सैकड़ों सांपों के लिए रिहाई बनी जान की दुश्मन

इमेज स्रोत, YASUNORI KOIDE WIKIMEDIA

चीन में एक महिला ने प्राणियों के प्रति दया दिखाने के एक धार्मिक अनुष्ठान के तहत सैंकड़ों सांपों को जंगल में छोड़ा. लेकिन जहरीले होने और काटने की आशंका से गांव वाले इन्हें मार रहे हैं.

ख़ुद को 'कूल मैंडी' कहने वाली इस महिला ने सोशल मीडिया वेबसाइट वाइबो पर लिखा, "मूल रूप से हमने तो 200 सांपों को मुक्ति दी थी, लेकिन अब हमारा अनुमान है कि सांप 900 के आसपास हैं."

बाद में महिला ने अपनी इस पोस्ट को हटा लिया, लेकिन उससे पहले चीन के एक सरकारी अख़बार ने उस पर लंबी चौड़ी रिपोर्ट छाप दी.

बताया जाता है कि इन सांपों को सिछुआन प्रांत के पहाड़ी इलाके में छोड़ा गया था जहां से वो जल्द ही पास के एक गांव में पहुंचने लगे.

<link type="page"><caption> शांघाइस्ट वेबसाइट </caption><url href="http://shanghaiist.com/2016/06/09/releasing_snakes_for_karma.php" platform="highweb"/></link>के अनुसार गांव वालों ने सांपों को मारना शुरू कर दिया. रिपोर्टों के मुताबिक, "गांववालों ने कहा कि कई रातें उनकी बिना सोए बीती हैं. एक व्यक्ति तो अपने घर के बाहर हर घंटे गोला खींच रहा था ताकि पता चलता रहे कि उसका घर सुरक्षित है."

गांववालों की आशंका निराधार भी नहीं है. <link type="page"><caption> छेंगदू इकोनॉमिक टाइम्स</caption><url href="http://e.chengdu.cn/html/2016-06/02/content_565251.htm#thumb" platform="highweb"/></link> की रिपोर्ट के मुताबिक छोड़े गए सांपों में से कुछ जहरीले हैं.

बीबीसी चीनी सेवा के याशान चाओ का कहना है कि चीन में कैद किए हुए जानवरों को छोड़ना बहुत अच्छा माना जाता है. खास तौर से बौद्धों में ये अनुष्ठान बहुत प्रचलित है.

इसके लिए मछली, सांप, चिड़िया और कछुओ को छोड़ने से पहले उन्हें स्थानीय बाज़ार से ख़रीदा जाता है.

लेकिन 'कूल मैंडी' ने जो कुछ किया, चीनी सोशल मीडिया पर उसकी ख़ूब आलोचना हो रही है. एक यूज़र ने लिखा है, "इस तरह जीवों को छोड़ने पर मेरा विरोध है. उस महिला को सज़ा होनी चाहिए. उनके कारण गांव वालों की जान पर बन आई है."

एक अन्य वाइबो यूज़र ने लिखा, "वे क्यों नहीं सांपों को अपने बेडरूम में ही छोड़ देतीं?"

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