धर्मेंद्र के लिए मरणोपरांत पद्म विभूषण की घोषणा, आर. माधवन और हरमनप्रीत को भी मिलेगा पद्म पुरस्कार

वीएस अच्युतानंदन, धर्मेंद्र

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इमेज कैप्शन, वीएस अच्युतानंदन और धर्मेंद्र को मरणोपरांत पद्म विभूषण से सम्मानित किया जाएगा, वहीं रोहित शर्मा को पद्म श्री से सम्मानित किया जाएगा

देश के शीर्ष नागरिक पुरस्कारों यानी पद्म पुरस्कारों की घोषणा कर दी गई है. दिवंगत फ़िल्म अभिनेता धर्मेंद्र को मरणोपरांत पद्म विभूषण पुरस्कार दिए जाने की घोषणा हुई है.

उनके साथ ही चार अन्य लोगों को भी पद्म विभूषण दिए जाने का एलान हुआ है.

इस बार 13 लोगों को पद्म भूषण पुरस्कार की घोषणा हुई है, जबकि 113 लोगों को पद्म श्री पुरस्कार दिया गया है.

धर्मेंद्र के साथ ही सुप्रीम कोर्ट के पूर्व न्यायाधीश केटी थॉमस, वायलिन वादक एन राजम, साहित्य और शिक्षा के क्षेत्र से जुड़े पी नारायणन और केरल के पूर्व मुख्यमंत्री वीएस अच्युतानंदन को पद्म विभूषण दिया जाएगा.

इन्हें भी मिला पद्म पुरस्कार

अलका याग्निक

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इमेज कैप्शन, अलका याग्निक को पद्म भूषण पुरस्कार दिया गया है (फ़ाइल फ़ोटो)

मशहूर गायिका अलका याग्निक, उत्तराखंड के पूर्व मुख्यमंत्री भगत सिंह कोश्यारी, झारखंड के पूर्व मुख्यमंत्री और दिवंगत जेएमएम नेता शिबू सोरेन, बीजेपी के दिवंगत नेता विजय कुमार मल्होत्रा और पूर्व टेनिस प्लेयर विजय अमृतराज को पद्म भूषण पुरस्कार दिया गया है.

वहीं पद्म श्री पुरस्कारों की बात करें तो इस साल-

भारतीय महिला क्रिकेट टीम की कप्तान हरमनप्रीत कौर

फ़िल्म अभिनेता आर माधवन

जेएनयू के पूर्व कुलपति और यूजीसी के पूर्व चेयरमैन एम जगदीश कुमार

बल्लेबाज़ रोहित शर्मा

दिवंगत फ़िल्म और टीवी कलाकार सतीश शाह

और पूर्व गेंदबाज़ प्रवीण कुमार सहित कुल 113 लोगों को यह पुरस्कार दिया गया है.

पद्म पुरस्कार किसे दिया जाता है?

हरमनप्रीत कौर

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इमेज कैप्शन, भारतीय महिला क्रिकेट टीम की कप्तान हरमनप्रीत कौर को पद्म श्री पुरस्कार दिया गया है
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पद्म पुरस्कार की शुरुआत साल 1954 में हुई थी. साल 1978, 1979 और 1993 से 1997 को छोड़कर ये पुरस्कार हर साल गणतंत्र दिवस पर घोषित किए जाते हैं.

ये पुरस्कार तीन श्रेणियों में दिए जाते हैं. असाधारण एवं विशिष्ट सेवा के लिए पद्म विभूषण दिया जाता है.

उच्च कोटि की विशिष्ट सेवा के लिए पद्म भूषण और विशिष्ट सेवा के लिए पद्मश्री पुरस्कार मिलता है.

भारत सरकार के मुताबिक इन पुरस्कारों को दिए जाने का मकसद किसी खास काम को मान्यता प्रदान करना है. ये पुरस्कार कला, साहित्य, शिक्षा, खेल-कूद, चिकित्सा, समाज सेवा, विज्ञान, सिविल सेवा, व्यापार समेत कई क्षेत्रों में विशिष्ट काम करने के लिए दिया जाता है.

सरकार के मुताबिक चयनित किए जाने वाले व्यक्ति की उपलब्धियों में लोक सेवा का तत्व होना चाहिए.

पद्म पुरस्कार समिति का गठन हर साल प्रधानमंत्री करते हैं. पद्म पुरस्कार समिति जिन लोगों को पुरस्कार देने की सिफारिश करती है उन्हें प्रधानमंत्री और राष्ट्रपति के सामने रखा जाता है.

नाम का एलान होने के दो से तीन महीने के अंदर राष्ट्रपति भवन में पुरस्कार समारोह आयोजित किया जाता है.

पुरस्कार में राष्ट्रपति के हस्ताक्षर और मुहर से जारी किया गया एक प्रमाण पत्र और एक मेडल शामिल होता है.

हर पुरस्कार विजेता के संबंध में संक्षिप्त ब्यौरे वाली एक स्मारिका भी समारोह के दिन जारी की जाती है.

पुरस्कार पाने वाले व्यक्ति को मेडल का एक रेप्लिका भी दिया जाता है, जिसे वे अपनी इच्छानुसार किसी भी कार्यक्रम में पहन सकते हैं.

भारत सरकार के मुताबिक पद्म पुरस्कार कोई पदवी नहीं हैं और इसे निमंत्रण पत्रों, पोस्टरों, किताबों पर पुरस्कार विजेता के नाम के आगे या पीछे नहीं लिखा जा सकता है.

पुरस्कार विजेताओं को कोई नकद भत्ता और रेल या हवाई यात्रा में रियायत नहीं मिलती है.

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