेरिकी सैनिकों ने वेनेज़ुएला के राष्ट्रपति निकोलस मादुरो को हिरासत में ले लिया था. इसके बाद से वेनेज़ुएला का शासन कार्यवाहक राष्ट्रपति डेल्सी रोड्रिग्ज़ के हाथ में हैं.

    मादुरो के शासन में डेल्सी वेनेज़ुएला की उप-राष्ट्रपति थीं.

    डोनाल्ड ट्रंप और मारिया कोरिना मचादो

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    इमेज कैप्शन, व्हाइट हाउस ने ट्रंप को नोबेल पुरस्कार देते हुए मचादो की तस्वीर साझा की है

    वेनेज़ुएला के शासन को लेकर ट्रंप ने मचादो का समर्थन करने से इनकार किया है. इसके बजाय वह डेल्सी से बातचीत कर रहे हैं.

    मचादो के आंदोलन ने साल 2024 में वेनेज़ुएला में हुए चुनावों में जीत का दावा किया था और उन्हें नया नेता बताया था. यह चुनाव व्यापक रूप से विवादित रहा था.

  4. व्हाइट हाउस ने कहा, ईरान ने 800 फांसी की सज़ा पर रोक लगाई

    कैरोलिन लेविट

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    इमेज कैप्शन, व्हाइट हाउस की प्रेस सेक्रेटरी ने कहा कि राष्ट्रपति ट्रंप के लिए ईरान में सभी विकल्प खुले हुए हैं

    व्हाइट हाउस ने दावा किया है कि ईरान ने क़रीब 800 लोगों की फांसी की सज़ा रोक दी है. यह जानकारी व्हाइट हाउस की प्रेस सेक्रेटरी कैरोलिन लेविट ने दी है.

    लेविट ने कहा, "राष्ट्रपति (ट्रंप) और उनकी टीम ने ईरानी शासन को यह संदेश दिया है कि अगर हत्याएं जारी रहीं, तो इसके गंभीर नतीजे होंगे..."

    उन्होंने बताया, "राष्ट्रपति को गुरुवार को यह जानकारी मिली कि शुक्रवार को होने वाली 800 फांसी की सज़ा को रोक दी गई है. राष्ट्रपति और उनकी टीम इस स्थिति पर क़रीब से नज़र रखे हुए हैं और राष्ट्रपति के लिए सभी विकल्प खुले हुए हैं."

    ईरान में बीते कई दिनों से विरोध प्रदर्शन जारी हैं. कई रिपोर्ट्स में ईरानी प्रशासन की ओर से प्रदर्शनकारियों को फांसी की सज़ा के दावे किए गए थे.

    अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने चेतावनी देते हुए कहा था कि अगर ईरान किसी भी प्रदर्शनकारी को फांसी की सज़ा देता है तो अमेरिका उसके ख़िलाफ़ 'बहुत कड़ी कार्रवाई' करेगा.

    बीते दिनों तेहरान में प्रदर्शन के दौरान इरफ़ान सुल्तानी को हिरासत में लिया गया था. उनके एक रिश्तेदार ने बीबीसी फ़ारसी से कहा था कि उन्हें सिर्फ़ दो दिनों के भीतर, अदालत ने मौत की सज़ा सुना दी थी.

    हालांकि, गुरुवार को यह ख़बर आई कि इरफ़ान सुल्तानी की फांसी की सज़ा रोक दी गई है.

    ईरान की सरकारी ब्रॉडकास्टिंग एजेंसी ने न्यायपालिका के हवाले से बताया कि "इरफ़ान सुल्तानी को 10 जनवरी को अशांति के दौरान गिरफ़्तार किया गया था. उन पर देश की आंतरिक सुरक्षा के ख़िलाफ़ जुटने और साज़िश रचने और शासन के ख़िलाफ़ प्रचार गतिविधियों के आरोप हैं."

    बीबीसी फ़ारसी के मुताबिक़, न्यायपालिका ने कहा, "अगर अभियोजन में उनके आरोप साबित होते हैं और सक्षम अदालत में क़ानूनी फैसला आता है, तो क़ानून में तय सज़ा जेल है. इन आरोपों के लिए क़ानून में मौत की सज़ा का प्रावधान ही नहीं है."

    रिपोर्ट में कहा गया है कि इरफ़ान सुल्तानी इस समय कराज सेंट्रल जेल में बंद हैं.

  5. नमस्कार!

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