एलेक्स प्रेटी कौन थे जिनकी मौत के बाद अमेरिका में भीड़ सड़कों पर उतरी

अमेरिका इमिग्रेशन

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इमेज कैप्शन, अमेरिका के मिनेसोटा में इमिग्रेशन एजेंट्स की गोलीबारी में एक शख़्स की मौत हुई जिसके बाद प्रदर्शन शुरू हो गया है

अमेरिका के मिनेसोटा राज्य के मिनियापोलिस शहर में फ़ेडरल इमिग्रेशन एजेंट्स की गोली से एक व्यक्ति की मौत हो गई है, जिसके बाद अमेरिका के कई हिस्सों में प्रदर्शन शुरू हो गए हैं.

तीन सप्ताह से कम समय में अमेरिका में ये दूसरी घटना है. इसी महीने आठ जनवरी को 37 साल की रेनी निकोल गुड को एक अन्य इमिग्रेशन एंड कस्टम्स एनफ़ोर्समेंट (आईसीई) एजेंट ने गोली मार दी थी, जिसमें उनकी मौत हो गई थी.

मिनेसोटा की ताज़ा घटना के बाद पूरे अमेरिका में जनता का आक्रोश भड़क गया है.

शनिवार से ही सैन फ़्रांसिस्को, उत्तरी कैलिफ़ोर्निया के ओकलैंड, लॉस एंजेलिस, शिकागो, इलिनॉयस में हज़ारों लोग सड़कों पर उतरे.

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इस बीच वॉशिंगटन में आईसीई के मुख्यालय के सामने भी सैकड़ों लोग इकट्ठा हुए और विरोध प्रदर्शन किया.

मिनियापोलिस में मौजूद बीबीसी संवाददाता एना फ़ागाय के अनुसार, -23 डिग्री सेल्सियस तापमान में भी लोग गोलीबारी के घटनास्थल पर मौजूद हैं और आस पास बड़े पैमाने पर पुलिस बल के साथ बख़्तरबंद गाड़ियां तैनात की गई हैं.

मिनेसोटा के सीनेटरों ने मृतक की पहचान एलेक्स प्रेटी के रूप में की है. उन्होंने बताया कि प्रेटी 37 साल के मिनियापोलिस के रहने वाले थे. वो पेशे से नर्स थे और अमेरिकी नागरिक थे.

होमलैंड सिक्योरिटी की सचिव क्रिस्टी नोएम ने कहा है कि एजेंटों ने 'आत्मरक्षा में गोलियां चलाईं', क्योंकि प्रेटी ने कथित तौर पर 'हिंसक प्रतिक्रिया' दी थी.

गवर्नर वॉल्ज़ ने कहा है कि उन्होंने संघीय एजेंटों से राज्य छोड़ने को कहा है.

ट्रंप ने क्या कहा?

अमेरिका में विरोध प्रदर्शन

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इमेज कैप्शन, घटना के बाद पूरे अमेरिका में प्रदर्शन शुरू हो गए और लोगों ने बीते तीन हफ़्तों में मारे गए दो लोगों की तस्वीरें लेकर प्रदर्शन किया.
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इस बीच अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने मिनियापोलिस के मेयर और मिनेसोटा के गवर्नर टिम वॉल्ज़ पर 'विद्रोह भड़काने' का आरोप लगाया है.

सोशल मीडिया पोस्ट में ट्रंप ने उस पिस्तौल की तस्वीर साझा की, जिसके बारे में फ़ेडरल एजेंट्स का कहना है कि उसे संदिग्ध के पास से बरामद किया गया था.

ट्रंप ने ट्रुथ सोशल पर लिखा, "स्थानीय पुलिस कहां थी. उन्हें आईसीई एजेंट्स की सुरक्षा करने की इजाज़त क्यों नहीं दी गई. क्या मेयर और गवर्नर ने उन्हें रोक दिया. कहा जा रहा है कि कई पुलिसकर्मियों को अपना काम करने नहीं दिया गया, इसलिए आईसीई को ख़ुद अपनी सुरक्षा करनी पड़ी. यह कोई आसान काम नहीं है."

बिना कोई सबूत दिए ट्रंप ने स्थानीय अधिकारियों पर चोरी और धोखाधड़ी छिपाने के लिए "कवर अप" करने का आरोप लगाया.

उन्होंने आगे लिखा, "मेयर और गवर्नर अपने घमंडी, खतरनाक और अहंकारी बयानबाज़ी के ज़रिए विद्रोह भड़का रहे हैं. हमारे आईसीई देशभक्तों को अपना काम करने दीजिए."

उन्होंने चेतावनी देते हुए कहा, "मिनेसोटा से 12,000 अवैध अप्रवासी अपराधियों को, जिनमें से कई हिंसक थे, गिरफ़्तार कर बाहर निकाल दिया गया है. अगर वे अभी भी वहीं होते, तो आपको आज जो दिख रहा है उससे कहीं ज़्यादा भयानक स्थिति देखने को मिलती."

एक अन्य पोस्ट में ट्रंप ने एक पोस्ट को साझा किया जिसमें दावा किया गया था कि विरोध करने वालों ने एक आईसीई एजेंट को नुक़सान पहुंचाया.

मिनियापोलिस में फ़ेडरल इमिग्रेशन एजेंट्स की कार्रवाई को लेकर हुए विरोध प्रदर्शनों को रोकने के लिए ट्रंप कई बार इंसरेक्शन एक्ट को लागू करने की धमकी दे चुके हैं, जिसे बहुत आपात स्थिति में ही लागू किया जाता है.

एक चश्मदीद ने क्या बताया?

अमेरिका में विरोध प्रदर्शन

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इमेज कैप्शन, कुछ प्रदर्शनकारियों ने कहा कि पुलिस ने आंसू गैस के गोले भी दागे.

एक रिपोर्ट किए गए हलफ़नामे में, गोलीबारी का वीडियो रिकॉर्ड करने वाली एक अज्ञात चश्मदीद महिला ने बताया कि फ़ेडरेल एजेंटों द्वारा गोली मारे जाने से ठीक पहले उसने एलेक्स प्रेटी के पास कोई बंदूक नहीं देखी.

महिला का नाम हटाकर इस हलफ़नामे को, प्रवासी अधिकारों के लिए काम करने वाले संगठन अमेरिकन इमिग्रेशन काउंसिल की एक वरिष्ठ फ़ेलो ने एक्स पर साझा किया है.

महिला ने बताया कि वो अपने घर के पास एक सड़क पर आईसीई एजेंटों की मौजूदगी की चेतावनी देने वाली सीटियों की आवाज़ सुनने के बाद वहां का हाल देखने पहुंची थीं.

उनके मुताबिक़, ट्रैफ़िक संभाल रहे एक व्यक्ति ने उन्हें पार्किंग की जगह ढूंढने में मदद की. इस व्यक्ति की पहचान उसने बाद में प्रेटी के रूप में की.

इसके बाद महिला ने अपने मोबाइल फ़ोन से एक आईसीई एजेंट का वीडियो बनाया, जब वह एजेंट दूसरे लोगों को पेपर स्प्रे की धमकी दे रहा था.

महिला का कहना है कि इसके बाद एक आईसीई एजेंट ने एक महिला को ज़मीन पर धक्का दे दिया और पेपर स्प्रे छोड़ा.

उसके बयान के मुताबिक़, प्रेटी ने ख़ुद पेपर स्प्रे का शिकार होने के बावजूद उस महिला को उठाने में मदद करने की कोशिश की, तभी दूसरे आईसीई एजेंटों ने उसे पकड़ लिया.

महिला ने कहा कि प्रेटी ने किसी तरह का विरोध नहीं किया, "मैंने उसके पास कोई बंदूक नहीं देखी. उन्होंने उसे ज़मीन पर गिरा दिया. चार या पांच एजेंट उसे ज़मीन पर दबाए हुए थे और उन्होंने उस पर गोली चलाना शुरू कर दिया. उन्होंने उसे कई बार गोली मारी."

रक्षा मंत्री ने बताया- आईसीई से कैसे बचें

मिनियापोलिस पुलिस चीफ़ ब्रायन ओ'हारा
इमेज कैप्शन, मिनियापोलिस पुलिस चीफ़ ब्रायन ओ'हारा ने कहा कि मारा गया व्यक्ति अमेरिकी नागरिक था

इस बीच रक्षा मंत्री पीट हेगसेट ने एक्स पर एक आईसीई एजेंट की तस्वीर पोस्ट की है जिसमें, 'आईसीई से कैसे बचें' के निर्देश दिए गए हैं.

इन निर्देशों में लिखा है, 'अवैध रूप से यहां न रहें', 'आईसीई अधिकारियों पर हमला न करें' और 'संघीय और राज्य क़ानूनों का पालन करें.'

उन्होंने रात में पहले किए गए एक अन्य पोस्ट का लिंक भी साझा किया, जिसमें उन्होंने लिखा था कि आईसीई के 'देशभक्त' 'देश को बचा रहे हैं'. साथ ही कहा था, 'हम आपकी पूरी तरह से रक्षा करेंगे.'

एलेक्स प्रेटी के मां-बाप ने क्या कहा?

एलेक्स

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इमेज कैप्शन, एलेक्स प्रेटी पूर्व अमेरिका सैनिकों के लिए बने एक सरकारी अस्पताल में नर्स का काम करते थे

एलेक्‍स प्रेटी के माता-पिता माइकल और सुसान प्रेटी ने अपने बेटे के बारे में "सच सामने आने" की अपील की है.

स्थानीय मीडिया में आई ख़बरों के मुताबिक़, उन्होंने एक बयान में कहा, "हम टूटे हुए हैं लेकिन बहुत ग़ुस्से में भी हैं."

उन्होंने कहा, "एलेक्‍स एक दयालु और भावुक इंसान था, जो अपने परिवार, दोस्तों और मिनियापोलिस के वेटरन्स एडमिनिस्ट्रेशन अस्पताल में पूर्व अमेरिकी सैनिकों में भी बहुत प्रिय था. वहां वो आईसीयू नर्स के रूप में देखभाल का काम करता था."

उन्होंने कहा, "एलेक्स दुनिया बदलना चाहता था, लेकिन दुर्भाग्य से वह यह देख पाने के लिए हमारे साथ नहीं रहेगा कि उसने क्या प्रभाव छोड़ा. कृपया हमारे बेटे के बारे में सच सामने लाएं. वो एक बेहतरीन इंसान था."

माता-पिता ने यह भी कहा कि प्रशासन द्वारा उनके बेटे के बारे में फैलाई जा रही कथित झूठी बातें "गंभीर रूप से घृणास्पद" हैं, और यह कि वीडियो में एलेक्‍स के पास हथियार नहीं था, बल्कि वह अपने खाली हाथ से एक महिला की रक्षा करने की कोशिश कर रहा था जब उन पर हमला हुआ.

एलेक्स के माता पिता ने बताया कि उन्हें जानकारी थी कि एलेक्स प्रेटी के पास कानूनी रूप से खरीदी गई एक बंदूक थी, लेकिन उन्होंने कभी नहीं देखा था कि वह उसे अपने साथ लेकर चलते हों.

प्रेटी इसी महीने की शुरुआत में शहर में एक फ़ेडरल इमिग्रेशन एजेंट द्वारा रेनी गुड की हत्या के बाद हुए प्रदर्शनों में शामिल हुए थे.

मिनियापोलिस में प्रदर्शन

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इमेज कैप्शन, मिनियापोलिस में शनिवार से सैकड़ों लोग सड़कों पर उतर कर प्रदर्शन कर रहे हैं

उनके पिता माइकल प्रेटी ने एसोसिएटेड प्रेस से कहा, "उसे लोगों की गहरी चिंता थी और मिनियापोलिस और पूरे अमेरिका में आईसीई को लेकर जो हो रहा था, उससे वह बहुत परेशान था, जैसे लाखों दूसरे लोग परेशान हैं."

उन्होंने कहा, "उसे लगा कि विरोध प्रदर्शन में शामिल होना दूसरों के प्रति अपनी चिंता जताने का एक तरीका है."

अमेरिका के डिप्टी अटॉर्नी जनरल टॉड ब्लांच ने बीबीसी के अमेरिकी मीडिया साझेदार सीबीएस से इस बात की पुष्टि की है कि इस मामले की संघीय जांच जारी है.

उन्होंने यह भी कहा कि यह घातक गोलीबारी टाली जा सकती थी और मिनेसोटा के राज्य और शहर के अधिकारियों पर निशाना साधा कि वे संघीय कानून प्रवर्तन का विरोध कर इसे और भड़का रहे हैं.

हाउस डेमोक्रैटिक लीडर हाकीम जेफ्रीज़ ने कहा है कि ट्रंप और डिपार्टमेंट ऑफ़ होमलैंड सिक्योरिटी 'पूरी तरह से नियंत्रण से बाहर' हैं.

उन्होंने एक बयान में कहा, "आज, कानून–रहित और नकाबपोश गुंडे जो कानून प्रवर्तन अधिकारी बनकर घूम रहे हैं, उन्होंने बिना किसी कारण मिनियापोलिस की सड़कों पर एक और अमेरिकी नागरिक को बेरहमी से मार डाला."

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