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ट्रक बम धमाके में 52 मारे गए | |||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
पाकिस्तान की राजधानी इस्लामाबाद में मैरियट होटल के बाहर किए गए आत्मघाती ट्रक बम धमाके में 52 लोग मारे गए हैं. शनिवार रात हुए धमाके में ढाई सौ से ज़्यादा लोग घायल हुए हैं जिनमें कईयों की हालत नाज़ुक बनी हुई है. ये धमाका पाकिस्तान के नवनियुक्त राष्ट्रपति आसिफ़ अली ज़रदारी के संसद में पहले संबोधन के ठीक बाद हुआ जिसमें उन्होंने इस्लामी चरमपंथ के ख़ात्मे का आह्वान किया. हमलावरों ने विस्फोटकों से लदे ट्रक में उस समय विस्फोट कर दिया जब होटल की गेट पर सुरक्षाकर्मी जाँच-पड़ताल कर रहे थे. विस्फोट इतना ज़बर्दस्त था कि होटल के अगला हिस्सा पूरी तरह ध्वस्त हो गया और इमारत आग की लपटों से घिर गई. सेना की मदद से राहत और बचाव कार्य जारी है. ऐसी ख़बरें हैं कि होटल की ऊपरी मंजिलों पर कुछ लोग अभी भी फँसे हो सकते हैं. अमरीकी राष्ट्रपति जॉर्ज बुश ने इस हमले की निंदा करते हुए कहा है कि दोषियों को सज़ा दिलाने में उनका देश पाकिस्तान की मदद करने को तैयार है. हालाँकि इस्लामाबाद धमाकों की ज़िम्मेदारी किसी संगठन ने नहीं ली है लेकिन बुश ने अल क़ायदा को पस्त करने के लिए एकजुट होने पर बल दिया. आशंका वरिष्ठ पुलिस अधिकारी असग़र रज़ा गरदैज़ी ने इसकी पुष्टि की है. उन्होंने आशंका जताई है कि मरने वालों की संख्या और बढ़ सकती है. धमाके के बाद होटल में आग लग गई है और आग तेज़ी से फैलती जा रही है. पुलिस का आकलन है कि धमाके में एक टन से ज़्यादा विस्फोटकों का इस्तेमाल किया गया. पाकिस्तान के आंतरिक सुरक्षा मामलों के मंत्री रहमान मलिक का कहना है कि सरकार को आशंका थी कि ऐसा हमला हो सकता है. इस्लामाबाद में पत्रकारों से बातचीत करते हुए उन्होंने कहा, "दो दिन पहले हमें जानकारी मिली थी कि संसद भवन पर हमले का ख़तरा है. इसलिए हमने पूरी सुरक्षा व्यवस्था की थी. सुबह से ही शहर में कड़ी सुरक्षा थी. लेकिन इसके बावजूद धमाका हो गया. हम इस मामले की जाँच कर रहे हैं." इस्लामाबाद से बीबीसी संवाददाता बारबारा प्लेट का कहना है कि धमाके के कारण होटल के सामने का हिस्सा पूरी तरह नष्ट हो गया है.
धमाके के बाद लोगों को मैरियट होटल से भागते हुए देखा गया. इनमें से कई लोग घायल थे. मौक़े पर एम्बुलेंस पहुँच गए हैं और घायलों को अस्पताल पहुँचाया गया है. होटल के एक कर्मचारी मोहम्मद सुल्तान ने समाचार एजेंसी एपी को बताया- मैं होटल की लॉबी में था, जब ज़ोर का धमाका हुआ. मैं नीचे गिर गया. एकबारगी तो वहाँ अंधेरा ही छा गया. इस्लामाबाद के मैरियट होटल की सुरक्षा व्यवस्था काफ़ी तगड़ी होती है क्योंकि यहाँ बड़ी संख्या में विदेशी पर्यटक ठहरते हैं. इस होटल के नज़दीक ही कई सरकारी इमारतें और राजनयिकों के कार्यालय हैं. इस कारण इस इलाक़े की सुरक्षा व्यवस्था काफ़ी कड़ी होती है. पाकिस्तान की राजधानी इस्लामाबाद में हुए धमाके की कड़ी आलोचना हो रही है. अमरीका और ब्रिटेन ने इस हमले की कड़ी निंदा की है. व्हाइट हाउस की ओर से जारी एक बयान में कहा गया है- इस हमले से हमें उन ख़तरों के प्रति चेतावनी मिलती है, जिनका हम सामना कर रहे हैं. बयान में कहा गया है कि अमरीका इस संघर्ष में पाकिस्तान की चुनी हुई लोकतांत्रिक सरकार के साथ है. ब्रिटेन के विदेश मंत्री डेविड मिलिबैंड ने धमाके की आलोचना की है और कहा है कि ब्रिटेन पाकिस्तान के साथ मिलकर इस चुनौती का मुक़ाबला करेगा. |
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