लाइव, मुरादाबाद: हिंदू छात्रा के धर्म परिवर्तन की कोशिश का आरोप, पांच लड़कियों के ख़िलाफ़ एफआईआर

उत्तर प्रदेश के मुरादाबाद ज़िले के बिलारी इलाक़े में पुलिस ने एक हिंदू छात्रा को बुर्क़ा पहनाने और उसका धर्म परिवर्तन कराने की कोशिश के आरोप में एफ़आईआर दर्ज की है.

सारांश

लाइव कवरेज

इफ़्तेख़ार अली

  1. मुरादाबाद: हिंदू छात्रा के धर्म परिवर्तन की कोशिश का आरोप, पांच लड़कियों के ख़िलाफ़ एफआईआर, शहबाज़ अनवर, बीबीसी हिन्दी के लिए

    मुरादाबाद

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    उत्तर प्रदेश के मुरादाबाद ज़िले के बिलारी इलाक़े में पुलिस ने एक हिंदू छात्रा को बुर्क़ा पहनाने और उसका धर्म परिवर्तन कराने की कोशिश के आरोप में एफ़आईआर दर्ज की है.

    यह शिकायत छात्रा के भाई ने उसकी पांच नाबालिग सहेलियों के ख़िलाफ़ दर्ज कराई है. ये सभी लड़कियां एक ही स्कूल में कक्षा 12 की छात्राएं हैं.

    पुलिस ने उत्तर प्रदेश विधि विरुद्ध धर्म संपरिवर्तन प्रतिषेध अधिनियम 2021 की धारा 5 और धारा 5(1) के तहत मामला दर्ज किया है.

    इस मामले से जुड़ा एक सीसीटीवी फुटेज भी सोशल मीडिया पर वायरल है, जिसमें शिकायतकर्ता की बहन बुर्क़ा पहने नज़र आ रही है.

    यह घटना पिछले महीने दिसंबर के आख़िरी सप्ताह की बताई जा रही है. बीबीसी इस वीडियो की सत्यता की पुष्टि नहीं करता है.

    बिलारी के पुलिस उपाधीक्षक अशोक कुमार ने बीबीसी हिन्दी से कहा, "लड़की के भाई की शिकायत पर रिपोर्ट दर्ज की गई है. एक नाबालिग लड़की नामजद है, जबकि अन्य चार अज्ञात हैं. मामले की जांच जारी है."

    क्या कह रहे हैं लड़की के परिजन?

    मामला सामने आने के बाद अभियुक्त नाबालिग लड़की के घर पर मीडिया की आवाजाही बढ़ गई है. लड़की के ताऊ ने आरोपों से इनकार किया है.

    उन्होंने बीबीसी हिन्दी से कहा, "जो आरोप लगाए जा रहे हैं, ऐसा कुछ नहीं है. वह लड़की हमारी बच्ची की सहेली है."

  2. ईरान के शीर्ष अधिकारी की बेटी के ख़िलाफ़ अमेरिकी विश्वविद्यालय ने लिया ये फ़ैसला

    फ़ातिमा अर्देशिर लारीजानी

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    अमेरिका के अटलांटा स्थित एमोरी विश्वविद्यालय ने ईरान की सुप्रीम नेशनल सिक्योरिटी काउंसिल के सेक्रेटरी अली लारीजानी की बेटी को निष्कासित कर दिया है.

    विश्वविद्यालय के एक फैकल्टी सदस्य ने बीबीसी पर्शियन को इसकी पुष्टि की है.

    फ़ातिमा अर्देशिर लारीजानी अटलांटा स्थित एमोरी विश्वविद्यालय के कैंसर अनुसंधान विभाग में कार्यरत थीं.

    बीते कुछ समय से ईरानी सरकार के विरोधी विश्वविद्यालय परिसर के बाहर प्रदर्शन कर रहे थे और फ़ातिमा को बर्ख़ास्त करने की मांग कर रहे थे.

    गुरुवार को जॉर्जिया से अमेरिकी प्रतिनिधि अर्ल कार्टर ने विश्वविद्यालय प्रशासन को पत्र लिखकर फ़ातिमा लारीजानी को बर्ख़ास्त करने और उनका मेडिकल लाइसेंस रद्द करने की मांग की थी.

    जनवरी 2025 में अमेरिका ने ईरान में सरकार विरोधी प्रदर्शनों को दबाने में भूमिका और ‘शैडो बैंकिंग’ नेटवर्क और तेल राजस्व की मनी लॉन्ड्रिंग से जुड़ी गतिविधियों के आरोपों के चलते अली लारीजानी को प्रतिबंध सूची में शामिल किया था.

    इस बीच, विदेशों में रहने वाले ईरानियों ने ईरान में चल रहे राष्ट्रव्यापी विरोध प्रदर्शनों के समर्थन में कई देशों में प्रदर्शन किए हैं और वहां की सरकारों से ईरानी शासन से जुड़े लोगों को निष्कासित करने की मांग की है.

  3. सूर्यकुमार यादव ने पत्नी को 'अपना कोच' बताते हुए कही ये बात

    सूर्यकुमार यादव

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    इमेज कैप्शन, सूर्यकुमार यादव ने बीते शुक्रवार को 468 दिनों बाद टी20 अंतरराष्ट्रीय में अपना पहला अर्धशतक बनाया

    टी20 इंटरनेशनल में भारतीय क्रिकेट टीम के कप्तान सूर्यकुमार यादव ने कहा है कि हमें दुनिया के सामने इन बातों को बंद करना था कि सिर्फ़ अभिषेक शर्मा रन बनाएगा तभी भारत जीतेगा.

    भारतीय क्रिकेट टीम के आधिकारिक इंस्टाग्राम अकाउंट पर पोस्ट किए गए एक वीडियो में ईशान किशन और सूर्यकुमार यादव के बीच बातचीत दिखाई गई है. जिसमें सूर्यकुमार यादव ने यह बात कही है.

    इसमें ईशान किशन ने सूर्यकुमार यादव से इतने लंबे समय बाद इतना बड़ा स्कोर बनाने में मिली सफलता के बारे में पूछा, "मुझे नहीं लगा था कि यह आपके लिए इतना बड़ा होगा, क्या वाकई ऐसा था?"

    इसके जवाब में सूर्यकुमार ने कहा, "जब हम घर जाते हैं, तो वहां एक कोच भी बैठा होता हैं, जिनसे आपकी शादी हुई है. वह भी मुझसे अक्सर कहती हैं, 'मुझे लगता है कि आपको थोड़ा समय लेना चाहिए' क्योंकि उन्होंने मुझे सबसे क़रीब से देखा है और वह जानती हैं कि मेरे मन में क्या चल रहा है. इसलिए मैंने उनकी सलाह मानी और सोचा, चलो धीरे-धीरे समय लेते हैं. मैंने पिछले मैच में भी समय लिया, आज भी लिया. मुझे थोड़ा बेहतर महसूस हुआ."

    उन्होंने कहा, "मैं सबको बता रहा था कि मैं नेट में अच्छी बल्लेबाजी कर रहा हूं. लेकिन नेट में आप कितना भी अभ्यास कर लें, आत्मविश्वास तब तक नहीं आता जब तक आप मैच में रन नहीं बनाते. हाल ही में मुझे दो-तीन सप्ताह का अच्छा ब्रेक मिला, मैं घर गया, सोशल मीडिया से पूरी तरह दूर रहा. मैंने पिछले तीन हफ़्तों में खूब अभ्यास किया और आखिरकार मैं अच्छी स्थिति में आ गया."

    "अभी भी मेरी मानसिक स्थिति अच्छी है. खुश रहना सबसे महत्वपूर्ण है. कहते हैं कि क्रिकेट विनम्र लोगों का खेल है, इसलिए विनम्रता बनाए रखना ज़रूरी है."

    सूर्यकुमार यादव ने कहा, "और इन बातों को बंद करना था दुनिया के सामने कि सिर्फ़ अभिषेक शर्मा रन बनाएगा तभी भारत जीतेगा. ईशान रन बनाएगा तब भी भारत जीत सकता है. हालांकि अभिषेक शर्मा भी मेरे फेवरेट बल्लेबाज़ हैं और चाहता हूं कि हर मैच में वो रन बनाए. ये टीम गेम है, पूरे 11 खिलाड़ियों की वजह से ही टीम जीतती है."

    भारतीय टीम ने शुक्रवार को न्यूजीलैंड के ख़िलाफ़ खेले गए दूसरे टी20 अंतरराष्ट्रीय मैच में शानदार जीत दर्ज की.

    इस मैच में कप्तान सूर्यकुमार यादव ने शानदार प्रदर्शन करते हुए 37 गेंदों पर 82 रन बनाए.

  4. सुप्रीम कोर्ट के जज ने कहा- 'जजों के ट्रांसफ़र में सरकार के दख़ल से न्यायपालिका कमज़ोर होती है'

    सुप्रीम कोर्ट

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    सुप्रीम कोर्ट के जज जस्टिस उज्जल भुइयां ने शनिवार को कहा है कि जजों का तबादला न्यायपालिका का आंतरिक मामला है.

    पुणे के एक लॉ कॉलेज में भाषण देते हुए जस्टिस उज्जल भुइयां ने कहा , "जजों का तबादला और नियुक्ति पूरी तरह न्यायपालिका के अधिकार क्षेत्र में आते हैं और इसमें केंद्र सरकार का कोई दख़ल नहीं हो सकता."

    उन्होंने सवाल उठाया, "किसी जज को एक हाई कोर्ट से दूसरे हाई कोर्ट में सिर्फ़ इसलिए क्यों भेजा जाए, क्योंकि उसने सरकार के ख़िलाफ़ कुछ असहज आदेश दिए हों? क्या इससे न्यायपालिका की स्वतंत्रता प्रभावित नहीं होती?"

    जस्टिस भुइयां ने चेतावनी दी कि इस तरह की कार्रवाइयां न्यायपालिका की स्वतंत्रता को सीधे तौर पर कमज़ोर करती हैं.

    उन्होंने कहा, "स्वभाव से ही केंद्र सरकार का हाई कोर्ट के जजों के तबादले और तैनाती में कोई अधिकार नहीं है. वह यह नहीं कह सकती कि किसी जज का तबादला होना चाहिए या नहीं. यह पूरी तरह न्यायपालिका का विशेषाधिकार है."

  5. अमर्त्य सेन ने पश्चिम बंगाल एसआईआर प्रक्रिया को लेकर कहा, 'यह वोटरों के साथ अन्याय है'

    अमर्त्य सेन

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    नोबेल पुरस्कार विजेता अमर्त्य सेन ने पश्चिम बंगाल में चल रही स्पेशल इंटेंसिव रिविज़न (एसआईआर) प्रक्रिया को लेकर चिंता जताई है.

    उन्होंने चेतावनी दी है कि यह प्रक्रिया 'काफ़ी जल्दबाज़ी में' की जा रही है और इससे लोकतांत्रिक भागीदारी को नुक़सान पहुंच सकता है, ख़ासकर तब जब कुछ ही महीनों में विधानसभा चुनाव होने हैं.

    92 वर्षीय अमर्त्य सेन ने पीटीआई को दिए एक इंटरव्यू में कहा कि मतदाता सूची में संशोधन का लोकतंत्र में अहम महत्व होता है, लेकिन यह तभी उपयोगी होता है जब इसे सही परिस्थितियों में किया जाए.

    उन्होंने कहा कि इस तरह की कवायद पूरी सावधानी और पर्याप्त समय के साथ होनी चाहिए, जो उनके मुताबिक़ पश्चिम बंगाल के मामले में नहीं दिख रहा है.

    अमर्त्य सेन ने कहा, "अगर मतदाता सूची की पूरी तरह समीक्षा सावधानी और पर्याप्त समय के साथ की जाए, तो यह एक अच्छी लोकतांत्रिक प्रक्रिया हो सकती है, लेकिन इस समय पश्चिम बंगाल में ऐसा नहीं हो रहा है."

    उन्होंने कहा, "एसआईआर को जल्दबाज़ी में किया जा रहा है और मताधिकार रखने वाले लोगों को आने वाले विधानसभा चुनावों में वोट देने के अपने अधिकार को साबित करने के लिए दस्तावेज़ जमा करने का पर्याप्त मौक़ा नहीं मिल रहा है. यह न सिर्फ़ मतदाताओं के साथ अन्याय है, बल्कि भारतीय लोकतंत्र के लिए भी अनुचित है."

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  6. बांग्लादेश ने कहा, 'भारत में खेलना हमारे लिए सुरक्षित नहीं'

    बांग्लादेश क्रिकेट टीम

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    इमेज कैप्शन, बांग्लादेश ने ये कहा है कि उसकी क्रिकेट टीम टी-20 विश्व कप खेलने भारत नहीं आएगी (फ़ाइल फ़ोटो)

    बांग्लादेश क्रिकेट बोर्ड (बीसीबी) मीडिया समिति के अध्यक्ष अमजद हुसैन ने शनिवार को कहा है कि भारत में खेलना हमारे लिए सुरक्षित नहीं है और यह फ़ैसला सरकार का बताया है.

    एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में अमजद हुसैन ने कहा, "हमने सरकार से बात की है. सरकार ने कहा है कि वर्ल्ड कप खेलने के लिए भारत जाना हमारे लिए सुरक्षित नहीं होगा, न खिलाड़ियों के लिए, न पत्रकारों के लिए और न ही टीम के साथ जाने वाले किसी भी व्यक्ति के लिए."

    उन्होंने कहा, "ऐसी स्थिति में हमने अनुरोध किया था कि हमारे मैच श्रीलंका में कराए जाएं. लेकिन कई दौर की बैठकों के बावजूद आईसीसी ने इस पर सहमति नहीं दी."

    अमजद हुसैन ने कहा कि चूंकि यह सरकार का फै़सला है और आईसीसी की ओर से कोई जवाब नहीं मिला, इसलिए उनके पास ज़्यादा विकल्प नहीं हैं.

    उन्होंने कहा, "सुरक्षा कारणों की वजह से भारत में खेलना हमारे लिए सुरक्षित नहीं है, और इसी वजह से यह फैसला लिया गया है."

    अगले महीने से शुरू हो रहे टी-20 वर्ल्ड कप में भारत में बांग्लादेश के खेलने से इनकार करने के बाद शनिवार को आईसीसी ने उसकी जगह स्कॉटलैंड के टूर्नामेंट में भाग लेने की पुष्टि की है.

    आईसीसी ने एक सोशल मीडिया पोस्ट में बताया है कि स्कॉटलैंड की टीम आईसीसी टी-20 वर्ल्ड कप में बांग्लादेश की जगह खेलेगी.

    बांग्लादेश ने भारत के साथ बढ़ते तनाव के बीच सुरक्षा का हवाला देते हुए आईसीसी से अपने मैच भारत से बाहर कराने की मांग की थी. उसने कहा था कि ये मैच भारत की बजाय श्रीलंका में कराए जाएं, जो इस टूर्नामेंट का सह-मेज़बान है.

    टी-20 वर्ल्ड कप 7 फ़रवरी से भारत और श्रीलंका में शुरू हो रहा है. पाकिस्तान के मैच श्रीलंका में खेले जाएंगे.

    इस हफ्ते की शुरुआत में आईसीसी ने बांग्लादेश की मांग ख़ारिज कर दी थी.

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  7. पटना नीट छात्रा केस: एफ़एसएल रिपोर्ट में सामने आई ये बात, दो पुलिस अधिकारी निलंबित, सीटू तिवारी, बीबीसी संवाददाता

    पटना नीट छात्रा केस
    इमेज कैप्शन, घटना के विरोध में कई संगठनों ने पटना में प्रदर्शन किया

    पटना के नीट छात्रा मौत मामले में सामने आई फ़ोरेंसिक साइंस लेबोरेटरी (एफ़एसएल) की रिपोर्ट में कहा गया है कि लड़की के कपड़ों में मानव शुक्राणु के अवशेष मिले हैं. पटना पुलिस ने देर रात प्रेस रिलीज़ जारी करके ये जानकारी दी है.

    प्रेस रिलीज़ में लिखा है, "एफ़एसएल की ओर से किए गए परीक्षण में कथित तौर पर घटना के समय पहने एक अंत: वस्त्र में मानव शुक्राणु के अवशेष प्राप्त हुए हैं. एफ़एसएल द्वारा उनकी डीएनए प्रोफ़ाइलिंग की जा रही है."

    "गिरफ़्तार किए गए अभियुक्त के साथ-साथ एसआईटी की ओर से चिह्नित अन्य संदिग्ध व्यक्तियों के डीएनए से मिलान किया जाएगा."

    इस मामले में पटना पुलिस की कार्यशैली की बहुत आलोचना हुई थी, जिसके बाद इस मामले में पहली बार निलंबन की कार्रवाई भी हुई है.

    पटना के चित्रगुप्तनगर थाना, जहां नीट छात्रा का हॉस्टल था, उसकी प्रभारी रौशनी कुमारी और कदमकुआं के सब इंस्पेक्टर हेमंत झा को निलंबित कर दिया गया है.

    बीते 6 जनवरी को पटना के चित्रगुप्तनगर स्थित एक गर्ल्स हॉस्टल में लड़की बेहोश मिली थी, जिसे इलाज के लिए तीन अलग-अलग अस्पताल ले जाया गया था.

    इस मामले की पहली एफ़आईआर मृतका के पिता ने 9 जनवरी को दर्ज़ कराई थी, जब प्रभात मेमोरियल हॉस्पिटल के एक डॉक्टर ने मृतका के परिवार को बताया था कि उसके साथ 'शारीरिक हिंसा' हुई है.

    छात्रा की मौत 11 जनवरी को हुई, जिसके बाद पटना पुलिस ने इसे नींद की गोलियों के ओवरडोज से होने वाली मौत बताया था और किसी तरह की यौन हिंसा होने से इंकार किया था. लेकिन पटना मेडिकल कॉलेज (पीएमसीएच) में हुए पोस्टमार्टम की रिपोर्ट के मुताबिक़ मृतका के शरीर पर जगह जगह ज़ख़्म के निशान थे और इसमें कहा गया था कि यौन हिंसा से इंकार नहीं किया जा सकता.

    मामला तूल पकड़ने के बाद इस मामले में एसआईटी का गठन किया गया. साथ ही, पीएमसीएच की पोस्टमार्टम रिपोर्ट को सेकंड ओपिनियन के लिए एम्स पटना भेजा गया है.

    एम्स में इसके लिए बने पांच सदस्यीय मेडिकल बोर्ड के हेड डॉक्टर विनय कुमार ने शनिवार को कहा, "इस मामले में अब तक सभी डॉक्यूमेंट्स उपलब्ध नहीं कराए गए हैं. जब तक पूरे डॉक्यूमेंट नहीं आ जाते हैं तब तक हम कोई बयान नहीं दे सकते."

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  8. अमेरिका: मिनियापोलिस में इमिग्रेशन अधिकारियों की गोलीबारी में एक व्यक्ति की मौत, सड़कों पर हिंसक प्रदर्शन

    मिनियापोलिस में प्रदर्शन

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    अमेरिका के मिनेसोटा राज्य के मिनियापोलिस शहर में फेडरल इमिग्रेशन ऑफिसर्स की गोलीबारी में एक व्यक्ति की मौत हो गई है, जिसके बाद शहर में प्रदर्शन शुरू हो गए हैं.

    मिनेसोटा के सीनेटरों ने मृतक की पहचान एलेक्स प्रेट्टी के रूप में की है. उन्होंने बताया कि प्रेट्टी 37 साल के मिनियापोलिस के रहने वाले थे, पेशे से नर्स थे और अमेरिकी नागरिक थे.

    यह घटना ऐसे समय में हुई है, जब इससे तीन हफ़्ते से भी कम पहले इसी शहर में अमेरिकी नागरिक रेनी गुड की भी एक इमिग्रेशन एजेंट की गोली से मौत हो गई थी.

    होमलैंड सिक्योरिटी की सचिव क्रिस्टी नोएम ने कहा है कि एजेंटों ने 'आत्मरक्षा में गोलियां चलाईं', क्योंकि प्रेट्टी ने कथित तौर पर 'हिंसक प्रतिक्रिया' दी थी.

    इस बीच अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने मिनियापोलिस के मेयर और मिनेसोटा के गवर्नर टिम वॉल्ज़ पर 'विद्रोह भड़काने' का आरोप लगाया है.

    गवर्नर वॉल्ज़ ने कहा है कि उन्होंने संघीय एजेंटों से राज्य छोड़ने को कहा है. घटना के बाद मिनियापोलिस में बड़ी संख्या में लोग सड़कों पर उतरे.

  9. नमस्कार!

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