यूरोप में पकड़ी गई पहली नार्को-पनडुब्बी की अनोखी कहानी

पत्रकार जेवियर रोमेरो

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इमेज कैप्शन, पत्रकार जेवियर रोमेरो ने इस मामले पर "ऑपेरासीन मारिया नेग्रा" नाम की एक किताब लिखी है
    • Author, आइरीन हर्नांडेज़ वेलास्को
    • पदनाम, बीबीसी न्यूज़

मोटी कद काठी के तीन लोगों ने अपने आपको केवल डेढ़ वर्ग मीटर की जगह में 27 दिनों तक बंद रख कर समुद्र के भीतर लंबा सफ़र तय किया. पानी के भीतर चल रही उस छोटी सी पनडुब्बी में चलने की जगह शायद ही हो. वे जिस पनडुब्बी में यात्रा कर रहे थे, वहां रखे सामानों पर सोकर काम चलाया.

उस पनडुब्बी के बाथरूम में पानी निकलने के इंतज़ाम नहीं थे. इसलिए उन्होंने ख़ुद को हल्का करने के लिए एक बैग का इस्तेमाल किया. उन्होंने ज़िंदा रहने के लिए डिब्बाबंद खाद्य पदार्थ, पेस्ट्री, एनर्जी बार और रेड बुल ड्रिंक का उपयोग किया.

यात्रा के दौरान उनकी चमड़ी पर कई जगह चकत्ते उभर आए. इसकी वजह हर समय पहने जाने वाले गीले और चिकने वेटसूट थे. वहां से बाहर देखने के लिए केवल छह छोटी खिड़कियां थीं.

इन तीनों ने 2019 के अक्टूबर-नवंबर में अटलांटिक महासागर में ब्राजील से यूरोप के बीच की 3,500 नॉटिकल मील से अधिक की दूरी तय की. इसके लिए उन्होंने फाइबर ग्लास से बनी, जिस पनडुब्बी का इस्तेमाल किया, उसकी सफलता संदिग्ध थी.

इस पनडुब्बी में रास्ते का पता करने के लिए कोई बड़ा इलेक्ट्रॉनिक उपकरण नहीं लगा था. इसमें केवल पारंपरिक सैटेलाइट फोन और डैशबोर्ड पर एक कंपास लगा था.

नार्को-पनडुब्बी

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उस सफ़र के दौरान उन्होंने भयानक तूफानों, समुद्री लहरों और पनडुब्बी के टूटने के सभी ख़तरों का सामना किया. एक बार तो वे एक जहाज से टकराने वाले थे. उन्हें कई बार लगा कि वे सब मारे जाएंगे.

उन तीनों का लक्ष्य 3,068 किलो कोकीन को यूरोप पहुंचाना था. और वे इस लक्ष्य को लगभग पा चुके थे. वे कई दिनों तक ड्रग्स की तस्करी रोकने में महारत हासिल करने वाली पुलिस और ख़ुफ़िया बलों को मात देने में कामयाब रहे. लेकिन आख़िरकार वे बाज़ी हार गए.

लातिन अमेरिका से यूरोप आने वाली पहली नार्को-पनडुब्बी को जब्त करने के लिए चलाए गए ''ब्लैक टाइड" नाम के एक ऐतिहासिक पुलिस ऑपरेशन ने उनकी योजनाओं पर पानी फेर दिया. और ये तीनों लोग पकड़ लिए गए.

अब उन पर स्पेन में मुक़दमा चल रहा है. उन्होंने अपना दोष स्वीकार कर लिया है. हालांकि उनमें से कोई भी अपने परिजनों के साथ अनहोनी की आशंका से न्याय व्यवस्था के साथ सहयोग नहीं करना चाहता. इन्हें डर है कि जिस संगठन ने इस ड्रग्स की तस्करी का काम उन्हें सौंपा था, वो उनके या उनके परिजनों पर कार्रवाई कर सकता है.

इस मामले में जल्द ही फ़ैसला सुनाए जाने की उम्मीद है. उन तीनों को 12 से 13 साल की क़ैद की सजा होने का अनुमान है.

ऑपेरासीन मारिया नेग्रा

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इमेज कैप्शन, इस किताब में इन तीनों आदमियों की अविश्वसनीय सफ़र को विस्तार से बताया गया है.

पत्रकार जेवियर रोमेरो ने इस बारे में "ऑपेरासीन मारिया नेग्रा" नाम की एक किताब लिखी, जिसे 'एडिसियोन्स बी' ने प्रकाशित किया है. इस किताब में इन तीनों आदमियों के अविश्वसनीय सफ़र को विस्तार से बताया गया है.

इस किताब को लिखने के लिए जेवियर रोमेरो ने पुलिस अधिकारियों, जजों और गवाहों से साक्ष्य इकट्ठा किया. इसमें "चे" नाम की इस पनडुब्बी के इतिहास को विस्तार से बताया गया है.

नार्को-पनडुब्बियों की शुरुआत कोलंबिया में 1990 के दशक में हुई थी. इसे पूर्व सोवियत संघ में काम कर चुके सैनिकों और इंजीनियरों ने बनाया था. इसे कोलंबिया के कुख्यात ड्रग्स माफ़िया पाब्लो एस्कोबार ने बनवाया था. उसने कभी यह बात नहीं छिपाई कि उनके समुद्री बेड़े में दो पनडुब्बियां भी हैं.

जेवियर रोमेरा ने बीबीसी मुंडो को बताया, "अब वे पनडुब्बियां काफ़ी आम हैं. कोलंबिया में हर साल 30 से 40 ऐसी पनडुब्बियों को पकड़ा जाता है. हालांकि ड्रग्स कारोबार रोकने में जुटे विशेषज्ञों की रिपोर्टों में लंबे समय से कहा जा रहा था कि अटलांटिक पार माल भेजने के लिए ड्रग्स तस्कर नार्को पनडुब्बियों का सहारा ले रहे हैं. लेकिन जब तक "चे" नहीं पकड़ा गया, तब तक यह केवल आशंका ही थी."

नार्को-पनडुब्बी

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इस पनडुब्बी को अमेज़न के एक गुप्त शिपयार्ड में बनाया गया था. इसे चलाने का काम ऑगस्टीन अल्वारेज़ नाम के एक पूर्व स्पेनिश बॉक्सिंग चैंपियन और जानकार को दिया गया था. क्रू के बाकी सदस्यों में इक्वाडोर के दो भाइयों और पेशे से नाविक लुई टोमस बेनितेज़ मंज़ाबा और पेद्रो रोबर्तो देलगादो मंज़ाबा थे.

दोनों मंज़ाबा भाई को इस पनडुब्बी को चलाने के लिए 5-5 हज़ार डॉलर एडवांस में मिले थे. यदि यह मिशन सफलतापूर्वक पूरा हो जाता तो उन दोनों को 50-50 हज़ार डॉलर और मिलते.

हालांकि, इस बात की जानकारी अब तक नहीं मिली है कि ये ऑगस्टीन अल्वारेज़ को कितना भुगतान करने वाले थे. हालांकि पुलिस सूत्रों के मुताबिक़, अल्वारेज़ को क़रीब 4 से 5 लाख डॉलर मिलने थे.

स्पेन के गृह मंत्रालय ने नार्को-पनडुब्बी के ज़रिए ट्रांसपोर्ट की जाने वाली कोकीन की क़ीमत का अनुमान लगाया है, जो कि क़रीब 12.3 करोड़ यूरो है. तीन क्रू सदस्य, 152 बंडलों में बंटी 3,068 किलोग्राम कोकीन के साथ 29 अक्टूबर, 2019 की रात यह पनडुब्बी लेकर कोलंबिया से रवाना हुए थे.

नमी, मच्छरों, मैंग्रोव और हरी-भरी वनस्पतियों के बीच अपना रास्ता बनाते हुए यह पनडुब्बी पहले 12 घंटे तक अमेज़न नदी में रही. इस बात से अभी इनकार नहीं किया जा सकता है कि कोई पोत इस नार्को-पनडुब्बी के लिए रास्ता बना रहा हो, जिसने अमेज़न में तैर रही हज़ारों बड़ी चीज़ों से इसे टकराने से रोका हो और अटलांटिक महासागर तक इसे पहुंचाया.

इस नार्को-पनडुब्बी में न तो कोई रडार था, न ही ऑटोमैटिक आइडेंटिफ़िकेशन सिस्टम, न रेडियो बीकन, लेकिन इसके बावजूद सब कुछ सही चलता रहा. 5 नवंबर, 2019 यानी पनडुब्बी की रवानगी के आठवें दिन इनका सामना पहले तूफ़ानी बादल से हुआ.

पत्रकार जेवियर रोमेरो

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रोमेरो ने कहा, "अच्छे दिन जा चुके हैं, जो अब नहीं लौटने वाले. अब उनके पास कोई सुरक्षा कवच नहीं है और वे भाग्य भरोसे रहे गए हैं. उनकी अगली सुबह उनकी जेल में होगी."

7 नवंबर तक, जब तक पनडुब्बी सहमति वाली जगह पहुंच नहीं गई, तीन बड़े तूफान एक के बाद एक करके आए. इन्होंने 'चे' को इतना नुकसान पहुंचाया कि वह डूबने की कगार पर पहुंच गया. पनडुब्बी के क्रू के लिए यह किसी बुरे सपने की तरह था, जो 8 दिन चला. 14 तारीख को ही मौसम ने उन्हें राहत दी.

लेकिन राहत की बात ये थी कि कम से कम 'चे' के क्रू के सदस्य अटलांटिक में ड्रग्स पार करते वक्त पहले की तरह नार्कोटिक्स से भरी इस पनडुब्बी में बंद नहीं थे.

क्रू के एक सदस्य ने स्पेनिश अधिकारियों को बताया, ''पहले इन पनडुब्बियों को इस तरह से लॉक किया जाता था कि तय ठिकाने पर पहुंचने से पहले ये नहीं खुलते थे. इस वजह से क्रू के पास जिंदा रहने के लिए यात्रा को पूरा करने अलावा कोई और चारा नहीं होता था. पहले ऐसा भरोसे की कमी की वजह से किया जाता था. ताकि कोई सामान चोरी ना कर सके.''

नार्को-पनडुब्बी

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यात्रा शुरू होने के 17 दिन बाद, अटलांटिक को पार कर 4,931 किमी की यात्रा के बाद ''चे'' आखिर में इस यात्रा को मुख्य लक्ष्य (द अजोर आइलैंड) को पूरा करने में सफल हुआ. वहां से तीनों क्रू के सदस्य उत्तर में ड्रग्स जहां अनलोड किया जाना था 38º 14'47.4"; 14º52'01.1 की ओर बढ़े.

''चे'' लिस्बन से 270 मील सीधे सही जगह पर पहुंचने में कामयाब रहा, हालांकि काफी असफल तरीके से. गनीमत ये रही कि इसके क्रू के सभी सदस्य सही सलामत थे, लेकिन तब तक नमी और लगातार खराब खानपान उनके स्वास्थ्य को प्रभावित कर चुके थे.

मानचित्र में जिस इलाके में कोकीन उतारे जाने की बात कही गई थी, वहां ''चे'' को रिसीव करने कोई नहीं पहुंचा. कुछ समय तक पुर्तगाल के तट के पास कहीं दो तेज नावें, जो कम समय में ज्यादा माल ले जाने के लिए मुफीद थीं, ड्रग्स रिसीव करने के लिए तैनात थीं. मुश्किल ये हुई कि उनमें से एक में कुछ तकनीकी दिक्कत आ गई और वह रवाना नहीं हो सकी.

कोलंबिया में पनडुब्बियों का ड्रग्स तस्करी में इस्तेमाल बड़ा आम है.

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इमेज कैप्शन, कोलंबिया में पनडुब्बियों का ड्रग्स तस्करी में इस्तेमाल बड़ा आम है.

स्पेनिश पुलिस के द्वारा जुटाई जानकारी के अनुसार, ड्रग्स तस्करी करने वाले संगठन ने उसके बाद ''चे'' के क्रू को गैलिसिया तक जाने जाने को कहा.

पायलट अगस्टिन यहीं से है. जेवियर रोमेरो ने बताया, '' गैलिसिया में ड्रग्स उतारने का धंधा काफी चलता है. इस काम को करने वालों को 'नार्कोलैंचरोज' कहा जाता है. ड्रग्स तस्करों की शुरुआती योजना असफल होने के बा अगस्टिन ने प्लान B लॉन्च करने की सोची और इसके लिए उसने अपने दो बचपन के दोस्तों से संपर्क किया. हालांकि तब तक ड्रग्स तस्करी पर नजर रखने वाले मैरिटाइम ऐनालिसिस ऐंड ऑपरेशंस सेंटर (MAOC-N) को इस बात की भनक लग चुकी थी कि कई टन कोकीन से भरी एक नाव समुद्र में मौजूद है.''

''समुद्री और हवाई संसाधनों के जरिए उन्होंने कोकीन की तलाश शुरू की, लेकिन उन्हें यह नहीं मिला. वे फिशिंग बोट, कार्गो शिप और नाव की तलाश कर रहे थे, लेकिन सेमी-सबमर्शिबल के बारे में उन्हें भनक तक नहीं थी. स्पेन में हुई जांच में यह पाया गया कि पुर्तगाल की नेवी द्वारा और हवाई संसाधनों के जरिए की गई तलाश रियल टाइम कोऑर्डिनेट्स पर की जा रही थी, और वे उसे ढूंढ नहीं पाए.''

जेवियर रोमेरो

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इमेज कैप्शन, जेवियर रोमेरो अमेज़न प्राइम के लिए बनी डॉक्यूमेंट्री ''ब्लैक टाइड: द सुसाइडल जर्नी'' की शूटिंग के दौरान

''ड्रग्स तस्करी करने वाले गिरोह के द्वारा कोकीन को अनलोड करने की कोशिशें असफल रहीं. हालांकि उन्होंने एक छोटे जहाज कोस्टा डा मोर्टे को दक्षिण की ओर गैलिसिया भेजा. स्पेन के सिविल गार्ड को इसकी भनक लग गई और उन्होंने जहां ड्रग्स पहुंचना था, वहां अपने हेलिकॉप्टर और जहाज तैनात कर दिए. इस छोटे जहाज को जैसे ही इसका आभास हुआ, उसने यह काम वहीं छोड़ दिया. समुद्र के खराब हालात की वजह से सबमर्शिबल का भी पता नहीं लग पा रहा था.''

''बिना खाना-पानी के परेशान क्रू के सदस्यों ने ''चे'' को गैलिसिया के तट पर रियास बैक्सास की ओर मोड़ने का फैसला किया. खासकर एक ऐसे इलाके में जहां ''चे'' के चालक ने बचपन में गर्मियां बिताई थीं और उसे अच्छे से जानता था. जेवियर रोमेरो ने बताया, ''चालक अगस्टिन ने अपनी कुशलता से पनडुब्बी को नेविगेशन के लिए मुश्किल उस इलाके में ले जाने में कामयाब रहा और उसे 8 मीटर की गहराई पर रोक दिया.''

24 नवंबर की सुबह ''चे'' के क्रू के सदस्यों ने नल खोल दिया, जिससे कि ''चे'' के अंदर पानी भरने लगा और वह डूब गया. क्रू के सदस्य पानी में इस उम्मीद के साथ कूद गए कि बाद में आकर ड्रग्स ले जाएंगे. लेकिन ऐसा होना संभव नहीं था. लुईस टोमस बेनितेज मंजाबा को उसी बीच से गिरफ्तार कर लिया गया. उसके रिश्ते के भाई पेड्रो रॉबर्टो डेलगाडो मंजाबा को 5 घंटे बाद नजदीकी हाइवे से पकड़ा गया. पनडुब्बी को चलाते वक्त उसका हाथ जल गया था. कैप्टन अगस्टिन को 5 दिन बाद एक नजदीकी घर से गिरफ्तार किया गया.

सजा का इंतजार कर रहे अभियुक्त

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सजा का इंतजार कर रहे अभियुक्त

ड्रग्स भरी पनडुब्बी में सबसे पहुंचने वाले पुलिस अधिकारी सार्जेंट बसांटे ने कहा, ''अनिश्चितता और जगह की कमी के बावजूद जिस तरह से वे स्पेन जिंदा पहुंचने में सफल रहे, यह हैरान करने वाला है.''

वहीं जेवियर रोमेरो ने कहा, ''मैं भी पनडुब्बी ''चे'' के अंदर गया था, अंदर काफी घुटन महसूस हो रही थी, इसके अंदर 27 दिनों तक रहना क्रू के सदस्यों के लिए मानसिक टॉर्चर की तरह रहा होगा.''

कोकीन के 152 बंडलें सुरक्षाबलों ने बरामद की हैं. अगस्टिन और मंजाबा भाइयों को जेल भेजा जा चुका है और वे अपनी सजा का इंतजार कर रहे हैं. इसके अलावा 4 अन्य लोग, जो पायलट के दोस्त थे उनपर भी मुकदमा चलाया गया है और वे भी सजा का इंतजार कर रहे हैं. हालांकि जिस गिरोह के लिए कोकीन तस्करी की जा रही थी, उसके मालिक अभी भी आजाद हैं और शायद वे एक दूसरा शिपमेंट तैयार कर रहे होंगे.

वीडियो कैप्शन, कोलंबिया : ड्रग्स माफ़ियाओं के ख़िलाफ़ लड़ाई

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