वर्ल्ड कप सेमीफ़ाइनल: वानखेड़े की पिच पर क्यों हो रहा है बवाल, आईसीसी और गावस्कर ने क्या कहा

वानखेड़े स्टेडियम की पिच

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इमेज कैप्शन, वानखेड़े स्टेडियम की पिच

भारत और न्यूज़ीलैंड के बीच मुंबई के वानखेड़े स्टेडियम में खेले गए वर्ल्ड कप के पहले सेमीफ़ाइनल में विराट कोहली के 50वें शतक के दम पर भारत ने न्यूज़ीलैंड के सामने 398 रन का लक्ष्य रखा. जवाब में न्यूज़ीलैंड की टीम 327 रन बना कर आउट हो गई और यह मैच 70 रनों से हार गई.

इस मुक़ाबले के दौरान सोशल मीडिया पर वानखेड़े की पिच को लेकर एक बहस छिड़ गई.

दरअसर मीडिया रिपोर्टों में दावा किया गया कि पिच को लेकर भारतीय टीम मैनेजमेंट का अनुरोध माना गया है. आईसीसी ने भी इस पर बयान दिया है. इस बहस को लेकर भारत के पूर्व कप्तान सुनील गावस्कर और इंग्लैंड पूर्व क्रिकेटर माइकल वॉन ने भी अपनी राय रखी है.

ब्रितानी अख़बार 'डेली मेल' ने अपनी रिपोर्ट में दावा किया है कि भारत और न्यूज़ीलैंड के 'सेमीफ़ाइनल मैच में पहले पिच नंबर सात इस्तेमाल की जानी थी. ये पिच वर्ल्ड कप में यहां खेले गए चार मैचों में इस्तेमाल नहीं हुई थी और बिल्कुल नई पिच है.'

रिपोर्ट में दावा किया गया, "लेकिन, मंगलवार को एक ग्रुप में बीसीसीआई और आईसीसी के 50 से ज़्यादा अधिकारियों को एक व्हाट्सऐप भेजा गया. इसमें पुष्टि की गई पहला सेमीफ़ाइनल पिच नंबर छह पर होगा. यहां इंग्लैंड बनाम दक्षिण अफ़्रीका और भारत बनाम श्रीलंका मैच हुआ था."

इस रिपोर्ट में आईसीसी के पिच कंस्लटेंट एंडी एटिंक्सन के मेल और इस पर बीसीसीआई के जवाब का भी ज़िक्र किया गया है.

मीडिया रिपोर्ट में क्या दावा किया गया है

क्रिकेट

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इस मामले में मीडिया रिपोर्टों में दावा किया गया कि सेमीफ़ाइल के पहले कोच राहुल द्रविड़ की अगुवाई वाले टीम मैनेजमेंट ने पिच क्यूरेटर से अनुरोध किया था कि वो पिच पर से घास हटा दें.

रिपोर्ट में दावा किया गया कि इस अनुरोध का मक़सद ये था कि भारतीय स्पिनर को पिच से मदद मिल सके. साथ ही, घास हटाए जाने के बाद न्यूज़ीलैंड के तेज़ गेंदबाज़ों को मिलने वाला फ़ायदा ख़त्म हो सके.

मीडिया रिपोर्टों में 'डेली मेल' अख़बार की बुधवार की रिपोर्ट के हवाले से दावा किया गया कि आईसीसी के पिच कंस्लटेंट एंडी एटकिंसन ने इस बात को लेकर निराशा ज़ाहिर की है.

उनके मुताबिक़, भारत और न्यूज़ीलैंड के बीच सेमीफ़ाइनल मैच पहले फ्रेश सरफ़ेस (नई पिच) पर खेला जाना था लेकिन अब ये इस्तेमाल हो चुके विकेट (पिच) पर होगा.

मीडिया रिपोर्टों में ये भी दावा किया गया कि भारत बनाम पाकिस्तान मैच के दौरान भी पिच बदली गई थी. तब मैच पिच नंबर 7 पर खेला जाना था और बाद में ये पिच नंबर पांच पर हुआ.

गावस्कर ने क्या कहा

पूर्व कप्तान सुनील गावस्कर

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मीडिया रिपोर्टों के मुताबिक़, भारत के पूर्व कप्तान सुनील गावस्कर ने भी इस विवाद पर प्रतिक्रिया दी है.

गावस्कर ने 'इंडिया टुडे' से कहा, "ये पिच सभी टीमों के लिए है. ऐसे में मुझे नहीं लगता कि इस पर बहुत बहस होनी चाहिए. मेरे विचार में ये भारतीय टीम किसी भी पिच के मुताबिक ढल सकती है. अब तक के टूर्नामेंट में ऐसा देखा भी गया है. अगर पिच सूखी हुई है तो इसकी वजह ये है कि बारिश का मौसम बीत चुका है और नमी ख़त्म हो गई है."

गावस्कर ने कहा, "मुझे लगता है कि ये आम बात है. मैच से पहले आपके पास जब कुछ लिखने को नहीं है तो आप कुछ कहने की कोशिश करते हो, क्योंकि आपको अपना कॉलम भरना है."

उन्होंने कहा, "मेरे लिए ये बेमतलब है. अगर आप टॉस के बाद पिच बदलते हैं तो बहस होनी चाहिए."

माइकल वॉन ने क्या कहा

माइकल वॉन

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इंग्लैंड के पूर्व कप्तान माइकल वॉन ने भी इस मामले में प्रतिक्रिया दी है.

माइकल वॉन ने सोशल प्लेटफ़ॉर्म एक्स पर लिखा, "ये सीधी सी बात है, सेमीफ़ाइनल फ्रेश पिच पर खेला जाना चाहिए."

आईसीसी की प्रतिक्रिया

आईसीसी

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विवाद बढ़ने के बाद आईसीसी ने भी इस मामले पर बयान दिया है.

सेमीफ़ाइनल कवर कर रहे बीबीसी संवाददाता नितिन श्रीवास्तव के मुताबिक आईसीसी के प्रवक्ता ने कहा, "इतने लंबे आयोजन के आखिरी हिस्से में पिच रोटेशन के लिए तय योजना में बदलाव आम है और ऐसा पहले भी कुछ एक बार हो चुका है. ये बदलाव मैदान के क्यूरेट की सलाह पर मेजबान की सहमति से हुआ."

आईसीसी प्रवक्ता ने आगे कहा, "आईसीसी के स्वतंत्र पिच कंस्लटेंट को इसकी जानकारी थी और ऐसा मानने का कोई कारण नहीं है कि इस पिच पर अच्छा खेल नहीं होगा."

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