सीरिया के असद परिवार को मालामाल बना रही है यह गोली

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अरब दुनिया में एक पुरानी ड्रग फिर सामने आ गई है. इसका नाम है, कैप्टागॉन
कई सालों तक इसका इस्तेमाल पश्चिमी देशों में अवसाद के लिए किया जाता रहा. हालांकि बाद में जब इसके नशे की क्षमता सामने आई तो इस पर रोक लगा दी गई.
कुछ साल पहले तक ही, ये माना जा रहा था कि इसका उत्पादन कथित चरमपंथी संगठन इस्लामिक स्टेट के लिए आय का एक अहम ज़रिया है. इसलिए ही इसे 'ड्रग ऑफ़ टेरेरिस्ट' भी कहा गया.
अब जाँच में पता चला है कि फ़ारस की खाड़ी क्षेत्र और लेवांट क्षेत्र में इसका बड़े पैमाने पर उत्पादन और विपणन हो रहा है और ये एक बड़ा मुद्दा बन गया है.
वॉशिंगटन स्थित एक थिंक टैंक न्यूलाइन इंस्टिट्यूट ऑफ पॉलिसी एंड स्ट्रैटिजी ने हाल ही में सीरिया में ड्रग्स के उत्पादन पर एक विस्तृत खोजी रिपोर्ट प्रकाशित की है. इस थिंक टैंक से जुड़ी केरोलीन रोज़ ने बीबीसी मुंडो से बात
केरोलीन ने कहा, "हमारी जांच से पता चला है कि कैप्टागॉन का उत्पादन सीरिया की सरकार के लिए आय का अहम ज़रिया बन गया है."
केरोलीन कहती हैं, "ये ड्रग सीरिया का मुख्य निर्यात बन गई हैं. जाँच से पता चलता है कि सीरिया के राष्ट्रपति बशर अल असद के क़रीबी इसमें शामिल हैं. इनमें उनके छोटे भाई माहेर अल असद का भी हाथ है जो सीरिया की सेना की चौथी डिविज़न के कमांडर भी हैं."

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सीरिया की सरकार ने कई बार कैप्टगॉन के उत्पादन से जुड़े होने का खंडन किया है और कहा है कि जो भी रिपोर्टें इस बारे में प्रकाशित हुई हैं वो सभी झूठ हैं.
पिछले साल दिसंबर में सीरिया के गृह मंत्री ने फ़ेसबुक पर लिखा था, "सीरिया अपराध से लड़ने के अंतरराष्ट्रीय समुदाय के प्रयासों का समर्थन करता है, ख़ासकर ड्रग तस्करी के ख़िलाफ़."
इस बयान में कहा गया था कि सीरिया अंतरराष्ट्रीय समुदाय के अपराध से लड़ने के प्रयासों में सहयोग करता है और ड्रग्स के ख़िलाफ़ लड़ाई में ख़ास सहयोग करता है.
अक्तूबर 2021 में सीरियाई मीडिया से बात करते हुए सीरिया के गृह मंत्री मुहम्मद अल रहमून ने कहा था कि सीरिया एक ड्रग मुक्त देश है लेकिन उसकी भौगोलिक स्थिति ऐसी है कि ये ड्रग तस्करी के रास्ते पर पड़ता है.
हालांकि सीरिया की सरकार की ड्रग्स में संलिप्तता को लेकर सिर्फ़ न्यूलाइन इंस्टिट्यूट के शोध ने ही उंगली नहीं उठाई है.
जॉर्डन और इटली समेत कई देशों के कोस्टगार्ड की रिपोर्टों, न्यू यॉर्क टाइम्स और द गार्डियन की रिपोर्टों, सेंटर फॉर ऑपरेशनल एनेलिसिस एंड रिसर्च (सीओएआर) और ऑर्गेनाइज़्ड क्राइम एंड करप्शन रिपोर्टिंग प्रोजेक्ट (ओसीसीआर), ये सभी दमिश्क की भूमिका पर सवाल उठाते रहे हैं.
सीओएआर ने पिछले साल संकेत दिया था, "पारंपरिक ओद्योगिक गतिविधियों की कमी की वजह से बड़े पैमाने पर ड्रग्स के उत्पादन की तरफ़ आकर्षण बढ़ा है, इस पर सीरिया के राष्ट्रपति बशर अल असद की सत्ता से जुड़े लोगों का नियंत्रण है. इनमें सरकार के विदेशी सहयोगी भी शामिल हैं."
एक शोध से पता चला है कि एक दशक लंबे गृहयुद्ध की वजह से सीरिया की अर्थव्यवस्था तबाह हो गई है और अंतरराष्ट्रीय प्रतिबंधों की वजह से ये उबर नहीं पाई है. ऐसे में कैप्टगॉन के उत्पादन से अरबों डॉलर का कारोबार होता है.
सीओएआर के विश्लेषक इयान लार्सन कहते हैं, "जिन इलाक़ों में कैप्टागॉन का उत्पादन होता है वो बशर अल असद और उनके क़रीबियों के नियंत्रण में हैं."
"ये एक संयोग का संबंध हैं लेकिन इसके संकेत तो है."
कितनी कमाई?

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न्यूलाइन इंस्टिट्यूट की रिसर्च के मुताबिक सिर्फ़ साल 2021 में ही कैप्टगॉन के अवैध बाज़ार से 5.7 अरब डॉलर की कमाई हुई.
केरोलीन रोज़ कहती हैं, "हम पुख्ता तौर पर ये बात नहीं कह सकते हैं कि इसमें से कितना पैसा सीरिया की सरकार के पास जा रहा होगा, लेकिन ये कहा जा सकता है कि इसमें से बड़ा हिस्सा इन लोगों की जेब में जा रहा होगा."
शोधकर्ता ये मानते हैं कि दस साल के युद्ध से अर्थव्यवस्ता के बर्बाद हो जाने के बाद कैप्टागॉन सरकार की आय के सबसे बड़े स्रोत के रूप में उभरी है. हालांकि इससे ऐसे लोग भी फ़ायदा उठा रहे हैं जो सरकार से जुड़े नहीं हैं.
शोधकर्ता कहते हैं, "सीरिया में कृषि और कारोबार के क्षेत्र से जुड़े बहुत से लोग कैप्टगॉन के उत्पादन से जुड़ गे हैं क्योंकि बर्बाद अर्थव्यवस्था में इसे आय के अच्छे साधन के रूप में देख रहे हैं."
दवा से प्रतिबंधित ड्रग तक
कैप्टगॉन को सबसे पहले 1960 के दशक में बनाया गया था और दुनियाभर में इसका इस्तेमाल एंटीडिप्रेसेंट (अवसाद की दवा) के रूप में किया जाता है. इसके अलावा इसे कई और बीमारियों में भी डॉक्टरों द्वारा सुझाया जाता है.
रोज़ बताती हैं, "किसी समय ये पर्सक्रिप्शन ड्रग थी, बाद में इस पर प्रतिबंध लग गया और मध्य पूर्व में ये एक अवैध ड्रग के रूप में बड़े पैमाने पर इस्तेमाल होने लगी. अब ये इस क्षेत्र का सबसे बड़ा और प्रभावशाली अवैध धंधा बन गया है. ख़ासकर मध्य पूर्व, लेवांट और फ़ारस की खाड़ी में."
शोधकर्ताओं के मताबिक इन इलाक़ों में नशे की इस गोली के इतना चर्चित होने की एक वजह ये है कि दूसरे ड्रग्स की तरह इसके प्रभाव बहुत नकारात्मक नहीं हैं. इसके अलावा क्षेत्र के आर्थिक और राजनीतिक हाला भी इसके सेवन को प्रभावित करते हैं.
"अरब दुनिया में ड्रग्स को लेकर पश्चिमी देशों के मुक़ाबले में अधिक लांछन हैं. लोग यहां ड्रग्स को बहुत बुरा मानते हैं. कैप्टगॉन लंबे समय तक वैध थी और इसे दवा की मान्यता प्राप्त थी, ऐसे में इसकी लोकप्रियता कम नहीं हुई है."
"आपको ये भी ध्यान रखना होगा कि जिन देशों में इसका सेवन किया जा रहा है, वहाँ लंबे समय से राजनीतिक और आर्थिक हालात बहुत अच्छे नहीं हैं, लोगों का जीना मुहाल है. जिन लोगों को लंबे समय तक काम करना पड़ता है वो कैप्टगॉन की तरफ़ आकर्षित हो जाते हैं. इस गोली को खाकर लोग भूख और दर्द से निजात पा लेते हैं और ये दूसरे ड्रग्स के मुक़ाबले बहुत महंगी भी नहीं हैं."
इसी वजह से इस गोली को ग़रीबों की कोकीन भी कहा जाता है.
इसके चर्चित होने का का एक कारण ये भी है कि कैप्टागॉन गोली को खाने वालों को लगता है कि उनकी क्षमता बढ़ गई है. इसके अलावा ये भूख और नींद को दवा देती है और शरीर में ऊर्जा का संचार करती है. इसी वजह से युवाओं में भी ये एक मनोरंजक नशे के रूप में चर्चित है.
शोधकर्ता केरोलीन रोज़ कहती हैं, "आपको ये भी ध्यान में रखना होगा कि कैप्टागॉन का अंफेटामाइन आधारित फॉर्मूला भी बदला है. इसमें अंफेटामाइन का डोज़ बढ़ाया गया है इसके अलावा कॉपर, जिंक, क्वीनाइन जैसे दूसरे पदार्थ भी मिलाए गए हैं."
जिन शोध के आधार पर इस ड्रग को प्रतिबंधित किया गया था उनमें कहा गया था कि इसकी लत लग सकती है. कुछ शोधकर्ताओं का ये भी कहना था कि इस ड्रग का इस्तेमाल व्यक्ति को हिंसक भी बना सकता है. इससे रक्तचाप बढ़ सकता है और दिल की बीमारी हो सकती है.
रोज़ कहती हैं, "कैप्टागॉन के कई इस्तेमाल हैं, ऐसे में कैप्टागॉन एक ऐसा रोचक फार्मूला है जिसे अलग अलग तरह के लोग अलग अलग तरीकों से इस्तेमाल करते हैं."
सीरिया का बाज़ार

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इस्लामिक स्टेट के उदय से पहले भी अरब दुनिया में कैप्टागॉन का इस्तेमाल किया जाता रहा है. हालांकि हाल के सालों में इसका उत्पादन रिकॉर्ड स्तर पर पहुँच गया है.
2021 के अंत में अमेरिकी अख़बार द न्यू यॉर्क टाइम्स की एक जांच रिपोर्ट में बताया गया था कि उस साल दुनियाभर में कैप्टागॉन की 25 करोड़ गोलियां ज़ब्त की गई थीं. ये चार साल पहले ज़ब्त की गईं गोलियों से 18 गुणा अधिक थीं.
रोज़ के मुताबिक 2022 का भी तक डाटा बताता है कि इस साल ये आंकड़ा और भी अधिक रह सकता है.
विशेषज्ञ कहते हैं, "बड़े पैमाने पर इस ड्रग का उत्पादन हो रहा है जिसमें सिर्फ़ सीरिया की सरकार ही नहीं बल्कि अरब दुनिया के ज़मींदार और बड़े कारोबारी भी शामिल हैं. बाज़ार की मांग पूरी करन के लिए उत्पादन बढ़ाया जा रहा है."
रोज़ कहती हैं, "लेकिन व्यक्तिगत या छोटे स्तर पर इसका उत्पदान ऐसा नहीं है जैसा कि जब एक सरकार अपने सैन्य बलों को लगाकर इसका उत्पादन कराए. तब ये ओद्योगिक स्तर पर हो जाता है."
रोज़ कहती हैं कि उनके शोध से पता चलता है कि सीरिया की सरकार और सेना ड्रग के उत्पादन में अधिक सक्रिय हुई है और इसका नेटवर्क जटिल हुई है.
सीरिया के राष्ट्रपति और उनके छोटे भाई माहेर अल असद

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न्यूलाइन इंस्टीट्यूट की रिपोर्ट ये संकेत देती है कि सीरिया की सरकार ड्रग के उत्पादन से लेकर विपणन तक में शामिल है.
शोधकर्ता कहते हैं, "हमने इसके उत्पादन की ऐसी कई जगहों को पहचाना है जो सीरिया की सेना से जुड़ी हुई हैं, इसके अलावा सीरिया की सरकारी एजेंसियों ने भी छोटे, मध्य और बड़े पैमाने की लैब में इसके उत्पादन में मदद की है."
रोज़ कहती हैं, "फिर आता है इस ड्रग्स का परिवहन जिसके लिए सीरिया के कई सरकारी बंदरगाहों के अलावा अनाधिकारिक पोर्ट का इस्तेमाल भी किया जाता है. ये सीरिया के तट से लेकर लेबनान के तट तक फैले हैं. सीमा चौकियों के ज़रिए भी ये गुज़रती है. ये इतना जटिल नेटवर्क है कि ये सीरिया को सबसे उन्नत नार्को स्टेट बना देता है. कम से कम इस समय तो ये कहा ही जा सकता है."
2020 में ग्रीस के एक बंदरगाह पर क़रीब दस करोड़ डॉलर क़ीमत का कैप्टागॉन का शिपमेंट पकड़ा गया था.
जहाज़ ने सीरिया के लटाकिया बंदरगाह से अपनी यात्रा शुरू की थी. ये बंदरगाह सीरिया की सरकार के नियंत्रण में है. ड्रग्स कॉफ़ी, मसालों और भूसे के नीचे मिले थे.
ओसीसीआरपी की एक जाँच रिपोर्ट के मुताबिक़ इस जहाज़ के मालिक ताहेर अल कयाली हैं, जिन पर इटली के प्रशासन ने प्रतिबंध लगाए हुए हैं और जो सीरिया के राष्ट्रपति बशर अल असद के कज़िन मुदार अल असद से जुड़े थे.
सीरिया की सरकार ने अपने बयान में कहा था कि वह ड्रग तस्करों के ख़िलाफ़ कार्रवाई कर रही है और ड्रग्स को रोकने के प्रयासों में शामिल है.
आय का नया स्रोत

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सीरिया में दस साल से गृह युद्ध चल रहा है, जिससे अर्थव्यवस्था बर्बाद हो गई है. न्यूज़लाइन इंस्टिट्यूट की रिपोर्ट के मुताबिक़ ऐसे मुश्किल समय में लोग ड्रग तस्करी को आय के ज़रिए के रूप में देख रहे हैं.
रिपोर्ट कहती है, "सीरिया की सरकार कैप्टगॉन के ज़रिए अर्थव्यवस्था पर लगाए गए प्रतिबंधों को बेअसर करने की कोशिश कर रही है और सरकार में जुड़े लोगों, उनके सहयोगियों और क़रीबियों को फ़ायदा पहुंचा रही है."
शोधकर्ता ये मानता हैं कि सीरिया में गृह युद्ध समाप्त होने पर भी कैप्टगॉन का बड़े पैमाने पर उत्पादन बंद नहीं होगा. कम से कम तब तक तो नहीं जब तक बशर अल असद परिवार सत्ता में है.
रोज़ कहती हैं, "हमारा अनुमान है कि समय के साथ ये कारोबार और बढ़ेगा. ज़ाहिर तौर पर इससे सिर्फ़ क़ानून व्यवस्था के लिए ही नहीं बल्कि मानवीय सुरक्षा के लिए भी ख़तरा पैदा होगा. बहुत से लोग इसका इस्तेमाल करेंगे और इसके फार्मूले में बदलाव के बाद ये घातक भी हो सकता है."
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