स्टूडियो में बंदूकधारी: इन तीन बिंदुओं से समझें इक्वाडोर में क्यों फैला 'आतंरिक हथियारबंद संघर्ष'

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मंगलवार को दक्षिण अमेरिकी देश इक्वाडोर के राष्ट्रपति डेनियल नोबोआ ने कहा कि उनका देश ‘एक आंतरिक हथियारबंद संघर्ष के दौर से गुज़र रहा है.’
राष्ट्रपति ने सेना से देश की सड़कों पर कानून-व्यवस्था क़ायम करने का आदेश दिया है.
इससे पहले मंगलवार, नौ जनवरी को देश के एक टेलीविज़न चैनल में कुछ हथियारबंद लोग घुस गए थे.
ये घटना इक्वाडोर के सबसे बड़े शहर और आर्थिक केंद्र माने जाने वाले गुआक़ील में हुई थी.
ब्रॉडकास्ट के दौरान हथियारबंद लोगों ने टीवी चैनल के स्टाफ़ को होस्टेज बना लिया था. हथियारबंद लोगों ने कुछ कॉलेजों और अन्य सार्वजनिक जगहों पर लूटपाट भी की.
इससे एक दिन पहले सोमवार को राष्ट्रपति नोबोआ ने देश में आपातकाल की घोषणा कर दी थी.
उनका ये क़दम देश की छह जेलों में बग़ावत के बाद आया था. इक्वाडोर के दो बड़े आपराधिक गुटों के नेता जेल से भाग गए थे और कुछ पुलिस अधिकारियों को अग़वा कर लिया गया था.
आइए इन तीन बिंदुओं से समझते हैं कि इक्वाडोर हिंसा और असुरक्षा के इस दौर में कैसे दाख़िल हुआ?
1. फ़िटो और गैंग्स की ताक़त

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इक्वाडोर बीते तीन सालों से एक सुरक्षा संकट से गुज़र रहा है. हालात दिन ब दिन बदतर होते जा रहे हैं.
साल 2023 में देश में 7,878 लोगों की हत्याएं हुई हैं. लेकिन इनमें से सिर्फ 584 हत्याओं के अभियुक्तों को ही पकड़ा जा सका है.
ये देश नशीले पदार्थों की प्रोसेसिंग और वितरण का एक अहम क्षेत्रीय केंद्र बनता जा रहा है.
7,878 साल 2023 में हुईं हत्याएं
584मामलों में हुई गिरफ़्तारी
इक्वाडोर में बीस से अधिक आपराधिक गिरोह सक्रिय हैं जो इन गतिविधियों को अंजाम देते हैं.
ये गैंग मेक्सिको और कोलंबिया के बड़े ड्रग कार्टेल से जुड़े हुए हैं. इनका सारा धंधा जेल के भीतर से ही चलता है, जहाँ इन लोगों ने अवैध नियंत्रण कक्ष बना रखे हैं.
इनमें सबसे प्रमुख गैंग्स हैं - चोनेरोज़, लोबोस और लगार्तोस.
यही तीन गैंग देश के भीतर अधिकतर हिंसा के लिए ज़िम्मेदार होते हैं.
पिछले साल अगस्त में राष्ट्रपति पद के उम्मीदवार फ़ेर्नाडों विलाविसेनसियो को सरेआम गोली मार दी गई थी.
उनकी मौत पर अब भी जांच जारी है लेकिन बहुत से जानकार उनकी हत्या के लिए इन्ही गैंग्स के उदय से जोड़ते हैं.
इक्वाडोर की राजनीति पर नज़र रखने वाले आंद्रेस चिरिबोगा ने बीबीसी को बताया, "ऐसे अपराधों के ज़रिए गैंग्स बताना चाहते हैं कि कुछ वक़्त से वही इक्वाडोर पर राज कर रहे हैं.”

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ड्रग्स से हो रही बेतहाशा कमाई की वजह से ये गैंग इक्वाडोर के समाज के हर अंग और संस्थान में घुसपैठ कर चुके हैं.
चिरिबोगा कहते हैं, “एक अहम फ़ैक्टर ये है कि ये लोग कई क्षेत्रों में दाखिल हो चुके हैं. ये घुसपैठ पुलिस और सेना तक भी पहुँच चुकी है. जेल के भीतर से अडोल्फ़ो माचियास उर्फ़ फ़िटो जैसे गैंग लीडर का भागना इसी का सबूत है.”
लॉस चोनेरोज़ नाम की गैंग के प्रमुख फ़िटो जेल में 34 साल की सज़ा काट रहे थे.
उन्हें साल 2011 में संगठित अपराध, ड्रग्स के वितरण और हत्या के लिए गिरफ़्तार किया गया था.
जब फ़िटो जेल से भागे तो उसके बाद इक्वाडोर की कम से कम छह जेलों में दंगे शुरू हो गए.
वहां से कई पुलिसकर्मियों के अग़वा किए जाने की ख़बरें भी आने लगीं.
इसी अफ़रा तफ़री के दौरान लॉस लोबोस नाम गैंग के प्रमुख फ़ैबरिसियो कोलो पिको भी जेल से भाग गए.
इन सब घटनाओं के बीच ही देश के राष्ट्रपति ने आपातकाल की घोषणा की है जो अगले दो महीने तक जारी रहेगा.
2. नोबोआ के नेतृत्व को चुनौती

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डेनियल नोबोआ 23 नवंबर को सत्ता में आए थे. उन्हें राष्ट्रपति बने डेढ़ महीना ही हुआ है. देश में उनके अर्थव्यवस्था और सुरक्षा पर पेश प्रस्तावों को ख़ूब समर्थन मिल रहा है.
हालांकि, उन्हें एक उदार सियासतदान के रूप में देखा जाता है, नोबोआ ने सत्ता में आते ही आपराधिक गैंग्स पर नकेल कसने के लिए क़दम उठाना शुरू कर दिए थे.
उन्होंने वादा किया है कि वो जेलों में कई सुधार करेंगे जिनमें हिंसक क़ैदियों को आम क़ैदियों से अलग रखने जैसे क़दम उठाए जाएंगे.
उनका ताज़ा प्रस्ताव ख़तरनाक क़ैदियों को बीच समुद्र में एक फ़्लोटिंग जेल में रखने का है ताकि वो जेल के भीतर से अपनी आपराधिक गतिविधियों को अंजाम न दे सकें.

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पिछले हफ़्ते उन्होंने अपराध से निबटने के लिए उठाए जा रहे क़दमों के बारे में जनमत संग्रह की मंशा भी जाहिर की थी.
कई विश्लेषक राष्ट्रपति नोबोआ के मंशा और प्रस्तावों को मौजूदा अराजकता की वजह मानते हैं.
चिरिबोगा कहते हैं, "ड्रग्स के धंधे से जुड़े माफ़िया ने ये दिखा दिया है कि वे आपालकाल के दौरान भी देश के लोकतंत्र को घेरकर रख सकते हैं.”
लेकिन अपनी ताक़त का प्रदर्शन कर नोबोआ ने भी वही ग़लती की है जो उससे पहले गिलेर्मो लासो और लेनिन मोरेनो कर चुके हैं.
और गैंग्स अब ये कहना चाह रहे हैं - रुको, हम बताते हैं इक्वाडोर पर असली राज किसका है.
3. ड्रग्स के धंधे का नियंत्रण

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साल 2019 में अमेरिकी विदेश विभाग ने कहा था कि कोलोंबिया का एक तिहाई कोकेन इक्वाडोर के रास्ते उत्तरी अमेरिका और यूरोप में दाखिल होता है.
पिछले कुछ सालों में कोलंबिया और पेरु से सरहद साझा करने वाले इस देश की ड्रग्स के अवैध कारोबार में अहमियत बेतहाशा बढ़ने लगी है. कोलोंबिया और पेरू दोनों ही ड्रग्स के बड़े उत्पादक हैं.
इसका सबूत बड़ी संख्या में ड्रग्स और उन्हें बनाने वाले कारखानों की ज़ब्ती से मिलता है. साथ ही हिंसा में हुई तेज़ बढ़ोतरी भी इसी ओर इशारा करती है.
इक्वाडोर के सभी गैंग्स के तार ड्रग्स के उत्पादन और वितरण से गहरे जुडे़ हुए हैं.

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इनसाइटक्राइम नाम के एक स्पेशलिस्ट पोर्टल के अनुसार इक्वाडोर के गैंग्स आमतौर पर विदेशी गैंग्स के लिए ही काम करते हैं.
कोलंबिया में वामपंथी विद्रोही गुट एफ़एआरसी के साथ शांति समझौते के बाद इक्वाडोर का ड्रग मार्केट और अधिक फलने फूलने लगा है.
एफ़एआरसी के विद्रोही और अन्य गुटों ने कोकेन के उत्पाद का विकेंद्रीकरण कर दिया है. इसी वजह से वितरण के लिए इक्वाडोर की गैंग्स का इस्तेमाल हो रहा है.
कोलंबिया के नारिनो और पुतुमाओ जैसे इलाकों से सटी इक्वाडोर की सरहद पर ये कार्टेल ख़ासे सक्रिय हैं.
इनके तार मैक्सिको के अलावा पूर्वी यूरोप के गैंग्स से भी जुड़े हुए हैं.
इक्वाडोर के गैंग्स का इस्तेमाल करने वालों में मैक्सिको का सिनालोवा कार्टेल और जालिस्को न्यू जेनेरेशन कार्टेल प्रमुख हैं.
चोनेरोज़ के तार सिनालोवा से जुड़े हैं और बाक़ी के गैंग जालिस्को न्यू जेनेरेशन कार्टेल के लिए काम करते हैं
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