नशे के कारोबार से कैसे पर्यटकों का एक पसंदीदा देश तबाही की कगार पर पहुँचा

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- Author, फ़र्नांडो दुआर्ते
- पदनाम, बीबीसी वर्ल्ड सर्विस
ड्रग्स माफ़िया से जुड़ी हिंसा की आंधी ने इक्वाडोर को एक शांत पर्यटन स्थल से बदल कर नशे के वैश्विक व्यापार का प्रमुख केंद्र बना दिया है.
पूरी दुनिया में अरबों ख़रबों डॉलर के ड्रग्स के धंधे में यह देश कैसे फिट बैठता है?
जनवरी में एक के बाद एक हिंसा की वारदातें सामने आईं. एक टीवी पत्रकार को बंदूक की नोक पर अगवा कर लिया गया.
एक अभियोजक को गोली मार दी गई. एक अस्पताल पर हमला हुआ, बम विस्फ़ोट की धमकियां मिलीं और जेल से एक कुख्यात गैंगस्टर के ग़ायब होने के बाद क़ैदियों ने जेल के स्टाफ़ को बंधक बना लिया.
राष्ट्रपति डैनिएल नोबोआ ने आपातकाल घोषित कर दिया और बीबीसी से कहा कि देश एक ‘नार्को-स्टेट’ बन जाने के लिए हर दिन संघर्ष कर रहा है
लेकिन शोनेरोस और लोस लोबोस जैसे गैंग ने समाज पर अपनी मजबूत पकड़ बना ली है.
कभी यह एक टूरिस्ट डेस्टिनेशन और दुनिया का शीर्ष केला निर्यातक होने के लिए जाना जाता था लेकिन अमेरिका में संगठित अपराध पर शोध करने में विशेषज्ञता रखने वाले वॉशिंगटन के थिंकटैंक इंसाइट क्राइम ने इक्वाडोर को अब “यूरोप और अमेरिका का कोकेन सुपरहाइवे” बताया है.
इस बदलाव के पीछे भौगोलिक स्थितियां मुख्य वजह रही हैं. कोकोन के मुख्य घटक कोका के दुनिया के सबसे शीर्ष उत्पादक देशों कोलंबिया और पेरू की सीमाएं इक्वाडोर से लगती हैं.

2016 में जब कोलंबिया के हथियारबंद संगठन फ़ार्क ने शांति समझौता किया था तो यह ड्रग्स के धंधे से अलग हो गया, जिसमें वो दशकों तक प्रमुख खिलाड़ी रहा था.
लेकिन इस ख़ाली जगह को छोटे छोटे ग्रुपों और अंतरराष्ट्रीय गिरोहों ने ले लिया और विदेशी बाज़ारों में ड्रग्स पहुंचाने के लिए नए रास्ते अपना लिए. प्रशांत तट की ओर स्थित इक्वाडोर के गुआयाक्विल जैसे बंदरगाहों की ओर वे आकर्षित हुए.
अब यह देश अहम वितरण केंद्र बन गया है- कोकेन को देश से बाहर पहले नाव और फिर विमान के मार्फ़त, कभी कभी केले के कंटेनरों में छिपाकर अमेरिका और यूरोप के बाज़ारों में तस्करी किया जाता है.
इक्वाडोर के गिरोहों ने मेक्सिको जैसे दूसरे देशों में ड्रग माफ़िया से क़रीबी बना ली है. यूनाइडेट नेशंस ऑफ़िस ऑन ड्रग्स एंड क्राइम (यूएनओडीसी) के मुताबिक, जैसे जैसे ये गैंग ताक़तवर होते गए, इक्वाडोर में हत्याओं के मामले 2016 से 2022 के बीच चौगुना बढ़ गए.

सरकारी आंकड़ों के अनुसार, पुलिस ने 2023 के पहले छह महीनों में, हत्या, ड्रग तस्करी और हथियार रखने के संदेह में 12 से 17 साल की उम्र के 1,300 बच्चों को गिरफ़्तार किया.
अधिकारियों का कहना है कि इन बच्चों ने स्कूल से भागकर कुख्यात गिरोहों, जिन्हें बैंडास कहा जाता है, में शामिल हुए थे.
जेनेवा स्थित थिंक टैंक ग्लोबल इनिशिएटिव अगेंस्ट ट्रांसनेशनल आर्गेनाइज़्ड क्राइम (जीआईटीओसी) से जुड़े ड्रग पॉलिसी एक्सपर्ट फ़ेलिप बोतेरो के अनुसार, “ये गैंग शहरी क्षेत्रों के पास ग़रीब इलाक़ों में बड़े पैमाने पर सक्रिय हैं और बच्चे इनके प्रभाव में आ जाते हैं.”

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ड्रग्स की बढ़ती खपत
यूएनओडीसी के मुताबिक, इक्वाडोर में जो कुछ हो रहा है उसकी वजह है कोकेन और अन्य नशीले पदार्थों की वैश्विक मांग में वृद्धि.
2021 की हालिया रिपोर्ट में अनुमान लगाया गया है कि पूरी दुनिया में 15-64 साल की उम्र के 29.6 करोड़ लोगों ने उसके पिछले 12 महीने में नशीले पदार्थों का सेवन किया था. एक दशक पहले के मुकाबले यह आंकड़ा 23% अधिक है.
संयुक्त राष्ट्र के मुताबिक, आम तौर पर इस्तेमाल की जाने वाले नशीले पदार्थों में सबसे अधिक कैनाबिस (भांग), अफ़ीम, दर्द निवारक से लेकर हेरोइन तक और एम्फेटामाइंस हैं.
हाल के सालों में कोकेन के उत्पादन में भी ‘रिकॉर्ड’ तेजी आई है.
यूएनओडीसी के अनुमान के अनुसार, उदाहरण के लिए कोलंबिया में इसका उत्पादन 2011 में 400 मिट्रिक टन से बढ़कर 2021 में 1,800 मिट्रिक टन हो गया.

संयुक्त राष्ट्र एक्सपर्ट के मुताबिक, कोलंबिया में एक किलो ग्राम कोकेन की क़ीमत 2,000 डॉलर है. लेकिन जब यह यहां से दूर, मसलन ऑस्ट्रेलिया पहुंचता है तो इसकी क़ीमत दो लाख 20,000 डॉलर हो जाती है.
अमेरिका के टेक्सस ए एंड एम यूनिवर्सिटी में ड्रग पॉलिसी एक्सपर्ट आईलीन टीग का कहना है कि कुछ देशों में अवैध कारोबार सरकारी तंत्र से जुड़ गया है.
इसका सबसे उपयुक्त उदाहरण 1980 के दशक में कोलंबिया में देखने को मिला था, जब ड्रग माफ़िया पाब्लो एस्कोबार और उसके मेडेलिन कार्टेल ने जनता में दहशत पैदा कर दी थी, कभी उनकी संपत्ति 30 अरब डॉलर हुआ करती थी.

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एस्कोबार भले ज़िंदा न हों, लेकिन कोलंबिया में कार्टेल अभी भी है. सबसे बड़ा कार्टेल है गल्फ़ क्लान जिसके अमेरिका से लेकर रूस तक में अंतरराष्ट्रीय आपराधिक संगठनों से संबंध हैं.
ओटोनी के नाम से मशहूर इसके प्रमुख डायेरो एंटोनियो उसुगा की 2021 में गिरफ़्तारी के बाद यह कमज़ोर हो गया.
मैक्सिको, सरकार और सिनालोआ कार्टेल के बीच दशकों तक संघर्ष का गवाह रहा है, जिसे अमेरिकी न्याय विभाग दुनिया का सबसे बड़ा और ताक़तवर ड्रग तस्कर संगठन मानता है.
एस्कोबार की तरह ही सिनालोआ के लीडर जैक्विन ‘अल चापो’ गुज़मान कई किताबों, डाक्युमेंट्री और नेटफ़्लिक्स सिरीज़ ‘नार्कोस’ का विषय बने.

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इस समय वो अमेरिकी जेल में आजीवन कारावास भुगत रहे हैं और उनका बिज़नेस उनके दो बेटों और पुराने सहयोगी इस्माइल ज़ाम्बादा गार्सिया के साझे में चल रहा है.
मैक्सिको में अन्य ताक़तवर गैंग हैं जालिस्को न्यू जेनरेशन और लोस ज़ेटास, जिसे मैक्सिको के स्पेशल फ़ोर्सेस की इलीट यूनिट के कुछ भ्रष्ट सदस्यों ने शुरू किया गया था.

अफ़्रीका का ‘पहला नार्को स्टेट’
दक्षिणी अमेरिका पैदा ड्रग्स सीधे उत्तरी अमेरिका और यूरोप नहिं जाता है और सीमा पर नियामक एजेंसियों के साथ चूहे बिल्ली के खेल से निजात पाने के लिए अफ़्रीका एक प्रमुख रूट बन गया है.
यूरोप को जाने वाले ड्रग्स शिपमेंट के लिए पश्चिमी अफ़्रीका एक महत्वपूर्ण मार्ग बन गया है.
सैटेलाइट निगरानी को धता बताने के लिए विमान से पार्सल गिराने, सबमैरीन और नीली पन्नी से ढंकी मछली पकड़ने वाली छोटी नावों के मार्फ़त ये ड्रग्स शिपमेंट अटलांटिक से होकर भेजे जाते हैं.
यूएनओडीसी के पूर्व एक्जीक्युटिव डायरेक्टर एंटोनियो मारिया कोस्टा के अनुसार, “ड्रग तस्करी में अफ़्रीकी देश रणनीतिक रूप से अहम हैं और ड्रग्स से आने वाला पैसा अर्थव्यवस्था और समाज दोनों को बर्बाद कर रहा है.”
गिनी बिसाउ दुनिया का सबसे ग़रीब देश है. इसे अमेरिका और संयुक्त राष्ट्र ने 2000 के शुरुआती दशक में अफ़्रीका का पहला नार्को स्टेट घोषित किया था. यहां नेताओं पर ड्रग व्यापार को शह देने और अपराधियों से पैसे लेने के आरोप लगे.

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यह भी संदेह है कि सुरक्षा बलों को भी यह पैसा जाता है. 2022 में गिनी बिसाउ के राष्ट्रपति उमारो सिसोसो एम्बालो ने ड्रग डीलरों पर देश में तख़्ता पलट की साज़िश के आरोप लगाए.
13 साल पहले जब गिनी बिसाउ के राष्ट्रपति जोआओ बर्नार्डो विएरा की हत्या उनके ही सैनिक ने की तो इसे ‘कोकेन कू’ (कोकेन तख़्तापलट) कहा गया. उस समय देश में ड्रग से आने वाले पैसे के नियंत्रण को लेकर सत्ता संघर्ष चरम पर पहुंच गया था.
पड़ोस के माली में, देश के उत्तर में ड्रग्स तस्करी आम है जहां हथियारबंद विद्रोही ग्रुप सक्रिय हैं.
पश्चिमी अफ़्रीका से भूमध्यसागर और यूरोप के बीच कॉरिडोर के रास्ते में माली पड़ता है.
यूएन के अनुसार, इस क्षेत्र में 2015 से 2020 के बीच ज़ब्त होने वाले कोकेन की मात्रा प्रति वर्ष 13 किलो ग्राम से 2022 में बढ़कर 863 किलो ग्राम हो गई.
यूएनओडीसी के पूर्व प्रमुख एंटोनियो मारिया कोस्टा के अनुसार, “हथियारबंद ग्रुपों के लिए ड्रग व्यापार आमदनी का बड़ा स्रोत है.”
”ड्रग्स की लत केवल इसके इस्तेमाल से ही नहीं लगती बल्कि इनकी तस्करी करने वालों को होने वाला मोटा मुनाफ़ा भी एक लत है.”
"द मालियन" के नाम से मशहूर अफ़्रीका के सबसे कुख्यात ड्रग डीलर अल हाद्ज अहमद इब्न इब्राहिम की 2019 में गिरफ़्तारी के बाद भी ड्रग्स की बरामदगी बढ़ी है.

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मोरक्को में इब्राहिम 10 साल की जेल काट रहे हैं. वो उत्तरी माली के रेगिस्तानी बदूइन इलाक़े से आते हैं.
जेउन अफ़्रीक मैग्ज़ीन के मुताबिक, सहारा के एस्कोबार ने अफ़्रीका में सेकेंड हैंड कारों की बिक्री से अपना करियर शुरू किया, जिसकी वजह से उन्हें कॉमर्शियल रूट, कस्टम और अन्य चीजों के बारे में ज्ञान हुआ.
सोने के व्यापार में शामिल होने के बाद वो अटलांटिक के बार कोकेन व्यापार में शामिल हो गए और बताया जाता है कि गिरफ़्तारी के समय ब्राज़ील, रूस और मोरक्को समेत कई देशों में कई नाम से उनकी संपत्तियां थीं.
वैश्विक ड्रग व्यापार में पूर्वी अफ़्रीका भी भूमिका निभाता है. तंज़ानिया में दार एस सलाम और केन्या में मोम्बासा के बंदरगाह दक्षिण और पूर्वी एशिया में भेजे जाने वाले ड्रग्स के आवागमन मार्ग है.
यूएनओडीसी के अनुसार, यहां से हेरोइन, एम्फेटामाइंस और कैनाबिस भी दूसरी ओर भेजे जाते हैं. इस इलाक़े में नैरोबी और आदिस आबाबा जैसे प्रमुख अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे भी हैं.
महाद्वीप अवैध ड्रग्स की खपत बढ़ने के सबूत ने अधिकारियों को चिंता में डाल दिया है.
यूएनओडीसी के अनुमान के अनुसार पश्चिम और मध्य अफ़्रीका में 2021 में 10% लोगों ने कैनाबिस का इस्तेमाल किया. वैश्विक स्तर पर यह आंकड़ा 4% है.
इस बीच एशिया में कोविड-19 महामारी के बाद सिंथेटिक ड्रग व्यापार तेज़ी से बढ़ा है.

थाईलैंड, लाओस और म्यांमार की सीमा का दूरदराज़ वाला जंगली इलाक़ा, जिसे गोल्डन ट्राएंगल कहा जाता है, सिंथेटिक ड्रग्स और हेरोइन का दुनिया का अब भी हब बना हुआ है.
2023 में संयुक्त राष्ट्र ने बताया था कि अफ़ग़ानिस्तान को पीछे छोड़ते हुए म्यांमार दुनिया का सबसे बड़ा अफ़ीम (हेरोइन का मुख्य घटक) उत्पादक देश बन गया है.
दशकों से म्यांमार में सरकार से लड़ने वाले विद्रोही ग्रुपों की आमदनी ड्रग्स व्यापार पर निर्भर रही है. और गृह युद्ध के बीच पिछले साल पोस्ते की खेती बढ़ी है.
गोल्डेन ट्राएंगल का सबसे कुख्यात ग्रुप सैम गोर है जो एशियाई गैंग का एक सिंडिकेट है.
यूएनओडीसी का अनुमान है कि 2018 में सैम गोर ने क्रिस्टल मेथ व्यापार से ही एक साल में आठ अरब डॉलर बनाया था.
ऑस्ट्रेलियाई पुलिस का मानना है कि देश में 70% ड्रग्स के लिये यही ज़िम्मेदार है.
मेथाम्फेटामाइन, हेरोइन और कीटामाइन को चाय के डिब्बों में भर कर भारी मात्रा में ड्रग्स की तस्करी की जाती है.
2021 में नीदरलैंड्स ने 'एशिया का अल चापो' कहाने वाले चीनी-कनाडाई बिज़नेसमैन त्से ची लोप को सिंडिकेट का मुखिया होने के आरोप में गिरफ़्तार किया था.

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त्से ची लोप को दिसम्बर 2022 में ऑस्ट्रेलिया प्रत्यर्पित किया गया. उन्होंने इन आरोपों से इनकार किया है.
अमेरिका के ब्रूकिंग्स इंस्टीट्यूशन में एशियन ड्रग ट्रेड में एक्सपर्ट वांडा फ़ेल्बाब-ब्राउन का कहना है कि एशिया में ड्रग को लेकर बर्बर रवैये की वजह से यहां के ग्रुप चुपचाप काम करते हैं.
फ़ेल्बाब ब्राउन ने सीरिया को नार्को स्टेट कहा था. यहां नशीला पदार्थ कैप्टागान बड़े पैमाने पर तस्करी किया जाता है जिसे ग़रीबों का कोकेन कहा जाता है.
आम तौर पर इसकी खपत पश्चिम एशिया, ख़ास तौर पर खाडी के देशों और सऊदी अरब में है.
2011 से ही गृह युद्ध में फंसे सीरिया को कैप्टागान का दुनिया का सबसे बड़ा उत्पादक देश माना जाता है.
फ़ेलबाब-ब्राउन के अनुसार पश्चिम एशिया में कैप्टागान का व्यापार 5 अरब डॉलर प्रति वर्ष है और इसका “एक बड़ा” हिस्सा असद सरकार को जाता है.
बीबीसी न्यूज़ अरबी और इनवेस्टिगेटिव जर्नलिज़्म नेटवर्क ओसीसीआरपी की एक संयुक्त जांच रिपोर्ट जून 2023 में प्रकाशित हुई थी जिसमें कैप्टागान व्यापार और राष्ट्रपति बशर अल-असद के परिवार और सीरियाई सेना के बीच संबंध पाया गया था.
सीरियाई सरकार ने बीबीसी के सवालों के जवाब नहीं दिए, हालांकि पहले उसने इन आरोपों का खंडन किया था.
चीन और फेंटानिल

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अमेरिका ने सिंथेटिक नशीला पदार्थ फेंटानिल बनाने वाले केमिकल उत्पादन के लिए चीन की कुछ फ़र्मों और लोगों पर आरोप लगाए थे.
अमेरिकी अधिकारियों का कहना है कि अमेरिका में वितरित किए जाने से पहले केमिकल को मैक्सिको भेजा जाता है, जहां फेंटानिल बनाया जाता है.
अमेरिका में नशे से होने वाली सबसे अधिक मौतों के लिए इसी पदार्थ को ज़िम्मेदार माना जाता है. चीन ने फ़ेंटानिल की तस्करी का खंडन किया है.
वांडा फ़ेल्बाब-ब्राउन का कहना है कि इन केमेकिल का उत्पादन रोकना टेढ़ी खीर है क्योंकि इसे बड़े आपराधिक गिरोहों की बजाय व्यक्तिगत रूप से ले जाया जाता है.
"इन पदार्थों की तस्करी सस्ती है और मेथाम्फेटामाइंस के इतना ही मुनाफ़ा होता है. "
हालांकि अमेरिकी अधिकारियों का कहना है कि उन्होंने इसके सबूत पाए हैं कि चीनी कंपनियां मैक्सिको के कार्टेल को फ़ेटानिल के उत्पादन में तकनीकी सहायता देती हैं.
बीते साल अप्रैल में न्यूयॉर्क की एक कोर्ट ने फ़ेंटानिल तस्करी के आरोप में चार चीनी नागरिकों को दोषी ठहराया.
इनमें से एक अभियुक्त बिज़नेसमैन कुन जियांग अमेरिकी ड्रग नियामक प्रशासन की वांटेड लिस्ट में हैं.
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