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अमरीकी सैन्य कमांडर गिलानी से मिले | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
पाकिस्तान के देश में अमरीकी सेना की कार्रवाई को बर्दाश्त न करने के बयान के बाद अमरीका और पाकिस्तान के बीच उच्च स्तर पर बातचीत हुई है. अमरीका के 'ज्वाएंट चीफ़ ऑफ़ स्टाफ़' यानी मुख्य सैन्य कमांडर एडमिरल माइकल मुलेन ने बुधवार को प्रधानमंत्री यूसुफ़ रज़ा गिलानी और सेना प्रमुख अशफ़ाक़ परवेज़ कियानी से मुलाक़ात की है. इस्लामाबाद में अमरीकी दूतावास का कहना था - "एडमिरल मुलेन ने पाकिस्तान की संप्रभुता और पाकिस्तान-अमरीक सहयोग के बारे में अमरीका की प्रतिबद्धता जताई है. उन्होंने महत्वपूर्ण मुद्दों पर और सुरक्षा की चुनौतियों पर भी बात की है." कई वरिष्ठ अधिकारी शामिल एडमिरल मुलेन बुधवार सुबह रावलपिंडी में पाकिस्तान सेना के मुख्यालय पहुँचे जहाँ उनकी सेना प्रमुख से मुलाक़ात एक घंटे तक चली. उसके बाद अमरीकी सेना प्रमुख इस्लामाबाद में प्रधानमंत्री के दफ़्तर पहुँचे, जहाँ पहले उनकी अकेले में प्रधानमंत्री से बातचीत हुई और फिर इस बातचीत में सेना प्रमुख के साथ-साथ सुरक्षा सलाहकर महमूद अली दुर्रानी, रक्षा मंत्री अहमद मुख़तार और दूसरे कई उच्च अधिकारी भी शामिल हुए. हाल के दिनों में अमरीकी सैनिकों का अफ़गानिस्तान से सटे पाकिस्तान की सीमा के उल्लंघन का मामला सामने आया है. इस पर अमरीका और पाकिस्तान के बीच मतभेद सामने आए. जानकारों के अनुसार एडमिरल मुलेन का अचानक पाकिस्तान दौरा दरअसल अमरीका और पाकिस्तान के बीच मनमुटाव दूर करने के लिए है. एडमिरल मुलेन मंगलवार की रात इस्लामाबाद पहुँचे थे. दूसरी मुलाक़ात ग़ौरतलब है कि एडमिरल मुलेन की पाकिस्तान के सेना प्रमुख से पिछले तीन सप्ताहों में ये दूसरी मुलाक़त है. पाकिस्तानी सेना पहले ही स्पष्ट कर चुकी है कि वह पाकिस्तान की सीमा के भीतर बीना इजाज़त प्रवेश को स्वीकार नहीं करेगी. पाकिस्तानी सेना के प्रवक्ता का ये ब्यान दक्षिणी वज़ीरिस्तान में घुसने की कोशिश कर रहे अमरीकी सैनिकों को रोकने के लिए की गई पाकिस्तान सेना की फ़ाइरिंग के एक दिन बाद में आया था.
जैक स्ट्रॉ से मुलाक़ात इस बीच पाकिस्तान के प्रधानमंत्री यूसुफ़ रज़ा गिलानी ने ब्रितानी क़ानून मंत्री जैक स्ट्रॉ से भी मुलाक़ात की है. गिलानी ने आतंकवाद के ख़िलाफ लड़ाई में सभी सहयोगियों की मदद और सहमती पर ज़ोर देते हुए कहा कि अमरीका, नैटो और सहयागी सेनाएँ तत्काल पाकिस्तान की सीमाओं का उल्लंघन बंद करें. अमरीकी अख़बार न्यूयार्क टाइम्स ने दावा किया था कि अमरीकी राष्ट्रपति जार्ज बुश ने जुलाई में अमरीकी सैनिकों को ये मंजूरी दे दी थी कि पाकिस्तान की सीमा के अंदर अल क़ायदा और तालेबान के ख़िलाफ़ कार्रवाई करने के लिए पाकिस्तान की सरकार से पहले इजाज़त लेने की आवश्यकता नहीं है. | इससे जुड़ी ख़बरें वज़ीरिस्तान में 22 लोगों के शव मिले25 जून, 2008 | भारत और पड़ोस पाकिस्तान के क़बायली इलाक़े24 अप्रैल, 2008 | भारत और पड़ोस सबसे बड़ी चुनौती पाकिस्तान की11 सितंबर, 2008 | भारत और पड़ोस वज़ीरिस्तान में 'संघर्षविराम' की घोषणा07 फ़रवरी, 2008 | भारत और पड़ोस वर्दी उतारें और चुनाव करवाएँ: जॉर्ज बुश08 नवंबर, 2007 | भारत और पड़ोस बुश ने भी लोकतंत्र बहाल करने को कहा05 नवंबर, 2007 | भारत और पड़ोस | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
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