लाइव, 'पीएम के बाद टीम इंडिया के कोच का काम सबसे मुश्किल', थरूर की इस बात पर क्या बोले गंभीर
भारत और न्यूज़ीलैंड के बीच बुधवार को टी20 सिरीज़ की शुरुआत से पहले कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और सांसद शशि थरूर ने भारतीय क्रिकेट टीम के मुख्य कोच गौतम गंभीर से मुलाक़ात की.
ब्रेकिंग न्यूज़, ऑस्ट्रेलिया के न्यू साउथ वेल्स में गोलीबारी, तीन लोगों की मौत
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इमेज कैप्शन, पिछले महीने सिडनी के बोंडी बीच पर हुई गोलीबारी में 15 लोगों की मौत हुई थी (फ़ाइल फ़ोटो)
ऑस्ट्रेलिया के न्यू साउथ वेल्स के
एक छोटे से कस्बे में हुई कथित गोलीबारी में तीन लोगों की मौत हो गई है. पुलिस ने
यह जानकारी दी है.
एक चौथे व्यक्ति को गंभीर लेकिन
स्थिर हालत में अस्पताल में भर्ती कराया गया है. स्थानीय पुलिस इस मामले की जांच
कर रही है.
यह घटना लेक कार्जेलिगो में स्थानीय
समयानुसार गुरुवार शाम क़रीब 4 बजकर 40 मिनट की बताई जा रही है.
पुलिस ने लोगों से इस इलाक़े से दूर
रहने को कहा है और स्थानीय निवासियों को घरों के अंदर रहने की सलाह दी गई है.
पुलिस के एक बयान में कहा गया है कि
गोलीबारी की सूचना मिलने के बाद वॉकर स्ट्रीट और येल्किन स्ट्रीट के पास इमरजेंसी
सेवाओं को बुलाया गया.
इस घटना में दो महिलाओं और एक पुरुष
की मौत हुई है.
पिछले महीने सिडनी के बोंडी बीच पर
हुई गोलीबारी की घटना में 15 लोगों की मौत हो गई थी.
ट्रंप ने दावोस में शी जिनपिंग और कोरोना वायरस पर क्या कहा
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इमेज कैप्शन, ट्रंप ने कहा कि शी जिनपिंग के साथ उनके रिश्ते बहुत अच्छे हैं (फ़ाइल फ़ोटो)
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने
दावोस में वर्ल्ड इकोनॉमिक फ़ोरम के मंच से चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग की
तारीफ़ की है.
ट्रंप ने कहा, "राष्ट्रपति शी और राष्ट्रपति पुतिन के साथ मेरे
रिश्ते हमेशा बहुत अच्छे रहे हैं. चीन के राष्ट्रपति शी एक अद्भुत व्यक्ति हैं.
उन्होंने जो किया है वह तारीफ़ के काबिल है. हर कोई उनका बहुत सम्मान करता
है."
बातचीत के दौरान ट्रंप ने कोविड का
भी ज़िक्र किया.
उन्होंने कहा, "कोविड की वजह से यह रिश्ता बहुत बुरी तरह
प्रभावित हुआ. मैं इसे 'चाइना वायरस' कहा करता था, लेकिन
उन्होंने कहा कि क्या आप इसके लिए कोई दूसरा नाम इस्तेमाल कर सकते हैं और मैंने
ऐसा करने का फ़ैसला किया, क्योंकि
आख़िर हमें इस बात पर समस्या क्यों होनी चाहिए?"
'पीएम के बाद टीम इंडिया के कोच का काम सबसे मुश्किल', थरूर की इस बात पर क्या बोले गंभीर
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इमेज कैप्शन, मुख्य कोच बनने के बाद से गौतम गंभीर के कई फ़ैसलों को लेकर उनकी आलोचना हुई है (फ़ाइल फ़ोटो)
भारत और न्यूज़ीलैंड के बीच बुधवार
को टी20 सिरीज़ की शुरुआत से पहले कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और सांसद शशि थरूर ने
भारतीय क्रिकेट टीम के मुख्य कोच गौतम गंभीर से मुलाक़ात की.
इस मुलाक़ात के बाद शशि थरूर ने गौतम
गंभीर की सराहना की और उनके काम को प्रधानमंत्री के काम के बाद दूसरा सबसे मुश्किल
काम बताया. इस पर गौतम गंभीर ने भी प्रतिक्रिया दी है.
शशि थरूर ने सोशल मीडिया पर लिखा,
"नागपुर में अपने पुराने दोस्त गौतम
गंभीर के साथ अच्छी और खुलकर चर्चा की. प्रधानमंत्री के बाद भारत की सबसे मुश्किल
जॉब शायद उन्हीं की है. हर दिन लाखों लोग उनके फ़ैसलों पर सवाल उठाते हैं, लेकिन वह शांत रहते हैं और बिना डगमगाए आगे बढ़ते
हैं."
गौतम गंभीर ने थरूर की पोस्ट को
रीपोस्ट करते हुए लिखा, "जब मामला
शांत होगा तो कोच के कथित 'असीमित
अधिकार' के बारे में सच्चाई सामने आएगी और
तर्क स्पष्ट हो जाएंगे. तब तक मुझे इस बात पर हंसी आ रही है कि मुझे अपने ही लोगों
के ख़िलाफ़ खड़ा किया जा रहा है, जो सबसे
बेहतरीन लोग हैं."
भारतीय क्रिकेट टीम के मुख्य कोच
बनने के बाद से गौतम गंभीर के कई फ़ैसलों को लेकर उनकी आलोचना हुई है. उनके
फ़ैसलों को लेकर अक्सर सोशल मीडिया पर बहस भी देखने को मिलती है.
ट्रंप ने दावोस में भारत और पीएम मोदी को लेकर क्या कहा?
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इमेज कैप्शन, पिछले साल फ़रवरी में प्रधानमंत्री मोदी और राष्ट्रपति ट्रंप की मुलाक़ात हुई थी (फ़ाइल फ़ोटो)
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप इस
वक़्त स्विट्ज़रलैंड के दावोस में हैं, जहां
उन्होंने वर्ल्ड इकोनॉमिक फ़ोरम की बैठक में हिस्सा लिया.
यहां उन्होंने भारत के साथ व्यापार
समझौते और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को लेकर भी बयान दिया है.
मनीकंट्रोल के मुताबिक़, उनके संवाददाता ने ट्रंप से सवाल किया, 'क्या आप हमें भारत-अमेरिका व्यापार समझौते पर
अपडेट दे सकते हैं?'
इस पर उन्होंने कहा, "मैं आपके प्रधानमंत्री का बहुत सम्मान करता हूं.
वह एक बेहतरीन व्यक्ति हैं और मेरे दोस्त हैं. हमारे बीच एक अच्छी डील होने जा रही
है."
हालांकि, जब उनसे यह सवाल किया गया कि यह समझौता कब तक में होगा, तो उन्होंने इसका कोई जवाब नहीं दिया.
भारत और अमेरिका के बीच व्यापार
समझौते पर लंबे समय से बातचीत जारी है, लेकिन अब
तक कोई भी समझौता नहीं हो सका है.
पीएम मोदी को लेकर ट्रंप के इस बयान पर अपनी राय बताइए बीबीसी हिन्दी के फ़ेसबुक और इंस्टाग्राम पेज पर.
कश्मीर में पत्रकारों को पुलिस की ओर से तलब किए जाने पर एडिटर्स गिल्ड ऑफ़ इंडिया ने नाराज़गी जताई
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इमेज कैप्शन, साइबर पुलिस ने कई पत्रकारों को तलब किया था (सांकेतिक तस्वीर)
जम्मू-कश्मीर में साइबर पुलिस की ओर
से पत्रकारों को तलब किए जाने पर और उनसे हलफ़नामे पर हस्ताक्षर करने के लिए दबाव
बनाने के आरोपों पर एडिटर्स गिल्ड ऑफ़ इंडिया ने प्रतिक्रिया दी है.
पिछले हफ़्ते जम्मू-कश्मीर में पुलिस
ने मस्जिदों की प्रबंधन समितियों के सदस्यों और उनके परिवारों की सभी निजी
जानकारियां इकट्ठा करने का अभियान शुरू किया.
कई बड़े अख़बारों ने यह ख़बर छापी तो
श्रीनगर में मौजूद उनके संवाददाताओं को साइबर पुलिस ने तलब किया. इनमें इंडियन
एक्सप्रेस के संवाददाता बशारत मसूद और ‘हिंदुस्तान टाइम्स’ के संवाददाता आशिक़
हुसैन के नाम भी शामिल हैं.
इस मामले पर एडिटर्स गिल्ड ऑफ़
इंडिया ने एक बयान जारी कर कहा, "पत्रकारों
को मनमाने ढंग से तलब करना, पुलिस की ओर से पूछताछ करना और दबाव में हलफ़नामे लेने की कोशिश करना, मीडिया को उसके वैध कर्तव्यों के निर्वहन से रोकने के लिए किया गया
ज़बरदस्ती और डराने-धमकाने जैसा क़दम है."
बयान में कहा गया, "रिपोर्ट्स में कहा गया कि पत्रकारों पर इस बात का
दबाव बनाया गया कि वे ऐसे बॉन्ड या हलफ़नामों पर हस्ताक्षर करें, जिनमें यह कहा गया हो कि वे किसी भी ऐसी गतिविधि
में शामिल नहीं होंगे जिससे 'शांति भंग' हो, चाहे इसका जो भी मतलब या संकेत हो. हालांकि पुलिस प्रशासन ने अभी तक
इस तरह की कार्रवाई के कारणों को स्पष्ट नहीं किया है."
एडिटर्स गिल्ड ने पुलिस और
अधिकारियों से ऐसी कार्रवाइयां नहीं करने की अपील की है, जो अभिव्यक्ति की आज़ादी को सीमित करती हैं और मीडिया को उसके मूल
कामकाज से रोकती हैं.
एडिटर्स गिल्ड ने कहा कि लोकतंत्र
में ऐसी मनमानी कार्रवाइयों के लिए कोई जगह नहीं हो सकती, जहां मीडिया एक अहम स्तंभ है.
पत्रकारों को पुलिस की ओर से तलब किए
जाने के मामले पर उनके अख़बारों ने भी बयान जारी किए हैं.
भारत के साथ रक्षा साझेदारी को लेकर यूरोपियन यूनियन ने लिया यह फ़ैसला
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इमेज कैप्शन, अगले हफ़्ते नई दिल्ली में भारत और ईयू के बीच बैठक होने जा रही है
यूरोपीय संघ (ईयू) ने भारत के साथ एक
नए रक्षा समझौते पर आगे बढ़ने को लेकर सहमति जताई है. इस जानकारी ईयू की उपाध्यक्ष
काया कलास ने दी.
काया कलास, ईयू की विदेश मामलों और रक्षा नीति मामलों की हाई रिप्रेज़ेंटेटिव
(प्रतिनिधि) भी हैं.
उन्होंने बुधवार को कहा,
"यूरोप भारत के साथ एक मज़बूत और नए
एजेंडे को आगे बढ़ाने के लिए तैयार है. आज ईयू ने एक नई सुरक्षा और रक्षा साझेदारी
पर हस्ताक्षर की प्रक्रिया को आगे बढ़ाने पर सहमति जताई है."
काया कलास के मुताबिक़,
"इससे समुद्री सुरक्षा, आतंकवाद के ख़िलाफ़ कार्रवाई और साइबर डिफ़ेंस
जैसे क्षेत्रों में हमारा सहयोग बढ़ेगा."
ईयू की हाई रिप्रेज़ेंटेटिव ने यह भी
कहा कि उन्हें अगले हफ़्ते नई दिल्ली में होने वाले ईयू-भारत शिखर सम्मेलन के
दौरान इस समझौते पर हस्ताक्षर होने की उम्मीद है.
ईयू ने अमेरिका के साथ होने वाले व्यापार समझौते की मंज़ूरी रोकी
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इमेज कैप्शन, यह फ़ैसला अमेरिका और यूरोप के बीच व्यापार को लेकर बढ़े तनाव के बाद लिया गया
यूरोपीय संसद ने जुलाई में हुए एक
अहम अमेरिकी व्यापार समझौते की मंज़ूरी निलंबित कर दी है. यह क़दम डोनाल्ड ट्रंप
की ग्रीनलैंड को अमेरिका में शामिल करने की मांग के विरोध में उठाया गया है.
समझौते की मंज़ूरी के निलंबन का एलान
बुधवार को फ़्रांस के स्ट्रासबर्ग में किया गया. यह उसी समय हुआ, जब अमेरिकी राष्ट्रपति दावोस में वर्ल्ड इकोनॉमिक
फ़ोरम को संबोधित कर रहे थे.
यह फ़ैसला अमेरिका और यूरोप के बीच
व्यापार को लेकर बढ़े तनाव के बाद लिया गया. यह तनाव ट्रंप की ग्रीनलैंड हासिल
करने की कोशिश से पैदा हुआ था, जिससे
बाज़ारों में हलचल हुई और ट्रेड वॉर की चर्चा फिर से तेज़ हुई.
इसके साथ ही अमेरिका के ख़िलाफ़
जवाबी कार्रवाई की आशंका भी बढ़ गई थी.
इसके कुछ घंटे बाद ट्रंप ने सोशल
मीडिया पर कहा कि वह ग्रीनलैंड के भविष्य को लेकर एक "मसौदे" पर पहुंच
गए हैं और नेटो के आठ सदस्य देशों पर नए टैरिफ़ लगाने के फ़ैसले पर अमल नहीं
करेंगे.
ग्रीनलैंड को लेकर ट्रंप की ओर से नए
टैरिफ़ की धमकी के कुछ दिनों बाद बुधवार को यूरोपीय संसद की अंतरराष्ट्रीय व्यापार
समिति के अध्यक्ष बर्न्ड लैंग ने कहा कि "टर्नबेरी के दो विधायी प्रस्तावों
पर काम निलंबित करने के अलावा कोई विकल्प नहीं बचा है"
उन्होंने कहा कि व्यापार योजनाओं को
लागू करने से जुड़ा काम तब तक स्थगित रहेगा "जब तक अमेरिका टकराव की बजाय
सहयोग के रास्ते पर दोबारा आगे बढ़ने का फ़ैसला नहीं करता और कोई भी क़दम आगे नहीं
उठाता."
ट्रंप के 'बोर्ड ऑफ़ पीस' को लेकर सऊदी, पाकिस्तान समेत सात देशों ने जारी किया बयान
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इमेज कैप्शन, सऊदी अरब के क्राउन प्रिंस मोहम्मद बिन सलमान ने नवंबर में व्हाइट हाउस का दौरा किया था
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के
'बोर्ड ऑफ़ पीस' में शामिल होने को लेकर सऊदी अरब, तुर्की, मिस्र,
जॉर्डन, इंडोनेशिया,
पाकिस्तान और क़तर ने एक संयुक्त बयान जारी किया
है.
इससे पहले इसराइल ने सार्वजनिक तौर
पर इस बोर्ड में जुड़ने की पुष्टि की थी.
बुधवार शाम ट्रंप ने कहा कि
व्लादिमीर पुतिन भी इसमें शामिल होने पर सहमत हो गए हैं, लेकिन रूसी राष्ट्रपति ने कहा कि उनका देश अभी इस न्योते पर विचार कर
रहा है.
उन्होंने कहा कि रूस उसकी सीज़ की
गईं संपत्तियों से एक अरब डॉलर देने के लिए तैयार है और उनका मानना है कि यह बोर्ड
मुख्य रूप से मध्य पूर्व से जुड़ा है.
शुरुआत में माना जा रहा था कि यह
बोर्ड इसराइल और हमास के बीच ग़ज़ा में चल रही दो साल की जंग को ख़त्म करने में
मदद करेगा और पुनर्निर्माण की निगरानी करेगा. लेकिन इसके प्रस्तावित चार्टर में
फ़लस्तीनी इलाक़े का ज़िक्र नहीं है और यह संयुक्त राष्ट्र के कुछ कामकाज की जगह
लेने के लिए बनाया गया दिखता है.
हालांकि सऊदी अरब की ओर से जारी सात
देशों के संयुक्त बयान में कहा गया कि वे ग़ज़ा में स्थायी युद्धविराम को मज़बूत
करने, पुनर्निर्माण और 'न्यायपूर्ण और स्थायी शांति' को आगे बढ़ाने के मक़सद से समर्थन कर रहे हैं
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कौन से देश 'बोर्ड ऑफ़ पीस' में हुए शामिल
अब तक यह स्पष्ट नहीं है कि ट्रंप के इस बोर्ड में कितने देशों को शामिल होने का न्योता दिया गया है. यूएई, बहरीन, अल्बानिया, आर्मेनिया, अज़रबैजान, बेलारूस, हंगरी, कज़ाख़स्तान, मोरक्को और वियतनाम पहले ही इसमें शामिल हो चुके हैं.
बुधवार को वेटिकन ने भी पुष्टि की कि पोप लियो को न्योता मिला है. हालांकि वह इस स्वीकार करेंगे या नहीं, अब तक यह स्पष्ट नहीं हुआ है.
उधर, स्लोवेनिया के प्रधानमंत्री रॉबर्ट गोलोब ने कहा कि उन्होंने यह न्योता ठुकरा दिया है क्योंकि यह संस्था "अंतरराष्ट्रीय व्यवस्था में ख़तरनाक तरीक़े से दख़ल देती है".
पुतिन 'बोर्ड ऑफ़ पीस' में शामिल होने को तैयार, ट्रंप क्या बोले
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इमेज कैप्शन, पिछले साल अगस्त में अलास्का में पुतिन और ट्रंप की मुलाक़ात हुई थी (फ़ाइल फ़ोटो)
रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन
ने कहा है कि वह अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के 'बोर्ड ऑफ़ पीस' में
शामिल हो सकते हैं. उन्होंने इस बोर्ड में शामिल होने के लिए लगने वाली रक़म को
लेकर भी बयान दिया है.
रूसी मीडिया आरटी के मुताबिक़ पुतिन ने कहा, "फ़लस्तीन के लोगों के साथ रूस के
ख़ास रिश्ते को देखते हुए मुझे लगता है कि हम 'बोर्ड ऑफ़ पीस' में एक
बिलियन डॉलर का योगदान दे सकते हैं. हम इसे उस संपत्ति से दे सकते हैं,
जिसे पिछले प्रशासन ने सीज़ किया था."
पूर्व अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडन
के कार्यकाल में विदेशी ज़मीन पर मौज़ूद रूस की कई संपत्तियों को सीज़ किया गया था.
यहाँ पुतिन उन्हीं संपत्तियों का ज़िक्र कर रहे हैं.
पुतिन ने आगे कहा, "बाक़ी के फंड का इस्तेमाल युद्ध से प्रभावित
इलाक़ों को दोबारा खड़ा करने में किया जा सकता है. हम समझौते के लिए अमेरिकी
प्रतिनिधि से बात कर रहे हैं."
उन्होंने कहा, "मुझे उम्मीद है कि इन सभी मुद्दों पर फ़लस्तीन के
राष्ट्रपति महमूद अब्बास और अमेरिकी प्रतिनिधि जैरेड कुशनेर और स्टीव विटकॉफ़ से
बातचीत होगी, जो यूक्रेन मुद्दे पर बातचीत के लिए
कल मॉस्को आ रहे हैं."
इस बीच अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप ने
पुतिन को 'बोर्ड ऑफ़ पीस' में शामिल होने के लिए न्योता देने को लेकर भी
अपनी बात रखी है.
दावोस में चल रही वर्ल्ड इकोनॉमिक
फ़ोरम की बैठक के दौरान एक पत्रकार ने ट्रंप से सवाल किया कि वह पुतिन को 'बोर्ड ऑफ़ पीस' में शामिल होने का न्योता क्यों दे रहे हैं.
इस पर ट्रंप ने कहा, "क्योंकि हम सबको शामिल करना चाहते हैं. हम ऐसे
सभी देशों को शामिल करना चाहते हैं, जहां
लोगों के पास नियंत्रण है, शक्ति
है."
उन्होंने कहा, "मेरे पास कुछ विवादित लोग भी हैं, लेकिन ये वे लोग हैं जो काम को बखूबी अंजाम देना
जानते हैं. ये ऐसे लोग हैं जो बहुत ज़्यादा प्रभावशाली हैं."
भारत ने पहले टी20 मैच में न्यूज़ीलैंड को 48 रन हराया, अभिषेक शर्मा ने खेली तूफ़ानी पारी
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इमेज कैप्शन, अभिषेक शर्मा ने 84 रन बनाए
भारत ने पहले टी20 मुक़ाबले में
न्यूज़ीलैंड को 48 रन से हरा दिया है. 35 गेंदों में 84 रन की बेहतरीन पारी खेलने
वाले अभिषेक शर्मा को प्लेयर ऑफ़ द मैच चुना गया है.
इस जीत के साथ ही भारत पाँच मैचों की
टी20 सिरीज़ में 1-0 से आगे हो गया है.
भारत ने पहले बल्लेबाज़ी करते हुए
निर्धारित 20 ओवरों में 238 रनों का बड़ा स्कोर खड़ा किया. इसमें सबसे बड़ा योगदान
अभिषेक शर्मा और रिंकू सिंह का रहा.
रिंकू सिंह ने आख़िर के ओवरों में
तेज़ी रन जुटाए और 20 गेंदों में 44 रनों की तेज़ तर्रार पारी खेली. इनके अलावा
कप्तान सूर्यकुमार यादव ने 32 और हार्दिक पंड्या ने 25 रन बनाए.
239 रनों के लक्ष्य का पीछा करने उतरी
न्यूज़ीलैंड की टीम 190 रन ही बना सकी. इस दौरान उसने सात
विकेट गंवाए.
शुरुआती झटकों के बाद ग्लेन फ़िलिप्स
और मार्क चैपमैन की जोड़ी ने भारत को चुनौती देने की कोशिश की, लेकिन वह अपनी टीम को जीत के क़रीब नहीं पहुंचा
सके.
फ़िलिप्स ने 78 और चैपमैन ने 39 रन
की पारी खेली. इनके अलावा डैरेल मिचेल ने 28, टिम रॉबिन्सन ने 21 और कप्तान मिचेल सैंटनर ने 20 रन बनाए.
भारत की ओर से वरुण चक्रवर्ती और
शिवम दुबे ने दो-दो, जबकि हार्दिक पंड्या, अर्शदीप सिंह और अक्षर पटेल ने एक-एक विकेट झटके.
यह मैच नागपुर के विदर्भ क्रिकेट
एसोसिएशन स्टेडियम में हुआ. न्यूज़ीलैंड ने मैच में टॉस जीतकर पहले गेंदबाज़ी चुनी
थी.
नमस्कार!
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आपका स्वागत है. मैं बीबीसी संवाददाता सुमंत सिंह अब से दोपहर दो बजे तक आप तक अहम
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