#INDvsSCO T20 World Cup: स्कॉटलैंड पर आसान जीत, सेमीफ़ाइनल में अब भी कैसे पहुंच सकता है भारत

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- Author, आदेश कुमार गुप्त
- पदनाम, खेल पत्रकार, बीबीसी हिंदी के लिए
संयुक्त अरब अमीरात और ओमान में खेले जा रहे आईसीसी टी-20 विश्व कप में शुक्रवार को स्कॉटलैंड से सामना करने से पहले भारत की निगाहें दिन के मुक़ाबले पर टिकी थीं, जहां उसी के ग्रुप में शामिल न्यूज़ीलैंड का सामना नामीबिया से था.
भारत सोच रहा था कि शायद कुछ उलटफेर हो जाए, जिससे उसके सेमीफ़ाइनल में पहुँचने की उम्मीद को कुछ दम मिल जाए. हालांकि ऐसा नहीं हुआ और न्यूज़ीलैंड ने नामीबिया को आसानी से 52 रन से हरा दिया. साथ ही भारत की मुश्किलों को भी बढ़ा दिया.
इसके बाद दुबई में भारत और स्कॉटलैंड आमने-सामने हुए, जहां भारत के कप्तान विराट कोहली ने अपने जन्मदिन पर टॉस जीता और स्कॉटलैंड को पहले बल्लेबाज़ी करने की दावत दी. स्कॉटलैंड की टीम 17.4 ओवर में महज़ 85 रन पर सिमट गई.
जवाब में जीत के लिए 86 रनों का लक्ष्य भारत ने केवल 6.3 ओवर में ही दो विकेट खोकर हासिल कर लिया. उस समय विराट कोहली दो और सूर्यकुमार यादव छह रन पर नाबाद थे.
इससे पहले, रोहित शर्मा 16 गेंदों पर पाँच चौके और एक छक्के की मदद से 30 रन बनाकर व्हील की गेंद पर एलबीडब्ल्यू आउट हुए. केएल राहुल छक्का मारने की कोशिश में मार्क वैट की गेंद पर मैकलॉड को कैच दे बैठे. उन्होंने 19 गेंद पर पूरे 50 रन बनाए.
भारतीय टीम में एक बदलाव
स्कॉटलैंड के ख़िलाफ़ भारत ने अपनी टीम में एक परिवर्तन करते हुए तेज़ गेंदबाज़ शार्दूल ठाकुर की जगह मिस्ट्री स्पिनर वरुण चक्रवर्ती को टीम में शामिल किया. इस तरह भारत इस मैच में तीन स्पिनर आर अश्विन, रवींद्र जडेजा और वरुण चक्रवर्ती के साथ मैदान में उतरा.
आँकड़ों के जानकारों के अनुसार, भारत को जीत के लिए 86 रन केवल 7.1 ओवर में बनाने थे ताकि उसका रन रेट अफ़ग़ानिस्तान से बेहतर हो सके. इसी को ध्यान में रखते हुए भारत की सलामी जोड़ी रोहित शर्मा और केएल राहुल ने केवल 3.5 ओवर में ही 53 रन जोड़ लिए. उस समय केएल राहुल 10 गेंदों पर चार चौके और एक छक्के की मदद से 26 और रोहित शर्मा भी 14 गेंदों पर चार चौके और एक छक्के की मदद से 26 रन बनाकर खेल रहे थे.

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स्कॉटलैंड की ख़राब शुरुआत
टॉस हारकर पहले बल्लेबाज़ी करते हुए स्कॉटलैंड की ख़राब हालत का अंदाज़ा इसी से लगाया जा सकता है कि शुरू के 10 ओवर के बाद उसका स्कोर चार विकेट पर केवल 44 रन था, यानी तब तक भारत मैच पर अपनी पकड़ बना चुका था.
भारत को इस सुखद स्थिति में पहुँचाया रवींद्र जडेजा ने. उन्होंने तब तक दो ओवर में केवल छह रन देकर दो विकेट अपने नाम कर लिए थे. स्कॉटलैंड का पहला विकेट 13 रन पर गिरा, जब उसके सलामी बल्लेबाज़ काएल कोइत्ज़र केवल एक रन बनाकर जसप्रीत बुमराह की गेंद पर बोल्ड हो गए.
स्कॉटलैंड को दूसरा झटका मोहम्मद शमी ने दिया. उन्होंने दूसरे छोर पर कुछ जमकर खेल रहे जॉर्ज मुंसे को हार्दिक पांड्या के हाथों लपकवाया. मुंसे ने चार चौके और एक छक्के की मदद से 24 रन बनाए.
स्कॉटलैंड को तीसरा झटका रवींद्र जडेजा ने दिया. उनकी गेंद पर रिची बैरिंग्टन बिना खाता खोले बोल्ड हो गए. तब स्कॉटलैंड का स्कोर तीन विकेट खोकर 28 रन था. इसके बाद जडेजा ने ही विकेटकीपर बल्लेबाज़ मैथ्यू क्रॉस को डग आउट की राह दिखाई. क्रॉस ने केवल दो रन बनाए.

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10 ओवर के बाद का खेल
स्कॉटलैंड के लिए पारी का 11वां ओवर तब अच्छा रहा, जब मोहम्मद शमी के ओवर में मिचेल लीस्क ने एक छक्का और एक चौका लगाया. वैसे इस ओवर में 13 रन आए. इसके बाद कप्तान विराट कोहली ने गेंद रवींद्र जडेजा को थमाई.
जडेजा ने कप्तान को निराश नहीं किया और दूसरी ही गेंद पर लीस्क को एलबीडब्ल्यू कर चलता किया. लीस्क ने दो चौके और एक छक्के की मदद से केवल 12 गेंदों पर 21 रन बनाए. इससे पहले लीस्क इसी विश्व कप में 44 और 42 रन की बड़ी पारी खेल चुके थे. अभी स्कॉटलैंड इस झटके से उबरा भी नहीं था कि आर अश्विन ने नए बल्लेबाज़ क्रिस ग्रीव्स को हार्दिक पांड्या के हाथों कैच करवा दिया. वह केवल एक ही रन बना सके. अब स्कॉटलैंड का स्कोर छह विकेट खोकर 63 रन था.
इसके बाद स्कॉटलैंड की सारी उम्मीदें मैकलॉड और मार्क वैट पर टिकी थीं, लेकिन मैकलॉड भी 16 रन बनाकर शमी की गेंद पर बोल्ड हो गए. स्कॉटलैंड का यह सातवां विकेट 81 रन पर गिरा. इसी स्कोर पर स्कॉटलैंड ने अपने अगले दो विकेट भी लगातार दो गेंदों पर खो दिए. साफयान शरीफ़ आते ही रन आउट हुए तो अगली ही गेंद पर इवांस भी शमी की गेंद पर बोल्ड हो गए.
अंतत: स्कॉटलैंड की टीम 17.4 ओवर में 85 रन पर सिमट गई. मार्क वैट 14 रन बनाकर अंतिम बल्लेबाज़ के तौर पर बुमराह की गेंद पर बोल्ड हुए.

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भारत की गेंदबाज़ी में शमी और जडेजा का कमाल
भारत के मोहम्मद शमी और रवींद्र जडेजा ने 15-15 रन देकर तीन-तीन विकेट आपस में बाँटे. जसप्रीत बुमराह ने भी 10 रन देकर दो और आर अश्विन ने 29 रन देकर एक विकेट हासिल किया.
स्कॉटलैंड के ख़िलाफ़ तीन विकेट लेने वाले रवींद्र जडेजा ने मैच के बाद कहा कि विकेट स्पिन के लिए भी अनुकूल था. उस पर उन्होंने थोड़ा तेज़ गेंदबाज़ी की, जिससे स्कॉटलैंड के बल्लेबाज़ों को खेलने में परेशानी हुई. जडेजा ने आगे कहा कि अगर उनकी टीम आने वाले मैच में भी अगर ऐसा ही प्रदर्शन करे तो भारत को हराना बेहद मुश्किल होगा.
वहीं जीत से उत्साहित भारत के कप्तान विराट कोहली ने कहा कि इस मैच के परिणाम ने दिखा दिया कि टॉस कितनी महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है. टी-20 क्रिकेट में एक ओवर ही मैच का परिणाम बदल सकता है. स्कॉटलैंड के ख़िलाफ़ खेले गए मैच में हमें नेट रन रेट के बारे में पता था और केएल राहुल और रोहित शर्मा की शानदार बल्लेबाज़ी के दम पर हमने उसे हासिल भी किया.
इस मैच के परिणाम और आगे की संभावनाओं को लेकर वरिष्ठ खेल पत्रकार जी राजारमन कहते हैं, ''भारत सेमीफ़ाइनल में पहुँचने के लिए अपनी ऐसी स्थिति के लिए ख़ुद ज़िम्मेदार है. सेमीफ़ाइनल में पहुँचने के लिए वह अफ़ग़ानिस्तान पर निर्भर है, न कि ख़ुद पर. पाकिस्तान और न्यूज़ीलैंड के ख़िलाफ़ मिली हार के लिए उसके बल्लेबाज़ दोषी हैं न कि गेंदबाज़.''
वो बताते हैं, ''अब भारत उम्मीद भरी नज़रों से टकटकी लगाकर अफ़ग़ानिस्तान की ओर देख रहा है कि काश! वह न्यूज़ीलैंड को हरा दे लेकिन न्यूज़ीलैंड कोई कमज़ोर टीम नहीं है. और फिर अफ़ग़ानिस्तान भारत के ख़िलाफ़ भी उतना मज़बूत होकर नहीं खेली, जितनी उससे उम्मीद की जा रही थी.''
जी राजारमन भारतीय टीम को लेकर एक बहुत बड़ा सवाल छोड़ गए कि क्या पाकिस्तान और न्यूज़ीलैंड के ख़िलाफ़ ऐसी हार के बाद भारतीय टीम सेमीफ़ाइनल और फ़ाइनल खेलने की हक़दार है. दूसरी बात, जब न्यूज़ीलैंड अफ़ग़ानिस्तान के ख़िलाफ़ खेलेगा, तो उसे भी मालूम होगा कि वह मैच और जीत उसके लिए कितनी अहम होगी.
ख़ैर जो भी हो स्कॉटलैंड पर शानदार जीत के बाद भारत के सेमीफ़ाइनल में पहुँचने की संभावनाएँ अभी भी जीवित हैं. हालांकि परिणाम में बदलने के लिए अभी भी उस पल का इंतज़ार करना होगा, जब अफ़ग़ानिस्तान और न्यूज़ीलैंड आमने-सामने होंगे और भारत नामीबिया का सामना कर रहा होगा.

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अब क्या हैं समीकरण?
स्कॉटलैंड पर भारत की जीत के बाद ग्रुप 2 में समीकरण बेहद दिलचस्प बन गए हैं. पाकिस्तान चारों मैच जीतकर पहले ही सेमीफ़ाइनल में अपनी जगह पक्की कर चुका है. न्यूज़ीलैंड चार में से तीन मैच जीतकर छह अंकों के साथ दूसरे स्थान पर है.
भारत स्कॉटलैंड को हराकर बेहतर रन औसत के साथ अफ़ग़ानिस्तान के मुक़ाबले तीसरे स्थान पर पहुँच गया है. भारत और अफ़ग़ानिस्तान दोनों ने चार-चार मैच खेलकर दो-दो मैच जीते हैं, लेकिन भारत का रन औसत 1.619 है जबकि अफ़ग़ानिस्तान का रन औसत 1.481 है.
अब भारत साँस रोककर इंतज़ार कर रहा है कि किसी तरह अफ़ग़ानिस्तान न्यूज़ीलैंड को हरा दे और भारत भी नामीबिया को हरा दे ताकि भारत, न्यूज़ीलैंड और अफ़ग़ानिस्तान छह-छह अंकों के साथ समान रूप से प्वाइंट टेबल में हो और सेमीफ़ाइनल में पहुँचने का फैसला नेट रन रेट के आधार पर हो.
जो भी हो भारत की अटकी साँसों को संजीवनी अफ़ग़ानिस्तान न्यूज़ीलैंड मैच के परिणाम के बाद ही मिलेगी. न्यूज़ीलैंड का रन औसत 1.277 है. ऐसे में अगर न्यूज़ीलैंड अफ़ग़ानिस्तान से हार भी जाए तो भी भारत को बहुत बड़े अंतर से अपने आख़िरी ग्रुप मैच में नामीबिया को हराना होगा. क्रिकेट की अनिश्चितता और चमत्कार के भरोसे भारतीय टीम अब दम साधे बैठी है.
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