विराट कोहली ने बताया पिछली दिवाली पर पाकिस्तान के हाथ से कैसे छीना था मैच

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तारीख- 12 नवंबर 2023 (दिवाली)
मैदान- चिन्नास्वामी बेंगलुरू
विराट कोहली- 51 रन, 56 गेंद
विराट कोहली इस पारी के साथ वर्ल्ड कप 2023 के टॉप स्कोरर बन गए.
उनके खाते में अब 594 रन हैं और ये रन उन्होंने 99 की औसत से बनाए हैं. दिवाली की रात के पहले तक दक्षिण अफ़्रीका के क्विंटन डि कॉक वर्ल्ड कप में सबसे ज़्य़ादा रन बनाने वाले बल्लेबाज़ों की लिस्ट में पहले नंबर पर थे.
लेकिन, नीदरलैंड्स के ख़िलाफ़ जीत में बल्ले और गेंद दोनों से अहम भूमिका निभाने वाले विराट कोहली ने अब उन्हें पीछे छोड़ दिया है. कोहली जिस अंदाज़ में खेल रहे हैं, वो भारतीय टीम के वर्ल्ड कप जीतने का भरोसा दिला रहा है.
खिलाड़ी और भी फ़ॉर्म में हैं लेकिन जब टीम मुश्किल में फंसी है, उसे दलदल से बाहर निकालने का कमाल कोहली ने किया है. कई लोगों को लगता है कि इसकी शुरुआत ऑस्ट्रेलिया के ख़िलाफ़ वर्ल्ड कप 2023 के मैच से हुई. वर्ल्ड कप का अपना पहला मैच खेल रही भारतीय टीम ने सिर्फ़ दो रन पर तीन विकेट गंवा दिए थे लेकिन कोहली ने 85 रन बनाकर भारत को आसान जीत दिला दी.
हालांकि, कोहली के हालिया करिश्मे की शुरुआत इसके करीब एक साल पहले हुई थी.
'ऊपर वाले से मिला तोहफ़ा'

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तारीख- 23 अक्टूबर 2022 (छोटी दिवाली)
मैदान- मेलबर्न क्रिकेट ग्राउंड
विराट कोहली- 82* रन, 53 गेंद
दिवाली की एक शाम पहले खेली गई, उस पारी की याद हर देखने के वाले ज़हन में ताज़ा है.
ये ही वो पारी थी जिसके जरिए विराट कोहली का वो अवतार दुनिया के सामने आया जिसे कई एक्सपर्ट ने ‘विराट कोहली 2.0’ नाम दिया है.
ट्वेंटी-20 वर्ल्ड कप का वो मैच पाकिस्तान के ख़िलाफ़ था. टीम इंडिया ने जब 31 रन के स्कोर पर चार विकेट गंवाए तो लगभग सभी ने जीत की उम्मीद छोड़ दी थी.
उस वक़्त भारत की हार और पाकिस्तान टीम के बीच वो विराट कोहली अड़ गए, जिन्हें ट्वेंटी-20 वर्ल्ड कप की उस टीम में शामिल करने तक पर सवाल उठाए गए थे.
‘अविश्वसनीय’ कही गई उस पारी के 19वें ओवर की पांचवीं गेंद पर हारिस राऊफ़ ख़िलाफ़ विराट कोहली के बल्ले से निकले छक्के को ‘शॉट ऑफ़ द सेंचुरी’ यानी सौ साल सबसे उम्दा शॉट कहा गया.
हाल ही में आई एक डॉक्यूमेंट्री में उस पारी पर बात करते हुए विराट कोहली ने कहा, “आई विल कॉल इट ब्लेसिंग. (मैं इसे आशीर्वाद कहूंगा.) इट वॉज़ ए गिफ्ट फ़्रॉम अबव (ये ऊपरवाले से मिला तोहफ़ा था)”
विराट कोहली को याद है कि इस पारी के पहले उनके बल्ले से रन नहीं निकल रहे थे. उन्हें क्रिकेट से ब्रेक लेना पड़ा था. तीन साल में उनके बल्ले से इकलौता शतक अफ़ग़ानिस्तान के ख़िलाफ ट्वेंटी-20 मैच में आया था.
नवंबर 2019 के बाद से उन्होंने टेस्ट मैच में शतक नहीं लगाया था. अगस्त 2019 के बाद उनसे वनडे में शतक नहीं बना था.
पाकिस्तान के ख़िलाफ़ खेली बेमिसाल पारी को याद करते हुए विराट कोहली ने कहा, “अगर आप मुझसे इस मैच के तीन महीने पहले पूछते कि क्या मैं ऐसा कर सकता हूं तो मैं कहता कि नहीं.”
विराट कोहली के जवाब जाहिर है कि ये पारी ख़ुद उनके लिए भी कितनी अविश्वसनीय रही होगी.
वो कहते हैं, “मैंने ख्वाब भी देखा होता तो (मैच और अपनी पारी को) इतना परपेक्ट नहीं बना सकता था. ”
पाकिस्तान के ख़िलाफ़ वो मैच, 8 गेंद में चाहिए थे 28 रन

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उस मैच के बाद और अब तक सबसे ज़्यादा ज़िक्र विराट कोहली के उन दो छक्कों का होता है, जो उन्होंने 19वें ओवर की पांचवीं और छठी गेंद पर हारिस राऊफ़ के ख़िलाफ़ लगाए थे.
उस मैच में राऊफ़ बेहतरीन गेंदबाज़ी कर रहे थे और उनके खाते में रोहित शर्मा और सूर्यकुमार यादव के विकेट दर्ज थे.
और मैच में भारत की स्थिति कैसी थी, इसका अंदाज़ा ईएसपीएन क्रिकइंफ़ो विन एल्गोरिदम (प्रेडिक्टर) से लगाया जा सकता था. जहां भारत की जीत का चांस सिर्फ़ 3.1 प्रतिशत था.
ये समझ भी आता है. भारत को आठ गेंद में 28 रन बनाने थे. यानी हर गेंद में तीन से ज़्यादा रन.
विराट कोहली बताते हैं, “ मैं उस समय ख़ुद से बात कर रहा था. कम ऑन, कम ऑन चीक्स. मैंने ख़ुद से कहा दो छक्के जमाने होंगे. मेरे दिमाग़ में साफ़ था कि दो छक्के मारने हैं.”
'शॉट ऑफ़ द सेंचुरी'

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विराट कोहली दावा करते हैं कि उसके आगे क्या हुआ उन्हें ख़ुद भी नहीं मालूम.
वो कहते हैं, “मैं आज तक नहीं बता सकता हूं कि उसके बाद क्या हुआ. कैसे हुआ. क्यू हुआ.”
हॉटस्टार की डॉक्यूमेंट्री ‘विलीव: द दिवाली मिरेकल’ में उन पलों को याद करते हुए विराट कोहली कहते हैं, “प्रेशर इतना ऊपर चला जाता है कि आपका दिमाग बंद हो जाता है. ”
वो कहते हैं, “मैं बता नहीं सकता कि ये कैसे हुआ.”

लेकिन, क्रिकेट की दुनिया को याद है कि क्या हुआ. राऊफ़ ने लेंथ बॉल डाली. विराट कोहली ने बैकफ़ुट पर रहते हुए सीधे बल्ले से पंच किया और ये बॉलर के सिर के ऊपर से उड़ती हुई बाउंड्री के बाहर चली गई. अंपायर ने इशारा किया, ‘छह रन’
कई क्रिकेट एक्सपर्ट ने विराट कोहली के इस शॉट को ‘ग्रेटेस्ट शॉट एवर प्लेड’ कहा तो आईसीसी ने इसे ‘शॉट ऑफ़ द सेंचुरी’ बताया.
विराट कोहली के ‘हीरो’ और क्रिकेट के सबसे कायमाब बल्लेबाज़ सचिन तेंदुलकर ने इसे ‘दर्शनीय’ बताया.
हालांकि, विराट कोहली कहते हैं, “मैं (इसका क्रेडिट) क्लेम नहीं कर सकता. ”
लेकिन, वो ये ज़रूर कहते हैं, “इस शॉट के बाद मेरा कॉन्फिडेंस बढ़ गया.”

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तारीफ़ ने किया भावुक
अगली गेंद पर विराट कोहली ने फ्लिक किया और बॉल फ़ाइन लेग के ऊपर से उड़ते हुए स्टैंड में गिरी.
अब भारत को आखिरी ओवर में 16 रन बनाने थे. आखिरी ओवर में दो विकेट गंवाने के बाद भी टीम इंडिया ने आखिरी गेंद पर ये लक्ष्य हासिल कर लिया.
उन दो छक्कों के बारे में विराट कोहली कहते हैं, “मैं अपनी लाइफ़ में ऐसा कभी खेला ही नहीं. मैं इसे क्लेम ही नहीं कर सकता. वो दो बॉल जैसे मैं खेला वैसा पहले कभी नहीं खेला. मैं रिपीट भी नहीं कर सकता वो शॉट.”
विराट कोहली इन दो शॉट्स को ‘ऊपरवाले का आशीर्वाद’ बता चुके हैं.
वो कहते हैं, “जब बॉल बल्ले से लगी तो मुझे पता था कि ये छक्का है. दोनों शॉट में. ये फील किए हुए मोमेंट हैं. इसीलिए इन्हें भूल नहीं सकते.”
छोटी दिवाली को आई विराट कोहली की ये ‘स्पेशल पारी’ देखने वालों के लिए बहुत ख़ास थी.
वो याद करते हैं, “इस मैच के बाद जिस तरह के मैसेज आए थे मुझे, उनसे मैं काफी भावुक हो गया. अगले दिन दिवाली थी. जब मेरी अगले दिन (विराट कोहली की पत्नी) अनुष्का (शर्मा) से बात हुई तो उसने कहा तुमको नहीं पता कि तुमने हर किसी को कितनी खुशी दी है. लोग बहुत खुश हैं.”
पैडी अप्टन और रवि शास्त्री का रोल

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इस पारी के जरिए विराट कोहली ने अपने मुश्किल दिनों की भी बात की और मेंटल कंडीशनिंग कोच पैडी अप्टन से मिले सहयोग का ज़िक्र किया.
उन्होंने कहा, “पैडी अप्टन वो शख्स थे, जब मैं (ब्रेक से) वापस आया तो उनसे मेरी सबसे ज़्यादा बात हुई, मैं किन हालात से गुजरा, लंबे करियर में क्या अप डाउन होते हैं, वो खुद भी क्रिकेट खेल चुके हैं, (इसलिए वो समझते हैं) उन्होंने मुझे वो सोच दी, हौसला बढ़ाया कि (मैं) समाधान तलाशूं. ”
तब मैदान पर मौजूद रहे पूर्व कोच रवि शास्त्री का ज़िक्र करते हुए विराट कोहली ने कहा, “फिर मुझे रवि भाई ने गले से लगाया, मैं जिन चीजों से गुजर रहा था, उन्होंने उसे करीब से देखा था. मेरी उनसे काफ़ी बातें हुई थीं, वो जानते थे क्या चल रहा है.”

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उस पारी के बाद क्या बदला?
पाकिस्तान के ख़िलाफ़ मैच विनिंग पारी के जरिए विराट कोहली और भारतीय क्रिकेट के लिए काफी कुछ बदल गया.
विराट कोहली उस पारी के बाद वनडे में छह और टेस्ट में दो शतक लगा चुके हैं.
मौजूदा वर्ल्ड कप में उनके बल्ले से दो शतक निकले हैं और वो सचिन तेंदुलकर के वनडे में सबसे ज़्यादा (49) शतक बनाने के रिकॉर्ड की बराबरी कर चुके हैं.
उनके नाम के साथ जुड़ा ‘चेज़ मास्टर’ के तमगे की चमक कुछ और बढ़ गई है.
और जैसा विराट कोहली कहते हैं, “जो टेस्ट (इम्तिहान) होता है, आप कर सकते हैं या नहीं, मैंने सब कुछ एक्सपीरियंस किया उस रात.”
और वो अनुभव 2023 वनडे वर्ल्ड कप में टीम इंडिया के काम आ रहा है. मुक़ाबला चाहे ऑस्ट्रेलिया के ख़िलाफ़ रहा हो या दक्षिण अफ़्रीका के ख़िलाफ़ विराट कोहली ने जल्दी विकेट गिरने के बाद भी टीम इंडिया को फंसने नहीं दिया है.
ज़ाहिर है, अब उनकी नज़र अगले दो मैच (सेमीफ़ाइनल और फ़ाइनल) पर होगी और आसमान पर भी.
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