'ऑपरेशन मोगादिशु' की कहानी जिसके बाद अमेरिका को सोमालिया से निकलना पड़ा

ब्लैक हॉक

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इमेज कैप्शन, ब्लैक हॉक हेलीकॉप्टरों का उपयोग 1990 के दशक में सोमालिया में अनगिनत अमेरिकी मिशनों में किया गया था.
    • Author, रेहान फ़ज़ल
    • पदनाम, बीबीसी हिंदी

अगर आप सोमालिया के हाल के इतिहास पर नज़र दौड़ाएं तो आप अकाल, सूखा, क्रूर तानाशाह, आपस में लड़ते क़बीलों और अराजकता का बोलबाला पाएंगे.

80 के दशक में सोमालिया इतने बड़े सूखे का शिकार हो गया था कि वहां का आधारभूत ढांचा पूरी तरह से ध्वस्त हो गया था.

सन 1992 में अमेरिका की फ़र्स्ट मरीन डिवीज़न और स्पेशल फ़ोर्स के कुछ सैनिकों को वहाँ राहत कार्यों के लिए भेजा गया था. सोमालिया में उस समय कोई भी कामकाजी सरकार नहीं थी. सत्ता पर नियंत्रण के लिए दो क़बाइली नेताओं के बीच संघर्ष चल रहा था.

5 जून, 1993 को हथियारों के सामान्य निरीक्षण के दौरान मोहम्मद फ़राह आयदीद के समर्थक लड़ाकों ने घात लगाकर 24 पाकिस्तानी सैनिकों पर हमला कर उनकी हत्या कर दी थी.

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आयदीद के लोगों को गिरफ़्तार करने का मिशन

सोमालिया में ऑपरेशन मोगादिशु

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इमेज कैप्शन, संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद ने प्रस्ताव पारित कर मोहम्मद फ़राह आयदीद को गिरफ़्तार करने का आदेश दिया था

इस पर प्रतिक्रिया स्वरूप संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद ने प्रस्ताव पारित कर आयदीद और उनके सोमाली नेशनल अलाएंस के लोगों को गिरफ़्तार करने का आदेश दिया.

मैट एवर्समैन और डैन शिलिंग अपनी किताब 'बैटिल ऑफ़ मोगादिशु' में लिखते हैं, "अमेरिकी ज्वाइंट चीफ़ ऑफ़ स्टाफ़ के निर्देश पर अमेरिका की स्पेशल ऑपरेशंस कमान ने आयदीद को पकड़ने के उद्देश्य से एक कार्य दल बनाया."

26 अगस्त, 1993 को अमेरिकी सेना, नौसेना और वायुसेना के लोगों का दल मोगादिशु हवाई अड्डे के मुख्य हैंगर पर पहुंच गया.

पाँच सप्ताह बाद एक रविवार की दोपहर को इन सैनिकों ने ऑपरेशन 'गोथिक सर्पेंट' शुरू किया. ये उनका सातवां और आखिरी ऑपरेशन था."

उस समय तक दस वर्षों से चल रहे गृह युद्ध के कारण सोमालिया के लोगों को लड़ाई का ख़ासा अनुभव हो गया था. मोगादिशु नगर की आबादी दस लाख से अधिक थी.

इनमें से अधिकतर लोगों के पास हथियार थे.

किताब का चित्र

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इमेज कैप्शन, अमेरिकी सैनिकों ने ऑपरेशन 'गोथिक सर्पेंट' शुरू किया. ये उनका सातवां और आख़िरी ऑपरेशन था.
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एपिसोड

समाप्त

3 अक्तूबर, 1993 को अमेरिकियों को पता चला कि आयदीद के दो क़रीबी लोग ओलंपिक होटल के बग़ल की इमारत में एक बैठक कर रहे हैं.

तय हुआ कि इस इमारत पर हमला बोल इन लोगों को गिरफ़्तार किया जाएगा. ये जगह मोगादिशु के बीचोंबीच बकारा मार्केट में थी.

अमेरिकी सैन्यदल में शामिल मैट एवर्समैन लिखते हैं, "हमें मोगादिशु की एक इमारत पर हमला बोलना था. तीन बजकर 32 मिनट पर हमारे हेलीकॉप्टरों ने अपने लक्ष्य के लिए टेक-ऑफ़ किया. हमारे लक्ष्य तक फ़्लाइट का समय था सिर्फ़ 3 मिनट. ये एक घनी आबादी वाला इलाका था जिसमें चारों तरफ़ आयदीद के समर्थक फैले हुए थे. हमारी योजना थी कि हम पूरा मिशन आधे घंटे में पूरा कर लेंगे. लेकिन हमले का ये ऑपरेशन हमारे हेलीकॉप्टर गिराए जाने के बाद बचाव के ऑपरेशन में बदल गया."

"जैसे ही हमने टेक-ऑफ़ किया तो हमारे पायलटों ने बताया कि सोमाली सड़कों पर टायर जला रहे हैं. कुछ लोगों का मानना था कि टायरों का जलाना सोमाली लड़ाकों की अपने लोगों को हमले के बारे में आगाह करने की कोड भाषा थी. दूसरे लोगों का विचार था कि टायरों को जलाकर वो अमेरिकी हमलावरों के रास्ते में अवरोध खड़ा करना चाहते थे."

हेलीकॉप्टरों के पंखों से उड़ी धूल

ऑपरेशन मोगादिशु की कहानी

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इमेज कैप्शन, टायरों का जलाना सोमाली लड़ाकों की अपने लोगों को हमले के बारे में आगाह करने की कोड भाषा थी.

मिशन में 12 ब्लैक हॉक हेलीकॉप्टर और क़रीब 100 अमेरिकी सैनिकों ने भाग लिया.

हर हेलीकॉप्टर में चार सैनिक सवार थे. उन्होंने काले रंग की बुलेट प्रूफ़ जैकेट पहन रखी थी. उन्होंने रेडियो इयर-प्लग के ऊपर प्लास्टिक हॉकी हेलमेट पहन रखा था. उनके पास एक रैपअराउंड माइक्रोफ़ोन था जिससे वो सब आपस में लगातार संपर्क बनाए हुए थे. जैसे ही हेलीकॉप्टर भीड़ वाले इलाके में पहुंचे नीचे खड़े लोग और कारें तितर-बितर होने लगीं.

हेलीकॉप्टर के पंखों की तेज़ हवाओं के वेग से कुछ लोग ज़मीन पर गिर गए. नीचे खड़े कुछ लोग ऊपर की तरफ़ इशारा कर रहे थे मानो हेलीकॉप्टरों को नीचे सड़क पर उतरने और लड़ने की चुनौती दे रहे हों.

मार्क बाउडेन अपनी किताब 'ब्लैक हॉक डाउन अ स्टोरी ऑफ़ मॉडर्न वॉर' में लिखते हैं, "पहले दो हेलीकॉप्टर लक्षित इमारत के दक्षिण में उतरे. उनके उतरने से इतनी धूल पैदा हुई कि दूसरे हेलीकॉप्टरों पर सवार पायलटों और सैनिकों को नीचे कुछ भी नहीं दिखाई दिया. दूसरे हेलीकॉप्टर के उतरने वाली जगह पर पहला हेलीकॉप्टर उतर गया. दूसरे हैलिकॉप्टर ने फिर ऊँचाई भरी और वो टारगेट बिल्डिंग के बिल्कुल सामने उतरे, ये जगह पहले से उतरने के लिए तय नहीं थी."

एक सैनिक हेलीकॉप्टर से नीचे गिरा

ब्लैक हॉक हेलीकॉप्टर और अमेरिकी सैनिक

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इमेज कैप्शन, ऑपरेशन मोगादिशु में 12 ब्लैक हॉक हेलीकॉप्टर और क़रीब 100 अमेरिकी सैनिकों ने भाग लिया .

अमेरिकी सैनिकों के उतरते ही एक दुर्घटना घटी. एक सैनिक टॉड ब्लैकबर्न हेलीकॉप्टर से 70 फ़ीट की ऊँचाई से सीधे ज़मीन पर गिरा.

इस घटना का विवरण देते हुए मैट एवर्समैन लिखते हैं, "जैसे ही मैं नीचे आना शुरू हुआ मैं हेलीकॉप्टर की बेली की तरफ़ देखने लगा.. ग्लव्स पहनने के बावजूद नायलॉन की रस्सी से मेरे हाथ जल रहे थे. मैंने ये देखने के लिए नीचे नज़र दौड़ाई कि अब मुझे कितना और नीचे उतरना है. जब मेरी नीचे नज़र पड़ी तो मेरा दिल धक से रह गया. नीचे एक मुड़ा-तुड़ा शरीर पड़ा था."

"मेरे दिमाग़ में पहला ख़्याल यही आया कि किसी को गोली लगी है. क्या वो मर गया है? मेरे पैरों ने जब ज़मीन को छुआ तो मेरे पैर करीब-करीब उस शरीर से छू गए. डॉक्टरों ने उस पर काम करना शुरू कर दिया था. उनकी नाक, कान और मुँह से ख़ून बह रहा था. वो बेहोश थे."

"हेलीकॉप्टर से नीचे उतरते समय रस्सी उनके हाथ से छूट गई थी और वो 70 फ़ीट की ऊँचाई से नीचे गिरे थे. मैंने चारों तरफ़ देख अपने दूसरे साथियों के बारे में जानना चाहा तभी मुझे महसूस हुआ कि हम पर गोलियाँ चलाई जा रही हैं."

अमेरिकी सैनिक की मौत

हथियारों के साथ सोमालियाई लड़ाके

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इमेज कैप्शन, दस वर्षों से चल रहे गृह युद्ध के कारण सोमालिया के लोगों को लड़ाई का ख़ासा अनुभव हो गया था.

पहले सोमाली लोगों की गोलियां निशाने पर नहीं लग रही थीं लेकिन फिर उन्होंने सटीक निशाने लगाने शुरू कर दिए.

सड़क के बीचोंबीच एक लावारिस वाहन खड़ा था. सोमाली उसकी आड़ लेकर अमेरिकियों पर गोलियां चला रहे थे.

वो एक भवन के किनारे से कार की तरफ़ भागते. कार की आड़ लेकर गोली चलाते और फिर सड़क की दूसरी तरफ़ भाग जाते.

इस बीच ब्लैक हॉक हेलीकॉप्टर भी ऊपर से सोमाली लड़ाकों पर गोलियाँ चलाने लगे थे. लेकिन सोमाली लड़ाके भी बराबर गोली का जवाब गोली से दे रहे थे. लेकिन इस सबके बावजूद अमेरिकी सैनिक 19 वांक्षित विद्रोहियों को पकड़ने में कामयाब हो गए.

मैट एवर्समैन लिखते हैं, "मशीन गन से गोलियों की आवाज़ इतनी तेज़ थी कि उनसे मेरे दाँत किटकिटा रहे थे. तभी हमारे साथी सार्जेंट कैसी जोएस को गोली लगी. हालांकि उन्होंने केवलर वेस्ट पहन रखी थी, गोली उनकी बगल से उस स्थान से उनके शरीर में गई जो वेस्ट से कवर नहीं था. उनकी चोट इतनी छोटी थी कि मैंने उसे करीब करीब नज़रअंदाज़ कर दिया."

"ऐसा लगा कि उन्हें ज़्यादा दर्द भी नहीं हो रहा था, वो बिल्कुल हिले-डुले नहीं. बस मेरी तरफ़ देखते रहे. लेकिन जब हमारे डॉक्टर साथी ने उनकी जाँच की तो इशारे से कहा कि उनके शरीर को ट्रक में रख दिया जाए. तब जाकर मुझे अहसास हुआ कि मेरी टीम के इस सदस्य की मौत हो चुकी थी."

ब्लैक हॉक हेलीकॉप्टर गिरा

धराशाई ब्लैक हॉक

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इमेज कैप्शन, ब्लैक हॉक को एक आरपीजी ने किया था धराशाई

उस समय ब्लैक हॉक हेलीकॉप्टर की पहली प्राथमिकता थी घायल ब्लैकबर्न और गिरफ़्तार किए गए विद्रोहियों को अपने ठिकाने तक पहुंचाना.

तभी रेडियो ऑपरेटर माइक कर्थ ने देखा एक ब्लैक हॉक हेलीकॉप्टर कुछ ज़्यादा ही नीचे चक्कर लगा रहा है.

कर्थ लिखते हैं, "मुझे ये देखकर कुछ अजीब सा लगा. तभी मैंने देखा कि हेलीकॉप्टर नीचे जा रहा है. पहले तो मुझे लगा कि पायलट कोई कोण बनाने की कोशिश कर रहा है ताकि उस पर सवार स्नाइपर्स को सटीक निशाना लेने का मौका मिल सके. लेकिन हेलीकॉप्टर लगातार घूमता रहा और नीचे भी आता रहा."

"एक पूरा चक्कर लगाकर हेलीकॉप्टर इमारतों के पीछे पूरी तरह से ओझल हो गया. मैं क्रैश की आवाज़ तो नहीं सुन पाया लेकिन मुझे अंदाज़ा हो गया कि हुआ क्या था. मैंने तुंरत सभी को सूचित किया, 'वी हैव अ बर्ड डाउन.' उस समय घड़ी 4 बजकर 18 मिनट बजा रही थी. दरअसल ब्लैक हॉक को एक आरपीजी ने धाराशाई किया था."

हताहतों की संख्या बढ़ी

 अमेरिकी सैनिक

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इमेज कैप्शन, सोमालिया से वापसी करते अमेरिकी सैनिक

इस बीच अमेरिकी हताहतों की संख्या बढ़ती जा रही थी.

एक अमेरिकी ऑपरेटर एक चौराहा पार करने की कोशिश कर रहा था, वो अभी सड़क के कोने से चार या पाँच फ़िट दूर रहा होगा कि दूर से आई गोली उसके हेलमेट में लगी.

माइक कर्थ लिखते हैं, "उसका हेलमेट हमारे के-पॉट हेलमेट जैसा मज़बूत नहीं था. जैसे ही गोली लगी उसका सिर पीछे की तरफ़ गया और मैंने देखा कि उसके सिर के पीछे से ख़ून का फव्वारा निकला जिसने उसके पीछे की दीवार को लाल रंग से रंग दिया. वो ज़मीन पर गिरा."

"मैंने जो दृश्य देखा उस पर यकीन नहीं कर सका. जैसे ही वो ज़मीन पर गिरा, एक और ऑपरेटर ने उसे सुरक्षित स्थान पर खींचने की कोशिश की. उसने दो ही क़दम लिए होंगे कि उसको भी गोली लग गई."

ट्रकों पर लादकर सैनिकों को स्टेडियम पहुंचाया गया

 अमेरिकी सैनिक

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इमेज कैप्शन, मोगादिशु की लड़ाई में 88 सैनिक घायल हुए थे.

बीच मोगादिशु में फंसे अमेरिकी सैनिकों की मदद के लिए दूसरे सैनिक रात 2 बजे तक ही वहाँ पहुंच पाए. लेकिन वहाँ लड़ रहे अमेरिकी सैनिकों ने मृत चीफ़ वॉरंट ऑफ़िसर क्लिफ़ वॉलकॉट का शव लिए बग़ैर वहाँ से हटने से इनकार कर दिया.

वॉलकॉट का शव अब भी गिराए गए हेलीकॉप्टर के बीच फँसा हुआ था जिसे वो उड़ा रहे थे. कई घंटों की मेहनत के बाद वो उनके शव को बाहर निकालने में कामयाब हो गए. लेकिन तब तक सुबह होने वाली थी.

सुबह 5 बजकर 42 मिनट पर उन्होंने सभी हताहतों को ट्रकों में लादा. तब उन्हें पता चला कि ट्रक में उन लोगों के लिए कोई जगह नहीं बची है जो घायल नहीं हुए थे.

मार्क बाउडेन लिखते हैं, "बचे हुए सैनिक उन ट्रकों के पीछे दौड़ते हुए ओलंपिक होटल तक पहुंचे. हेलीकॉप्टर दुर्घटनास्थल से वो दूरी मात्र 400 से 600 मीटर थी. बाद में इस दूरी को 'मेगादिशु माइल' की संज्ञा दी गई."

"वहाँ से सभी मृत और घायल सैनिकों को ट्रकों पर लादकर स्टेडियम पहुंचाया गया जो वहाँ भेजी गई पाकिस्तानी शाँति सेना का अड्डा था. पूरे रास्ते आयदीद के समर्थक ट्रकों के काफ़िले पर फ़ायरिंग करते रहे जिसमें दो मलेशियन सैनिकों की मौत हो गई."

"कुल मिलाकर 88 सैनिक घायल हुए. ये सभी थके-हारे सैनिक सुबह साढ़े छह बजे स्टेडियम पहुंच सके. स्टेडियम में मौजूद डॉक्टर ब्रूस एडम्स एक साथ एक या दो मरीज़ों को देखने के आदी थे. वहाँ पूरा का पूरा स्टेडियम ख़ून से सने अमेरिकी सैनिकों से भरा हुआ था."

सोमाली घायलों से अस्पताल भरा

अस्पताल में सोमाली घायल

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इमेज कैप्शन, मोगादिशु के वॉलंटियर अस्पताल में तीन पलंगों वाले ऑपरेटिंग थिएटर में रातभर काम होता रहा था. सोमाली घायलों से पूरा अस्पताल लोगों की चीख़ों और कराहटों से भरा हुआ था.

मोगादिशु के वॉलंटियर अस्पताल में भी सोमाली घायलों का तांता लगा हुआ था. सर्जन आब्दी मोहम्मद एलमी के कपड़े ख़ून से सने हुए थे. घायलों को अटेंड करते-करते वो निढाल हो चुके थे.

मार्क बाउडेन लिखते हैं, "अवरोधों के कारण सड़कों पर वाहन चल नहीं पा रहे थे. इसलिए घायलों को हाथ से चलने वाले ठेलों में भरकर लाया जा रहा था."

लड़ाई शुरू होने से पहले वॉलंटियर अस्पताल पूरी तरह से ख़ाली रहता था. 4 अक्तूबर की शाम अस्पताल की सभी 500 पलंगें भर चुकी थीं. 100 और घायलों को अस्पताल के बरामदों में रखा गया था.

तीन पलंगों वाले ऑपरेटिंग थिएटर में रात भर काम होता रहा था. पूरा अस्पताल लोगों की चीख़ों और कराहटों से भरा हुआ था.

रक्तरंजित लोगों के अंग या तो उनके शरीर से अलग हो गए थे या उनमें बहुत गहरा घाव लगा था. उनमें से बहुत से लोग अपनी अंतिम घड़ियाँ गिन रहे थे.

डिगफ़ेर अस्पताल में घायलों और मृतकों की संख्या और अधिक थी.

अमेरिकी पायलट को बंधक बनाया गया

सोमालियाई भीड़

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इमेज कैप्शन, मोगादिशु की सड़कों पर एक अमेरिकी सैनिक के शव को सोमालियाई भीड़ ने घसीटा

इस पूरे ऑपरेशन में अमेरिका के 18 सैनिक मारे गए. एक अनुमान के अनुसार, करीब 315 से 2000 के बीच सोमाली इस हमले में हताहत हुए या मारे गए.

पूरी दुनिया ने एक अमेरिकी सैनिक के करीब करीब नग्न शव को मोगादिशु की सड़कों पर खींचे जाने के वीभत्स दृश्य को देखा.

इसके अलावा सोमालियाई लोगों के हाथ आए ब्लैक हॉक के पायलट माइकल ड्यूरेंट का टीवी फ़ुटेज भी पूरी दुनिया में दिखाया गया, जिसमें सोमाली उनसे सवाल पूछते दिखाई दे रहे थे.

डुरेंट को 11 दिनों बाद रिहा किया गया. उनके साथ मृत अमेरिकी सैनिकों के शव भी अमेरिकी अधिकारियों को सौंपे गए.

अस्पताल में माइकल ड्यूरेंट

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इमेज कैप्शन, सुपर सिक्स क्रू में माइकल ड्यूरेंट ही जीवित बचे थे.

ड्यूरेंट ने रेड-क्रॉस के कार्यकर्ताओं को बताया कि उनको घूसों और डंडों से मारा गया. उनके कपड़े फाड़ दिए गए. उनकी आँखों में पट्टी बाँध कर करीब करीब नग्न अवस्था में भीड़ के सामने घुमाया गया.

डॉक्टरों ने जब ड्यूरेंट की जांच की तो उन्होंने पाया कि उनकी एक टाँग, पीठ और गाल की हड्डी टूटी हुई थी. उनके पैरों और कंधों में गोली से लगी छोटी चोटें भी थीं.

उनके पैरों में प्लास्टर ज़रूर बंधा था लेकिन हड्डी को बैठाया नहीं गया था. ड्यूरेंट के लिए ये दिन खुशियाँ और दुख दोनों लेकर आया था.

उसी दिन उन्हें पता चला था कि उनके सुपर सिक्स क्रू में जीवित बचकर आने वालों में सिर्फ़ वही थे.

अमेरिका ने सैनिक वापस बुलाए

राष्ट्रपति बिल क्लिन्टन

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इमेज कैप्शन, अमेरिका ने छह महीने बाद हुए रवांडा के नरसंहार में हस्तक्षेप करने से इंकार कर दिया

7 अक्तूबर को राष्ट्रपति बिल क्लिन्टन ने मार्च, 1994 तक सोमालिया से सभी अमेरिकी सैनिकों को वापस बुलाने की घोषणा की.

कुछ महीनों बाद अमेरिका के रक्षा मंत्री लेस आस्पिन ने अपने पद से इस्तीफ़ा दे दिया.

टास्क फ़ोर्स रेंजर के कमांडर जनरल विलियम गैरिसन का करियर भी समय से पहले समाप्त हो गया.

इस घटना का ये असर हुआ कि अमेरिका ने इसी इलाके में छह महीने बाद हुए रवांडा के नरसंहार में हस्तक्षेप करने से इंकार कर दिया.

आयदीद

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इमेज कैप्शन, आयदीद का क़बीला अब भी 3 अक्तूबर को राष्ट्रीय छुट्टी के तौर पर मनाता है

आयदीद ने दावा किया कि उनके लोगों ने दुनिया की सबसे शक्तिशाली सैनिक शक्ति को अपने देश से भगाने में कामयाबी पाई.

उनका क़बीला अब भी 3 अक्तूबर को राष्ट्रीय छुट्टी के तौर पर मनाता है. आयदीद बहुत दिनों तक जीवित नहीं रहे. इस ऑपरेशन के तीन साल बाद उनकी मृत्यु हो गई.

बीबीसी के लिए कलेक्टिव न्यूज़रूम की ओर से प्रकाशित

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