जलवायु समझौते के पांच अहम बिंदु

इमेज स्रोत, AFP

जलवायु परिवर्तन की समस्या से निपटने के लिए फ्रांस की राजधानी पेरिस में 195 देशों के बीच लंबी खींचतान के बाद आख़िरकार समझौता हो गया.

ये पहली बार है जब जलवायु परिवर्तन पर समझौते में कार्बन उत्सर्जन में कटौती पर सभी देशों में सहमति बनी है.

- सभी देश कार्बन उत्सर्जन में जल्द से जल्द कमी लाएंगे.

- ग्रीन हाउस गैसों और उनके स्रोत के बीच 2020 तक संतुलन बनाया जाएगा.

- वैश्विक तापमान को 1.5 डिग्री सेल्सियस पर सीमित करने की कोशिश का लक्ष्य रखा गया है.

- हर पांच साल में इस दिशा में हुई प्रगति की समीक्षा की जाएगी.

- 2020 तक कार्बन उत्सर्जन में कमी लाने के लिए विकासशील देशों को हर साल 100 अरब डॉलर की मदद दी जाएगी जिसे और बढ़ाया भी जा सकता है.

-जलवायु परिवर्तन समझौते पर सभी देश अगले साल 22 अप्रैल को औपचारिक रूप से हस्ताक्षर करेंगे.

-दुनिया भर के कई नेताओं ने इस समझौते को ऐतिहासिक बताया है.

<bold>(बीबीसी हिन्दी के एंड्रॉएड ऐप के लिए <link type="page"><caption> यहां क्लिक करें</caption><url href="https://play.google.com/store/apps/details?id=uk.co.bbc.hindi" platform="highweb"/></link>. आप हमें <link type="page"><caption> फ़ेसबुक</caption><url href="https://www.facebook.com/bbchindi" platform="highweb"/></link> और <link type="page"><caption> ट्विटर</caption><url href="https://twitter.com/BBCHindi" platform="highweb"/></link> पर भी फ़ॉलो कर सकते हैं.)</bold>